सहकारिता (Cooperatives) — REET EVS नोट्स
यह पेज REET EVS के 'सामाजिक संस्थाएँ' खंड में आने वाले सहकारिता टॉपिक को कवर करता है — सहकारी समिति के सिद्धांत, प्रकार और राजस्थान की सरस डेयरी जैसी प्रसिद्ध सहकारी संस्थाएँ। यह समझना ज़रूरी है क्योंकि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था व सामूहिक कार्य की सबसे व्यावहारिक मिसाल है।
- REET 2024 में 0 प्रश्न
- कक्षा 1–5 स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में सहकारिता टॉपिक से सीधा कोई प्रश्न नहीं आया। सिलेबस में यह EVS के 'हमारी सामाजिक संस्थाएँ' खंड का हिस्सा है, जहाँ बच्चों को सामूहिक प्रयास व साझा लाभ की अवधारणा समझाई जाती है। परीक्षा में प्रायः सहकारिता के सिद्धांत, प्रकार या राजस्थान की प्रसिद्ध सहकारी संस्थाओं से जुड़े प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
सहकारिता क्या है?
सहकारिता (Cooperation) एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें कुछ लोग स्वेच्छा से मिलकर एक समिति बनाते हैं ताकि साझा आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक ज़रूरतों को सामूहिक स्वामित्व व लोकतांत्रिक नियंत्रण वाले उद्यम के ज़रिए पूरा कर सकें। इसका मूल विचार यह है कि 'मिलकर काम करने' से व्यक्तिगत रूप से जो लाभ नहीं मिल सकता, वह सामूहिक प्रयास से संभव हो जाता है — जैसे छोटे किसान अकेले बड़ा बाज़ार नहीं बना सकते, पर सहकारी समिति बनाकर सामूहिक रूप से बेहतर कीमत पा सकते हैं।
सहकारी समितियाँ 'एक सदस्य, एक वोट' के सिद्धांत पर काम करती हैं — यानी किसी सदस्य के पास कितनी भी पूँजी हो, निर्णय में उसका मत बराबर ही गिना जाता है। यह विशेषता सहकारी समिति को कंपनी (जहाँ शेयर के अनुसार मत होता है) से अलग बनाती है।
सहकारी समितियों के प्रकार
| प्रकार | उद्देश्य / उदाहरण |
|---|---|
| साख सहकारी समिति (Credit) | किसानों व सदस्यों को कम ब्याज पर ऋण देना — जैसे प्राथमिक कृषि साख समिति (PACS) |
| उपभोक्ता सहकारी समिति (Consumer) | सदस्यों को उचित मूल्य पर रोज़मर्रा की वस्तुएँ उपलब्ध कराना |
| उत्पादक/विपणन सहकारी समिति (Marketing) | किसानों की उपज को संगठित रूप से बेचकर बेहतर मूल्य दिलाना |
| डेयरी सहकारी समिति | दूध इकट्ठा कर प्रसंस्करण व विपणन करना — जैसे राजस्थान की 'सरस' डेयरी |
| आवास सहकारी समिति (Housing) | सदस्यों को किफायती आवास दिलाने में सहायता करना |
REET में प्रायः किसी उदाहरण को सही प्रकार से मिलाने वाला प्रश्न पूछा जा सकता है।
राजस्थान में सहकारिता
- सरस डेयरी (RCDF)
- राजस्थान सहकारी डेयरी संघ (Rajasthan Co-operative Dairy Federation) राज्यभर की दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से दूध एकत्र कर 'सरस' ब्रांड के तहत बेचता है — यह अमूल (गुजरात) जैसे राष्ट्रीय सहकारी डेयरी मॉडल पर आधारित है।
- प्राथमिक कृषि साख समिति (PACS)
- गाँव स्तर पर किसानों को खेती के लिए अल्पकालिक ऋण देने वाली सबसे निचली इकाई, जो सहकारी साख ढाँचे की बुनियाद है।
- राजस्थान राज्य सहकारी बैंक
- राज्य में सहकारी साख ढाँचे का शीर्ष (apex) बैंक, जो ज़िला सहकारी बैंकों व PACS को जोड़ता है।
- इफको/कृभको (राष्ट्रीय स्तर)
