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REET स्तर 1 · पर्यावरण अध्ययन

परिवहन एवं संचार: REET EVS नोट्स

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यह पेज परिवहन व संचार के साधनों तथा भारत के यातायात संकेतों को REET परीक्षा की दृष्टि से कवर करता है। REET 2024 में एक यातायात संकेत की पहचान और मोटर वाहन अधिनियम से जुड़ा प्रश्न आया था, इसलिए इस टॉपिक में सड़क सुरक्षा के व्यावहारिक ज्ञान पर खास ध्यान देना जरूरी है, न कि केवल परिभाषाएँ रटना।

  • REET 2024 में 2 प्रश्न
  • कक्षा 1-5 स्तर
  • 8 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Road signs in India – Wikipedia

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में इस टॉपिक से एक यातायात संकेत (सड़क संकरी होने की चेतावनी) पहचानने का प्रश्न और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं से जुड़ा एक प्रश्न आया। इससे स्पष्ट है कि परिवहन व संचार टॉपिक में सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों के व्यावहारिक ज्ञान पर खास जोर रहता है — सिर्फ परिवहन के साधनों के नाम याद रखना काफी नहीं है, संकेतों के आकार-रंग व उनके अर्थ भी समझने जरूरी हैं, क्योंकि परीक्षा में अक्सर चित्र दिखाकर संकेत का अर्थ पूछा जाता है।

परिवहन के साधन

परिवहन के साधनों को मार्ग के अनुसार तीन वर्गों में बाँटा जाता है। स्थल परिवहन (भूमि मार्ग) में पैदल चलना, साइकिल, बैलगाड़ी, बस, कार और ट्रेन जैसे सड़क व रेल मार्ग से चलने वाले साधन आते हैं। जल परिवहन में नाव, स्टीमर और जहाज शामिल हैं, जो नदी व समुद्र मार्ग से माल व यात्री ढोते हैं। वायु परिवहन (हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर) सबसे तेज़ है पर सबसे महँगा भी है, इसलिए यह मुख्यतः लंबी दूरी व आपातकालीन जरूरतों के लिए उपयोग होता है। बच्चों को यह भी समझाना चाहिए कि हर साधन का चुनाव दूरी, समय और खर्च के अनुसार किया जाता है — जैसे पास की दूरी के लिए पैदल या साइकिल पर्याप्त है, जबकि दूसरे शहर जाने के लिए बस या ट्रेन उपयुक्त रहती है।

संचार के साधन

संचार के साधनों को पारंपरिक व आधुनिक में बाँटा जा सकता है। पारंपरिक साधनों में डाक (चिट्ठी), कबूतर संदेश और ढोल-नगाड़े जैसे तरीके शामिल थे, जिनमें संदेश पहुँचने में समय लगता था। आधुनिक साधनों में टेलीफोन/मोबाइल, टेलीविजन, रेडियो और इंटरनेट शामिल हैं, जो सूचना को तुरंत व लंबी दूरी तक पहुँचा देते हैं। बच्चों को यह समझाना उपयोगी है कि जैसे-जैसे तकनीक बदली, संदेश भेजने में लगने वाला समय भी बहुत कम होता गया — पहले चिट्ठी को दूसरे शहर पहुँचने में दिनों लगते थे, जबकि आज मोबाइल संदेश या ई-मेल कुछ ही क्षणों में पहुँच जाता है।

यातायात संकेतों के प्रकार

प्रकारआकार/रंगउदाहरण
अनिवार्य संकेत (Mandatory)गोल आकार; नियम बताने वाले सादे गोल व निषेध बताने वाले तिरछी पट्टी सहित लाल घेरे वालेरुकें (STOP), गति सीमा, नो पार्किंग, नो एंट्री
चेतावनी संकेत (Cautionary)त्रिभुजाकार, लाल किनारीआगे संकरा रास्ता, स्कूल आगे है, तीखा मोड़
सूचनात्मक संकेत (Informatory)आयताकार, दिशा/स्थान अनुसार रंगअस्पताल, पेट्रोल पंप, बस स्टॉप, दिशा-सूचक बोर्ड

स्रोत: भारतीय राजमार्ग कांग्रेस (IRC) मानक[स्रोत 1]

परिवहन व संचार से जुड़े ऐतिहासिक तथ्य

भारत की पहली यात्री रेलगाड़ी
16 अप्रैल 1853 को मुंबई (बोरीबंदर) से ठाणे के बीच चली — यह भारत की पहली यात्री रेल सेवा थी
भारतीय डाक सेवा
भारतीय डाक (India Post) विश्व के सबसे बड़े डाक नेटवर्कों में से एक है, जो देश के दूर-दराज के गाँवों तक चिट्ठी व पार्सल पहुँचाता है

पर्यावरण-अनुकूल परिवहन और प्रदूषण

पैदल चलना और साइकिल चलाना सबसे पर्यावरण-अनुकूल (प्रदूषण-रहित) परिवहन के तरीके हैं, क्योंकि इनमें ईंधन नहीं जलता और हवा प्रदूषित नहीं होती। इसके विपरीत बस, कार और हवाई जहाज पेट्रोल-डीजल या हवाई ईंधन जलाकर चलते हैं, जिससे धुआँ निकलता है और वायु प्रदूषण बढ़ता है। बच्चों को कम दूरी के लिए पैदल या साइकिल का उपयोग करने और जहाँ संभव हो सार्वजनिक परिवहन (बस, ट्रेन) अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिससे सड़क पर भीड़ और प्रदूषण दोनों कम हों।

सड़क सुरक्षा के बुनियादी नियम

बच्चों को सड़क पार करते समय दायें-बायें देखना, ज़ेब्रा क्रॉसिंग या फुट-ओवरब्रिज का उपयोग करना, तथा दोपहिया वाहन में हेलमेट पहनने जैसी बुनियादी सड़क सुरक्षा आदतें सिखाई जाती हैं। भारत में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 यातायात नियमों व वाहन चलाने से जुड़े नियमों को नियंत्रित करता है और नियम तोड़ने पर दंड का प्रावधान करता है — जैसे तेज़ गति से वाहन चलाना या बिना लाइसेंस वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। स्कूल बस या वैन में यात्रा करते समय भी बच्चों को सीट पर शांति से बैठने, खिड़की से हाथ या सिर बाहर न निकालने और चालक का ध्यान न भटकाने जैसी आदतें सिखाई जानी चाहिए।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

कक्षा में सड़क का सरल मॉडल (चॉक से रेखाएँ खींचकर) बनाकर बच्चों से यातायात संकेत पहचानने व सही तरीके से सड़क पार करने का रोल-प्ले करवाएं, जिसमें कुछ बच्चे वाहन चालक और कुछ पैदल यात्री बनें।

शिक्षण सामग्री

यातायात संकेतों के फ्लैशकार्ड बनाकर कक्षा में दिखाएं, या संभव हो तो बच्चों को पास के चौराहे पर ले जाकर असली संकेत दिखाएं और उनसे हर संकेत का अर्थ पूछें व नोट कराएं।

सामान्य भ्रांति

बच्चे अक्सर सभी गोल संकेतों को केवल 'रुकने' का संकेत मान लेते हैं, जबकि हर अनिवार्य संकेत का अर्थ अलग होता है (गति सीमा, नो एंट्री आदि); हर संकेत का चित्र दिखाकर अलग-अलग अर्थ स्पष्ट करना चाहिए, न कि सभी को एक जैसा मान लेना चाहिए, क्योंकि इससे भविष्य में सड़क पर गलतफहमी हो सकती है।

आकलन विचार

बच्चों को 3 यातायात संकेतों के चित्र दिखाकर उनका अर्थ बोलकर या लिखकर बताने को कहें, और उनसे अपने घर आने-जाने के रास्ते में देखे गए संकेत बताने को भी कहें ताकि सीख रोजमर्रा के अनुभव से जुड़े और लंबे समय तक याद रहे।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

संकेत के आकार से पहचानें — गोल = अनिवार्य (मानना जरूरी), त्रिभुज = चेतावनी (सावधान रहें), आयत = सूचना (जानकारी के लिए)। चेतावनी संकेत हमेशा लाल किनारी वाले त्रिभुज में होते हैं, इसलिए 'आगे संकरा रास्ता' जैसा संकेत त्रिभुजाकार ही होगा, गोल नहीं।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 134

नीचे दिया गया यातायात का संकेत इंगित करता है :

चित्र: A triangular road warning sign showing two road-edge lines narrowing toward the top, indicating the road narrows ahead. Diagram added.

  1. Aआगे संकरा पुल है
  2. Bआगे संकरा रास्ता है
  3. Cआगे चौड़ा रास्ता है
  4. Dआगे खतरनाक गहराई है

व्याख्या

चित्र में त्रिभुजाकार चेतावनी (cautionary) संकेत के भीतर सड़क की दोनों किनारा-रेखाएँ बीच में अंदर की ओर मुड़कर पास आती दिखाई गई हैं, जिसका अर्थ है सड़क आगे संकरी हो रही है। अतः यह संकेत 'आगे संकरा रास्ता है' (Narrow road ahead) दर्शाता है, और BSER की अंतिम कुंजी के अनुसार उत्तर (B) है।

प्रश्न 141एक से अधिक उत्तर मान्य

‘मोटर वेहीकल एक्ट’ के सेक्शन 112 – 183 के तहत कौन-सी गतिविधि पर दण्ड का प्रावधान है ?

  1. Aगंभीर दुर्घटना या तेज ड्राइविंग
  2. Bवस्तुओं को असुरक्षित ले जाना
  3. Cशान्ति (नो हॉर्न) क्षेत्र में हॉर्न का प्रयोग
  4. Dबिना लाइसेंस के गाड़ी चलाना

व्याख्या

BSER की अंतिम कुंजी ने इस प्रश्न में (A) और (D) दोनों को सही माना है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 112 गति सीमा से और धारा 183 अधिक गति से वाहन चलाने के दण्ड से संबंधित है, इसलिए तेज ड्राइविंग (A) इस दायरे में दण्डनीय है। बिना लाइसेंस वाहन चलाने का दण्ड धारा 181 में है, जो धारा 112 से 183 के बीच आती है, इसलिए (D) भी स्वीकार किया गया।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

जल परिवहन का उदाहरण है -

  1. Aबस
  2. Bजहाज
  3. Cरेलगाड़ी
  4. Dहवाई जहाज

व्याख्या

जहाज नदी व समुद्र मार्ग से चलने वाला जल परिवहन का साधन है। बस व रेलगाड़ी स्थल परिवहन हैं और हवाई जहाज वायु परिवहन है।

प्रश्न 2

सबसे तेज़ किंतु सबसे महँगा परिवहन साधन है -

  1. Aसाइकिल
  2. Bबस
  3. Cहवाई जहाज
  4. Dबैलगाड़ी

व्याख्या

हवाई जहाज वायु परिवहन का साधन है, जो सबसे तेज़ गति से यात्रा कराता है लेकिन इसका किराया अन्य साधनों से अधिक महँगा होता है।

प्रश्न 3

त्रिभुजाकार व लाल किनारी वाले यातायात संकेत किस प्रकार के होते हैं?

  1. Aअनिवार्य संकेत
  2. Bचेतावनी संकेत
  3. Cसूचनात्मक संकेत
  4. Dइनमें से कोई नहीं

व्याख्या

त्रिभुजाकार आकार व लाल किनारी वाले संकेत चेतावनी (Cautionary) संकेत कहलाते हैं, जो आगे किसी खतरे या सावधानी की जरूरत बताते हैं।

प्रश्न 4

गोल आकार के यातायात संकेत, जैसे गति सीमा या नो-एंट्री, किस श्रेणी में आते हैं?

  1. Aसूचनात्मक संकेत
  2. Bचेतावनी संकेत
  3. Cअनिवार्य संकेत
  4. Dसजावटी संकेत

व्याख्या

गोल आकार वाले संकेत अनिवार्य (Mandatory) संकेत कहलाते हैं, जिनका पालन करना कानूनी रूप से जरूरी होता है।

प्रश्न 5

आयताकार संकेत, जैसे 'अस्पताल' या 'पेट्रोल पंप' के बोर्ड, किस श्रेणी में आते हैं?

  1. Aअनिवार्य संकेत
  2. Bचेतावनी संकेत
  3. Cसूचनात्मक संकेत
  4. Dनिषेध संकेत

व्याख्या

आयताकार आकार वाले बोर्ड सूचनात्मक (Informatory) संकेत कहलाते हैं, जो यात्रियों को उपयोगी जानकारी (जैसे अस्पताल, पेट्रोल पंप) देते हैं।

प्रश्न 6

पुराने समय में संदेश भेजने के पारंपरिक साधनों में शामिल नहीं है -

  1. Aडाक (चिट्ठी)
  2. Bकबूतर संदेश
  3. Cढोल-नगाड़ा
  4. Dइंटरनेट

व्याख्या

इंटरनेट संचार का आधुनिक साधन है, जबकि डाक, कबूतर संदेश और ढोल-नगाड़ा पारंपरिक साधन थे।

प्रश्न 7

सड़क पार करते समय बच्चों को सबसे पहले क्या देखना चाहिए?

