संतुलित आहार (Balanced Diet) — REET EVS नोट्स
यह पेज संतुलित आहार, पोषक तत्वों (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज) और उनकी कमी से होने वाले रोगों को कवर करता है, साथ ही मध्याह्न भोजन जैसी विद्यालय-स्तरीय पोषण योजनाओं को भी शामिल करता है। REET EVS में विटामिन-खनिज व उनकी कमी से जुड़े रोगों का सुमेलन (matching) एक बार-बार पूछा जाने वाला पैटर्न है।
- REET 2024 में 1 प्रश्न
- कक्षा 1–5 स्तर
- 6 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में पूछा गया था कि विटामिन-D की कमी से कौन-सा रोग होता है — सही उत्तर रिकेट्स था, जबकि रतौंधी (विटामिन A), बेरी-बेरी (विटामिन B1) और स्कर्वी (विटामिन C) को भ्रामक विकल्पों के रूप में दिया गया था। यह दर्शाता है कि REET में 'विटामिन/खनिज ↔ कमी से होने वाला रोग' के सटीक जोड़े याद रखना सबसे ज़रूरी रणनीति है।
भोजन के तीन कार्यात्मक समूह
प्राथमिक कक्षाओं की EVS पाठ्यपुस्तकों में भोजन को उसके शरीर में कार्य के आधार पर तीन सरल समूहों में बाँटकर समझाया जाता है — शक्तिवर्धक भोजन (energy-giving, जैसे अनाज, घी-तेल), शरीर-निर्माणकारी भोजन (body-building, जैसे दाल, दूध, अंडा) और रक्षक भोजन (protective, जैसे फल व सब्जियाँ)। यह वर्गीकरण छोटे बच्चों के लिए पोषक तत्वों के जटिल नामों से पहले भोजन को 'काम' के आधार पर समझने का सरल तरीका है।
एक संतुलित थाली में इन तीनों समूहों का भोजन शामिल होना चाहिए — जैसे रोटी/चावल (शक्तिवर्धक) के साथ दाल (निर्माणकारी) और सब्ज़ी/फल (रक्षक)। यही सरल सिद्धांत आगे चलकर कार्बोहाइड्रेट-प्रोटीन-विटामिन जैसे वैज्ञानिक वर्गीकरण की नींव बनता है।
प्रमुख पोषक तत्व एवं उनके स्रोत
| पोषक तत्व | मुख्य कार्य | प्रमुख स्रोत |
|---|---|---|
| कार्बोहाइड्रेट | शरीर को ऊर्जा प्रदान करना | गेहूँ, चावल, आलू, मक्का |
| प्रोटीन | शरीर की वृद्धि व मरम्मत (शरीर-निर्माता) | दाल, दूध, अंडा, मांस, सोयाबीन |
| वसा (फैट) | ऊर्जा का संचित स्रोत, कोशिका झिल्ली निर्माण | घी, तेल, मक्खन, मेवे |
| विटामिन व खनिज | शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता व नियामक कार्य (रक्षक तत्व) | फल, सब्जियाँ, दूध |
| जल व रेशा (Fibre) | जल परिवहन व तापमान नियमन; रेशा पाचन क्रिया को सुचारु रखता है | पानी; साबुत अनाज, फल-सब्जियों के छिलके |
संतुलित आहार वह है जिसमें उपरोक्त सभी पोषक तत्व सही अनुपात में शामिल हों, ताकि शरीर की वृद्धि, ऊर्जा व रोग-प्रतिरोधक क्षमता तीनों बनी रहें।
विटामिन की कमी से होने वाले प्रमुख रोग
| विटामिन | कमी से रोग | प्रमुख स्रोत |
|---|---|---|
| विटामिन A | रतौंधी (Night Blindness) | गाजर, पपीता, हरी पत्तेदार सब्जियाँ |
| विटामिन B1 (थायमिन) | बेरी-बेरी | साबुत अनाज, दालें |
| विटामिन C | स्कर्वी | नींबू, आँवला, संतरा |
| विटामिन D | रिकेट्स (बच्चों में) / ऑस्टियोमलेशिया (वयस्कों में) | सूर्य का प्रकाश, दूध, अंडे की जर्दी |
| विटामिन K | रक्त का थक्का न जमना (रक्तस्राव संबंधी समस्या) | हरी पत्तेदार सब्जियाँ |
| विटामिन B12 | प्राणघातक रक्ताल्पता (Pernicious Anemia), स्नायु संबंधी समस्याएँ | मांस, अंडा, दूध, मछली |
REET में इस तालिका के जोड़े सबसे अधिक पूछे जाते हैं — हर विटामिन को उसकी कमी से होने वाले एक रोग से जोड़कर याद रखें।
प्रमुख खनिज लवण व उनकी कमी से रोग
| खनिज | कमी से रोग/समस्या | प्रमुख स्रोत |
|---|---|---|
| आयरन (लौह तत्व) | एनीमिया (खून की कमी) | हरी पत्तेदार सब्जियाँ, गुड़, अनार |
| कैल्शियम | हड्डियाँ व दाँत कमजोर होना | दूध, दही, पनीर |
| आयोडीन | घेंघा रोग (गॉइटर), थायरॉइड संबंधी समस्याएँ | आयोडीन-युक्त नमक, समुद्री भोजन |
| जिंक (जस्ता) | वृद्धि में रुकावट, रोग-प्रतिरोधक क्षमता में कमी | मांस, दाल, मेवे, साबुत अनाज |
ध्यान दें: फ्लोराइड की अधिकता (कमी नहीं) से 'फ्लोरोसिस' नामक रोग होता है, जो हड्डियों व दाँतों को नुकसान पहुँचाता है — राजस्थान के कई जिलों के भूजल में फ्लोराइड की अधिकता एक जानी-मानी समस्या है, इसलिए यह EVS में राज्य-विशिष्ट दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
कुपोषण — अल्पपोषण व अतिपोषण
कुपोषण (Malnutrition) का अर्थ केवल कम भोजन मिलना नहीं, बल्कि आहार में पोषक तत्वों का असंतुलन है — यह अल्पपोषण (undernutrition) व अतिपोषण (overnutrition) दोनों रूपों में हो सकता है। प्रोटीन की गंभीर कमी से बच्चों में क्वाशियोरकर (सूजन व पेट फूलना) और ऊर्जा व प्रोटीन दोनों की कमी से मैरास्मस (अत्यधिक दुबलापन) जैसे रोग होते हैं।
दूसरी ओर, आवश्यकता से अधिक वसा व शर्करा युक्त भोजन से मोटापा (obesity) होता है, जो आजकल बच्चों में भी बढ़ती समस्या है। इसलिए संतुलित आहार का अर्थ केवल 'पर्याप्त भोजन' नहीं, बल्कि 'सही मात्रा व अनुपात में सही पोषक तत्व' है।
पोषण की स्थिति मापने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) दो प्रमुख संकेतक उपयोग करता है — स्टंटिंग (stunting, आयु के अनुसार कम ऊँचाई, जो दीर्घकालिक/पुराने कुपोषण को दर्शाता है) व वेस्टिंग (wasting, ऊँचाई के अनुसार कम वज़न, जो तीव्र/हाल के कुपोषण को दर्शाता है)। ये दोनों शब्द बाल-विकास व पोषण से जुड़े सर्वेक्षणों में बार-बार उपयोग होते हैं, इसलिए इनका अंतर स्पष्ट रूप से समझना REET जैसी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
विद्यालय पोषण योजनाएँ (शिक्षक के लिए प्रासंगिक)
भारत सरकार की मध्याह्न भोजन योजना को वर्ष 2021 में 'पीएम पोषण' (PM POSHAN) नाम दिया गया, जिसका उद्देश्य सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराकर नामांकन, उपस्थिति व सीखने के स्तर को बेहतर बनाना है। REET उत्तीर्ण कर शिक्षक बनने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह योजना सीधे प्रासंगिक है, क्योंकि विद्यालय में इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अक्सर शिक्षकों पर होती है। मध्याह्न भोजन योजना की शुरुआत वर्ष 1995 में 'प्राथमिक शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पोषण सहायता कार्यक्रम' (National Programme of Nutritional Support to Primary Education, NP-NSPE) के नाम से हुई थी, जिसे बाद में 2021 में पीएम पोषण नाम दिया गया।
इसके अतिरिक्त, 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों व गर्भवती-धात्री महिलाओं के पोषण हेतु एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत आंगनवाड़ी केंद्र काम करते हैं, जो EVS की 'शुरुआती वर्षों में पोषण' की अवधारणा से भी जुड़ा है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
'खाद्य थाली' (food plate) गतिविधि करवाएँ, जिसमें बच्चे कागज़ की थाली पर अनाज, दाल, सब्जी, फल व दूध के चित्र चिपकाकर एक दिन का संतुलित भोजन तैयार करें।
शिक्षण सामग्री
स्थानीय व सस्ते खाद्य पदार्थों (जैसे बाजरा, चना, मौसमी सब्ज़ियाँ) के उदाहरण दें, ताकि बच्चे समझें कि संतुलित आहार महँगा होना ज़रूरी नहीं।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर मानते हैं कि 'ज़्यादा खाना' ही स्वस्थ रहने का तरीका है। शिक्षक को समझाना चाहिए कि मात्रा नहीं, बल्कि पोषक तत्वों का सही संतुलन ज़रूरी है।
मूल्यांकन विचार
बच्चों से पिछले दिन खाए गए भोजन की सूची बनवाकर पूछें कि उसमें कौन-कौन से पोषक तत्व शामिल थे — यह आत्म-अवलोकन (self-reflection) आधारित सरल मूल्यांकन है।
समूह चर्चा
मध्याह्न भोजन (PM POSHAN) में परोसे जाने वाले भोजन में शक्तिवर्धक, निर्माणकारी व रक्षक — तीनों समूह के भोजन खोजने की गतिविधि करवाएँ, जिससे कक्षा में पढ़ाया गया सिद्धांत रोज़मर्रा के अनुभव से जुड़ जाए।
याद रखने की ट्रिक
विटामिन याद रखने की आसान ट्रिक — 'A रतौंधी, B1 बेरी-बेरी, C स्कर्वी, D रिकेट्स, K रक्तस्राव'। ध्यान दें कि विटामिन का अक्षर (A, B, C, D, K) और उसकी कमी से रोग का पहला संबंध बार-बार दोहराने से यह क्रम स्थायी रूप से याद हो जाता है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 147
विटामिन – D की कमी से होने वाला रोग है
- Aरतौंधी
- Bबेरी-बेरी
- Cस्कर्वी
- Dरिकेट्स
व्याख्या
विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स (Rickets) रोग होता है, जिसमें हड्डियाँ कमजोर और टेढ़ी हो जाती हैं। रतौंधी विटामिन A की, बेरी-बेरी विटामिन B1 (थायमिन) की और स्कर्वी विटामिन C की कमी से होती है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
विटामिन A की कमी से कौन-सा रोग होता है?
- Aरिकेट्स
- Bरतौंधी
- Cस्कर्वी
- Dबेरी-बेरी
व्याख्या
विटामिन A की कमी से रतौंधी (Night Blindness) होती है, जिसमें कम रोशनी में देखने में कठिनाई होती है।
प्रश्न 2
शरीर की वृद्धि व मरम्मत के लिए मुख्य रूप से कौन-सा पोषक तत्व ज़िम्मेदार है?
- Aकार्बोहाइड्रेट
- Bवसा
- Cप्रोटीन
- Dजल
व्याख्या
प्रोटीन को 'शरीर-निर्माता पोषक तत्व' कहा जाता है क्योंकि यह शरीर की वृद्धि व कोशिकाओं की मरम्मत में मुख्य भूमिका निभाता है।
प्रश्न 3
स्कर्वी रोग किस विटामिन की कमी से होता है?
- Aविटामिन A
- Bविटामिन B1
- Cविटामिन C
- Dविटामिन D
व्याख्या
विटामिन C की कमी से स्कर्वी रोग होता है, जिसके प्रमुख स्रोत नींबू, आँवला व संतरा हैं।
प्रश्न 4
प्रोटीन की गंभीर कमी से बच्चों में होने वाला रोग कौन-सा है?
- Aमैरास्मस
- Bक्वाशियोरकर
- Cरिकेट्स
- Dबेरी-बेरी
व्याख्या
क्वाशियोरकर प्रोटीन की गंभीर कमी से होने वाला कुपोषण रोग है, जिसमें शरीर में सूजन व पेट फूलना जैसे लक्षण दिखते हैं।
प्रश्न 5
शरीर को सबसे तेज़ ऊर्जा कौन-सा पोषक तत्व प्रदान करता है?
- Aकार्बोहाइड्रेट
- Bप्रोटीन
- Cविटामिन
- Dखनिज लवण
व्याख्या
कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत व मुख्य ऊर्जा प्रदान करने वाला पोषक तत्व है, जो गेहूँ, चावल जैसे अनाजों से मिलता है।
प्रश्न 6
विटामिन K की कमी से मुख्यतः क्या समस्या होती है?
- Aरतौंधी
- Bरक्त का थक्का न जमना
- Cहड्डियाँ कमजोर होना
- Dमसूड़ों से खून आना केवल
व्याख्या
विटामिन K रक्त के थक्का जमने (blood clotting) की प्रक्रिया में सहायक होता है; इसकी कमी से रक्तस्राव संबंधी समस्याएँ होती हैं।
प्रश्न 7
संतुलित आहार की सबसे उपयुक्त परिभाषा क्या है?
- Aजितना ज़्यादा खाना उतना बेहतर
- Bसभी आवश्यक पोषक तत्वों का सही अनुपात में सेवन
- Cकेवल प्रोटीन युक्त भोजन
- Dकेवल फल व सब्जियाँ खाना
व्याख्या
संतुलित आहार वह है जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन व खनिज सही अनुपात में शामिल हों, न कि केवल मात्रा अधिक हो।
प्रश्न 8
कक्षा 2 के बच्चों को संतुलित आहार सिखाने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि कौन-सी है?
- Aपोषक तत्वों की रासायनिक संरचना पढ़ाना
- Bकागज़ की थाली पर खाद्य पदार्थों के चित्र चिपकाकर 'खाद्य थाली' बनवाना
- Cकेवल किताब से परिभाषा पढ़वाना
- Dपरीक्षा में निबंध लिखवाना
व्याख्या
छोटी कक्षाओं में मूर्त (concrete) व दृश्य गतिविधियाँ अमूर्त वैज्ञानिक अवधारणाओं से अधिक प्रभावी होती हैं।
प्रश्न 9
यदि कोई बच्चा मानता है कि 'ज़्यादा खाना ही सेहत के लिए अच्छा है', तो शिक्षक को क्या समझाना चाहिए?
- Aयह बिल्कुल सही सोच है
- Bमात्रा नहीं बल्कि पोषक तत्वों का सही संतुलन ज़रूरी है
- Cबच्चे को कुछ न बताना
- Dकेवल मीठा खाने की सलाह देना
व्याख्या
अत्यधिक भोजन, विशेषकर वसा व शर्करा युक्त, मोटापे जैसी समस्या पैदा कर सकता है — इसलिए मात्रा से अधिक महत्वपूर्ण है पोषक तत्वों का संतुलन।
प्रश्न 10
निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन सूर्य के प्रकाश से भी प्राप्त होता है?
- Aविटामिन C
- Bविटामिन D
- Cविटामिन B1
- Dविटामिन K
व्याख्या
त्वचा सूर्य की पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आने पर शरीर में विटामिन D का निर्माण करती है, इसलिए इसे 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संतुलित आहार में कौन-कौन से पोषक तत्व शामिल होने चाहिए?+
संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज व पर्याप्त जल — सभी सही अनुपात में शामिल होने चाहिए।
विटामिन D की कमी से कौन-सा रोग होता है?+
विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स (हड्डियाँ कमजोर व टेढ़ी होना) और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया होता है।
क्वाशियोरकर व मैरास्मस में क्या अंतर है?+
क्वाशियोरकर प्रोटीन की गंभीर कमी से होता है (शरीर में सूजन व पेट फूलना), जबकि मैरास्मस ऊर्जा व प्रोटीन दोनों की गंभीर कमी से होता है (अत्यधिक दुबलापन)।
प्रोटीन के प्रमुख स्रोत क्या हैं?+
दाल, दूध, अंडा, मांस व सोयाबीन प्रोटीन के प्रमुख स्रोत हैं। प्रोटीन को 'शरीर-निर्माता पोषक तत्व' भी कहा जाता है।
PM POSHAN योजना क्या है?+
PM POSHAN (पहले मध्याह्न भोजन योजना) सरकारी विद्यालयों में बच्चों को पोषणयुक्त भोजन देने वाली केंद्रीय योजना है, जिसका नाम 2021 में बदला गया; इसका उद्देश्य नामांकन, उपस्थिति व सीखने का स्तर बेहतर बनाना है।
आयोडीन की कमी से कौन-सा रोग होता है?+
आयोडीन की कमी से घेंघा (गॉइटर) रोग होता है, जो थायरॉइड ग्रंथि से जुड़ी समस्या है। आयोडीन-युक्त नमक इसकी रोकथाम का सरल उपाय है।
स्टंटिंग (Stunting) व वेस्टिंग (Wasting) में क्या अंतर है?+
स्टंटिंग आयु के अनुसार कम ऊँचाई की स्थिति है, जो दीर्घकालिक कुपोषण दर्शाती है, जबकि वेस्टिंग ऊँचाई के अनुसार कम वज़न की स्थिति है, जो हाल के तीव्र कुपोषण को दर्शाती है — दोनों बच्चों के पोषण स्तर मापने के मानक संकेतक हैं।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए