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मुहावरे — अ से ओ तक

स्वर से आरंभ होने वाले 55 मुहावरे — अ, आ, इ, ई, उ, ए, ऐ और ओ। हर मुहावरे के साथ उसका अर्थ और एक वाक्य दिया गया है, क्योंकि परीक्षा में अर्थ अकसर वाक्य के संदर्भ में ही पूछा जाता है।

29 सितंबर 2026 को सत्यापित

'अ' से आरंभ होने वाले मुहावरे

अ

अंग लगाना

गले लगाना, स्नेह से लगा लेना

वर्षों बाद लौटे बेटे को माँ ने अंग लगा लिया।

अंग-अंग ढीला होना

बहुत थक जाना

दिन भर खेत में मेड़ बाँधने के बाद रामलाल का अंग-अंग ढीला हो गया।

अंगारों पर लोटना

ईर्ष्या या पीड़ा से बेचैन रहना

पड़ोसी के बेटे का चयन सुनकर वह भीतर-भीतर अंगारों पर लोटता रहा।

अंगूठा दिखाना

देने से साफ मना कर देना

वादा करके भी ठेकेदार ने मजदूरी के समय अंगूठा दिखा दिया।

अंधे की लाठी

एकमात्र सहारा

विधवा माँ के लिए यह छोटा बेटा अंधे की लाठी है।

अंधेरे में तीर चलाना

बिना जानकारी अनुमान से काम करना

पाठ्यक्रम देखे बिना पढ़ना अंधेरे में तीर चलाना है।

अक्ल का अंधा

बुद्धिहीन

जो पक्की नौकरी छोड़कर अफवाह के पीछे भागे, वह अक्ल का अंधा है।

अक्ल का दुश्मन

अत्यंत मूर्ख

जो परीक्षा से एक रात पहले सिलेबस बदलने की सोचे, वह अपनी अक्ल का दुश्मन है।

अक्ल के पीछे लाठी लिए फिरना

मूर्खता के काम करते रहना

वह हर बार बिना जाँचे रकम उधार दे आता है, अक्ल के पीछे लाठी लिए फिरता है।

अक्ल पर पत्थर पड़ना

समझ काम न करना

इतना आसान प्रश्न छोड़ आया, उस दिन मेरी अक्ल पर पत्थर पड़ गए थे।

अठखेलियाँ करना

हँसी-ठिठोली करना

परीक्षा समाप्त होते ही बच्चे मैदान में अठखेलियाँ करने लगे।

अन्न-जल छोड़ना

खाना-पीना त्याग देना

मुकदमा हारने के बाद बूढ़े ने दो दिन अन्न-जल छोड़ दिया।

अपना उल्लू सीधा करना

केवल अपना स्वार्थ पूरा करना

चुनाव के दिनों में कुछ लोग गाँव की बात करके अपना उल्लू सीधा कर लेते हैं।

अपनी खिचड़ी अलग पकाना

सबसे अलग चलना

पूरा समूह एक ही समय-सारणी से पढ़ता है, पर वह अपनी खिचड़ी अलग पकाता है।

अपने पैरों पर खड़ा होना

आत्मनिर्भर हो जाना

पहली नौकरी लगते ही वह अपने पैरों पर खड़ा हो गया।

अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना

स्वयं अपनी प्रशंसा करना

नंबर आए नहीं और तैयारी की डींग हाँकता रहा — अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना इसे ही कहते हैं।

'आ' से आरंभ होने वाले मुहावरे

आ

आँख उठाना

बुरी दृष्टि डालना या विरोध में देखना

गाँव में उसका ऐसा रुतबा है कि कोई आँख उठाकर नहीं देखता।

आँख का काँटा

जो खटकता हो, अप्रिय

ईमानदार पटवारी दलालों की आँख का काँटा बन गया।

आँख का तारा

बहुत प्रिय

छोटी बहन दादी की आँख का तारा है।

आँख की किरकिरी होना

अत्यंत अप्रिय लगना

सच बोलने वाला कर्मचारी दफ्तर में आँख की किरकिरी बन गया।

आँख मारना

इशारा करना

साथी ने आँख मारकर बताया कि प्रश्न पिछले सत्र जैसा ही है।

आँखें खुलना

वास्तविकता समझ आना

पहला ही मॉक टेस्ट देखकर उसकी आँखें खुल गईं।

आँखें चार होना

आपस में नजर मिलना

पुस्तक मेले में पहली बार दोनों की आँखें चार हुईं और वहीं से जान-पहचान शुरू हो गई।

आँखें बिछाना

आदर के साथ प्रतीक्षा करना

मेले में बेटी के आने की खबर सुनकर सबने आँखें बिछा दीं।

आँखों में धूल झोंकना

धोखा देना

नकली बीज बेचकर व्यापारी ने किसानों की आँखों में धूल झोंक दी।

आँखों से ओझल होना

दृष्टि से दूर हो जाना

बस मोड़ पर मुड़ी और आँखों से ओझल हो गई।

आकाश-पाताल एक करना

बहुत जोर लगा देना

बेटी की पढ़ाई जारी रखने के लिए उसने आकाश-पाताल एक कर दिया।

आग बबूला होना

अत्यधिक क्रोधित होना

उत्तर पुस्तिका पर लापरवाही देखकर अध्यापक आग बबूला हो गए।

आग में घी डालना

झगड़ा और भड़काना

दोनों भाई शांत होने वाले थे, पर चाचा की बात ने आग में घी डाल दिया।

आटे-दाल का भाव मालूम होना

कठिनाई का वास्तविक अनुभव होना

अलग घर बसाया तब उसे आटे-दाल का भाव मालूम हुआ।

आठ-आठ आँसू रोना

बहुत पछताना और विलाप करना

तैयारी में साल गँवाने पर वह आठ-आठ आँसू रोया।

आड़े आना

बाधा बनना

पैसे की कमी उसके सपने के आड़े आ गई।

आसमान सिर पर उठाना

बहुत शोर मचाना

बिजली दो दिन गुल रही तो मोहल्ले ने आसमान सिर पर उठा लिया।

आस्तीन का साँप

अपनों में छिपा शत्रु

जिस मुनीम पर सबसे भरोसा था, वही आस्तीन का साँप निकला।

'इ' से आरंभ होने वाले मुहावरे

इ

इंद्र का अखाड़ा

सजी हुई वह सभा जहाँ खूब नाच-रंग हो

मेले की रात वह चौक इंद्र का अखाड़ा बन जाता है।

इज्जत उतारना

अपमानित करना

भरी सभा में उसने पुराने साथी की इज्जत उतार दी।

इति श्री करना

समाप्त करना

रात दो बजे तक पढ़कर उसने आज के लक्ष्य की इति श्री की।

इधर-उधर की हाँकना

बेकार की बातें करना

पूछे गए प्रश्न का उत्तर न देकर वह इधर-उधर की हाँकने लगा।

'ई' से आरंभ होने वाले मुहावरे

ई

ईंट का जवाब पत्थर से देना

कड़ा प्रत्युत्तर देना

विरोधी टीम के तानों का उसने मैदान में ईंट का जवाब पत्थर से दिया।

ईंट-ईंट बजा देना

पूरी तरह नष्ट कर देना

बाढ़ ने कच्चे मकानों की ईंट-ईंट बजा दी।

ईद का चाँद होना

बहुत दिनों बाद दिखाई देना

शहर जाने के बाद तुम तो ईद का चाँद हो गए।

'उ' से आरंभ होने वाले मुहावरे

उ

उँगली उठना

आरोप लगना

हिसाब में गड़बड़ी हुई और सबसे पहले भंडारी पर उँगली उठी।

उँगली पर नचाना

अपने वश में रखना

चतुर मुनीम सेठ को उँगली पर नचाता रहा।

उड़ती चिड़िया पहचानना

बात को दूर से भाँप लेना

पुराने थानेदार उड़ती चिड़िया पहचान लेते हैं।

उधेड़बुन में पड़ना

असमंजस में रहना

स्नातक करे या भर्ती की तैयारी — वह महीनों इसी उधेड़बुन में पड़ा रहा।

उन्नीस-बीस का अंतर होना

बहुत थोड़ा फ़र्क़ होना

दोनों पुस्तकों के प्रश्नों में उन्नीस-बीस का अंतर है।

उल्टी गंगा बहाना

रीति के विपरीत काम करना

पहले परिणाम की चिंता और बाद में पढ़ाई — यह तो उल्टी गंगा बहाना है।

उल्टे छुरे से मूँड़ना

