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मुहावरे — ट से न तक

ट-वर्ग से न तक के 43 मुहावरे। समूह छोटा है, इसलिए एक बैठक में पूरा हो जाता है — दोहराने के लिए सबसे सुविधाजनक हिस्सा।

29 सितंबर 2026 को सत्यापित

'ट' से आरंभ होने वाले मुहावरे

ट

टका-सा जवाब देना

रूखा और स्पष्ट मना कर देना

सहायता माँगी तो उसने टका-सा जवाब दे दिया।

टस से मस न होना

जरा भी न हिलना, अड़ जाना

कितना समझाया, पर वह टस से मस न हुआ।

टाँग अड़ाना

बीच में बाधा डालना

हर योजना में वह बिना कारण टाँग अड़ाता है।

टेढ़ी खीर

कठिन काम

बिना नियमित अभ्यास गणित टेढ़ी खीर है।

'ठ' से आरंभ होने वाले मुहावरे

ठ

ठंडे छींटे पड़ना

चिंता या भय से घबरा जाना

पुलिस का नाम सुनते ही उस पर ठंडे छींटे पड़ गए।

ठन-ठन गोपाल

पास कुछ भी न होना

मेले में पहुँचे तो जेब ठन-ठन गोपाल थी।

ठिकाने लगाना

मार डालना

घात लगाकर बैठे शिकारियों ने आदमखोर को ठिकाने लगा दिया।

'ड' से आरंभ होने वाले मुहावरे

ड

डंका बजाना

प्रसिद्धि फैलाना

राज्य स्तर पर जीतकर उसने अपने कस्बे का डंका बजा दिया।

डेरा डालना

जमकर बैठ जाना

फसल कटने तक मजदूरों ने खेत के पास डेरा डाल दिया।

'त' से आरंभ होने वाले मुहावरे

त

तलवे चाटना

स्वार्थ के लिए घोर चापलूसी करना

पदोन्नति के लिए वह अफसरों के तलवे चाटता रहा।

तारे गिनना

नींद न आने पर रात काटना

परिणाम से पहले की रात उसने तारे गिनकर बिताई।

तिल का ताड़ बनाना

छोटी बात को बहुत बढ़ा देना

जरा-सी भूल पर उसने तिल का ताड़ बना दिया।

तीन-तेरह होना

तितर-बितर हो जाना

पिता के जाने के बाद परिवार तीन-तेरह हो गया।

तूती बोलना

प्रभाव या धाक चलना

मंडी में आज भी उसी आढ़ती की तूती बोलती है।

तेवर बदलना

रुख कड़ा कर लेना

सच सामने आते ही गवाह के तेवर बदल गए।

तोते की तरह रटना

बिना समझे याद करना

तोते की तरह रटने से वाक्य-प्रयोग के प्रश्न हल नहीं होते।

'थ' से आरंभ होने वाले मुहावरे

थ

थाली का बैंगन

बार-बार पक्ष बदलने वाला

जिस दल में लाभ दिखे वहीं चला जाता है, थाली का बैंगन है।

थू-थू करना

सार्वजनिक निंदा करना

धोखे की बात फैलते ही गाँव ने थू-थू किया।

'द' से आरंभ होने वाले मुहावरे

द

दाँत खट्टे करना

बुरी तरह पराजित करना

कम अनुभव वाली टीम ने चैंपियन के दाँत खट्टे कर दिए।

दाँतों तले उँगली दबाना

आश्चर्यचकित हो जाना

इतनी कम आयु में यह लगन देखकर सबने दाँतों तले उँगली दबा ली।

दाल में कुछ काला होना

कुछ गड़बड़ी का संदेह होना

इतनी जल्दी स्वीकृति मिल गई, दाल में कुछ काला है।

दाल-रोटी चलना

साधारण गुजारा हो जाना

छोटी दुकान से उसकी दाल-रोटी चल जाती है।

दिन दूना रात चौगुना बढ़ना

बहुत तेजी से बढ़ना

वीडियो आने के बाद उस मंच का नाम दिन दूना रात चौगुना बढ़ा।

दिन में तारे दिखना

अचानक बड़ा कष्ट या घबराहट होना

सिर पर भारी बोरा गिरा और उसे दिन में तारे दिख गए।

दिल बाग-बाग होना

बहुत प्रसन्न होना

पहली बारिश में हरा खेत देखकर किसान का दिल बाग-बाग हो गया।

दुनिया देखना

बहुत अनुभव पाना

वे दुनिया देखे हुए हैं, बहकावे में नहीं आते।

दुम दबाकर भागना

डर से पीठ दिखाकर भाग जाना

शोर सुनकर चोर दुम दबाकर भागे।

दूध का दूध पानी का पानी करना

निष्पक्ष न्याय कर देना

पंचायत ने बैठकर दूध का दूध पानी का पानी कर दिया।

दो कौड़ी का होना

बिलकुल महत्वहीन होना

झूठ पकड़े जाने पर उसकी बात दो कौड़ी की रह गई।

'ध' से आरंभ होने वाले मुहावरे

ध

धज्जियाँ उड़ाना

बुरी तरह खंडन कर देना

वाद-विवाद में उसने विरोधी तर्क की धज्जियाँ उड़ा दीं।

धरना देना

अड़कर बैठ जाना

पानी की समस्या पर महिलाओं ने कार्यालय के आगे धरना दे दिया।

धाक जमाना

प्रभाव स्थापित करना

दो वर्ष में ही उसने कोचिंग में अपनी धाक जमा ली।

धूल चटाना

हरा देना

कबड्डी में गाँव की टीम ने विरोधी को धूल चटा दी।

'न' से आरंभ होने वाले मुहावरे

न

नब्ज पहचानना

मन की बात भाँप लेना

अच्छा अध्यापक कक्षा की नब्ज पहचान लेता है।

नमक-मिर्च लगाना

बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना

छोटी-सी कहासुनी को उसने नमक-मिर्च लगाकर सुनाया।

नाक कटना

प्रतिष्ठा नष्ट होना

बेटे की करतूत से पूरे कुनबे की नाक कट गई।

नाक में दम करना

बहुत परेशान कर देना

शरारती बच्चों ने पूरे दिन नाक में दम कर दिया।

नाक रगड़ना

बहुत दीनता से क्षमा माँगना

गलती मानकर उसने नाक रगड़ दी, तब बात बनी।

नाक-भौं सिकोड़ना

अप्रसन्नता या घृणा प्रकट करना

साधारण भोजन देखकर मेहमान ने नाक-भौं सिकोड़ ली।

नाकों चने चबवाना

बहुत तंग कर देना

किले में घिरे सैनिकों ने आक्रमणकारियों को नाकों चने चबवा दिए।

निन्यानबे के फेर में पड़ना

धन जोड़ने की चिंता में डूब जाना

दुकान चल निकली और वह निन्यानबे के फेर में पड़ गया।

नींव डालना

आरंभ करना

नियमित समय-सारणी ने उसकी सफलता की नींव डाली।

नौ दो ग्यारह होना

चुपचाप भाग जाना

पुलिस की गाड़ी देखकर जुआरी नौ दो ग्यारह हो गए।

इस भाग के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

'नौ दो ग्यारह होना' मुहावरे का अर्थ है —

  1. Aचुपचाप भाग जाना
  2. Bगिनती भूल जाना
  3. Cहिसाब बढ़ा देना
  4. Dग्यारह बजे तक रुकना

व्याख्या

यहाँ अंक केवल ध्वनि के लिए हैं, गणना का कोई संबंध नहीं। ऐसे अंकवाले मुहावरों में विकल्प जान-बूझकर संख्या से जुड़ा अर्थ दिखाते हैं — उत्तर सदा लाक्षणिक अर्थ होगा।

प्रश्न 2

'टेढ़ी खीर' का अर्थ है —

  1. Aस्वादिष्ट व्यंजन
  2. Bकठिन कार्य
  3. Cअनुचित बात
  4. Dसरल उपाय

व्याख्या

इसका सीधा विपरीत 'बाएँ हाथ का खेल' है, जिसका अर्थ अत्यंत सरल कार्य है। दोनों को एक साथ याद रखने पर विकल्पों में उलझन नहीं होती।

प्रश्न 3

निम्नलिखित युग्मों में कौन-सा वर्गीकरण सही है —

  1. A'नाक में दम करना' — मुहावरा
  2. B'कान भरना' — लोकोक्ति
  3. C'अंधों में काना राजा' — मुहावरा
  4. D'अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत' — मुहावरा

व्याख्या

जाँच सीधी है — 'नाक में दम करना' अधूरा है और काल के अनुसार बदलता है, अतः मुहावरा। शेष तीनों में वर्गीकरण उलटा कर दिया गया है।