केस 9.15: "चाय-पानी" की रफ़्तार
- काल्पनिक केस
- कठिनाई
- मध्यम
- पाठ्यक्रम बिंदु
- 7: भ्रष्टाचार
- परखे जाने वाले मूल्य और कानून
- सत्यनिष्ठा, जवाबदेही, कमज़ोर के प्रति करुणा, नेतृत्व का उदाहरण; भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 (अनुचित लाभ); आचरण नियम 3(1) और 3(2)
उदाहरण (काल्पनिक)"चाय-पानी" की रफ़्तार
रेखा राजस्थान के एक जिले में तहसीलदार हैं। एक विधवा, कमला, पति के निधन के चार महीने बाद भी ज़मीन का नामांतरण नहीं करा पाई हैं, जिससे उन्हें फ़सल बीमा और ऋण नहीं मिल रहे। रेखा को खबर मिलती है कि एक दलाल कमला के परिवार से कह रहा है कि "दो हज़ार दे दो, 'चाय-पानी' का खर्च है, आज ही फ़ाइल चल जाएगी।" कार्यालय के बाबू कहते हैं, "मैडम, यहाँ सब ऐसे ही चलता है, वरना फ़ाइल महीनों पड़ी रहती है। हम भी नीचे तक बाँटते हैं।" कमला का बेटा रेखा से कहता है, "हम देने को तैयार हैं, बस काम हो जाए। हम लड़ नहीं सकते।" फ़ाइल में कोई विवाद नहीं है; सब दस्तावेज़ पूरे हैं। रेखा तहसील में नई हैं और वरिष्ठ संकेत दे चुके हैं कि पहले ही महीने में दिखावटी सख्ती उन्हें अलोकप्रिय बना देगी। कमला के बेटे ने दलाल को देने के लिए पहले ही उधार ले लिया है।
- हितधारक
- कमला और उसका परिवार (सबसे कमज़ोर पक्ष), दलाल, बाबू और कार्यालय का स्टाफ़, अन्य आवेदक, रेखा, विभाग।
- मुद्दा
- कमला की तुरंत मदद और परिवार की मजबूरी बनाम ईमानदारी और कानून का पालन; भ्रष्टाचार को "व्यवस्था" मानने की प्रवृत्ति के विरुद्ध खड़ा होना।
- विकल्प
- क. आँख मूँद लेना, क्योंकि कमला खुद देने को तैयार है (काम तुरंत; पर भ्रष्टाचार को मान्यता, बाकी आवेदक लुटते रहेंगे)। ख. बाबू और दलाल को तुरंत निलंबित या गिरफ़्तार कराना, बिना यह सोचे कि कमला की फ़ाइल कैसे चलेगी (कठोर संदेश; पर कमला का काम अटक सकता है, बिना सबूत गलत कार्रवाई का जोखिम)। ग. पहले कमला की फ़ाइल उसी दिन नियम से निपटवाना, फिर सबूत जुटाकर और कमला की सुरक्षा का ध्यान रखकर दलाल और बाबू पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई कराना, और नामांतरण की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना (काम अधिक; पर परिवार और व्यवस्था दोनों को राहत)।
- सर्वश्रेष्ठ
- ग। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 में लोकसेवक द्वारा अनुचित लाभ लेना अपराध है। आचरण नियम 3(1) और 3(2) सत्यनिष्ठा तथा अधीनस्थों की सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने का दायित्व देते हैं।
सीख
कार्रवाई: अल्प: कमला का नामांतरण उसी दिन नियम से, उसके बेटे को बताना कि किसी को पैसा नहीं देना है, बाबू से लिखित स्पष्टीकरण, दलाल की पहचान और तथ्य एकत्र करना, उच्च अधिकारी या भ्रष्टाचार-निरोधक एजेंसी को सूचना। दीर्घ: नामांतरण की समय-सीमा का बोर्ड, ऑनलाइन ट्रैकिंग, नियमित जन-सुनवाई, पारदर्शी रोस्टर।
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
(10 अंक, 100 शब्द) रेखा को क्या करना चाहिए? पाँच चरणों के कार्ड से हल कीजिए।
आदर्श उत्तर
सबसे कमज़ोर हितधारक कमला और उसका परिवार है; दलाल, बाबू, अन्य आवेदक और विभाग भी जुड़े हैं। मुद्दा तुरंत मदद बनाम ईमानदारी का है। रास्ते तीन हैं: आँख मूँद लेना, बिना सोचे सख्त कार्रवाई, या पहले कमला का काम नियम से करके फिर कार्रवाई। पहला भ्रष्टाचार को मान्यता देता है; दूसरा कमला का काम अटका सकता है। मैं तीसरा चुनूँगी, क्योंकि अधिनियम की धारा 7 अनुचित लाभ को अपराध मानती है और नियम 3(2) अधीनस्थों की सत्यनिष्ठा का दायित्व देता है। आज नामांतरण करूँगी, बेटे को बताऊँगी कि पैसा नहीं देना है और सबूत जुटाऊँगी। दीर्घकाल में समय-सीमा और ऑनलाइन ट्रैकिंग लगाऊँगी।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) "यहाँ सब ऐसे ही चलता है" के तर्क का नैतिक उत्तर दीजिए।
आदर्श उत्तर
"सब करते हैं" से गलत सही नहीं बनता; अधिकारी का उदाहरण दूसरों के आचरण को बनाता है (गीता 3.21)।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) कार्यालय में "रफ़्तार-रिश्वत" रोकने की दीर्घकालिक व्यवस्था सुझाइए।
आदर्श उत्तर
समय-सीमा, ऑनलाइन ट्रैकिंग, जन-सुनवाई, नियमित निरीक्षण।