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REET L1 · पर्यावरण अध्ययन (EVS)

राजस्थान की प्रमुख विभूतियाँ

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REET Level 1 EVS की 'हमारा राजस्थान' इकाई में राज्य की उन विभूतियों को पढ़ाया जाता है जिन्होंने इतिहास, समाज-सुधार या स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया। यह पेज शासकों, योद्धाओं और समाज-सुधारकों को उनके प्रमुख कार्यों सहित परीक्षा-अनुकूल रूप में प्रस्तुत करता है।

  • REET 2024 में इस टॉपिक से कोई प्रश्न नहीं आया
  • कक्षा 1–5 स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: राजस्थान राज्य पुरालेख विभाग / गजेटियर

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 की उत्तर कुंजी में इस टॉपिक से सीधा प्रश्न दर्ज नहीं है। BSER के EVS सिलेबस में 'राजस्थान की प्रमुख विभूतियाँ' स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध विषय है, और परीक्षा में सामान्यतः 'किस विभूति ने क्या कार्य किया', 'किस शासक ने कौन-सा स्मारक बनवाया' जैसे नाम-कार्य मिलान प्रश्न पूछे जाने की संभावना रहती है।

शासक व योद्धा

नामपहचान
महाराणा प्रतापमेवाड़ के शासक; 1576 के हल्दीघाटी युद्ध व अपने घोड़े 'चेतक' के लिए स्मरणीय, मुगल अधीनता स्वीकार नहीं की
महाराणा कुंभामेवाड़ शासक; कुम्भलगढ़ दुर्ग व चित्तौड़गढ़ के विजय स्तंभ के निर्माता, संगीत व स्थापत्य के ज्ञाता
पृथ्वीराज चौहानअजमेर-दिल्ली के अंतिम हिंदू शासकों में से एक; 1192 के तराइन के द्वितीय युद्ध में मुहम्मद गौरी से पराजित
राणा सांगामेवाड़ शासक; अनेक युद्धों के घावों के बावजूद वीरता के लिए प्रसिद्ध, 1527 में खानवा के युद्ध में बाबर से सामना हुआ

समाज-सुधारक व स्वतंत्रता सेनानी

नामपहचान
गोविंद गुरुभील समुदाय के समाज-सुधारक; 'सम्प सभा' की स्थापना की, मानगढ़ पहाड़ी आंदोलन के नेतृत्वकर्ता
विजय सिंह पथिककिसान आंदोलन के नेता; बिजोलिया किसान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई
जमनालाल बजाजसीकर क्षेत्र में जन्मे गांधीवादी उद्योगपति व समाजसेवी, महात्मा गांधी के 'पाँचवें पुत्र' कहलाए
भोगीलाल पांड्यावागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर) में आदिवासी व किसान हितों के लिए कार्यरत समाज-सुधारक, 'वागड़ के गांधी' कहलाए

महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी

महाराणा प्रताप को मेवाड़ की स्वाभिमान-गाथा का प्रतीक माना जाता है। 1576 में हल्दीघाटी (राजसमंद ज़िला) के युद्ध में उनकी सेना का सामना मुगल सेनापति मानसिंह के नेतृत्व वाली विशाल सेना से हुआ। युद्ध निर्णायक रूप से किसी पक्ष के पूर्ण नियंत्रण में नहीं गया, पर महाराणा प्रताप ने आगे भी मुगल अधीनता स्वीकार नहीं की और गुरिल्ला रणनीति से संघर्ष जारी रखा। उनका घोड़ा 'चेतक' स्वामिभक्ति का प्रतीक माना जाता है।

महाराणा कुंभा भी मेवाड़ के एक प्रभावशाली शासक थे, जिन्होंने कुम्भलगढ़ दुर्ग बनवाया और चित्तौड़गढ़ में विजय स्तंभ का निर्माण करवाया। वे संगीत व साहित्य के भी ज्ञाता थे और उन्होंने 'संगीत राज' जैसे ग्रंथों की रचना की।

