प्रशासन में कर्तव्यवाद बनाम परिणामवाद
RAS मुख्य परीक्षा, पत्र II, इकाई I, बिंदु 6: "Contribution of moral thinkers and philosophers from India and the world"; बिंदु 8: "Basis of ethical decision making" से भी जुड़ता है
- जनवरी 2026 के पाठ्यक्रम के अनुसार अद्यतन
- पढ़ने का समय: लगभग 12 मिनट
परीक्षा-भार (2018-2024 के प्रश्नों के आधार पर)
1 सीधा प्रश्न, 10 अंक: 2023 भाग ग Q12। निकट संबंधी: 2021 भाग ख Q8 (कांट), 2021 भाग ग Q11 (साधन और साध्य, गांधी), 2021 भाग ग Q12 (नैतिक निर्णय बनाम प्रशासनिक निर्णय), 2024 भाग ग Q12 (उपयोगितावाद)। हमारी गिनती में पश्चिमी नीतिशास्त्र के प्रश्न भाग ग (10 अंक) में चढ़ रहे हैं; इसलिए यह पृष्ठ भाग ग की तैयारी का केंद्र है।
30 सेकंड का सार
याद रखें
- कर्तव्यवाद पूछता है: मेरा कर्तव्य क्या है, कौन-सा नियम या अधिकार लागू होता है? परिणामवाद पूछता है: परिणाम क्या होगा, सबसे अधिक भला किसमें है?
- कर्तव्यवाद के प्रमुख चिंतक कांट; परिणामवाद के बेंथम और मिल (उपयोगितावाद)।
- कर्तव्यवाद की ताकत: निष्पक्षता, अधिकारों की रक्षा, भरोसा; कमज़ोरी: कठोरता। परिणामवाद की ताकत: लचीलापन और जनहित; कमज़ोरी: अल्पसंख्यक की बलि और "साध्य के लिए कुछ भी"।
- प्रशासक के लिए हमारा निष्कर्ष: आचरण और अधिकारों के लिए कर्तव्यवाद आधार, नीति-चयन और आपात स्थिति में परिणाम-संवेदी विवेक, खुले और दर्ज रूप में।
- मैक्स वेबर का भेद (1919): "आस्था की नैतिकता" बनाम "उत्तरदायित्व की नैतिकता": परिपक्व शासक को दोनों चाहिए।
भाग क के लिए छोटे उत्तर (15 शब्द तक)
याद रखें
- प्रश्न: कर्तव्यवाद और परिणामवाद में मूल अंतर बताइए।
- उत्तर: कर्तव्यवाद कर्म को कर्तव्य और नियम से परखता है; परिणामवाद उसके परिणामों से।
- कर्तव्यवाद के प्रमुख चिंतक कांट हैं; परिणामवाद के बेंथम और मिल।
- प्रशासक के लिए अधिकार और नियम सीमा हों; उनके भीतर परिणाम से निर्णय हो।
1. दो प्रश्न
कर्तव्यवाद (यूनानी deon = कर्तव्य) कर्म के सही-गलत होने का आधार कर्तव्य, नियम और अधिकार को मानता है, परिणाम से स्वतंत्र। परिणामवाद आधार परिणाम को मानता है। Stanford Encyclopedia के शब्दों में शास्त्रीय उपयोगितावाद कर्तव्यवाद से इसलिए भिन्न है कि वह मानता है कि नैतिक सही-गलत "सीधे परिणामों के अलावा किसी चीज़ पर" नहीं टिकता, जैसे यह कि पहले कोई वादा किया गया था।
2. विशेषताओं की तुलना
(2023 के प्रश्न का पहला भाग)
| बिंदु | कर्तव्यवाद (कांट) | परिणामवाद (बेंथम, मिल) |
|---|---|---|
| आधार | कर्तव्य, नियम, अधिकार | कर्म के परिणाम |
| प्रश्न | "मेरा कर्तव्य क्या है?" | "सबसे अधिक भला किसमें है?" |
| उद्देश्य (इरादा) | महत्वपूर्ण: शुभ संकल्प | महत्वहीन या गौण; परिणाम निर्णायक |