- उर्वरक उत्पादन व वितरण की राष्ट्रीय सहकारी संस्थाएँ, जो राजस्थान सहित पूरे देश के किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराती हैं।
- क्रय-विक्रय सहकारी समितियाँ
- ब्लॉक व तहसील स्तर पर किसानों को बीज, खाद व कृषि यंत्र उपलब्ध कराने तथा उपज बेचने में मदद करने वाली समितियाँ राज्यभर में सक्रिय हैं।
सहकारिता के लाभ
सहकारी समितियाँ छोटे व सीमांत किसानों तथा निम्न आय वर्ग के लोगों को बड़े बाज़ार, बैंकिंग व तकनीक तक पहुँच दिलाती हैं, जो अकेले व्यक्तिगत रूप से संभव नहीं होता। इससे बिचौलियों (middlemen) की भूमिका कम होती है और उत्पादक व उपभोक्ता दोनों को उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ती है। भारत में 'सहकार से समृद्धि' का विचार सहकारिता आंदोलन का मूल आधार रहा है।
सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को भी आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है — जैसे स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) जो छोटी बचत व ऋण की सहकारी भावना पर काम करते हैं और महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सहकारिता के मूल सिद्धांत
- स्वैच्छिक व खुली सदस्यता
- कोई भी योग्य व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के स्वेच्छा से सदस्य बन या समिति छोड़ सकता है।
- लोकतांत्रिक सदस्य नियंत्रण
- 'एक सदस्य, एक वोट' — निर्णय पूँजी नहीं बल्कि सदस्यता के आधार पर लिए जाते हैं।
- सदस्यों की आर्थिक भागीदारी
- सदस्य समिति की पूँजी में योगदान देते हैं और लाभ (Surplus) उनके उपयोग/योगदान के अनुपात में बँटता है, न कि निवेश के अनुपात में।
- स्वायत्तता व स्वतंत्रता
- सहकारी समिति सरकार या बाहरी संस्थाओं के हस्तक्षेप से मुक्त, स्वशासित इकाई होती है।
- शिक्षा, प्रशिक्षण व सूचना
- सदस्यों व जनता को सहकारिता के लाभों की जानकारी व प्रशिक्षण देना समिति का दायित्व माना जाता है।
- सहकारी समितियों में सहयोग
- स्थानीय, राज्य व राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियाँ आपस में मिलकर एक-दूसरे को मज़बूत करती हैं।
- समुदाय के प्रति सरोकार
- सहकारी समिति केवल सदस्यों तक सीमित न रहकर अपने समुदाय के सतत विकास के लिए भी कार्य करती है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
सामूहिक गतिविधि
कक्षा में एक छोटा 'सहकारी खेल' खेलना — जैसे समूह में मिलकर सीमित संसाधनों से कोई काम पूरा करना — बच्चों को सहकारिता की भावना अनुभव से समझाता है।
स्थानीय उदाहरण
यदि गाँव में कोई डेयरी सहकारी समिति या साख समिति हो, तो उसकी कार्यप्रणाली पर चर्चा कराना विषय को वास्तविक जीवन से जोड़ता है।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर सहकारी समिति व निजी कंपनी को एक समझते हैं — शिक्षक को 'एक सदस्य, एक वोट' का सिद्धांत स्पष्ट कर यह अंतर समझाना चाहिए।
आकलन
'सरस डेयरी का दूध किसान से आपके घर तक कैसे पहुँचता है' जैसी यात्रा बनवाना सीख को व्यावहारिक व मूर्त बनाता है।
याद रखने की ट्रिक
सहकारिता का मूल सिद्धांत याद रखने के लिए याद करें — 'एक सदस्य, एक वोट, बराबर हिस्सेदारी' — पूँजी नहीं, सदस्यता निर्णय का आधार है; यही बात इसे कंपनी से अलग करने वाला सबसे अधिक पूछा जाने वाला बिंदु है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
सहकारी समिति में निर्णय किस सिद्धांत पर लिए जाते हैं?
