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REET L1 · पर्यावरण अध्ययन (EVS)

आवास (हमारे घर)

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आवास (घर) EVS का वह टॉपिक है जो बच्चों को यह समझाता है कि जलवायु, उपलब्ध सामग्री व क्षेत्र के अनुसार घरों की बनावट कैसे बदलती है। यह पेज पक्का-कच्चा घर, क्षेत्रीय विविधता और राजस्थान के परंपरागत घरों की विशेषताओं को परीक्षा-केंद्रित ढंग से समेटता है।

  • REET 2024 में इस टॉपिक से कोई प्रश्न नहीं आया
  • कक्षा 1–5 स्तर
  • 8 मिनट पढ़ें

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 की उत्तर कुंजी में 'आवास' से सीधा प्रश्न दर्ज नहीं है। BSER के EVS सिलेबस में यह टॉपिक शामिल है, और सामान्यतः 'किस क्षेत्र में किस प्रकार के घर बनते हैं', 'पक्का व कच्चा घर में अंतर' या राजस्थान के परंपरागत घरों की विशेषताओं से जुड़े प्रश्न पूछे जाने की संभावना रहती है।

पक्का घर बनाम कच्चा घर

पक्का घर

निर्माण सामग्रीईंट, सीमेंट, कंक्रीट, लोहा

स्थायित्वलंबे समय तक टिकाऊ

लागतअधिक लागत

उदाहरण क्षेत्रशहरी क्षेत्र

कच्चा घर

निर्माण सामग्रीमिट्टी, घास-फूस, बाँस, लकड़ी

स्थायित्वमौसम व वर्षा से जल्दी प्रभावित

लागतकम लागत, स्थानीय सामग्री से निर्मित

उदाहरण क्षेत्रग्रामीण व मरुस्थलीय क्षेत्र

दोनों प्रकार के घरों का चुनाव मुख्यतः जलवायु, उपलब्ध सामग्री व आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है।

जलवायु व क्षेत्र के अनुसार घरों की बनावट

भारत के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में घरों की बनावट स्थानीय जलवायु के अनुसार होती है। पहाड़ी क्षेत्रों में ढलवाँ छतों वाले लकड़ी के घर बनाए जाते हैं ताकि बर्फ/वर्षा का पानी आसानी से बह जाए। तटीय क्षेत्रों में हवादार व ऊँचे घर बनाए जाते हैं, जबकि मरुस्थलीय राजस्थान में मोटी मिट्टी की दीवारों व छोटी खिड़कियों वाले घर बनते हैं, जो भीतर के तापमान को गर्मी में ठंडा व सर्दी में गर्म बनाए रखने में सहायक होते हैं।

यह अवधारणा बच्चों को समझाती है कि मनुष्य ने हमेशा अपने प्राकृतिक परिवेश के अनुसार खुद को ढाला है — EVS की यह मूल भावना है कि 'मनुष्य व पर्यावरण एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं'।

राजस्थान की परंपरागत स्थापत्य विशेषताएँ

राजस्थान के परंपरागत घरों व हवेलियों में झरोखा (बाहर झाँकने के लिए सुसज्जित खिड़की), छतरी (छोटा गुंबदाकार ढाँचा) व आँगन (खुला मध्य-भाग) जैसे स्थापत्य तत्व पाए जाते हैं, जो हवा के आवागमन व प्राकृतिक शीतलन में सहायक होते हैं। मरुस्थलीय क्षेत्रों में 'ढाणी' शैली की बस्तियाँ भी देखी जाती हैं, जहाँ कुछ घरों का समूह एक साथ बसता है।

आधुनिक समय में भारत सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पक्के घर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित आवास मिल सके।

घर के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ

एक सुरक्षित व स्वस्थ घर के लिए केवल छत व दीवार ही पर्याप्त नहीं — पेयजल की उपलब्धता, शौचालय, बिजली व उचित वायु-संचार जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी उतनी ही आवश्यक हैं। इन्हीं सुविधाओं की उपलब्धता के आधार पर किसी क्षेत्र के जीवन-स्तर का आकलन किया जाता है, इसलिए EVS में 'घर' का टॉपिक केवल बनावट तक सीमित न रहकर 'बुनियादी सुविधाओं तक पहुँच' के विचार से भी जुड़ता है।

ग्रामीण भारत में विद्युतीकरण व नल-जल योजनाओं के विस्तार से पिछले कुछ वर्षों में घरों की बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों के जीवन-स्तर में भी सुधार देखा गया है।

आपदा-रोधी आवास

घर बनाते समय क्षेत्र-विशेष की प्राकृतिक आपदाओं को भी ध्यान में रखा जाता है — भूकंप-संभावित क्षेत्रों में हल्के व लचीले ढाँचे (जैसे लकड़ी-आधारित निर्माण) अधिक सुरक्षित माने जाते हैं, जबकि बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में घरों को ज़मीन से ऊँचा बनाया जाता है। यह दर्शाता है कि 'अच्छा घर' केवल सुंदर नहीं, बल्कि क्षेत्र की चुनौतियों के अनुरूप सुरक्षित भी होना चाहिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 'PMAY-ग्रामीण' व शहरी क्षेत्रों के लिए 'PMAY-शहरी' — दो भागों में बाँटा गया है, ताकि दोनों क्षेत्रों की अलग-अलग आवास-आवश्यकताओं व निर्माण-चुनौतियों के अनुसार सहायता दी जा सके।

आवास का समय के साथ विकास

मानव आवास हमेशा से आज जैसा नहीं था — प्रारंभिक मनुष्य गुफाओं में रहते थे, फिर धीरे-धीरे पत्तों-टहनियों से झोंपड़ी बनाना सीखा, उसके बाद मिट्टी व पत्थर से स्थायी घर बनने लगे, और आज ईंट-सीमेंट के पक्के व बहुमंज़िला भवन आम हैं। यह क्रमिक विकास दिखाता है कि मनुष्य ने अपनी सुरक्षा, मौसम से बचाव व स्थायित्व की आवश्यकता के अनुसार निरंतर नई तकनीकें अपनाई हैं।

घर के भीतर स्वच्छता व हवादार वातावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना बाहरी बनावट — पर्याप्त धूप व हवा का आना-जाना घर को स्वस्थ बनाए रखता है, जबकि बंद व अंधेरे घरों में नमी व कीटाणु पनपने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए परंपरागत राजस्थानी घरों में आँगन व झरोखों का डिज़ाइन केवल सौंदर्य के लिए नहीं, बल्कि प्राकृतिक हवा-प्रकाश व स्वच्छता बनाए रखने के व्यावहारिक उद्देश्य से भी किया जाता था।

भारत के विभिन्न क्षेत्रों के घर

क्षेत्रघर की विशेषताकारण
राजस्थान (मरुस्थलीय)मोटी मिट्टी की दीवारें, छोटी खिड़कियाँ, सपाट छततेज़ गर्मी को अंदर आने से रोकना
पहाड़ी क्षेत्र (हिमाचल, उत्तराखंड)ढलवाँ लकड़ी/टिन की छतबर्फ व वर्षा का पानी आसानी से बहाना
तटीय क्षेत्र (केरल, गोवा)ऊँचे, हवादार घर व ढलवाँ खपरैल छतअधिक वर्षा व नमी से बचाव
पूर्वोत्तर भारत (असम)बाँस के खंभों पर बने ऊँचे (स्टिल्ट) घरबाढ़ व नम ज़मीन से सुरक्षा

घर की बनावट हमेशा स्थानीय जलवायु व उपलब्ध सामग्री के अनुसार बदलती है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

बच्चों से अपने घर का चित्र बनाकर छत, दीवार व खिड़की की सामग्री बताने को कहें — यह अवलोकन व अभिव्यक्ति दोनों कौशल विकसित करता है।

शिक्षण सामग्री

अलग-अलग क्षेत्रों (पहाड़ी, मरुस्थलीय, तटीय) के घरों के चित्र दिखाकर तुलना कराएँ।

सामान्य भ्रांति

बच्चे अक्सर मानते हैं कि 'कच्चा घर' कमज़ोर या बुरा होता है — समझाएँ कि यह स्थानीय सामग्री व जलवायु के अनुसार एक उपयुक्त विकल्प भी हो सकता है।

मूल्यांकन विचार

चित्र दिखाकर 'यह घर किस क्षेत्र का हो सकता है और क्यों' पूछना — तर्क-आधारित मौखिक मूल्यांकन का अच्छा उदाहरण।

याद रखने की ट्रिक

'मोटी दीवार, छोटी खिड़की = मरुस्थल' और 'ढलवाँ छत = पहाड़ी क्षेत्र' — घर की बनावट को हमेशा जलवायु से जोड़कर याद रखें, यह हर बार सही उत्तर तक पहुँचाता है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

पक्का घर मुख्यतः किन सामग्रियों से बनाया जाता है?

  1. Aमिट्टी व घास-फूस
  2. Bईंट, सीमेंट व कंक्रीट
  3. Cबाँस व लकड़ी
  4. Dपत्तों व टहनियों

व्याख्या

पक्का घर ईंट, सीमेंट, कंक्रीट व लोहे जैसी स्थायी सामग्रियों से बनाया जाता है, जो लंबे समय तक टिकाऊ होता है।

प्रश्न 2

पहाड़ी क्षेत्रों में घरों की छतें प्रायः किस प्रकार की होती हैं?

  1. Aबिल्कुल सपाट
  2. Bढलवाँ (तिरछी)
  3. Cगोल गुंबदाकार
  4. Dछत नहीं होती

व्याख्या

पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ व वर्षा के पानी को आसानी से बहा देने के लिए ढलवाँ छतें बनाई जाती हैं।

प्रश्न 3

राजस्थान के मरुस्थलीय घरों में मोटी दीवारें बनाने का मुख्य कारण क्या है?

  1. Aसजावट के लिए
  2. Bबाहरी गर्मी को अंदर आने से रोकने के लिए
  3. Cअधिक जगह घेरने के लिए
  4. Dवर्षा से बचाव के लिए

व्याख्या

मोटी दीवारें तेज़ धूप व गर्मी को घर के भीतर आने से रोककर तापमान को संतुलित रखने में सहायक होती हैं।

प्रश्न 4

राजस्थानी स्थापत्य में 'झरोखा' क्या है?

  1. Aएक प्रकार का दरवाज़ा
  2. Bबाहर झाँकने के लिए सुसज्जित उभरी खिड़की
  3. Cएक प्रकार की छत
  4. Dएक भूमिगत जलाशय

व्याख्या

झरोखा एक सुसज्जित, बाहर की ओर उभरी खिड़की जैसा ढाँचा है, जो राजस्थानी हवेलियों व महलों में आम है।

प्रश्न 5

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का मुख्य लक्ष्य क्या है?

  1. Aनए स्कूल बनवाना
  2. Bज़रूरतमंद परिवारों को किफायती पक्के घर देना
  3. Cनई सड़कें बनवाना
  4. Dबिजली सब्सिडी देना

व्याख्या

प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के ज़रूरतमंद परिवारों को किफायती व सुरक्षित पक्के घर उपलब्ध कराना है।

प्रश्न 6

कच्चा घर मुख्यतः किन क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलता है?

  1. Aबड़े महानगरों में
  2. Bग्रामीण व मरुस्थलीय क्षेत्रों में
  3. Cकेवल तटीय शहरों में
  4. Dकेवल पहाड़ी शहरों में

व्याख्या

कम लागत व स्थानीय सामग्री की उपलब्धता के कारण कच्चे घर मुख्यतः ग्रामीण व मरुस्थलीय क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलते हैं।

प्रश्न 7

कक्षा 3 में 'घर' का टॉपिक पढ़ाते समय शिक्षक को बच्चों से सबसे पहले क्या पूछना चाहिए?

  1. Aकच्चे घर की परिभाषा रटवाना
  2. Bउनके अपने घर की सामग्री व बनावट के बारे में बताने को कहना
  3. Cकठिन स्थापत्य शब्दावली सिखाना
  4. Dकोई प्रश्न न पूछना

व्याख्या

बच्चों के अपने अनुभव (उनका घर) से शुरुआत करना EVS की 'ज्ञात से अज्ञात की ओर' शिक्षण-विधि का मूल सिद्धांत है।

प्रश्न 8

मरुस्थलीय क्षेत्र में कुछ घरों के समूह से बनी बस्ती को क्या कहा जाता है?

  1. Aढाणी
  2. Bहवेली
  3. Cगढ़
  4. Dकोठी

व्याख्या

राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में कुछ घरों के छोटे समूह से बनी बस्ती को 'ढाणी' कहा जाता है।

प्रश्न 9

घर की बनावट क्षेत्र के अनुसार बदलने का मुख्य कारण क्या है?

  1. Aस्थानीय जलवायु व उपलब्ध सामग्री
  2. Bसरकार का आदेश
  3. Cघर के मालिक का रंग-पसंद
  4. Dइनमें से कोई नहीं

व्याख्या

घर की बनावट मुख्यतः उस क्षेत्र की जलवायु और वहाँ आसानी से उपलब्ध निर्माण-सामग्री के अनुसार तय होती है।

प्रश्न 10

राजस्थानी हवेलियों व घरों में 'आँगन' का मुख्य उपयोग क्या है?

  1. Aगाड़ी खड़ी करने के लिए
  2. Bखुले मध्य-भाग के रूप में हवा-प्रकाश व पारिवारिक गतिविधियों के लिए
  3. Cकेवल सजावट के लिए
  4. Dपानी जमा करने के लिए

व्याख्या

आँगन घर का खुला मध्य-भाग होता है, जो प्राकृतिक हवा-प्रकाश की आवाजाही व पारिवारिक/सामाजिक गतिविधियों दोनों में सहायक होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहाड़ी क्षेत्रों में घरों की छत ढलवाँ (तिरछी) क्यों बनाई जाती है?+

ताकि बर्फ या वर्षा का पानी छत पर न रुककर आसानी से नीचे बह जाए और छत को नुकसान न पहुँचे।

राजस्थान के मरुस्थलीय घरों की दीवारें मोटी व खिड़कियाँ छोटी क्यों होती हैं?+

मोटी दीवारें व छोटी खिड़कियाँ बाहर की तेज़ गर्मी को भीतर आने से रोकती हैं और घर के अंदर का तापमान संतुलित रखती हैं।

झरोखा किसे कहते हैं?+

झरोखा राजस्थानी स्थापत्य का एक सुसज्जित, बाहर की ओर उभरा खिड़की जैसा ढाँचा है, जहाँ से बाहर झाँका जा सकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?+

प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के ज़रूरतमंद परिवारों को किफायती व सुरक्षित पक्के घर उपलब्ध कराना है।

पूर्वोत्तर भारत (जैसे असम) में घर बाँस के खंभों पर ऊँचे (स्टिल्ट) क्यों बनाए जाते हैं?+

इन क्षेत्रों में अधिक वर्षा व बाढ़ की आशंका रहती है, इसलिए घरों को ज़मीन से ऊँचा बनाकर पानी व नमी से बचाया जाता है।

PMAY-ग्रामीण व PMAY-शहरी में क्या अंतर है?+

PMAY-ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों के लिए और PMAY-शहरी शहरी क्षेत्रों के परिवारों के लिए है — दोनों की आवास-आवश्यकताएँ व निर्माण-चुनौतियाँ अलग होने के कारण योजना को दो भागों में बाँटा गया है।

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आधिकारिक स्रोत

  1. प्रधानमंत्री आवास योजना, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय
  2. राजस्थान राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए