मात्रा के भेद से अर्थ-भेद
इस समूह के शब्दों में व्यंजन एक ही रहते हैं, बदलती है तो केवल एक मात्रा — और उसी एक मात्रा पर पूरा अर्थ टिका होता है। ‘अनल’ आग है, ‘अनिल’ हवा; ‘नियत’ तय किया हुआ है, ‘नीयत’ मन का इरादा। कुल 14 युग्म, हर शब्द के साथ उसका अपना वाक्य।
जहाँ एक मात्रा पूरा अर्थ बदल देती है
जिन शब्दों में केवल एक मात्रा का अंतर होता है, वे कान को लगभग एक जैसे सुनाई देते हैं। यही कारण है कि लिखते समय हाथ फिसल जाता है और अर्थ पूरा उलट जाता है। ‘विभाग का नियत समय’ लिखना था और ‘नीयत समय’ लिख दिया — पहला वाक्य दफ़्तर का समय बता रहा था, दूसरा अब उसके इरादे पर सवाल उठा रहा है।
नीचे की तालिका को पढ़ते समय बीच का कॉलम कम और दायाँ कॉलम अधिक देखिए। अर्थ भूल जाता है, वाक्य टिक जाता है। परीक्षा में भी उत्तर वाक्य के रूप में ही माँगा जाता है।
मात्रा-भेद से बने 14 युग्म
| शब्द | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| अनल | आग | होलिका दहन में अनल की लपटें आकाश छूने लगीं। |
| अनिल | हवा | प्रातःकाल का शीतल अनिल मन को ताज़ा कर देता है। |
| कुल | वंश; समस्त | रघु के कुल में जन्म लेना ही राम का सबसे बड़ा परिचय था। |
| कूल | नदी का किनारा | संध्या के समय हम गंगा के कूल पर जा बैठे। |
| दिन | दिवस | परीक्षा का दिन पास आते ही पढ़ाई की गति अपने आप बढ़ जाती है। |
| दीन | गरीब, दयनीय | दीन की सहायता करना ही सच्चा धर्म है। |
| सुत | पुत्र | दशरथ ने अपने सुत को वन जाते देखा और मूर्च्छित हो गए। |
| सूत | सारथी; धागा | संजय धृतराष्ट्र का सूत था और उसी ने युद्ध का वर्णन किया। |
| नियत | निश्चित, तय किया हुआ | कार्यालय का नियत समय दस बजे से है। |
| नीयत | मन का इरादा | उसकी नीयत साफ़ नहीं थी, इसलिए काम बीच में ही बिगड़ गया। |
| ग्रह | आकाश का पिंड; पकड़ | मंगल ग्रह पर जीवन की खोज आज भी जारी है। |
| गृह | घर | गृह विभाग ने इस विषय में नई अधिसूचना जारी की। |
| चिर | बहुत काल तक रहने वाला | दोनों देशों के बीच चिर शांति की आशा अभी बनी हुई है। |
| चीर | वस्त्र | सभा में द्रौपदी का चीर बढ़ता ही चला गया। |
| सुर | देवता; स्वर | सुर और असुर दोनों ने मिलकर समुद्र मंथन किया। |
| सूर | सूर्य; नेत्रहीन | कवि सूर ने कृष्ण की बाल-लीलाओं का अद्भुत वर्णन किया। |
| अपेक्षा | आशा, उम्मीद | विभाग को अभ्यर्थियों से समय पर आवेदन की अपेक्षा है। |
| उपेक्षा | अनदेखी | वर्षों की उपेक्षा के कारण यह भवन खंडहर हो गया। |
| समान | बराबर | कानून की दृष्टि में सब नागरिक समान हैं। |
| सामान | वस्तुएँ | यात्रा का सारा सामान कल ही बाँध लिया गया था। |
| प्रसाद | कृपा; भोग | गुरु के प्रसाद से ही यह कठिन कार्य पूरा हो सका। |
| प्रासाद | महल | राजा का प्रासाद नगर के ठीक मध्य में बना हुआ था। |
| कपिश | भूरा रंग | सूखे पत्तों का कपिश रंग पूरे वन पर छा गया। |
| कपीश | वानरों का स्वामी | कपीश हनुमान ने एक ही छलाँग में समुद्र लाँघ लिया। |
| तप | तपस्या | विश्वामित्र के तप को तोड़ने के अनेक प्रयास हुए। |
| ताप | गर्मी | ग्रीष्म ऋतु में दोपहर का ताप असहनीय हो जाता है। |
| बहु | बहुत, अनेक | यह समस्या बहु-आयामी है, इसे एक पक्ष से नहीं देखा जा सकता। |
| बहू | पुत्रवधू | घर की बहू ने अपने व्यवहार से सबका मन जीत लिया। |
इस तालिका में एक बात ध्यान देने योग्य है — जिन युग्मों में दीर्घ मात्रा वाला शब्द है, वह प्रायः अधिक ठोस या भौतिक अर्थ देता है, और ह्रस्व वाला अधिक अमूर्त। ‘कुल’ वंश है, ‘कूल’ किनारा; ‘दिन’ समय है, ‘दीन’ दशा। यह नियम नहीं है, पर याद रखने की एक पकड़ ज़रूर है, और नए शब्द के सामने पड़ने पर अनुमान की दिशा ठीक रखता है।