गोविंद गुरु और आदिवासी जागरण

गोविंद गुरु ने बांसवाड़ा-डूंगरपुर क्षेत्र के भील समुदाय में शिक्षा, नशा-मुक्ति और सामाजिक सुधार के लिए 'सम्प सभा' की स्थापना की। 1913 में मानगढ़ पहाड़ी (बांसवाड़ा) पर एकत्रित हज़ारों आदिवासियों पर ब्रिटिश सेना की गोलीबारी में अनेक लोगों की जान गई — इस घटना को अक्सर 'आदिवासियों का जलियांवाला बाग़' कहा जाता है।

विजय सिंह पथिक ने बिजोलिया (भीलवाड़ा) में किसानों पर लगाए गए अनुचित करों के विरुद्ध आंदोलन चलाया, जो राजस्थान के प्रारंभिक किसान आंदोलनों में गिना जाता है। ये सभी विभूतियाँ बच्चों को यह समझाने में सहायक हैं कि उनका राज्य केवल किलों-महलों का नहीं, बल्कि संघर्ष व सुधार की गाथाओं का भी इतिहास रखता है।

स्वतंत्रता संग्राम में प्रजा मंडल आंदोलन

आज़ादी के आंदोलन के दौरान राजस्थान की तत्कालीन रियासतों में उत्तरदायी शासन (जनता के प्रति जवाबदेह सरकार) की माँग को लेकर 'प्रजा मंडल' नामक संगठन बने, जो अलग-अलग रियासतों (जयपुर, मेवाड़, मारवाड़ आदि) में स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहे। मेवाड़ प्रजा मंडल के नेतृत्व में माणिक्य लाल वर्मा जैसे नेताओं ने उत्तरदायी शासन व सामाजिक सुधार के लिए संघर्ष किया।

प्रजा मंडल आंदोलन इस बात का उदाहरण है कि राजस्थान की रियासतों में स्वतंत्रता संग्राम केवल ब्रिटिश शासन के विरुद्ध नहीं, बल्कि स्थानीय राजतंत्र में जवाबदेही व सुधार लाने के लिए भी चला — यह बच्चों को स्वतंत्रता आंदोलन की जटिलता व विविधता समझाने के लिए उपयोगी प्रसंग है।

साहित्य व लोक-कला से जुड़ी विभूतियाँ

राजस्थान की पहचान केवल शासकों व सुधारकों तक सीमित नहीं, बल्कि साहित्य व लोक-कला में भी राज्य ने अनेक विभूतियाँ दी हैं। विजयदान देथा (जिन्हें प्रेम से 'बिज्जी' कहा जाता था) राजस्थानी लोक-कथाओं के संग्रहकर्ता व लेखक के रूप में प्रसिद्ध हुए; उनकी अनेक कहानियाँ आगे चलकर हिंदी फिल्मों व नाटकों का आधार भी बनीं, और उन्हें साहित्य अकादमी सम्मान व पद्मश्री जैसे राष्ट्रीय सम्मान मिले।

अल्लाह जिलाई बाई राजस्थानी लोक-संगीत की एक प्रसिद्ध गायिका रहीं, जिन्हें उनके योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया — उन्हें अक्सर राजस्थानी लोक-संगीत की एक अग्रणी आवाज़ के रूप में याद किया जाता है। ऐसी विभूतियाँ बच्चों को यह समझाने में सहायक हैं कि राज्य की पहचान युद्धों व राजनीति से आगे, संगीत व कहानियों में भी बसी है।

आधुनिक विभूतियाँ व लोक-गाथाएँ

स्वतंत्र भारत में राजस्थान से निकले भैरों सिंह शेखावत राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और बाद में भारत के उपराष्ट्रपति (2002–2007) भी बने — वे राजस्थान की आधुनिक राजनीतिक विभूतियों में गिने जाते हैं। EVS में आधुनिक विभूतियों का उल्लेख बच्चों को यह समझाने के लिए उपयोगी है कि उनके राज्य का योगदान केवल इतिहास तक सीमित नहीं, आज भी जारी है।

रानी पद्मिनी (पद्मावती) की गाथा चित्तौड़गढ़ के जौहर से जुड़ी है और यह राजस्थान की लोक-स्मृति में वीरता व स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में बहुत प्रचलित है। इतिहासकार इसे मुख्यतः मलिक मुहम्मद जायसी के 16वीं सदी के काव्य 'पद्मावत' पर आधारित जनश्रुति (लोक-गाथा) मानते हैं, इसलिए EVS पढ़ाते समय इसे 'ऐतिहासिक तथ्य' के बजाय 'प्रचलित लोक-कथा' के रूप में प्रस्तुत करना अधिक उचित रहता है।

यह अंतर समझाना — कि कौन-सी बात प्रमाणित इतिहास है और कौन-सी लोक-परंपरा — बच्चों में तथ्य व कथा के बीच का भेद समझने की आलोचनात्मक सोच (critical thinking) विकसित करता है, जो उच्च कक्षाओं में सामाजिक अध्ययन की नींव भी बनता है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

'वीर गाथा' शैली में कहानी सुनाना — महाराणा प्रताप व चेतक की कहानी बच्चों को नैतिक मूल्यों (साहस, स्वाभिमान) से जोड़ती है।

शिक्षण सामग्री

चित्र-कार्ड (फ्लैशकार्ड) पर विभूति का चित्र व एक पंक्ति का कार्य लिखकर मिलान खेल कराएँ।

सामान्य भ्रांति

बच्चे प्रायः महाराणा प्रताप व राणा सांगा या गोविंद गुरु व विजय सिंह पथिक के कार्यों को आपस में मिला देते हैं — तुलनात्मक तालिका बनवाकर स्पष्टता लाएँ।

मूल्यांकन विचार

समूह चर्चा या रोल-प्ले (एक बच्चा विभूति बनकर अपना परिचय दे) — यह गैर-लिखित, सहभागी मूल्यांकन का अच्छा तरीका है।

याद रखने की ट्रिक

'प्रताप-चेतक', 'कुंभा-कुम्भलगढ़', 'गोविंद गुरु-मानगढ़', 'पथिक-बिजोलिया' — नाम को उसके सबसे प्रसिद्ध स्थान/घटना से जोड़ी बनाकर याद करें, अलग-अलग रटने से भ्रम कम होता है। और याद रखें — भैरों सिंह शेखावत राजस्थान से जुड़े एकमात्र भारत के उपराष्ट्रपति रहे हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

हल्दीघाटी का युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?

  1. A1527
  2. B1576
  3. C1192
  4. D1615

व्याख्या

हल्दीघाटी का युद्ध 1576 में महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच हुआ था।

प्रश्न 2

महाराणा प्रताप के प्रिय घोड़े का नाम क्या था?

  1. Aबाँकी
  2. Bचेतक
  3. Cमोतीलाल
  4. Dतूफान

व्याख्या

चेतक महाराणा प्रताप का प्रसिद्ध घोड़ा था, जो स्वामिभक्ति के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।

प्रश्न 3

कुम्भलगढ़ दुर्ग व चित्तौड़गढ़ के विजय स्तंभ का निर्माण किस शासक ने करवाया?

  1. Aराणा सांगा
  2. Bमहाराणा कुंभा
  3. Cपृथ्वीराज चौहान
  4. Dराव जोधा

व्याख्या

महाराणा कुंभा ने कुम्भलगढ़ दुर्ग तथा चित्तौड़गढ़ में विजय स्तंभ का निर्माण करवाया था।

प्रश्न 4

गोविंद गुरु द्वारा स्थापित संगठन का नाम क्या था?

  1. Aसम्प सभा
  2. Bआर्य समाज
  3. Cकिसान सभा
  4. Dप्रजा मंडल

व्याख्या

गोविंद गुरु ने भील समुदाय में शिक्षा व सुधार के लिए 'सम्प सभा' की स्थापना की थी।

प्रश्न 5

1192 के तराइन के द्वितीय युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को किसने पराजित किया?

  1. Aबाबर
  2. Bमुहम्मद गौरी
  3. Cअकबर
  4. Dमहमूद गज़नवी

व्याख्या

1192 में तराइन के द्वितीय युद्ध में मुहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को पराजित किया था।

प्रश्न 6

विजय सिंह पथिक किस आंदोलन से मुख्यतः जुड़े थे?

  1. Aभरतपुर किसान आंदोलन
  2. Bबिजोलिया किसान आंदोलन
  3. Cमानगढ़ आंदोलन
  4. Dचरण-पादुका आंदोलन

व्याख्या

विजय सिंह पथिक ने भीलवाड़ा के बिजोलिया क्षेत्र में अनुचित करों के विरुद्ध किसान आंदोलन का नेतृत्व किया।

प्रश्न 7

कक्षा 4 में 'राजस्थान की विभूतियाँ' पढ़ाते समय सबसे उपयुक्त मूल्यांकन गतिविधि कौन-सी होगी?

  1. Aकेवल जन्म-मृत्यु तिथि रटवाना
  2. Bरोल-प्ले द्वारा विभूति का परिचय दिलवाना
  3. Cकठिन निबंध लिखवाना
  4. Dकेवल बहुविकल्पीय प्रश्न हल करवाना

व्याख्या

रोल-प्ले जैसी सहभागी गतिविधि प्राथमिक स्तर पर समझ व रुचि दोनों बढ़ाती है, जबकि रटना गहरी समझ नहीं देता।

प्रश्न 8

मानगढ़ पहाड़ी घटना (1913) किस ज़िले में हुई थी?

  1. Aउदयपुर
  2. Bबांसवाड़ा
  3. Cडूंगरपुर
  4. Dचित्तौड़गढ़

व्याख्या

गोविंद गुरु के नेतृत्व में एकत्रित आदिवासियों पर ब्रिटिश सेना की गोलीबारी की घटना बांसवाड़ा की मानगढ़ पहाड़ी पर हुई थी।

प्रश्न 9

जमनालाल बजाज किसके 'पाँचवें पुत्र' के रूप में जाने जाते थे?

  1. Aमहाराणा प्रताप
  2. Bमहात्मा गांधी
  3. Cगोविंद गुरु
  4. Dपृथ्वीराज चौहान

व्याख्या

गांधीवादी उद्योगपति व समाजसेवी जमनालाल बजाज को महात्मा गांधी अपना 'पाँचवाँ पुत्र' मानते थे।

प्रश्न 10

राणा सांगा का सामना 1527 के खानवा युद्ध में किससे हुआ था?

  1. Aबाबर
  2. Bहुमायूँ
  3. Cअकबर
  4. Dशेरशाह सूरी

व्याख्या

1527 में खानवा के युद्ध में मेवाड़ शासक राणा सांगा का सामना मुगल शासक बाबर से हुआ था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ था?+

1576 ई. में महाराणा प्रताप और मुगल सेनापति मानसिंह के नेतृत्व वाली सेना के बीच हल्दीघाटी (राजसमंद) में हुआ था।

गोविंद गुरु किस समुदाय से जुड़े समाज-सुधारक थे?+

वे भील समुदाय के बीच सक्रिय समाज-सुधारक थे और उन्होंने 'सम्प सभा' की स्थापना कर शिक्षा व नशा-मुक्ति का प्रसार किया।

कुम्भलगढ़ दुर्ग का निर्माण किसने करवाया?+

मेवाड़ के शासक महाराणा कुंभा ने कुम्भलगढ़ दुर्ग का निर्माण करवाया था।

मानगढ़ हत्याकांड कब और कहाँ हुआ?+

1913 में बांसवाड़ा की मानगढ़ पहाड़ी पर, जब ब्रिटिश सेना ने गोविंद गुरु के नेतृत्व में एकत्रित आदिवासियों पर गोलियाँ चलाईं।

भैरों सिंह शेखावत किस पद पर पहुँचने वाली राजस्थान की प्रमुख विभूति थे?+

वे राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रहने के बाद भारत के उपराष्ट्रपति (2002–2007) पद तक पहुँचे थे।

मेवाड़ प्रजा मंडल का नेतृत्व किसने किया था?+

मेवाड़ प्रजा मंडल का नेतृत्व माणिक्य लाल वर्मा ने किया था, जिन्होंने उत्तरदायी शासन व सामाजिक सुधार के लिए संघर्ष किया।

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आधिकारिक स्रोत

  1. राजस्थान राज्य पुरालेख विभाग / गजेटियर
  2. राजस्थान सामान्य ज्ञान संदर्भ

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए