विधानसभा एवं संसद (Assembly & Parliament) — REET EVS नोट्स
यह पेज REET EVS के 'शासन व्यवस्था' खंड में आने वाले विधानसभा व संसद टॉपिक को कवर करता है — राजस्थान विधानसभा की संरचना और भारतीय संसद (लोकसभा-राज्यसभा) का ढाँचा। सीटों की संख्या व कार्यकाल जैसे तथ्य परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें सटीक याद रखें।
- REET 2024 में 0 प्रश्न
- कक्षा 1–5 स्तर
- 9 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में विधानसभा व संसद टॉपिक से सीधा कोई प्रश्न नहीं आया। सिलेबस में यह EVS के 'हमारा शासन व प्रशासन' खंड का हिस्सा है, जहाँ बच्चों को राज्य व केंद्र स्तर की विधायी संस्थाओं से बुनियादी परिचय कराया जाता है। परीक्षा में प्रायः सीटों की संख्या, सदनों के नाम व कार्यकाल जैसे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
राजस्थान विधानसभा
राजस्थान विधानसभा राज्य की विधायी संस्था है, जो एकसदनीय (Unicameral) है — यानी राजस्थान में केवल विधानसभा है, विधान परिषद (ऊपरी सदन) नहीं है। विधानसभा में कुल 200 सदस्य होते हैं, जो राज्य की जनता द्वारा सीधे चुने जाते हैं और इसका सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष होता है, जब तक समय से पहले भंग न हो जाए।
विधानसभा सदस्य (विधायक/MLA) बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष निर्धारित है। विधानसभा की बैठकों की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) करते हैं, जिन्हें सदन के सदस्य ही अपने में से चुनते हैं।
भारतीय संसद की संरचना
| सदन | विशेषता |
|---|---|
| लोकसभा (निचला सदन) | जनता द्वारा सीधे चुने गए सदस्य, कुल 543 सीटें, कार्यकाल 5 वर्ष, न्यूनतम आयु 25 वर्ष |
| राज्यसभा (ऊपरी सदन) | स्थायी सदन (कभी भंग नहीं होता), सदस्यों का चुनाव विधायकों द्वारा, कार्यकाल 6 वर्ष (हर 2 वर्ष में 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त), न्यूनतम आयु 30 वर्ष |
| राष्ट्रपति | संसद का अभिन्न अंग, बिना जिनकी स्वीकृति के कोई भी विधेयक कानून नहीं बनता |
भारतीय संसद द्विसदनीय (Bicameral) है — लोकसभा व राज्यसभा दोनों मिलकर संसद बनाते हैं।
राजस्थान से जुड़े महत्वपूर्ण आँकड़े
- राजस्थान विधानसभा सीटें
- 200
- राजस्थान से लोकसभा सीटें
- 25
- राजस्थान से राज्यसभा सीटें
- 10
- विधानसभा प्रकार
- एकसदनीय (केवल विधानसभा, कोई विधान परिषद नहीं)
- धन विधेयक (Money Bill)
- धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है, राज्यसभा में नहीं।
- विधानसभा अध्यक्ष
- विधानसभा सदन की बैठकों की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) करते हैं, जिन्हें विधायक अपने में से चुनते हैं।
विधानसभा व संसद का कार्य
विधानसभा राज्य सूची व समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बनाती है, बजट पारित करती है और राज्य सरकार के कामकाज की जवाबदेही तय करती है — मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होते हैं। इसी तरह संसद केंद्रीय सूची के विषयों पर कानून बनाती है, केंद्रीय बजट पारित करती है और प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद संसद (विशेषकर लोकसभा) के प्रति जवाबदेह होते हैं।
किसी भी विधेयक (Bill) को कानून बनने के लिए दोनों सदनों (जहाँ द्विसदनीय व्यवस्था हो) से पारित होना और अंत में राष्ट्रपति/राज्यपाल की स्वीकृति मिलना ज़रूरी है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि कोई भी कानून बिना पर्याप्त चर्चा व जाँच के पारित न हो। राजस्थान जैसे एकसदनीय राज्य में विधेयक केवल विधानसभा से पारित होकर सीधे राज्यपाल की स्वीकृति के लिए जाता है, जिससे प्रक्रिया द्विसदनीय राज्यों की तुलना में अपेक्षाकृत तेज़ होती है।
कक्षा में इसका उपयोग
प्राथमिक स्तर पर बच्चों को जटिल संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह बुनियादी समझ देना ज़रूरी है कि 'हमारे राज्य व देश के कानून कौन बनाता है' — विधायक व सांसद में क्या अंतर है, चुनाव क्यों होते हैं, और जनता का प्रतिनिधित्व कैसे होता है। इससे बच्चों में नागरिक शिक्षा (Civic Education) की नींव मज़बूत होती है।
यह भी समझाना उपयोगी है कि विधानसभा व संसद शासन के तीन स्तरों (ग्राम पंचायत, राज्य, केंद्र) में से दो ऊँचे स्तरों का प्रतिनिधित्व करती हैं, और तीनों स्तर मिलकर भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे को पूरा करते हैं। इससे बच्चे पंचायती राज व विधानसभा-संसद के बीच का तार्किक संबंध बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री व राष्ट्रपति की भूमिका
- राज्यपाल (Governor)
- राज्य का संवैधानिक प्रमुख, जो विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को स्वीकृति देता है और राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है।
- मुख्यमंत्री (Chief Minister)
- राज्य सरकार का वास्तविक कार्यकारी प्रमुख, जो विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल/गठबंधन का नेता होता है।
- राष्ट्रपति (President)
- देश का संवैधानिक प्रमुख व संसद का अभिन्न अंग, जिसकी स्वीकृति के बिना कोई भी विधेयक कानून नहीं बन सकता।
- प्रधानमंत्री (Prime Minister)
- केंद्र सरकार का वास्तविक कार्यकारी प्रमुख, जो लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल/गठबंधन का नेता होता है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
नकली चुनाव गतिविधि
कक्षा में 'मॉनिटर चुनाव' कराकर मतदान, उम्मीदवार व जीत की प्रक्रिया का अनुभव कराना, फिर इसे विधायक/सांसद के चुनाव से जोड़ना।
स्थानीय उदाहरण
अपने क्षेत्र के विधायक व सांसद का नाम पूछना और उनकी भूमिका पर सरल चर्चा करना विषय को व्यावहारिक बनाता है।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर विधायक (MLA) व सांसद (MP) को एक ही समझते हैं — शिक्षक को स्पष्ट करना चाहिए कि विधायक राज्य विधानसभा के लिए व सांसद संसद के लिए चुने जाते हैं।
आकलन
'लोकसभा व राज्यसभा में से कौन-सा सदन कभी भंग नहीं होता' जैसे सरल प्रश्न पूछना आकलन के लिए उपयुक्त है।
चार्ट गतिविधि
ग्राम पंचायत → विधानसभा → संसद का एक सीढ़ीनुमा चार्ट बनवाना बच्चों को शासन के तीन स्तरों का दृश्य क्रम याद रखने में मदद करता है।
याद रखने की ट्रिक
राजस्थान के आँकड़े याद रखें — '200-25-10' (विधानसभा-लोकसभा-राज्यसभा सीटें)। संख्या घटते क्रम में है, यही क्रम याद रखना आसान बनाता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
राजस्थान विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं?
- A150
- B180
- C200
- D230
व्याख्या
राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, जो राज्य की जनता द्वारा सीधे चुने गए विधायकों से भरी जाती हैं।
प्रश्न 2
राजस्थान से लोकसभा में कितनी सीटें हैं?
- A10
- B20
- C25
- D30
व्याख्या
राजस्थान से लोकसभा में कुल 25 सीटें हैं।
प्रश्न 3
राजस्थान से राज्यसभा में कितनी सीटें हैं?
- A5
- B10
- C15
- D25
व्याख्या
राजस्थान से राज्यसभा में कुल 10 सीटें हैं।
प्रश्न 4
राजस्थान विधानसभा किस प्रकार का सदन है?
- Aद्विसदनीय
- Bएकसदनीय
- Cत्रिसदनीय
- Dइनमें से कोई नहीं
व्याख्या
राजस्थान विधानसभा एकसदनीय है — राज्य में केवल विधानसभा है, विधान परिषद (ऊपरी सदन) नहीं है।
प्रश्न 5
भारतीय संसद के कौन-से सदन कभी पूरी तरह भंग नहीं होता?
- Aलोकसभा
- Bराज्यसभा
- Cविधानसभा
- Dविधान परिषद
व्याख्या
राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जो कभी भंग नहीं होता — हर 2 वर्ष में इसके 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
प्रश्न 6
विधानसभा सदस्य (MLA) बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी है?
- A18 वर्ष
- B21 वर्ष
- C25 वर्ष
- D30 वर्ष
व्याख्या
विधानसभा व लोकसभा दोनों के लिए उम्मीदवार बनने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष निर्धारित है।
प्रश्न 7
राज्यसभा सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी है?
- A25 वर्ष
- B30 वर्ष
- C35 वर्ष
- D21 वर्ष
व्याख्या
राज्यसभा सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष निर्धारित है, जो लोकसभा (25 वर्ष) से अधिक है।
प्रश्न 8
धन विधेयक (Money Bill) कहाँ सर्वप्रथम प्रस्तुत किया जा सकता है?
- Aराज्यसभा में
- Bलोकसभा में
- Cकिसी भी सदन में
- Dराष्ट्रपति के समक्ष सीधे
व्याख्या
धन विधेयक केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है, यह लोकसभा की विशेष शक्ति है।
प्रश्न 9
कक्षा में विधायक व सांसद के बीच अंतर समझाने का सबसे उपयुक्त तरीका क्या है?
- Aकेवल परिभाषा रटवाना
- Bस्थानीय विधायक व सांसद के नाम पूछकर उनकी भूमिका पर चर्चा करना
- Cविषय को छोड़ देना
- Dकेवल परीक्षा प्रश्न हल करवाना
व्याख्या
स्थानीय उदाहरणों से जोड़कर समझाना बच्चों को विधायक व सांसद के अंतर की व्यावहारिक समझ देता है।
प्रश्न 10
भारतीय संसद के कितने सदन हैं?
- Aएक
- Bदो — लोकसभा व राज्यसभा
- Cतीन
- Dचार
व्याख्या
भारतीय संसद द्विसदनीय है, जिसमें लोकसभा (निचला सदन) व राज्यसभा (ऊपरी सदन) शामिल हैं, राष्ट्रपति भी संसद का अभिन्न अंग है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में विधानसभा व संसद टॉपिक से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से सीधा प्रश्न नहीं आया, पर सीटों की संख्या व सदनों के नाम जैसे तथ्यात्मक प्रश्न भविष्य में आ सकते हैं।
राजस्थान विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं?+
राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, जो राज्य की जनता द्वारा सीधे चुने गए विधायकों से भरी जाती हैं।
राजस्थान से लोकसभा व राज्यसभा में कितनी सीटें हैं?+
राजस्थान से लोकसभा में 25 और राज्यसभा में 10 सीटें हैं।
क्या राजस्थान विधानसभा एकसदनीय है या द्विसदनीय?+
राजस्थान विधानसभा एकसदनीय है — यहाँ केवल विधानसभा है, विधान परिषद (ऊपरी सदन) नहीं है।
धन विधेयक कहाँ प्रस्तुत किया जा सकता है?+
धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है, राज्यसभा में नहीं — यह लोकसभा की विशेष शक्ति है।
राज्य का संवैधानिक प्रमुख कौन होता है?+
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, जबकि वास्तविक कार्यकारी शक्ति मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद के पास होती है।
राज्यसभा के कितने सदस्य हर 2 वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं?+
राज्यसभा के लगभग एक-तिहाई (1/3) सदस्य हर 2 वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं, जिससे सदन स्थायी बना रहता है और कभी पूरी तरह भंग नहीं होता।
राजस्थान विधानसभा में सदन की अध्यक्षता कौन करता है?+
विधानसभा अध्यक्ष (Speaker), जिन्हें सदन के सदस्य आपस में चुनते हैं, सदन की बैठकों की अध्यक्षता व कार्यवाही संचालित करते हैं।
राज्यसभा सदस्यों का चुनाव कैसे होता है?+
राज्यसभा सदस्यों का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं, बल्कि संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों (विधायकों) द्वारा किया जाता है।
संसद व विधानसभा में मुख्य अंतर क्या है?+
संसद केंद्र सरकार की विधायी संस्था है जो पूरे देश के लिए कानून बनाती है, जबकि विधानसभा राज्य सरकार की विधायी संस्था है जो उस राज्य के लिए कानून बनाती है।
किस राज्य में विधान परिषद (ऊपरी सदन) भी मौजूद है?+
कुछ बड़े राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक) में द्विसदनीय व्यवस्था है जहाँ विधानसभा के साथ विधान परिषद भी है, पर राजस्थान में केवल विधानसभा (एकसदनीय व्यवस्था) है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए