राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 2026: 125 GW लक्ष्य, पात्रता
सौर, पवन, जलविद्युत, ऊर्जा भंडारण और ग्रीन हाइड्रोजन को एक ही ढाँचे में लाने वाली राज्य की स्वच्छ ऊर्जा नीति। इसका लक्ष्य 2030 तक अक्षय ऊर्जा क्षमता 125 गीगावाट करना है।
अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
- पहले का नाम
- पूर्ववर्ती अक्षय ऊर्जा, बायोमास, वेस्ट-टू-एनर्जी व ग्रीन हाइड्रोजन नीतियों का एकीकरण
- विभाग
- ऊर्जा विभाग (राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम)
- शुरुआत
- मंत्रिमंडल मंजूरी: दिसंबर 2024 (राइजिंग राजस्थान सम्मेलन से एक सप्ताह पहले)
- संबंधित केंद्रीय योजना
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
क्या लाभ मिलता है
- 2030 तक 125 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य
- 2030 तक 2,000 KTPA ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन हेतु ग्रीन हाइड्रोजन वैली; कम से कम 1 GW इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण
- फ्लोटिंग, जलाशय व नहर-शीर्ष सौर, पंप्ड स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज (BESS) को प्रोत्साहन
- 10 MW तक की परियोजनाओं का पंजीकरण शुल्क ₹5,000
ताज़ा अपडेट
बजट 2026-27: बीकानेर और जैसलमेर में संयुक्त उपक्रम से लगभग 4,830 मेगावाट के सौर पार्क।
परीक्षा के लिए याद रखें
- लक्ष्य: 125 GW अक्षय ऊर्जा (2030)
- ग्रीन हाइड्रोजन: 2,000 KTPA
- दिसंबर 2024 में स्वीकृत
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आवेदन से पहले विभाग की आधिकारिक सूचना देखें।