| कुछ कर्म | झूठ, यातना जैसे कर्म अपने आप में वर्जित | कर्म तभी गलत जब उसका परिणाम बुरा |
| ताकत | निष्पक्ष, पूर्वानुमेय, अधिकारों की रक्षा | लचीला, जनहित-केंद्रित, व्यावहारिक |
| कमज़ोरी | कठोर; कर्तव्यों के टकराव में उलझन; परिणामों की अनदेखी | अल्पसंख्यक की बलि; परिणाम का अनुमान कठिन; साध्य से साधन उचित ठहराने का खतरा |
| प्रशासन में रूप | कानून, प्रक्रिया, मौलिक अधिकार, आचरण-नियम | लागत-लाभ, प्राथमिकता, आपात निर्णय |
(गीता के निष्काम कर्म की तुलना अक्सर कर्तव्यवाद से की जाती है; यह व्याख्या है, एकरूपता नहीं। पृष्ठ 4.2 देखें।)
3. वेबर के दो नैतिक रूप
मैक्स वेबर ने जनवरी 1919 में म्यूनिख के अपने व्याख्यान "Politics as a Vocation" में दो भेद किए: आस्था की नैतिकता (सिद्धांत पर चलो, परिणाम की चिंता दूसरों पर) और उत्तरदायित्व की नैतिकता (अपने कर्म के पूर्वानुमेय परिणामों का उत्तर दो)। यह भेद कर्तव्यवाद और परिणामवाद से मिलता-जुलता है, पर समान नहीं (यह हमारी व्याख्या है)। वेबर का निष्कर्ष: परिपक्व राजनेता में दोनों का संतुलन चाहिए। (स्रोत: विकिपीडिया पर सार; शब्दशः उद्धृत करने से पहले मूल पाठ देख लें।)
4. प्रशासन में कहाँ कौन-सा
| स्थिति | अधिक उपयुक्त दृष्टि | कारण |
|---|---|---|
| हिरासत में पूछताछ, यातना | कर्तव्यवाद (अधिकार की न्यूनतम रेखा) | मनुष्य की गरिमा और कानून का शासन; यातना कभी स्वीकार्य नहीं |
| रिश्वत, पक्षपात, सत्यनिष्ठा | कर्तव्यवाद | नियम सबके लिए समान, भरोसा |
| सीमित बजट का आवंटन | परिणामवाद, अधिकार-रेखा के भीतर | अधिकतम लाभ; पर कोई वंचित न रहे |
| आपदा, आपातकाल | परिणाम-संवेदी विवेक, लिखित और खुला | जीवन बचाने की तत्परता, पर जवाबदेही के साथ |
| नियुक्ति, पदोन्नति | कर्तव्यवाद (योग्यता, निष्पक्षता) | समान अवसर |
5. 2023 के प्रश्न का दूसरा भाग: प्रशासक के लिए कौन-सा उपयुक्त और क्यों?
स्पष्ट रुख लें और कारण दें। हमारा सुझाव: आचरण और अधिकारों के लिए कर्तव्यवाद अधिक उपयुक्त आधार है, क्योंकि प्रशासन में विधि का शासन, जवाबदेही, पारदर्शिता और जनविश्वास नियमों के सब पर समान लागू होने से टिकते हैं। पर नीति-चयन, प्राथमिकता और आपात निर्णय में परिणाम-संवेदी विवेक चाहिए, वह भी दर्ज और खुला। संक्षेप में: कर्तव्य सीमा तय करे, परिणाम उस सीमा के भीतर निर्णय दिशा दें।
6. समन्वय के रास्ते
(क) नियम-उपयोगितावाद: नियम बने रहें क्योंकि उनके सामान्य पालन से भला होता है (पृष्ठ 6.4)। (ख) संवैधानिक रचना: अनुच्छेद 21 जैसे अधिकार न्यूनतम रेखा हैं; नीति-निर्देशक तत्व (जैसे अनुच्छेद 38) परिणाम-लक्ष्य दिखाते हैं (यह हमारी व्याख्या है)।
पल्स पोलियो अभियान, 1995 से 2014.