अच्छी तरह ठगना

शहर के दुकानदार ने गाँव से आए ग्राहक को उल्टे छुरे से मूँड़ लिया।

'ए' से आरंभ होने वाले मुहावरे

ए

एक आँख से देखना

सबके साथ समान व्यवहार करना

अच्छा अध्यापक कक्षा के हर बच्चे को एक आँख से देखता है।

एक लाठी से सबको हाँकना

गुण-दोष का भेद किए बिना सबको एक जैसा समझना (निंदा के अर्थ में)

मेहनती और आलसी, दोनों को एक लाठी से हाँकना अन्याय है।

एक ही थैली के चट्टे-बट्टे

एक जैसे दुर्गुण वाले लोग

दोनों दलाल एक ही थैली के चट्टे-बट्टे निकले।

एड़ी-चोटी का जोर लगाना

पूरी शक्ति लगा देना

अंतिम महीने में उसने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया।

'ऐ' से आरंभ होने वाले मुहावरे

ऐ

ऐंठ दिखाना

अकड़ दिखाना

छोटी-सी सफलता पर ही वह ऐंठ दिखाने लगा।

ऐसी-तैसी करना

अपमानित करना

झूठी शिकायत करने वाले की पंचायत ने ऐसी-तैसी कर दी।

'ओ' से आरंभ होने वाले मुहावरे

ओ

ओस चाटने से प्यास बुझाना

अपर्याप्त साधन से बड़ी ज़रूरत पूरी करने की कोशिश

एक पुस्तक से पूरा पाठ्यक्रम साधना ओस चाटने से प्यास बुझाना है।

इस भाग के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

'आँख का काँटा होना' का अर्थ है —

  1. Aअत्यंत प्रिय होना
  2. Bखटकने वाला होना
  3. Cआँख में चोट लगना
  4. Dसतर्क रहना

व्याख्या

इसे 'आँख का तारा' के साथ जोड़े में याद रखिए — तारा प्रिय बताता है, काँटा अप्रिय। दोनों प्रायः एक ही प्रश्न के विकल्पों में रखे जाते हैं।

प्रश्न 2

किस वाक्य में मुहावरे का प्रयोग शुद्ध हुआ है —

  1. Aठगों ने भोले किसानों की आँखों में धूल झोंक दी।
  2. Bउसने मिट्टी के मोल में महल खरीदा और आँखों में धूल झोंकी।
  3. Cधूल उड़ी तो उसकी आँखों में धूल झोंक गई।
  4. Dउसने आँखों में धूल झोंककर सड़क साफ की।

व्याख्या

'आँखों में धूल झोंकना' का अर्थ धोखा देना है, इसलिए वाक्य में ठगी या छल का संदर्भ आवश्यक है। शेष विकल्पों में शब्दों का सीधा अर्थ लिया गया है, जो प्रयोग को अशुद्ध बना देता है।

प्रश्न 3

निम्नलिखित में से मुहावरा कौन-सा है —

  1. Aअब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत
  2. Bअंधा बाँटे रेवड़ी, फिर-फिर अपने को दे
  3. Cचार दिन की चाँदनी फिर अंधेरी रात
  4. Dआस्तीन का साँप

व्याख्या

'आस्तीन का साँप' वाक्य में जोड़े बिना अधूरा है — किसका, कौन, कब बताना पड़ेगा। शेष तीनों स्वतः पूर्ण कथन हैं।

प्रश्न 4

'अपने पैरों पर खड़ा होना' का अर्थ है —

  1. Aसीधा खड़ा होना
  2. Bविरोध में डटना
  3. Cआत्मनिर्भर हो जाना
  4. Dयात्रा आरंभ करना

व्याख्या

मुहावरे में 'पैर' सामर्थ्य का प्रतीक है। ध्यान दें कि यह मुहावरा है, अतः वाक्य में 'खड़ा हुआ, खड़ी हुई, खड़े होंगे' — रूप बदलता है।