  1. Aआसमान की ओर देखना
  2. Bदायें-बायें देखकर वाहन आने की जांच करना
  3. Cदौड़कर पार करना
  4. Dमोबाइल में देखते हुए पार करना

व्याख्या

सड़क पार करने से पहले दायें-बायें देखकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई वाहन नजदीक नहीं आ रहा, यह सबसे बुनियादी सुरक्षा नियम है।

प्रश्न 8

भारत में यातायात व वाहन संबंधी नियमों को नियंत्रित करने वाला मुख्य अधिनियम है -

  1. Aसड़क सुरक्षा अधिनियम
  2. Bमोटर वाहन अधिनियम, 1988
  3. Cपरिवहन संरक्षण अधिनियम
  4. Dयातायात संहिता अधिनियम

व्याख्या

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 भारत में वाहन चलाने व यातायात से जुड़े नियमों को नियंत्रित करने वाला मुख्य कानून है।

प्रश्न 9

कक्षा में बच्चों को यातायात संकेत सिखाने का सबसे प्रभावी तरीका है -

  1. Aकेवल किताब में चित्र दिखाकर नाम रटवाना
  2. Bफ्लैशकार्ड व रोल-प्ले के माध्यम से असली सड़क जैसी स्थिति बनाकर अभ्यास कराना
  3. Cपरीक्षा में सीधे प्रश्न पूछना
  4. Dकुछ भी न सिखाना

व्याख्या

व्यावहारिक अभ्यास (फ्लैशकार्ड, रोल-प्ले) बच्चों को संकेतों को असली स्थिति में पहचानने और लंबे समय तक याद रखने में मदद करता है।

प्रश्न 10

दोपहिया वाहन पर सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है -

  1. Aतेज़ रफ्तार से चलाना
  2. Bहेलमेट पहनना
  3. Cबिना लाइसेंस चलाना
  4. Dमोबाइल पर बात करते हुए चलाना

व्याख्या

हेलमेट पहनना दोपहिया वाहन चलाते समय सिर की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी व कानूनी रूप से अनिवार्य नियम है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिवहन के कितने प्रकार होते हैं?+

परिवहन के तीन प्रकार होते हैं — स्थल (भूमि) परिवहन, जल परिवहन और वायु परिवहन।

यातायात संकेत कितने प्रकार के होते हैं?+

यातायात संकेत तीन प्रकार के होते हैं — अनिवार्य (Mandatory), चेतावनी (Cautionary) और सूचनात्मक (Informatory)।

मोटर वाहन अधिनियम क्या है?+

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 भारत में यातायात नियमों व वाहन चलाने से जुड़े नियमों को नियंत्रित करता है और उल्लंघन पर दंड तय करता है।

संचार के आधुनिक साधन कौन-कौन से हैं?+

टेलीफोन/मोबाइल, टेलीविजन, रेडियो और इंटरनेट संचार के प्रमुख आधुनिक साधन हैं।

REET में परिवहन-संचार टॉपिक से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 2 प्रश्न पूछे गए थे, जिनमें यातायात संकेत व मोटर वाहन अधिनियम शामिल था।

भारत की पहली यात्री रेलगाड़ी कब चली थी?+

भारत की पहली यात्री रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को मुंबई (बोरीबंदर) से ठाणे के बीच चली थी।

कौन-सा परिवहन साधन सबसे कम प्रदूषण फैलाता है?+

पैदल चलना और साइकिल चलाना सबसे पर्यावरण-अनुकूल व प्रदूषण-रहित परिवहन के तरीके हैं।

स्कूल बस/वैन में यात्रा करते समय बच्चों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?+

सीट पर शांति से बैठना, खिड़की से हाथ या सिर बाहर न निकालना और चालक का ध्यान न भटकाना — ये बुनियादी सुरक्षा आदतें हैं।

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आधिकारिक स्रोत

  1. Road signs in India – Wikipedia

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए