पन्नाधाय बाल गोपाल योजना 2026: स्कूल में दूध, पात्रता
सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के बच्चों को मिल्क पाउडर से तैयार दूध पिलाने की पोषण योजना। सितंबर 2024 में केवल नाम बदला गया, बाकी प्रावधान वही रहे।
अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
- पहले का नाम
- मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना
- विभाग
- स्कूल शिक्षा विभाग (मिड-डे मील आयुक्तालय)
- शुरुआत
- नाम परिवर्तन: सितंबर 2024 (मिड-डे मील आयुक्त का आदेश)
- संबंधित केंद्रीय योजना
- पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन)
क्या लाभ मिलता है
- कक्षा 1–5 के विद्यार्थियों को 15 ग्राम पाउडर से बना 150 मिली दूध
- कक्षा 6–8 के विद्यार्थियों को 20 ग्राम पाउडर से बना दूध
- मिड-डे मील के साथ अतिरिक्त पोषण
कौन पात्र है
- राजकीय विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थी
परीक्षा के लिए याद रखें
- पुराना नाम: मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना
- नाम पन्नाधाय (मेवाड़ की स्वामिभक्त धाय) पर
- क्रियान्वयन मिड-डे मील आयुक्तालय द्वारा
इसी श्रेणी की दूसरी योजनाएं
आवेदन से पहले विभाग की आधिकारिक सूचना देखें।