राम जल सेतु लिंक परियोजना 2026: 17 जिलों को पानी, पात्रता
पूर्वी राजस्थान में पेयजल, सिंचाई और उद्योगों के लिए चंबल बेसिन की नदियों का पानी जोड़ने वाली राज्य की सबसे बड़ी जल परियोजना। केंद्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच समझौते के बाद इसका काम चरणों में चल रहा है।
अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
- पहले का नाम
- संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल–पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (PKC-ERCP)
- विभाग
- जल संसाधन विभाग
- शुरुआत
- राजस्थान-मध्यप्रदेश MoU: जनवरी 2024; त्रिपक्षीय समझौता व शिलान्यास: 17 दिसंबर 2024, जयपुर (प्रधानमंत्री की उपस्थिति में)
- संबंधित केंद्रीय योजना
- नदी जोड़ो कार्यक्रम (राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना)
क्या लाभ मिलता है
- 17 जिलों की लगभग 3.25 करोड़ आबादी को पेयजल
- अनुमानित लागत लगभग ₹90,000 करोड़ (जुलाई 2026 समीक्षा)
- चंबल नदी पर 2.28 किमी लंबा एक्वाडक्ट, नदी से 36 मीटर ऊँचा, ऊपर सड़क मार्ग; जून 2028 तक लक्ष्य
- नवनेरा बैराज (कालीसिंध) और ईसरदा बांध का मुख्य निर्माण पूरा
- बजट 2025-26 में ₹9,300 करोड़ से अधिक के कार्य प्रस्तावित
ताज़ा अपडेट
जुलाई 2026: मुख्यमंत्री समीक्षा में ₹24,000 करोड़ से अधिक के कार्य प्रगतिरत बताए गए।
परीक्षा के लिए याद रखें
- ERCP का नया नाम: राम जल सेतु लिंक परियोजना
- त्रिपक्षीय समझौता 17 दिसंबर 2024 (केंद्र–राजस्थान–मध्यप्रदेश)
- लाभान्वित जिले: 17 (पूर्वी राजस्थान)
- मुख्य नदियाँ: पार्वती, कालीसिंध, चंबल; पानी बीसलपुर और ईसरदा बांध तक पहुँचाया जाएगा
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