परिणाम-प्रेरित नीति का उदाहरण: बड़े सामूहिक लाभ का लक्ष्य (पृष्ठ 6.4 में तथ्य)।
वेबर, 1919.
ऊपर नोट 3।
उत्तर में कैसे लगाएँ
पहले दोनों की विशेषताएँ (तालिका), फिर स्पष्ट रुख (कर्तव्यवाद आधार, परिणाम-विवेक भीतर), फिर बसु 1996 का एक उदाहरण, अंत में वेबर या नियम-उपयोगितावाद से समन्वय।
विचारक और उद्धरण
| नाम | विचार | प्रयोग-योग्य पंक्ति |
|---|---|---|
| कांट | कर्तव्यवाद | "Act only on that maxim whereby thou canst at the same time will that it should become a universal law." (Groundwork, अबॉट अनुवाद) |
| जे. एस. मिल | परिणामवाद | "actions are right in proportion as they tend to promote happiness, wrong as they tend to produce the reverse of happiness." (Utilitarianism, अध्याय II) |
| सर्वोच्च न्यायालय, डी. के. बसु (1996) | अधिकार की रेखा | "Custodial death is perhaps one of the worst crimes in a civilised society governed by the Rule of Law." (निर्णय का पाठ, Indian Kanoon) |
चित्र: दो स्तंभ और पुल
कर्तव्यवाद: नियम, अधिकार, इरादा
बायाँ स्तंभ: दायाँ स्तंभ
परिणामवाद: परिणाम, कुल भला
क्या करूँ?
ऊपर प्रश्न: से दो तीर
प्रशासन: अधिकार और नियम सीमा; उनके भीतर परिणाम से चयन
बीच में पुल
आपात स्थिति: लिखित, खुला, जवाबदेह विवेक
नीचे
पहले इसी अवधारणा का प्रश्न: नाम से केवल 2023 में एक बार। पर साधन-साध्य (2021), कांट (2021, 2023, 2024) और उपयोगितावाद (2024) हर वर्ष किसी न किसी रूप में आए हैं, इसलिए तुलना वाला भाग ग अगली बार भी संभव है।
आम गलतियाँ
याद रखें
- केवल दोनों की परिभाषा लिख देना और यह न बताना कि प्रशासक के लिए कौन-सा उपयुक्त और क्यों; प्रश्न का दूसरा भाग अंक का आधा है।
- "कर्तव्यवाद = परिणाम की अनदेखी" या "परिणामवाद = अनैतिक" जैसी एकतरफ़ा बातें; दोनों की ताकतें और कमज़ोरियाँ लिखें।
- उदाहरण के बिना उत्तर देना, या गीता और कांट को "एक ही" बता देना; गीता की तुलना व्याख्या है।
आत्म-जाँच (5 प्रश्न)
याद रखें
- कर्तव्यवाद और परिणामवाद के आधार क्या हैं?
- प्रत्येक की एक ताकत और एक कमज़ोरी बताइए।
- प्रशासन में कौन-सी स्थिति कर्तव्यवाद माँगती है और कौन-सी परिणाम-विवेक?
- बसु (1996) का सार क्या है?
- वेबर की दो नैतिकताएँ क्या हैं?