- Aअधिक पूँजी वाले का अधिक मत
- Bएक सदस्य, एक वोट
- Cकेवल अध्यक्ष का निर्णय अंतिम
- Dसरकार का निर्णय अंतिम
व्याख्या
सहकारी समिति में 'एक सदस्य, एक वोट' का सिद्धांत लागू होता है, चाहे सदस्य का आर्थिक योगदान कितना भी हो।
प्रश्न 2
राजस्थान की प्रसिद्ध डेयरी सहकारी संस्था 'सरस' का संचालन कौन करता है?
- Aराजस्थान सहकारी डेयरी संघ (RCDF)
- Bराजस्थान राज्य सहकारी बैंक
- Cइफको
- Dराजस्थान कृषि विभाग
व्याख्या
राजस्थान सहकारी डेयरी संघ (RCDF) राज्यभर की दुग्ध सहकारी समितियों से दूध एकत्र कर 'सरस' ब्रांड के तहत बेचता है।
प्रश्न 3
PACS किस स्तर पर काम करने वाली सहकारी संस्था है?
- Aराष्ट्रीय स्तर
- Bराज्य स्तर
- Cगाँव स्तर
- Dज़िला स्तर
व्याख्या
प्राथमिक कृषि साख समिति (PACS) गाँव स्तर पर काम करने वाली सहकारी साख ढाँचे की सबसे निचली व बुनियादी इकाई है।
प्रश्न 4
सहकारी समिति व निजी कंपनी में मुख्य अंतर क्या है?
- Aकंपनी में मत हिस्सेदारी अनुसार, सहकारी में हर सदस्य का मत बराबर
- Bदोनों में कोई अंतर नहीं
- Cसहकारी समिति में केवल सरकार सदस्य बन सकती है
- Dकंपनी में सदस्यता स्वैच्छिक नहीं होती
व्याख्या
यही सबसे बड़ा अंतर है — सहकारी समिति में पूँजी नहीं बल्कि सदस्यता निर्णय का आधार होती है।
प्रश्न 5
किसानों की उपज को संगठित रूप से बेचकर बेहतर मूल्य दिलाने वाली सहकारी समिति कौन-सी है?
- Aसाख सहकारी समिति
- Bउत्पादक/विपणन सहकारी समिति
- Cउपभोक्ता सहकारी समिति
- Dआवास सहकारी समिति
व्याख्या
उत्पादक/विपणन सहकारी समिति किसानों की उपज को संगठित रूप से बेचकर बिचौलियों को कम करती है और बेहतर मूल्य दिलाती है।
प्रश्न 6
सहकारिता आंदोलन में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की मुख्य भूमिका क्या है?
- Aछोटी बचत व ऋण के ज़रिए आर्थिक सशक्तिकरण
- Bकेवल सरकारी नौकरी दिलाना
- Cकेवल शिक्षा प्रदान करना
- Dकेवल मनोरंजन गतिविधियाँ
व्याख्या
स्वयं सहायता समूह छोटी बचत व सहकारी ऋण के ज़रिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में भागीदार बनाते हैं।
प्रश्न 7
राजस्थान में सहकारी साख ढाँचे का शीर्ष (apex) बैंक कौन-सा है?
- Aराजस्थान राज्य सहकारी बैंक
- Bभारतीय रिज़र्व बैंक
- Cनाबार्ड
- Dस्टेट बैंक ऑफ इंडिया
व्याख्या
राजस्थान राज्य सहकारी बैंक राज्य के सहकारी साख ढाँचे का शीर्ष बैंक है, जो ज़िला सहकारी बैंकों व PACS को जोड़ता है।
प्रश्न 8
कक्षा में सहकारिता की भावना सिखाने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि कौन-सी है?
- Aकेवल परिभाषा रटवाना
- Bसमूह में मिलकर सीमित संसाधनों से कोई कार्य पूरा करवाना
- Cप्रतिस्पर्धा आधारित खेल कराना
- Dविषय को छोड़ देना
व्याख्या
सामूहिक गतिविधि बच्चों को सहकारिता की भावना अनुभव से समझाती है, न कि केवल परिभाषा याद करने से।
प्रश्न 9
सहकारी समिति में सदस्यता किस प्रकार की होती है?
- Aअनिवार्य
- Bस्वैच्छिक व खुली
- Cकेवल वंशानुगत
- Dकेवल सरकारी अधिकारियों के लिए
व्याख्या
सहकारी समिति की सदस्यता स्वैच्छिक व सभी योग्य व्यक्तियों के लिए खुली होती है, यह इसके मूल सिद्धांतों में से एक है।
प्रश्न 10
दूध इकट्ठा कर प्रसंस्करण व विपणन करने वाली सहकारी समिति को क्या कहते हैं?
- Aसाख सहकारी समिति
- Bडेयरी सहकारी समिति
- Cआवास सहकारी समिति
- Dउपभोक्ता सहकारी समिति
व्याख्या
डेयरी सहकारी समिति दूध इकट्ठा कर प्रसंस्करण व विपणन करती है, जैसे राजस्थान की सरस डेयरी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में सहकारिता टॉपिक से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से सीधा प्रश्न नहीं आया, पर सिलेबस में शामिल होने से सिद्धांत व उदाहरण आधारित 1 प्रश्न किसी भी वर्ष आ सकता है।
राजस्थान की डेयरी सहकारी संस्था का नाम क्या है?+
राजस्थान सहकारी डेयरी संघ (RCDF), जो 'सरस' ब्रांड के तहत दूध व दुग्ध उत्पाद बेचता है।
PACS का पूरा नाम क्या है?+
प्राथमिक कृषि साख समिति (Primary Agricultural Credit Society) — गाँव स्तर पर किसानों को अल्पकालिक ऋण देने वाली सबसे निचली सहकारी इकाई।
सहकारी समिति में निर्णय किस आधार पर होता है?+
'एक सदस्य, एक वोट' के सिद्धांत पर — पूँजी की मात्रा नहीं, बल्कि हर सदस्य का मत बराबर गिना जाता है।
सहकारी समिति व निजी कंपनी में मुख्य अंतर क्या है?+
कंपनी में मत शेयर (हिस्सेदारी) के अनुपात में होता है, जबकि सहकारी समिति में हर सदस्य का मत बराबर होता है, चाहे उसका योगदान कितना भी हो।
सहकारी समिति में लाभ (Surplus) कैसे बाँटा जाता है?+
लाभ सदस्यों के निवेश के अनुपात में नहीं, बल्कि समिति के साथ उनके उपयोग/लेन-देन के अनुपात में बाँटा जाता है — यह सहकारिता के मूल सिद्धांतों में से एक है।
भारत में सहकारिता आंदोलन का मूल उद्देश्य क्या है?+
छोटे किसानों, कारीगरों व निम्न आय वर्ग को सामूहिक शक्ति के ज़रिए बेहतर बाज़ार, ऋण व मूल्य तक पहुँच दिलाना, ताकि बिचौलियों पर निर्भरता कम हो।
राजस्थान राज्य सहकारी बैंक की भूमिका क्या है?+
यह राज्य के सहकारी साख ढाँचे का शीर्ष बैंक है, जो ज़िला सहकारी बैंकों व गाँव स्तर की PACS को आपस में जोड़कर पूरे राज्य में सहकारी ऋण प्रवाह सुनिश्चित करता है।
इफको व कृभको किस प्रकार की सहकारी संस्थाएँ हैं?+
ये उर्वरक उत्पादन व वितरण की राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाएँ हैं, जो राजस्थान सहित पूरे देश के किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराती हैं।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए