तीन शब्दों वाले समश्रुत समूह
दो शब्दों में से चुनना आसान है, तीन में से नहीं — और परीक्षा प्रायः बीच वाले शब्द पर ही प्रश्न बनाती है। यहाँ छह ऐसे समूह हैं जिनमें तीन-तीन मिलते-जुलते शब्द हैं, हर शब्द के अर्थ और अपने वाक्य के साथ।
दो नहीं, तीन शब्दों वाले समूह
अब तक के तीनों पृष्ठों पर जोड़ियाँ थीं। इस पृष्ठ पर तीन-तीन के समूह हैं, और यही परीक्षा में सबसे अधिक अंक काटते हैं। कारण सीधा है — दो शब्दों में से चुनना आसान है, तीन में से चुनने पर बीच वाला शब्द लगभग हमेशा भुला दिया जाता है। ‘तरणि’ और ‘तरुणी’ तो सब जानते हैं, पर बीच में खड़ी ‘तरणी’ यानी नाव को कम लोग याद रखते हैं, और प्रश्न प्रायः उसी पर बनता है।
इसलिए नीचे हर समूह को अलग तालिका में रखा गया है, एक साथ मिलाकर नहीं। तीनों शब्द एक ही दृष्टि में दिखें, यही इस पृष्ठ की पूरी बनावट का कारण है।
तरणि / तरणी / तरुणी
| शब्द | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| तरणि | सूर्य | प्रातः तरणि की पहली किरण पर्वत-शिखर पर पड़ी। |
| तरणी | नाव | तरणी के बिना इस नदी को पार नहीं किया जा सकता। |
| तरुणी | युवती | तरुणी ने साहस दिखाकर सबको चकित कर दिया। |
अंब / अंबु / अंबर
| शब्द | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| अंब | माता | कवि ने अंब को धरती के समान सहनशील कहा है। |
| अंबु | जल | ग्रीष्म में अंबु की एक-एक बूँद मूल्यवान हो जाती है। |
| अंबर | आकाश; वस्त्र | साँझ ढलते ही अंबर लाल हो उठा। |
कृत / कृति / कृती
| शब्द | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| कृत | किया हुआ | यह स्व-कृत भूल थी, इसमें किसी और का दोष नहीं। |
| कृति | रचना | यह कृति उनके जीवन-भर के अनुभव का निचोड़ है। |
| कृती | निपुण, कुशल | वे अपने क्षेत्र के कृती व्यक्ति माने जाते हैं। |
नीर / नीड़ / नीरद
| शब्द | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| नीर | जल | नीर और क्षीर का भेद हंस ही कर पाता है। |
| नीड़ | घोंसला | संध्या होते ही पक्षी अपने नीड़ लौट आए। |
| नीरद | बादल | आषाढ़ के नीरद देखकर किसान का मन हरा हो गया। |
अवध / अवधि / अवधी
| शब्द | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| अवध | एक प्रदेश | अवध की भूमि राम के नाम से जुड़ी हुई है। |
| अवधि | समय-सीमा | आवेदन की अवधि इसी माह समाप्त हो रही है। |
| अवधी | एक बोली | तुलसीदास ने रामचरितमानस अवधी में लिखा। |
सर / शर / सिर
| शब्द | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| सर | तालाब | सर के जल में कमल खिले हुए थे। |
| शर | बाण | अर्जुन का शर कभी लक्ष्य से नहीं चूका। |
| सिर | मस्तक | उसने सम्मान में सिर झुका लिया। |
इन छह समूहों को याद करने का सबसे भरोसेमंद तरीक़ा यह है कि तीनों वाक्य एक साथ, एक ही बार में लिखे जाएँ। अलग-अलग दिन लिखने पर बीच वाला शब्द फिर छूट जाता है। एक बैठक में तीनों लिख लेने पर तीनों एक-दूसरे के सहारे याद रहते हैं।