वास्तविक उदाहरण
केस स्टडीडी. के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य, सर्वोच्च न्यायालय, 18 दिसंबर 1996
(न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह और ए. एस. आनंद): न्यायालय ने हिरासत में यातना और मृत्यु पर कहा: "Custodial death is perhaps one of the worst crimes in a civilised society governed by the Rule of Law." और: "Using any form of torture for extracting any kind of information would neither be 'right nor just nor fair' and, therefore, would be impermissible, being offensive to Article 21." न्यायालय ने गिरफ़्तारी तथा निरोध के लिए बाध्यकारी दिशानिर्देश भी दिए।
सीख
परिणाम (सूचना पाने) की ज़रूरत के नाम पर अधिकार की रेखा नहीं टूटती; यह कर्तव्यवादी रुख है (हमारी व्याख्या)।
काल्पनिक केस
उदाहरण (काल्पनिक)काल्पनिक केस (Hypothetical case)
बाढ़ की रात उपखंड अधिकारी (SDM) ऋतु शर्मा के पास राहत-सामग्री की एक ट्रक है। नियम के अनुसार सामग्री केवल राशन-कार्ड की सूची वाले परिवारों को बँटेगी। पास की ऊँची जगह पर प्रवासी मज़दूरों का शिविर है: लगभग 60 लोग, बिना राशन-कार्ड, दो दिन से भूखे। सूची-बाहर बाँटना नियम तोड़ना होगा।
- हितधारक
- ऋतु, शिविर के 60 मज़दूर, सूची वाले परिवार, राहत-विभाग, कलेक्टर, स्थानीय जन-प्रतिनिधि।
- मुद्दा और टकराते मूल्य
- नियम, जवाबदेही और पारदर्शिता (कर्तव्य) बनाम जीवन-रक्षा और मानवीयता (परिणाम)।
- तीन विकल्प
- (क) सूची का कठोर पालन। लाभ: नियम साफ़, कोई पक्षपात-आरोप नहीं। हानि: 60 लोग भूखे, बीमारी और तनाव का खतरा; नियम का उद्देश्य (राहत) ही विफल। (ख) चुपचाप शिविर में बाँट देना, बिना रिकॉर्ड। लाभ: भूख मिटेगी। हानि: स्टॉक का हिसाब गड़बड़, अनियमित मिसाल, पक्षपात और दुरुपयोग का रास्ता, बाद में खुद पर कार्रवाई का खतरा। (ग) शिविर की ज़रूरत लिखित रूप में दर्ज करना, कलेक्टर या ज़िला आपदा प्राधिकरण से तुरंत लिखित स्वीकृति लेना, रजिस्टर बनाकर बाँटना, और बाद में सत्यापन करके नियमित कराना। लाभ: जीवन-रक्षा और जवाबदेही दोनों। हानि: स्वीकृति में कुछ घंटे की देरी की चिंता।
- सर्वोत्तम विकल्प और समर्थक मूल्य
- विकल्प (ग)। मानवीयता और जीवन-रक्षा (परिणाम) के साथ जवाबदेही और पारदर्शिता (कर्तव्य); नियम तोड़ा नहीं जाता, वह प्राधिकारी खुले में लचीला करता है जिसे अधिकार है। वेबर के अर्थ में उत्तरदायित्व की नैतिकता और नियम की भावना, दोनों।
सीख
कदम: अल्पकालिक: लिखित नोट और स्वीकृति, रजिस्टर, तत्काल वितरण। दीर्घकालिक: राहत-प्रक्रिया में बिना राशन-कार्ड वाले प्रवासी मज़दूरों का प्रावधान, आपात विवेक की स्पष्ट धारा जिसमें रिपोर्टिंग अनिवार्य हो, प्रशिक्षण।
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
कर्तव्यवादी और परिणामवादी दृष्टिकोण में प्रशासनिक उदाहरण सहित अंतर बताइए।
आदर्श उत्तर
कर्तव्यवाद पूछता है कि कर्तव्य या नियम क्या कहता है; परिणामवाद पूछता है कि किस परिणाम में अधिकतम भला है। कर्तव्यवादी अधिकारी देरी हो तो भी उचित प्रक्रिया मानता है; परिणामवादी अधिकतम लोगों पर असर तौलता है। अच्छा प्रशासन अधिकार और नियम को सीमा रखता है और उनके भीतर परिणाम से चुनता है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
"State the features of Deontology and Consequentialism. Which one of the two approaches is more suitable for an administrator? Why?"
आदर्श उत्तर
कर्तव्यवाद कर्म को कर्तव्य, नियम और अधिकार से परखता है; यह निष्पक्ष और पूर्वानुमेय है, पर कठोर हो सकता है। परिणामवाद, बेंथम और मिल की तरह, परिणाम देखता है; यह लचीला और जनहितकारी है, पर अल्पसंख्यक की बलि और गलत साधनों को उचित ठहरा सकता है। प्रशासक के लिए मैं कर्तव्यवाद को अधिक उपयुक्त आधार मानता हूँ, क्योंकि विधि का शासन, जवाबदेही और जनविश्वास सबके लिए समान नियमों पर टिकते हैं; डी. के. बसु (1996) में न्यायालय ने जानकारी के लिए भी यातना अस्वीकार की। पर नीति-चयन और आपात स्थिति में परिणाम-विवेक चाहिए, दर्ज और खुला। कर्तव्य सीमा तय करे, परिणाम दिशा।
पिछले असली प्रश्न
2023पत्र II, भाग ग, Q1210 अंक
State the features of Deontology and Consequentialism. Which one of the two approaches is more suitable for an administrator? Why?
2021निकट संबंधीपत्र II, भाग ख, Q85 अंक
Explain the Kant's ultimate good on the basis of relative and categorical imperative. (पृष्ठ 6.3)
2021निकट संबंधीपत्र II, भाग ग, Q1110 अंक
Necessarily related, means cannot be separated from ends. Therefore, both must be auspicious for real and lasting success. Explain the above comment in the context of Gandhian ethics. (साधन-साध्य; पृष्ठ 5.3)
2021निकट संबंधीपत्र II, भाग ग, Q1210 अंक
Explain the factors essential in 'Ethical decision' making. In case of ethical decision being against to administrative decision, how will you harmonise them? Explain with examples.
2024निकट संबंधीपत्र II, भाग ग, Q1210 अंक
Present a comparative evaluation of Utilitarianism, Sarvodaya and Lok-Samgraha as an inspiration for administration. (पृष्ठ 6.4)
यह उत्तर कैसे लिखें
भूमिका
दोनों की एक पंक्ति परिभाषा
मुख्य भाग
- विशेषताएँ, ताकत और कमज़ोरी; प्रशासन में रूप
निष्कर्ष
स्पष्ट रुख: कर्तव्यवाद आधार, परिणाम-विवेक भीतर
अतिरिक्त मूल्य
- बसु 1996, वेबर 1919, नियम-उपयोगितावाद, गीता की तुलना "व्याख्या" के रूप में
एक पेज में दोहराव
- कर्तव्यवाद (कांट): कर्तव्य, नियम, अधिकार, इरादा
- परिणामवाद (बेंथम, मिल): परिणाम, कुल भला
- ताकत-कमज़ोरी तालिका
- प्रशासन: आचरण और अधिकार = कर्तव्यवाद; नीति-चयन और आपात = परिणाम-विवेक
- निष्कर्ष: कर्तव्य सीमा, परिणाम दिशा
- वेबर 1919: आस्था बनाम उत्तरदायित्व की नैतिकता
- नियम-उपयोगितावाद पुल
- बसु 18.12.1996
- पोलियो 1995-2014
- गीता तुलना = व्याख्या
- PYQ: 2023 C12 (निकट: 2021 B8, 2021 C11, 2021 C12, 2024 C12)
- काल्पनिक केस: SDM ऋतु, राहत और राशन-सूची।