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REET Level 1 · पर्यावरण अध्ययन (EVS)

सामाजिक बुराइयाँ (Social Evils) — REET EVS नोट्स

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यह पेज REET EVS के 'सामाजिक अध्ययन' खंड की सामाजिक बुराइयों — दहेज प्रथा, बाल विवाह, छुआछूत, सती प्रथा और कन्या भ्रूण हत्या — को कानून व कारण सहित कवर करता है। भावी शिक्षक के रूप में यह समझना ज़रूरी है क्योंकि कक्षा में भी इन मुद्दों पर बच्चों से संवाद करना पड़ता है।

  • REET 2024 में 0 प्रश्न
  • कक्षा 1–5 स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Consumer/Social legislation — India Code (Government of India)

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के पेपर में सामाजिक बुराइयों से सीधा कोई प्रश्न नहीं आया — यह ईमानदारी से बता देना ज़रूरी है ताकि आप ग़लत अंदाज़ा न लगाएँ। लेकिन REET सिलेबस में EVS के 'हम और हमारा परिवेश / सामाजिक अध्ययन' खंड में सामाजिक बुराइयों का ज़िक्र स्पष्ट रूप से है, और गत वर्षों के अन्य पेपरों (पटवारी, RAS, राजस्थान पुलिस) में इससे जुड़े कानून व वर्ष अक्सर पूछे जाते रहे हैं। इसलिए इस टॉपिक को सिलेबस के अनुसार तैयार करें — मुख्यतः किस बुराई के लिए कौन-सा कानून बना, इस पर ध्यान दें।

सामाजिक बुराई क्या है?

समाज में प्रचलित वे प्रथाएँ, रीति-रिवाज़ या व्यवहार जो किसी व्यक्ति या वर्ग को शारीरिक, मानसिक या आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाते हैं और समानता व मानवीय गरिमा के विरुद्ध हैं, सामाजिक बुराई कहलाते हैं। ये प्रथाएँ प्रायः परंपरा, अंधविश्वास, अशिक्षा और लैंगिक भेदभाव से जन्म लेती हैं और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती रहती हैं जब तक कि जागरूकता, शिक्षा और कानून मिलकर इन्हें रोकने का प्रयास न करें।

भारतीय संविधान समानता (अनुच्छेद 14), अस्पृश्यता का अंत (अनुच्छेद 17) और बाल-शोषण के विरुद्ध सुरक्षा (अनुच्छेद 23-24) जैसे प्रावधानों के ज़रिए सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने की दिशा तय करता है। इसी आधार पर समय-समय पर विशेष कानून बनाए गए हैं, जिनके नाम और वर्ष REET व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।

प्रमुख सामाजिक बुराइयाँ और संबंधित कानून

सामाजिक बुराईसंबंधित मुख्य कानून
दहेज प्रथादहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961
बाल विवाहबाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 (पहले बाल विवाह अवरोध अधिनियम, 1929)
छुआछूत / अस्पृश्यतानागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 (मूल नाम: अस्पृश्यता अपराध अधिनियम, 1955; 1976 में संशोधित)
सती प्रथासती निवारण (आयोग) अधिनियम, 1987 (केंद्रीय), तथा राजस्थान सती निवारण अधिनियम, 1987
कन्या भ्रूण हत्या / लिंग जाँचगर्भधारण-पूर्व एवं प्रसव-पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम, 1994
बंधुआ मजदूरीबंधुआ श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम, 1976
अनुसूचित जाति/जनजाति पर अत्याचारअनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989

REET व अन्य राजस्थान परीक्षाओं में बुराई ↔ कानून का सही मिलान सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला प्रश्न-प्रारूप है।

राजस्थान के संदर्भ में

राजस्थान में बाल विवाह की समस्या ऐतिहासिक रूप से अधिक रही है, विशेषकर अक्षय तृतीया (आखा तीज) के अवसर पर सामूहिक बाल विवाह होने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में आज भी देखी जाती है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन हर वर्ष जागरूकता अभियान चलाता है। 1987 में सीकर जिले में हुई एक चर्चित सती की घटना के बाद राज्य व केंद्र सरकार दोनों ने सती प्रथा के विरुद्ध सख्त कानून बनाए।

इन बुराइयों को समाप्त करने में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका है — साक्षरता दर बढ़ने, लड़कियों की स्कूली शिक्षा बढ़ने और आर्थिक आत्मनिर्भरता से दहेज, बाल विवाह और छुआछूत जैसी प्रथाओं में लगातार कमी आई है। इसी कारण से एक शिक्षक के रूप में कक्षा में समानता, तर्कशीलता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग मिलकर विद्यालयों में समय-समय पर बाल विवाह व दहेज विरोधी शपथ, प्रभात-फेरी और अभिभावक-बैठकें आयोजित करवाते हैं, ताकि जागरूकता विद्यार्थियों के साथ-साथ परिवारों तक भी पहुँचे।

सामाजिक बुराइयों के सामान्य कारण और रोकथाम के उपाय

अशिक्षा
पढ़ाई न होने से अंधविश्वास व पुरानी रूढ़ियाँ बिना तर्क के स्वीकार कर ली जाती हैं; शिक्षा का प्रसार सबसे प्रभावी दीर्घकालिक उपाय है।
आर्थिक निर्भरता
महिलाओं व निर्धन परिवारों की आर्थिक निर्भरता उन्हें दहेज, बाल विवाह जैसी प्रथाओं के आगे कमज़ोर बना देती है; रोज़गार व आत्मनिर्भरता इसे कम करती है।
सामाजिक दबाव व परंपरा
'सब करते हैं इसलिए सही है' — यह सोच बुराई को बनाए रखती है; सामूहिक जागरूकता अभियान इस सोच को तोड़ने में मदद करते हैं।
कानून का डर न होना
कानून बनने के बावजूद जानकारी व क्रियान्वयन की कमी से प्रथाएँ जारी रहती हैं; इसलिए विद्यालय स्तर पर कानूनी जागरूकता ज़रूरी है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
केंद्र सरकार की यह योजना (2015 से) कन्या भ्रूण हत्या रोकने व बालिका शिक्षा बढ़ाने के लिए चलाई गई है।
सामुदायिक भागीदारी
गाँव व मोहल्ले में सरपंच, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक और स्वयंसेवी संस्थाओं का साझा प्रयास किसी भी कानून से ज़्यादा असरदार साबित होता है, क्योंकि बदलाव स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यता से ही टिकाऊ होता है।

कक्षा में इसका महत्व

REET की दृष्टि से यह टॉपिक EVS के सामाजिक अध्ययन खंड का हिस्सा है, इसलिए प्रश्न प्रायः तथ्यात्मक (कानून-वर्ष मिलान, परिभाषा) या परिस्थितिजन्य (शिक्षक इस स्थिति में क्या करेगा) रूप में पूछे जा सकते हैं। दोनों प्रकार की तैयारी ज़रूरी है — केवल कानून याद कर लेना पर्याप्त नहीं, यह भी समझना होगा कि एक शिक्षक के रूप में कक्षा में इन मुद्दों को संवेदनशीलता से कैसे उठाया जाए।

ध्यान रहे कि REET में 'सही उत्तर' प्रायः वही विकल्प होता है जो बच्चे की गरिमा, समानता और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप हो — यदि कोई विकल्प भेदभाव या दंड को बढ़ावा देता प्रतीत हो, तो वह गलत विकल्प होने की संभावना अधिक है। यह रणनीति परिस्थितिजन्य प्रश्नों में तेज़ी से सही उत्तर चुनने में सहायक है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

चर्चा व कहानी

कक्षा 4-5 में समानता पर आधारित कहानियाँ (जैसे लड़का-लड़की में भेदभाव न करने वाली कहानी) सुनाकर सहज चर्चा करवाएँ, सीधे 'बुराई' शब्द पर व्याख्यान देने से बचें।

नुक्कड़-नाटक व पोस्टर

बच्चों से बाल विवाह या दहेज-विरोधी नारे व पोस्टर बनवाना एक कारगर गतिविधि है, इससे विषय आत्मसात होता है न कि रटा जाता है।

सामान्य भ्रांति

बच्चे अक्सर सोचते हैं कि पुरानी परंपरा होने से कोई प्रथा सही होती है — शिक्षक को स्पष्ट करना चाहिए कि परंपरा और सही-गलत होना अलग बातें हैं।

आकलन

'अपने घर या मोहल्ले में देखी गई किसी असमानता' पर दो पंक्तियाँ लिखवाना एक सरल फॉर्मेटिव आकलन है जो समझ जाँचता है।

याद रखने की ट्रिक

कानूनों के वर्ष याद रखने के लिए क्रम बनाएँ — 'दहेज 61, बंधुआ 76, सती 87, कन्या भ्रूण 94, बाल विवाह 2006' — यानी हर दशक में कम से कम एक कानून आया, इस क्रम को दोहराने से मिलान वाले प्रश्न जल्दी हल होते हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

दहेज प्रतिषेध अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ था?

  1. A1955
  2. B1961
  3. C1976
  4. D1987

व्याख्या

दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 में पारित हुआ था, जो दहेज लेने व देने दोनों को अपराध मानता है।

प्रश्न 2

वर्तमान में बाल विवाह से संबंधित कानून कौन सा है?

  1. Aबाल विवाह अवरोध अधिनियम, 1929
  2. Bबाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006
  3. Cकिशोर न्याय अधिनियम, 2015
  4. Dबाल श्रम अधिनियम, 1986

व्याख्या

2006 के अधिनियम ने 1929 के पुराने कानून का स्थान लिया और बाल विवाह को दंडनीय अपराध बनाया।

प्रश्न 3

अस्पृश्यता (छुआछूत) को दंडनीय अपराध घोषित करने वाला मूल कानून 1955 में किस नाम से जाना जाता था?

  1. Aनागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम
  2. Bअस्पृश्यता अपराध अधिनियम
  3. Cसामाजिक न्याय अधिनियम
  4. Dसमानता संरक्षण अधिनियम

व्याख्या

1955 में यह कानून 'अस्पृश्यता अपराध अधिनियम' नाम से बना था, जिसे 1976 में संशोधित कर 'नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम' नाम दिया गया।

प्रश्न 4

संविधान का कौन-सा अनुच्छेद अस्पृश्यता को समाप्त करता है?

  1. Aअनुच्छेद 14
  2. Bअनुच्छेद 15
  3. Cअनुच्छेद 17
  4. Dअनुच्छेद 21

व्याख्या

अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है और इसे किसी भी रूप में व्यवहार में लाना दंडनीय अपराध घोषित करता है।

प्रश्न 5

कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए बना PCPNDT अधिनियम किस वर्ष लागू हुआ?

  1. A1986
  2. B1994
  3. C2001
  4. D2006

व्याख्या

गर्भधारण-पूर्व एवं प्रसव-पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (PCPNDT Act) 1994 में बना और लिंग जाँच पर रोक लगाता है।

प्रश्न 6

राजस्थान में सती प्रथा के विरुद्ध राज्य स्तरीय कानून किस वर्ष बना?

  1. A1961
  2. B1976
  3. C1987
  4. D1994

व्याख्या

राजस्थान सती निवारण अधिनियम 1987 में बना, इसी वर्ष केंद्र सरकार ने भी सती निवारण (आयोग) अधिनियम पारित किया।

प्रश्न 7

बंधुआ मजदूरी प्रथा को समाप्त करने वाला कानून किस वर्ष बना?

  1. A1955
  2. B1961
  3. C1976
  4. D1989

व्याख्या

बंधुआ श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम 1976 में बना, जिसने बंधुआ मजदूरी की प्रथा को पूर्णतः गैरकानूनी घोषित किया।

प्रश्न 8

एक शिक्षक के रूप में कक्षा में लैंगिक समानता सिखाने का सबसे उपयुक्त तरीका कौन-सा है?

  1. Aकेवल परिभाषा रटवाना
  2. Bकहानी, चर्चा व गतिविधियों से सहज बोध कराना
  3. Cविषय को नज़रअंदाज़ करना
  4. Dकेवल परीक्षा में पूछकर याद करवाना

व्याख्या

प्राथमिक स्तर पर संवेदनशील सामाजिक विषय कहानी, चर्चा व गतिविधि आधारित शिक्षण से बेहतर आत्मसात होते हैं, रटने से नहीं।

प्रश्न 9

निम्न में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  1. Aदहेज प्रथा — 1961
  2. Bबंधुआ मजदूरी — 1976
  3. Cबाल विवाह निषेध — 1994
  4. Dअनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण — 1989

व्याख्या

बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 में बना, न कि 1994 में; 1994 में तो PCPNDT अधिनियम बना था।

प्रश्न 10

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम किस वर्ष बना?

  1. A1976
  2. B1987
  3. C1989
  4. D1994

व्याख्या

यह अधिनियम 1989 में बना और अनुसूचित जाति व जनजाति के विरुद्ध होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए विशेष प्रावधान करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में सामाजिक बुराइयों से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से सीधा कोई प्रश्न नहीं आया, पर यह सिलेबस में शामिल है इसलिए 1-2 प्रश्न किसी भी वर्ष आ सकते हैं — कानून व वर्ष का मिलान तैयार रखें।

बाल विवाह रोकने के लिए वर्तमान कानून कौन सा है?+

बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006, जिसने 1929 के पुराने बाल विवाह अवरोध अधिनियम का स्थान लिया।

सती प्रथा रोकने के लिए राजस्थान में कौन सा कानून बना?+

राजस्थान सती निवारण अधिनियम, 1987, और इसके बाद केंद्र सरकार ने सती निवारण (आयोग) अधिनियम, 1987 पारित किया।

छुआछूत को दंडनीय अपराध बनाने वाला कानून कौन सा है?+

नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 (मूल नाम अस्पृश्यता अपराध अधिनियम, 1955), जिसे 1976 में संशोधित किया गया।

कन्या भ्रूण हत्या रोकने वाला कानून कौन सा है?+

गर्भधारण-पूर्व एवं प्रसव-पूर्व निदान तकनीक (विनियमन एवं दुरुपयोग निवारण) अधिनियम, 1994 (PCPNDT Act)।

दहेज लेना और देना दोनों में से किसे अपराध माना गया है?+

दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के अंतर्गत दहेज लेना और देना — दोनों पक्ष अपराध की श्रेणी में आते हैं, यह गलतफहमी दूर करना ज़रूरी है कि केवल लेने वाला दोषी है।

बंधुआ मजदूरी किसे कहते हैं?+

जब कोई व्यक्ति ऋण या पारिवारिक बाध्यता के कारण बिना उचित मज़दूरी के लंबे समय तक जबरन श्रम करने को मजबूर हो, उसे बंधुआ मजदूरी कहते हैं; यह 1976 के कानून से पूर्णतः प्रतिबंधित है।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. Consumer/Social legislation — India Code (Government of India)
  2. Rajasthan Sati Prevention — general reference

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए