मुख्य सामग्री पर जाएं
REET L1+L2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

विकास की अवस्थाएँ (Stages of Development)

Read this in English →

यह पेज बाल विकास की चार प्रमुख अवस्थाओं — शैशवावस्था, पूर्व बाल्यावस्था, उत्तर बाल्यावस्था और किशोरावस्था — को उनकी आयु-सीमा व मुख्य विशेषताओं के साथ समझाता है। REET में CDP का यह आधारभूत टॉपिक है, जिससे अवस्था-पहचान व वृद्धि-विकास के अंतर पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

  • REET 2024 में इस टॉपिक से सीधा प्रश्न नहीं आया
  • शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
  • 8 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Adolescent storm and stress, reconsidered – PubMed

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के 930 डिजिटाइज़ किए गए प्रश्नों में 'विकास की अवस्थाएँ' से सीधा कोई प्रश्न शामिल नहीं था, लेकिन यह बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के आधिकारिक पाठ्यक्रम का मूल भाग है, इसलिए आगामी परीक्षाओं में इससे प्रश्न बनने की पूरी संभावना है। पाठ्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार इस टॉपिक से मुख्यतः अवस्था और उसकी आयु-सीमा का मिलान, किसी अवस्था की प्रमुख विशेषता पहचानना, तथा वृद्धि व विकास के बीच अंतर पर आधारित सीधे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाने की प्रवृत्ति रही है।

वृद्धि (Growth) और विकास (Development) में अंतर

वृद्धि शरीर के आकार, भार और ऊँचाई में होने वाला मात्रात्मक (quantitative) परिवर्तन है, जो एक निश्चित आयु के बाद रुक जाता है। इसे आसानी से मापा जा सकता है — जैसे बच्चे की लंबाई सेंटीमीटर में या वजन किलोग्राम में बढ़ना।

विकास एक कहीं अधिक व्यापक अवधारणा है, जिसमें शारीरिक वृद्धि के साथ-साथ मानसिक, संवेगात्मक, सामाजिक और भाषायी परिवर्तन भी शामिल होते हैं। यह गुणात्मक (qualitative) भी है, जन्म से मृत्यु तक चलने वाली एक सतत प्रक्रिया है, और कभी पूरी तरह नहीं रुकता — भले ही इसकी गति उम्र के साथ बदलती रहे। इसलिए कहा जाता है कि वृद्धि, विकास का ही एक हिस्सा है, पूरा विकास नहीं।

उदाहरण के लिए, एक बच्चे की ऊँचाई और वजन बढ़ना 'वृद्धि' है, जबकि उसी बच्चे का धीरे-धीरे अधिक शब्द बोलना सीखना, दूसरों की भावनाएँ समझना और समस्याओं को तार्किक ढंग से सुलझाना 'विकास' के उदाहरण हैं। REET में अक्सर ऐसे उदाहरण देकर पूछा जाता है कि दिया गया परिवर्तन वृद्धि है या विकास।

विकास की प्रमुख अवस्थाएँ

अवस्थाआयु सीमा (लगभग)प्रमुख विशेषताएँ
शैशवावस्था (Infancy)जन्म से 2 वर्षसबसे तीव्र शारीरिक व संवेदी-गामक (sensorimotor) विकास; भाषा-पूर्व संप्रेषण; माता-पिता पर पूर्ण निर्भरता
पूर्व बाल्यावस्था (Early Childhood)2 से 6 वर्षभाषा व कल्पनाशक्ति में तेज़ी से विकास; खेल-आधारित सीखना; स्वयं-केंद्रित (egocentric) सोच; स्वतंत्रता की शुरुआत
उत्तर बाल्यावस्था (Later Childhood)6 से 12 वर्षतार्किक सोच का विकास; समवयस्क-समूह ('gang age') का प्रभाव बढ़ना; विद्यालयी उपलब्धि व कौशल केंद्र में
किशोरावस्था (Adolescence)12 से 18-19 वर्षयौवनारंभ (puberty) व तीव्र शारीरिक-हार्मोनल परिवर्तन; पहचान (identity) की खोज; संवेगात्मक उतार-चढ़ाव

आयु-सीमाएँ सामान्य विकासात्मक मनोविज्ञान के वर्गीकरण पर आधारित औसत हैं; अलग-अलग विद्वानों में ये सीमाएँ थोड़ी आगे-पीछे हो सकती हैं।

विकास के सामान्य सिद्धांत (Principles of Development)

सतत प्रक्रिया
विकास जन्म से मृत्यु तक बिना रुके चलता रहता है।
क्रमबद्ध व अनुमानित क्रम
हर बच्चा एक ही सामान्य क्रम में अवस्थाओं से गुजरता है, भले ही गति अलग हो।
दिशा का नियम
विकास सिरोमुखी (cephalocaudal — सिर से पैर की ओर) और निकट-दूरस्थ (proximodistal — शरीर के केंद्र से बाहर की ओर) दिशा में होता है।
वैयक्तिक भिन्नता
हर बच्चे के विकास की गति और शैली अलग होती है, इसलिए एक ही आयु के बच्चों में भी अंतर मिलता है।
अंतर्संबंधित पक्ष
शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक विकास एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।

किशोरावस्था: 'तूफान और तनाव' की अवस्था

मनोवैज्ञानिक जी. स्टैनली हॉल (G. Stanley Hall) ने किशोरावस्था को 'तूफान और तनाव' (Storm and Stress) की अवस्था कहा, क्योंकि इस दौरान तीव्र शारीरिक बदलावों के साथ भावनात्मक अस्थिरता, माता-पिता से टकराव और आत्म-पहचान से जुड़े सवाल बढ़ जाते हैं। REET की दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण नाम-आधारित तथ्य है, जो अक्सर सीधे प्रश्न के रूप में पूछा जाता है।

शिक्षक के लिए यह जानना क्यों ज़रूरी है

हर अवस्था में बच्चे की सोचने, सीखने और महसूस करने की क्षमता अलग होती है। यदि शिक्षक अवस्था के अनुरूप पढ़ाने की विधि नहीं अपनाता — जैसे पूर्व बाल्यावस्था के बच्चे को किशोरावस्था के बच्चे जैसा अमूर्त तर्क समझाना — तो सीखना कठिन व निराशाजनक हो जाता है। इसीलिए पाठ्यक्रम, गतिविधियाँ और मूल्यांकन का तरीका आयु व अवस्था को ध्यान में रखकर तय किया जाना चाहिए।

यह समझ शिक्षक को कक्षा-प्रबंधन में भी मदद करती है — जैसे उत्तर बाल्यावस्था में समूह-भावना का सकारात्मक उपयोग करना, या किशोरावस्था में विद्यार्थियों की स्वतंत्र सोच व पहचान-निर्माण को सम्मान देना। साथ ही, एक ही कक्षा में भी बच्चों के बीच वैयक्तिक भिन्नता होती है, इसलिए अवस्था-आधारित सामान्य समझ के साथ हर बच्चे की व्यक्तिगत गति को भी ध्यान में रखना ज़रूरी है।

पाठ्यक्रम की संरचना को देखते हुए इस टॉपिक की तैयारी में अवस्थाओं के नाम, उनका सही क्रम, अनुमानित आयु-सीमा और हर अवस्था की एक-दो प्रमुख विशेषता याद रखना सबसे उपयोगी रणनीति है, क्योंकि CDP के प्रश्न प्रायः सीधी परिभाषा व वर्गीकरण पर आधारित होते हैं।

कक्षा में इसका उपयोग

अवस्था / कक्षा स्तरशिक्षक के लिए व्यावहारिक बिंदु
पूर्व-प्राथमिक / कक्षा 1-2 (पूर्व बाल्यावस्था)खेल, कहानी और ठोस वस्तुओं के माध्यम से पढ़ाएँ; अमूर्त निर्देश देने से बचें क्योंकि सोच अभी स्वयं-केंद्रित है
कक्षा 3-5 (उत्तर बाल्यावस्था का प्रारंभ)समूह गतिविधियाँ व सहपाठी शिक्षण (peer learning) बढ़ाएँ; उपलब्धि व प्रशंसा से आत्मविश्वास मजबूत करें
कक्षा 6-8 (उत्तर बाल्यावस्था)तार्किक तर्क व वाद-विवाद को प्रोत्साहित करें; समूह-भावना ('gang age') का सकारात्मक उपयोग करें
कक्षा 9 व ऊपर (किशोरावस्था)संवेगात्मक उतार-चढ़ाव को समझें, दंड की जगह परामर्श अपनाएँ; पहचान व करियर संबंधी मार्गदर्शन दें; निजता व स्वतंत्र विचार का सम्मान करें

याद रखने की तरकीब

चार अवस्थाओं का क्रम याद रखने के लिए — 'श-पू-उ-कि' (शैशव → पूर्व बाल्य → उत्तर बाल्य → किशोर)। ध्यान रखें: 'शैशवावस्था' और 'बाल्यावस्था' अलग-अलग अवस्थाएँ हैं — प्रश्नों में अक्सर इन दोनों को मिलाकर भ्रामक विकल्प बनाए जाते हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

बाल विकास में 'शैशवावस्था' किस आयु सीमा तक मानी जाती है?

  1. Aजन्म से लगभग 2 वर्ष तक
  2. B2 से 6 वर्ष तक
  3. C6 से 12 वर्ष तक
  4. D12 से 18 वर्ष तक

व्याख्या

शैशवावस्था जन्म से लगभग 2 वर्ष की आयु तक मानी जाती है, जिसमें शारीरिक व संवेदी-गामक विकास सबसे तीव्र होता है।

प्रश्न 2

निम्नलिखित में से 'वृद्धि' (Growth) की सही विशेषता कौन-सी है?

  1. Aयह गुणात्मक परिवर्तन है
  2. Bयह मात्रात्मक व मापने योग्य परिवर्तन है, जो एक उम्र के बाद रुक जाता है
  3. Cइसमें संवेगात्मक परिवर्तन शामिल होते हैं
  4. Dयह जीवनपर्यन्त चलती रहती है

व्याख्या

वृद्धि केवल शरीर के आकार व भार में होने वाला मात्रात्मक परिवर्तन है, जो एक निश्चित आयु के बाद रुक जाता है; बाकी विशेषताएँ 'विकास' की हैं।

प्रश्न 3

किशोरावस्था की व्याख्या 'तूफान और तनाव' (Storm and Stress) की अवस्था के रूप में किसने की?

  1. Aइवान पावलव
  2. Bसिगमंड फ्रायड
  3. Cजी. स्टैनली हॉल
  4. Dजीन पियाजे

व्याख्या

जी. स्टैनली हॉल ने किशोरावस्था को तीव्र शारीरिक व संवेगात्मक बदलावों के कारण 'तूफान और तनाव' की अवस्था कहा।

प्रश्न 4

विकास के 'सिरोमुखी नियम' (Cephalocaudal Law) के अनुसार विकास किस दिशा में होता है?

  1. Aदाएँ से बाएँ हाथ की ओर
  2. Bपैर से सिर की ओर
  3. Cशरीर के बाहरी भाग से केंद्र की ओर
  4. Dसिर से पैर की ओर

व्याख्या

सिरोमुखी नियम के अनुसार विकास सिर की ओर से पहले शुरू होकर धीरे-धीरे पैरों की ओर बढ़ता है — जैसे शिशु पहले सिर पर नियंत्रण पाता है।

प्रश्न 5

'उत्तर बाल्यावस्था' में बच्चों में समवयस्क-समूह (peer group) के प्रति झुकाव बढ़ जाता है, इसे सामान्यतः क्या कहा जाता है?

  1. Aलेटेंसी स्टेज
  2. Bगैंग एज (Gang Age)
  3. Cक्रिटिकल एज
  4. Dप्री-ऑपरेशनल स्टेज

व्याख्या

उत्तर बाल्यावस्था (लगभग 6-12 वर्ष) में बच्चों में समूह में रहने व समवयस्कों से स्वीकृति पाने की तीव्र इच्छा होती है, इसे 'गैंग एज' कहा जाता है।

प्रश्न 6

एक शिक्षक कक्षा 1 के बच्चों को अमूर्त नियम रटाने के बजाय खिलौनों, कहानियों और ठोस वस्तुओं से पढ़ा रहा है। यह किस अवस्था की आवश्यकता के अनुरूप सबसे उपयुक्त है?

  1. Aपूर्व बाल्यावस्था
  2. Bशैशवावस्था
  3. Cकिशोरावस्था
  4. Dउत्तर बाल्यावस्था

व्याख्या

पूर्व बाल्यावस्था (लगभग 2-6 वर्ष) में बच्चों की सोच ठोस व कल्पनाशील होती है, इसलिए इस उम्र में ठोस वस्तुओं व खेल-आधारित शिक्षण सबसे प्रभावी होता है।

प्रश्न 7

किशोरावस्था के विद्यार्थियों के संवेगात्मक उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त तरीका क्या है?

  1. Aउन्हें छोटे बच्चों जैसा व्यवहार देना
  2. Bउनकी राय को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करना
  3. Cसख्त दंड देना
  4. Dसमझ व परामर्श (counselling) के साथ पेश आना

व्याख्या

किशोरावस्था में संवेगात्मक अस्थिरता स्वाभाविक होती है; दंड या उपेक्षा के बजाय समझ, संवाद व परामर्श से बेहतर परिणाम मिलते हैं।

प्रश्न 8

विकास के सामान्य सिद्धांतों में से कौन-सा कथन सही है?

  1. Aसभी बच्चों में विकास की गति बिल्कुल समान होती है
  2. Bविकास केवल शारीरिक पक्ष तक सीमित है
  3. Cशारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक व सामाजिक विकास परस्पर जुड़े होते हैं
  4. Dविकास एक निश्चित आयु के बाद पूरी तरह रुक जाता है

व्याख्या

विकास के सिद्धांतों में से एक यह है कि विकास के विभिन्न पक्ष — शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक व सामाजिक — एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और परस्पर प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 9

निम्न में से किस अवस्था में यौवनारंभ (puberty) होता है?

  1. Aकिशोरावस्था
  2. Bशैशवावस्था
  3. Cपूर्व बाल्यावस्था
  4. Dउत्तर बाल्यावस्था

व्याख्या

यौवनारंभ (puberty) व उससे जुड़े तीव्र शारीरिक-हार्मोनल परिवर्तन किशोरावस्था की शुरुआत में होते हैं।

प्रश्न 10

'वृद्धि विकास का एक भाग है, परंतु विकास वृद्धि तक सीमित नहीं है' — यह कथन किस बात को सबसे बेहतर स्पष्ट करता है?

  1. Aविकास केवल मात्रात्मक है
  2. Bविकास में शारीरिक वृद्धि के साथ मानसिक, सामाजिक व संवेगात्मक पक्ष भी शामिल हैं
  3. Cवृद्धि और विकास पूर्णतः समान अवधारणाएँ हैं
  4. Dवृद्धि विकास से अधिक व्यापक है

व्याख्या

यह कथन बताता है कि विकास एक व्यापक अवधारणा है जिसमें शारीरिक वृद्धि के अलावा मानसिक, सामाजिक व संवेगात्मक बदलाव भी शामिल हैं, जबकि वृद्धि केवल शारीरिक-मात्रात्मक पक्ष तक सीमित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकास की कुल कितनी प्रमुख अवस्थाएँ मानी जाती हैं?+

सामान्यतः चार प्रमुख अवस्थाएँ मानी जाती हैं — शैशवावस्था, पूर्व बाल्यावस्था, उत्तर बाल्यावस्था और किशोरावस्था; इसके आगे वयस्कावस्था व वृद्धावस्था को जोड़कर विकास को जीवनपर्यन्त और अधिक अवस्थाओं में भी बाँटा जाता है।

वृद्धि और विकास में मुख्य अंतर क्या है?+

वृद्धि केवल मात्रात्मक व शारीरिक परिवर्तन है जो एक उम्र के बाद रुक जाता है, जबकि विकास गुणात्मक भी है और जीवनभर चलता रहता है।

किशोरावस्था को 'तूफान और तनाव' किसने कहा?+

मनोवैज्ञानिक जी. स्टैनली हॉल (G. Stanley Hall) ने।

विकास सिरोमुखी दिशा में होता है, इसका क्या अर्थ है?+

विकास पहले सिर के भाग में और बाद में पैरों की ओर होता है — जैसे शिशु पहले सिर व गर्दन पर नियंत्रण पाता है, बाद में पैरों पर।

REET में इस टॉपिक से किस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं?+

मुख्यतः अवस्था-आयु मिलान, किसी अवस्था की विशेषता पहचानना और वृद्धि-विकास के अंतर पर आधारित तथ्यात्मक प्रश्न।

'गैंग एज' (Gang Age) किस अवस्था से जुड़ी है?+

उत्तर बाल्यावस्था से — इस उम्र में बच्चों में समवयस्क-समूह के साथ रहने व स्वीकृति पाने की तीव्र इच्छा होती है, और वे अक्सर अपने समूह के नियमों को माता-पिता या शिक्षक की बात से भी अधिक महत्व देने लगते हैं।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. Adolescent storm and stress, reconsidered – PubMed

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए