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पृष्ठ 8.4

साधन-तर्कसंगतता बनाम मूल्य-तर्कसंगतता

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RAS मुख्य परीक्षा, पत्र II, इकाई I, बिंदु 8: नैतिक निर्णय का आधार (सामाजिक न्याय, मानवीय सरोकार, जवाबदेही); साधन-तर्कसंगतता बनाम मूल्य-तर्कसंगतता

  • जनवरी 2026 के पाठ्यक्रम के अनुसार अद्यतन
  • पढ़ने का समय: लगभग 14 मिनट
2 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

परीक्षा-भार (हमारी गिनती, RAS पत्र II इकाई I, 2018, 2021, 2023, 2024)

52 में से सीधा प्रश्न 0 (नया विषय)। निकटतम पुराने प्रश्न: 2023 भाग ग प्र.12 (कर्तव्यवाद और परिणामवाद), 2021 भाग ग प्र.11 (साधन और साध्य, गांधी), 2024 भाग ग प्र.13 (मानव संसाधन और साध्य के रूप में मानवता)

30 सेकंड का सार

याद रखें

  • मैक्स वेबर (Economy and Society, जर्मन मूल 1922) ने मानवीय कर्म के चार प्रकार बताए। यहाँ दो काम के हैं: साधन-तर्कसंगत (zweckrational): दिए हुए लक्ष्य के लिए गणना से सर्वोत्तम साधन चुनना; और मूल्य-तर्कसंगत (wertrational): किसी कर्म को उसके अपने मूल्य में सचेत आस्था के कारण करना, सफलता की संभावना चाहे जो हो।
  • प्रशासन को दोनों चाहिए। साधन-तर्क से काम होता है (लागत, समय, परिणाम)। मूल्य-तर्क से वैधता मिलती है (गरिमा, न्याय, अधिकार)।
  • मूल्यों के बिना कुशलता क्रूर बन सकती है: 1976-77 का जबरन नसबंदी अभियान, रोबोडेट और डच बाल-लाभ घोटाले। गणना के बिना मूल्य-निष्ठा नेक इरादा बनी रह सकती है, काम नहीं करती।
  • काम का सूत्र (हमारा संश्लेषण): मूल्य मंज़िल और सीमा तय करें; गणना उस सीमा के भीतर सबसे अच्छा रास्ता चुने। गांधी: साधन बीज की तरह हैं, साध्य वृक्ष की तरह।
  • विषय 7.6 से कड़ी: AI शुद्धतम साधन-तर्कसंगतता है, क्योंकि वह दिए गए लक्ष्य को अधिकतम करता है। मूल्यों का पक्ष इंसान को ही जोड़ना होगा।

भाग क बॉक्स (लिखने के लिए तैयार, 15 शब्द)

याद रखें

  • साधन-तर्कसंगतता: दिए गए लक्ष्य के लिए सबसे कुशल साधन चुनना, जिसकी कसौटी परिणाम हैं।
  • मूल्य-तर्कसंगतता: किसी मूल्य को उसी के लिए मानकर, परिणाम की परवाह किए बिना, कर्म करना।
  • वेबर (1922): zweckrational यानी साधन-साध्य गणना; wertrational यानी कर्म के अपने मूल्य पर आस्था।

स्रोत: वेबर के सामाजिक कर्म के चार प्रकार

स्रोत: मैक्स वेबर, Economy and Society (Wirtschaft und Gesellschaft, 1922, उनकी मृत्यु के बाद प्रकाशित)। वे कहते हैं कि सामाजिक कर्म चार ढंग से प्रेरित हो सकता है: (1) साधन-तर्कसंगत (zweckrational), (2) मूल्य-तर्कसंगत (wertrational), (3) भावात्मक (affectual, भावना से प्रेरित), (4) परंपरागत (traditional, आदत और रीति से प्रेरित)।

दो परिभाषाएँ, रोथ और विटिश (Roth and Wittich) के अंग्रेज़ी अनुवाद (University of California Press, 1978) के रूप में, जैसा मानक संदर्भों में उद्धृत है (शब्दशः लिखने से पहले मुद्रित पृष्ठ में सटीक शब्द मिला लें):

Zweckrational: "determined by expectations as to the behavior of objects in the environment and of other human beings; these expectations are used as 'conditions' or 'means' for the attainment of the actor's own rationally pursued and calculated ends"। भाव: परिवेश और दूसरे लोगों के व्यवहार की अपेक्षाओं को अपने सोचे-समझे, गणना किए लक्ष्य की प्राप्ति के "साधन" बनाना।

Wertrational: "determined by a conscious belief in the value for its own sake of some ethical, aesthetic, religious, or other form of behavior, independently of its prospects of success"। भाव: किसी नैतिक, सौंदर्यगत, धार्मिक या अन्य आचरण के अपने मूल्य में सचेत आस्था के कारण कर्म करना, सफलता की संभावना से स्वतंत्र।

जर्मन Zweck का अर्थ लक्ष्य या प्रयोजन है; Wert का अर्थ मूल्य है। दोनों में "तर्कसंगत" का मतलब "सुसंगत और सोचा-समझा" है, "अच्छा" नहीं।

दोनों सरल शब्दों में

साधन-तर्क (Instrumental)मूल्य-तर्क (Value)
पूछा गया प्रश्न"यह नतीजा पाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?""क्या यह कर्म अपने-आप में उचित है?"
कसौटीपरिणाम, लागत, समय, संभावनासिद्धांत, कर्तव्य, गरिमा, अंतरात्मा
ताकतकाम पूरा होना, कुशलता, योजनाईमानदारी, वैधता, साहस
खतरा"साध्य साधन को सही ठहराता है" वाली सोच; कमज़ोर की अनदेखीपरिणामों की अनदेखी; नेक इरादा पर काम नहीं
पश्चिमी प्रतिध्वनि (हमारी व्याख्या)परिणामवाद, उपयोगितावादी सोचकर्तव्यवाद, कांट का कर्तव्य

सावधानी: वेबर के दोनों प्रकार बताते हैं कि व्यक्ति कैसे कर्म करता है; कर्तव्यवाद और परिणामवाद सिद्धांत हैं कि क्या उचित है। इनमें साम्य है, पर ये एक नहीं हैं। "के समान" लिखिए, "के बराबर" नहीं।

जिला कार्यालय की भाषा में

स्थितिसाधन-तर्क का दृष्टिकोणमूल्य-तर्क का दृष्टिकोण
अतिक्रमण हटानासबसे तेज़ और सस्ती सफ़ाईनोटिस, सुनवाई, पुनर्वास
लाभार्थी सूची की सफ़ाईसंदिग्ध नाम काटकर पैसा बचानाकिसी असली निर्धन का नाम न कटे
योजना का लक्ष्यतारीख तक आँकड़ा पूरासही लोगों तक, उनकी सहमति से
धोखाधड़ी पकड़ने में AIप्रति रुपया अधिकतम धोखाधड़ी पकड़नाहर समूह के साथ निष्पक्षता; इंसान चुनौती दे सके

औपचारिक और सारभूत तर्कसंगतता

वेबर ने नौकरशाही को प्रशासन का सबसे तर्कसंगत रूप माना: नियम, पदानुक्रम, अभिलेख, निर्वैयक्तिक प्रक्रिया। यह औपचारिक तर्कसंगतता है, यानी तरीके में तर्कसंगत। सारभूत तर्कसंगतता पूछती है कि परिणाम न्याय और कल्याण जैसे मूल्यों की सेवा करता है या नहीं। वेबर की चेतावनी है "लोहे का पिंजरा" (iron cage): नियमों में जकड़ी व्यवस्थाएँ इंसान को बाँध लेती हैं और प्रयोजन भूल जाती हैं। (लोहे के पिंजरे की उपमा The Protestant Ethic (1904-05) से आती है; मानक संदर्भ।) अच्छा प्रशासन औपचारिक कुशलता रखता है पर सारभूत मूल्यों के प्रति उत्तरदायी रहता है।

वेबर की दूसरी जोड़ी: दृढ़ विश्वास और उत्तरदायित्व

"Politics as a Vocation" व्याख्यान (28 जनवरी 1919, प्रकाशन 1919) में वेबर ने दृढ़ विश्वास की नैतिकता (Gesinnungsethik: सिद्धांत पर चलना) और उत्तरदायित्व की नैतिकता (Verantwortungsethik: पूर्वानुमेय परिणामों का उत्तर देना) में भेद किया। प्रचलित पाठ यह है कि ये परस्पर पूर्ण विरोधी नहीं हैं; परिपक्व लोकसेवक को दोनों चाहिए (मानक व्याख्या)। प्रशासक के असली चुनावों से जोड़ने के लिए यह सबसे अच्छा पुल है।

अन्य पाठ्यक्रम-विचारों से कड़ियाँ (हमारी व्याख्या)

कांट (Groundwork, 1785): बिना शर्त शुभ केवल शुभ-संकल्प है; कर्तव्य कर्तव्य के लिए किया जाता है। मूल्य-तर्कसंगतता के निकट।

उपयोगितावादी और परिणामवादी विचार: परिणाम से परखना। साधन-तर्कसंगतता के निकट। (RAS 2023 में प्रशासक के लिए कर्तव्यवाद बनाम परिणामवाद पूछा गया।)

गीता 2.47 ("कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन"): अधिकार कर्म पर है, फल पर नहीं। निष्काम कर्म का अर्थ "परिणाम की अनदेखी" नहीं है; यह कर्तव्य-भाव से कर्म और फल की चिंताभरी आसक्ति से मुक्ति है। इसे शुद्ध मूल्य-तर्कसंगतता न कहें; "मूल्य-केंद्रित" कहें।

गांधी, हिंद स्वराज, अध्याय 16: "The means may be likened to a seed, the end to a tree; and there is just the same inviolable connection between the means and the end as there is between the seed and the tree." अर्थात् साधन बीज है, साध्य वृक्ष, और दोनों में अटूट संबंध है। यह "साध्य साधन को उचित ठहराता है" को नकारती और दोनों पक्षों को जोड़ती है।

गांधी का तावीज़ (उनके नाम से प्रचलित): हर कदम को सबसे निर्धन व्यक्ति पर उसके असर से परखिए: गणना पर मूल्य की जाँच।

जब दोनों खिंचें: तीन प्रश्नों की कसौटी (हमारा औज़ार)

1. क्या साध्य उचित है? (क्या वह न्याय, कल्याण, अधिकार की सेवा करता है?)

2. क्या साधन उचित हैं? (सहमति, गरिमा, कानून, निष्पक्ष प्रक्रिया; किसी इंसान को केवल औज़ार न बनाना।)

3. क्या यह चलेगा, और सबसे कमज़ोर पर क्या बीतेगी? (लागत, समय, प्रभावशीलता, दुष्प्रभाव, वैकल्पिक योजना।)

प्रश्न 1 या 2 का उत्तर "नहीं" हो तो रुककर पुनर्रचना कीजिए। 1 और 2 "हाँ" हों तो गणना खुलकर कीजिए।

कानून पहले से दोनों को मिलाता है। पुट्टस्वामी (24 अगस्त 2017) की वैधानिकता, आवश्यकता और आनुपातिकता की कसौटी एक गणना है (क्या साधन आवश्यक और आनुपातिक है?) जो एक मूल्य (मौलिक अधिकार) के भीतर रखी गई है। मेनका गांधी (1978) कहता है कि प्रक्रिया न्यायसंगत, निष्पक्ष और युक्तियुक्त हो: प्रशासनिक तरीके पर मूल्य की सीमा। (इन्हें इस प्रकार जोड़ना हमारी व्याख्या है।)

AI से कड़ी (विषय 7.6)

AI को जो लक्ष्य दिया जाए, वह उसी को अधिकतम करता है: कोड में बैठी साधन-तर्कसंगतता। लक्ष्य उचित है या नहीं, यह वह तय नहीं कर सकता। डच बाल-लाभ और रोबोडेट में लक्ष्य संकरा दिखता है: "धोखाधड़ी पकड़ो और वसूलो"। भेदभाव-निषेध, उचित प्रक्रिया और सद्भाव की धारणा जैसे मूल्य प्रणाली के संचालन में प्रभावी नहीं दिखे (हमारी व्याख्या; दोनों मामलों में कानून का उल्लंघन भी पाया गया, इसलिए इन्हें केवल "साधन-तर्क की अति" न कहें)। इसलिए मूल्य लिखकर डालने होंगे: उस इंसान द्वारा जो लक्ष्य तय करता, निष्पक्षता जाँचता और परिणाम का स्वामित्व लेता है।

उत्तर में प्रयोग

शुद्ध गणना की विफलता का एक उदाहरण (1976-77 का नसबंदी अभियान या रोबोडेट) और मूल्य-साधन के मेल का एक उदाहरण (MKSS) जोड़िए। फिर तीन प्रश्नों की कसौटी दीजिए।

विचारक और उद्धरण बॉक्स

नामविचारएक प्रयोग योग्य पंक्ति
मैक्स वेबर, Economy and Society (1922)कर्म साधन-तर्कसंगत हो सकता है"...rationally pursued and calculated ends"
मैक्स वेबर, Economy and Society (1922)कर्म मूल्य-तर्कसंगत हो सकता है"...a conscious belief in the value for its own sake of some ethical, aesthetic, religious, or other form of behavior, independently of its prospects of success"
मैक्स वेबर, "Politics as a Vocation" (1919)दृढ़ विश्वास और उत्तरदायित्वदृढ़ विश्वास की नैतिकता (Gesinnungsethik) और उत्तरदायित्व की नैतिकता (Verantwortungsethik)
एम. के. गांधी, हिंद स्वराज, अध्याय 16साधन और साध्य अभिन्न हैं"The means may be likened to a seed, the end to a tree."
भगवद्गीता 2.47कर्तव्य, फल की चिंताभरी आसक्ति के बिना"कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन"
गांधी का तावीज़ (उनके नाम से प्रचलित; प्रायः 1947 का बताया जाता है; मूल स्रोत नहीं मिला; शब्द संस्करण-भेद से बदलते हैं)कदम को सबसे कमज़ोर पर असर से परखें"recall the face of the poorest and the weakest man ... and ask yourself, if the step you contemplate is going to be of any use to him"
इमैनुएल कांट, Groundwork (1785)केवल शुभ-संकल्प बिना शर्त शुभ हैकेवल भावार्थ; इसे सीधा उद्धरण बनाकर न लिखें

चित्र: 2x2 ग्रिड

मूल्यों के प्रति निष्ठा: कम से अधिक

क्षैतिज अक्ष (बाएँ से दाएँ)

साधनों और परिणामों की गणना: कम से अधिक

ऊर्ध्वाधर अक्ष (नीचे से ऊपर)

ठंडा तकनीकशाह। गणना अधिक, मूल्य कम। लक्ष्य पूरे, पर लोग आहत। उदाहरण: 1976-77 का नसबंदी अभियान

ऊपर-बायाँ खाना (धूसर)

उत्तरदायी प्रशासक। गणना भी, मूल्य भी। मूल्य लक्ष्य और सीमा तय करते हैं; गणना रास्ता चुनती है। उदाहरण: अभिलेख पढ़कर सुनाने वाली जन सुनवाइयाँ (MKSS)

ऊपर-दायाँ खाना (हरा, उभरा हुआ)

बहाव। दोनों नहीं। आदत या आवेग से कर्म (वेबर के परंपरागत और भावात्मक प्रकार)

नीचे-बायाँ खाना (सफ़ेद)

सिद्धांतनिष्ठ आदर्शवादी। मूल्य अधिक, गणना कम। साहसी, पर काम न कर पाए। उदाहरण: बाढ़ वाले केस का कठोर नियम

नीचे-दायाँ खाना (नारंगी)

लक्ष्य ऊपर-दायाँ खाना है। वेबर के प्रकार बताते हैं कि लोग कैसे कर्म करते हैं, कौन अच्छा या बुरा है यह नहीं।

पाद-पट्टी

हिसाब और निष्ठा: प्रशासक के चार रूप

यह अवधारणा पहले कैसे पूछी गई: RPSC के निकटतम प्रश्न सब भाग ग (10 अंक) में हैं: कर्तव्यवाद और परिणामवाद (2023), साधन और साध्य (2021), मानव संसाधन और साध्य के रूप में मानवता (2024)। इसलिए तर्कसंगतता पर भाग ग संभव है, और प्रवेश-रूप में हर शब्द की भाग क परिभाषा।

हमारा अनुमान (RPSC की जानकारी नहीं)

भागसंभावित रूप
क (2 अंक)"साधन-तर्कसंगतता क्या है?" / "मूल्य-तर्कसंगतता क्या है?" / "zweckrational और wertrational शब्द किसने दिए?"
ख (5 अंक)"साधन-तर्कसंगतता और मूल्य-तर्कसंगतता का अंतर उदाहरण सहित बताइए।" / "कुशलता ही अच्छे निर्णय की एकमात्र कसौटी नहीं है। विवेचना कीजिए।" / "क्या कर्तव्यवाद और परिणामवाद वही हैं जो मूल्य-तर्कसंगतता और साधन-तर्कसंगतता?"
ग (10 अंक)"एक योजना कुशल है पर आदिवासी समुदाय को हानि पहुँचाती है। दोनों तर्कसंगतताओं से विश्लेषण कीजिए।" / "प्रशासन में साधन और साध्य: गांधी के विचार को वेबर की दो तर्कसंगतताओं से जोड़िए।" / लागत या लक्ष्य के दबाव और समुदाय के अधिकारों के टकराव का छोटा काल्पनिक केस।

आम गलतियाँ

याद रखें

  • मूल्य-तर्कसंगतता को "अच्छी" और साधन-तर्कसंगतता को "बुरी" लिख देना। वेबर के शब्द कर्म का ढंग बताते हैं। दोनों चाहिए, और दोनों का अपना खतरा है।
  • "गीता कहती है परिणाम की चिंता मत करो" लिख देना। निष्काम कर्म का अर्थ फल की चिंताभरी आसक्ति के बिना कर्तव्य है, परिणामों के प्रति लापरवाही नहीं।
  • वेबर के शब्द स्रोत और वर्ष के बिना लिखना। "मैक्स वेबर, Economy and Society, 1922" लिखिए, फिर दोनों परिभाषाएँ।

स्व-परीक्षण (5 स्मरण प्रश्न)

याद रखें

  • वेबर के सामाजिक कर्म के चार प्रकार बताइए।
  • wertrational को एक पंक्ति में परिभाषित कीजिए, "prospects of success" वाले अंश सहित।
  • ऐसा एक वास्तविक उदाहरण दीजिए जहाँ गणना ने मूल्यों को कुचला, वर्ष सहित।
  • औपचारिक और सारभूत तर्कसंगतता में क्या अंतर है?
  • कुशलता और मूल्यों के खिंचने पर निर्णय के लिए तीन प्रश्नों की कसौटी बताइए।

उत्तर-कुंजी

(1) साधन-तर्कसंगत, मूल्य-तर्कसंगत, भावात्मक, परंपरागत; (2) कर्म के अपने मूल्य में सचेत आस्था के कारण कर्म, सफलता की संभावना से स्वतंत्र; (3) जबरन नसबंदी अभियान, 1976-77 (1976-77 में लगभग 62 लाख नसबंदियाँ), या रोबोडेट, 2019 में अवैध; (4) औपचारिक: तरीके में तर्कसंगत (नियम, गणनीयता); सारभूत: न्याय और कल्याण जैसे मूल्यों की सेवा में तर्कसंगत; (5) क्या साध्य उचित है, क्या साधन उचित हैं, क्या चलेगा और सबसे कमज़ोर पर क्या बीतेगी।