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REET L1 · पर्यावरण अध्ययन (EVS)

राजस्थान के पर्यटन स्थल

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REET Level 1 के EVS सिलेबस में 'हमारा राजस्थान' इकाई के अंतर्गत राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, किलों, झीलों और मेलों की पहचान पूछी जाती है। यह पेज जिलेवार प्रमुख स्थलों, यूनेस्को धरोहर स्थलों और सांस्कृतिक उत्सवों को परीक्षा-केंद्रित ढंग से समेटता है।

  • REET 2024 में इस टॉपिक से कोई प्रश्न नहीं आया
  • कक्षा 1–5 स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: राजस्थान पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 की उत्तर कुंजी में 'राजस्थान के पर्यटन स्थल' से कोई सीधा प्रश्न दर्ज नहीं है, इसलिए यहाँ किसी काल्पनिक पुराने प्रश्न का दावा नहीं किया जा रहा। BSER के EVS सिलेबस में 'हमारा राजस्थान' शीर्षक के तहत यह टॉपिक स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध है, और परीक्षा में सामान्यतः 'कौन-सा स्मारक किस शहर में है', 'किला किसने बनवाया' या 'यूनेस्को धरोहर सूची में राजस्थान से कितने स्थल हैं' जैसे तथ्यात्मक मिलान प्रश्न पूछे जाते हैं।

प्रमुख पर्यटन नगर और उनकी पहचान

जयपुर
'गुलाबी नगरी' — हवामहल, आमेर किला, जंतर मंतर, सिटी पैलेस[स्रोत 1]
उदयपुर
'झीलों की नगरी' — पिछोला झील, फतहसागर झील, सिटी पैलेस, जग मंदिर[स्रोत 1]
जोधपुर
'नीली नगरी' — मेहरानगढ़ किला, उम्मेद भवन पैलेस[स्रोत 1]
जैसलमेर
'स्वर्ण नगरी' — सोनार किला (जीवित किला), थार मरुस्थल का प्रवेश द्वार[स्रोत 1]
बीकानेर
जूनागढ़ किला, करणी माता मंदिर (देशनोक), राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र[स्रोत 1]
माउंट आबू
राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल (हिल स्टेशन) — नक्की झील, दिलवाड़ा जैन मंदिर[स्रोत 1]
पुष्कर (अजमेर)
विश्व का प्रमुख ब्रह्मा मंदिर, पवित्र पुष्कर झील (52 घाट)[स्रोत 1]
चित्तौड़गढ़
भारत का सबसे बड़ा किला परिसर — विजय स्तंभ (महाराणा कुंभा), कीर्ति स्तंभ[स्रोत 1]

राजस्थान के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल

स्थलवर्षविशेषता
केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर)1985प्रवासी पक्षियों का प्रसिद्ध अभयारण्य
जंतर मंतर, जयपुर2010सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा निर्मित खगोलीय वेधशाला
राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग (श्रृंखला — 6 किले)2013चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर व जैसलमेर दुर्ग
जयपुर नगर (परकोटा)2019योजनाबद्ध ढंग से बसा भारत का पहला 'धरोहर नगर'

इन चार प्रविष्टियों में कुल मिलाकर 9 स्मारक/स्थल शामिल हैं।[स्रोत 2]

वन्यजीव व प्राकृतिक पर्यटन

पर्यटन केवल किलों-महलों तक सीमित नहीं है — राजस्थान वन्यजीव पर्यटन का भी बड़ा केंद्र है। सवाई माधोपुर का रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान बाघों के लिए, अलवर का सरिस्का बाघ रिज़र्व, और जैसलमेर-बाड़मेर का मरु राष्ट्रीय उद्यान (डेजर्ट नेशनल पार्क) अपने विशिष्ट मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए जाना जाता है।

कुम्भलगढ़ दुर्ग अपनी विशाल परकोटा दीवार के लिए प्रसिद्ध है, जिसे लोकप्रिय रूप से 'भारत की महान दीवार' कहा जाता है — चीन की दीवार के बाद यह विश्व की दूसरी सबसे लंबी सतत दीवार मानी जाती है। शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनूं, चूरू) की हवेलियाँ अपने भित्ति-चित्रों के कारण 'खुले आकाश की कला दीर्घा' कहलाती हैं।

मेले एवं सांस्कृतिक उत्सव

राजस्थान का पर्यटन उसके मेलों से भी जुड़ा है। पुष्कर मेला (कार्तिक पूर्णिमा) विश्व का सबसे बड़ा ऊँट मेला माना जाता है, जहाँ पशु व्यापार के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। जैसलमेर का मरु महोत्सव और बीकानेर का ऊँट महोत्सव मरुस्थलीय संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं, जबकि तीज व गणगौर उत्सव राज्य भर में मनाए जाते हैं।

EVS की दृष्टि से यह टॉपिक बच्चों को उनके परिवेश और राज्य की पहचान से जोड़ता है — यही कारण है कि NCERT/RBSE की 'आस-पास' शृंखला में स्थानीय स्मारकों व मेलों पर आधारित गतिविधियाँ दी जाती हैं।

धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन

राजस्थान धार्मिक पर्यटन का भी एक बड़ा केंद्र है। अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थ-स्थल है, जो सभी धर्मों के लोगों में समान रूप से लोकप्रिय है। इसके साथ-साथ नाथद्वारा का श्रीनाथजी मंदिर, पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर तथा रणकपुर व दिलवाड़ा (माउंट आबू) के जैन मंदिर धार्मिक-स्थापत्य पर्यटन के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

यह विविधता दिखाती है कि राजस्थान का पर्यटन केवल एक धर्म या परंपरा तक सीमित नहीं, बल्कि हिंदू, जैन, सूफी व अन्य परंपराओं का संगम प्रस्तुत करता है — जो बच्चों को धार्मिक सहिष्णुता व सामाजिक विविधता समझाने का भी एक सहज माध्यम बन सकता है।

पर्यटन उद्योग की भूमिका

पर्यटन राजस्थान की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है — इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प व स्थानीय गाइड जैसे अनेक क्षेत्रों में रोज़गार मिलता है। राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) की स्थापना की है, जो होटल संचालन, यात्रा पैकेज व प्रचार जैसी गतिविधियों का संचालन करता है।

अनेक पुराने राजमहल व हवेलियाँ आज 'हेरिटेज होटल' के रूप में परिवर्तित हो चुकी हैं, जो ऐतिहासिक स्थापत्य के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को शाही अनुभव भी प्रदान करती हैं। 'पैलेस ऑन व्हील्स' जैसी विलासिता (लक्ज़री) रेलगाड़ी भारत की सबसे प्रसिद्ध हेरिटेज-पर्यटन ट्रेनों में गिनी जाती है, जो राजस्थान के प्रमुख स्थलों को जोड़ते हुए यात्रा कराती है।

हस्तशिल्प एवं स्मृति पर्यटन

राजस्थान का पर्यटन केवल स्मारक देखने तक सीमित नहीं, बल्कि यहाँ की समृद्ध हस्तकला-परंपरा भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। जयपुर की नीली मिट्टी की कलाकारी 'ब्लू पॉटरी' और 'मीनाकारी' आभूषण, सांगानेर व बगरू की परंपरागत हाथ-छपाई (ब्लॉक प्रिंटिंग), बंधेज (टाई-डाई) वस्त्र और जोधपुरी मोजड़ी/जूतियाँ — ये सभी राज्य की पहचान बन चुके हैं। कठपुतली कला भी राजस्थान की एक विशिष्ट लोक-कला है, जो पर्यटकों के बीच खासी लोकप्रिय है।

पाली ज़िले में स्थित रणकपुर का जैन मंदिर अपनी बारीक नक्काशीदार संगमरमर स्तंभों के लिए प्रसिद्ध है, जबकि राजसमंद ज़िले का नाथद्वारा (श्रीनाथजी मंदिर) धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र है। ये स्थल दिखाते हैं कि राजस्थान का पर्यटन धार्मिक आस्था, स्थापत्य कला और हस्तशिल्प — तीनों को एक साथ समेटे हुए है।

EVS की दृष्टि से हस्तकला-पर्यटन का ज़िक्र बच्चों को यह सिखाने के लिए उपयोगी है कि पर्यटन केवल 'घूमना' नहीं बल्कि स्थानीय कारीगरों की आजीविका व संस्कृति के संरक्षण से भी जुड़ा है — यह विषय को सामाजिक-आर्थिक समझ से भी जोड़ता है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

राजस्थान का बड़ा नक्शा दीवार पर लगाकर बच्चों से उनके अपने व आसपास के जिलों के प्रसिद्ध स्थल चिपकाने को कहें — यह मानचित्र-कौशल और स्थानीय पहचान दोनों विकसित करता है।

शिक्षण सामग्री

स्थानीय स्मारक/झील के चित्र, पोस्टर या यदि संभव हो तो शैक्षिक भ्रमण (फील्ड ट्रिप) — कक्षा 3–5 के बच्चे प्रत्यक्ष अनुभव से बेहतर सीखते हैं।

सामान्य भ्रांति

बच्चे प्रायः 'हवामहल' और 'सिटी पैलेस' या 'पिछोला' और 'फतहसागर' को एक-दूसरे से भ्रमित करते हैं — शहर-स्मारक जोड़े बनाकर अंतर स्पष्ट कराएँ।

मूल्यांकन विचार

मौखिक प्रश्नोत्तर या चित्र देखकर स्मारक का नाम व शहर बताने जैसी सरल, गैर-लिखित (non-paper-pencil) गतिविधि से मूल्यांकन करें।

याद रखने की ट्रिक

चार यूनेस्को स्थलों को याद रखने के लिए क्रम याद करें — 'केवलादेव (1985) → जंतर मंतर (2010) → पहाड़ी दुर्ग (2013) → जयपुर नगर (2019)' यानी हर तिथि पिछली से बड़ी है, क्रम आरोही (ascending) है। इसी तरह हस्तकला याद रखने के लिए 'जयपुर = ब्लू पॉटरी व मीनाकारी', 'सांगानेर-बगरू = ब्लॉक प्रिंटिंग' जोड़े बनाकर याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

राजस्थान को 'झीलों की नगरी' किस शहर के कारण कहा जाता है?

  1. Aजयपुर
  2. Bउदयपुर
  3. Cजोधपुर
  4. Dबीकानेर

व्याख्या

उदयपुर में पिछोला, फतहसागर जैसी कई झीलें होने के कारण इसे 'झीलों की नगरी' कहा जाता है।

प्रश्न 2

जंतर मंतर, जयपुर का निर्माण किसने करवाया था?

  1. Aमहाराणा प्रताप
  2. Bमहाराणा कुंभा
  3. Cसवाई जयसिंह द्वितीय
  4. Dराव जोधा

व्याख्या

जंतर मंतर एक खगोलीय वेधशाला है, जिसे आमेर-जयपुर के शासक सवाई जयसिंह द्वितीय ने बनवाया था; यह 2010 में यूनेस्को सूची में शामिल हुआ।

प्रश्न 3

राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल (हिल स्टेशन) कौन-सा है?

  1. Aपुष्कर
  2. Bमाउंट आबू
  3. Cनाथद्वारा
  4. Dजैसलमेर

व्याख्या

सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है, जहाँ नक्की झील व दिलवाड़ा मंदिर स्थित हैं।

प्रश्न 4

'राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग' यूनेस्को श्रृंखला में निम्न में से कौन-सा किला शामिल नहीं है?

  1. Aचित्तौड़गढ़ दुर्ग
  2. Bकुम्भलगढ़ दुर्ग
  3. Cनाहरगढ़ दुर्ग
  4. Dजैसलमेर दुर्ग

व्याख्या

यूनेस्को की 2013 की सूची में चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर व जैसलमेर — ये छह किले शामिल हैं; नाहरगढ़ दुर्ग इसमें शामिल नहीं है।

प्रश्न 5

विश्व का सबसे बड़ा ऊँट मेला किस स्थान पर लगता है?

  1. Aबीकानेर
  2. Bजैसलमेर
  3. Cपुष्कर
  4. Dनागौर

व्याख्या

कार्तिक पूर्णिमा पर अजमेर जिले के पुष्कर में लगने वाला मेला विश्व के सबसे बड़े ऊँट मेलों में गिना जाता है।

प्रश्न 6

कक्षा 4 की शिक्षिका बच्चों को राजस्थान के स्मारक पढ़ाने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि कौन-सी अपनाएँगी?

  1. Aकेवल पाठ्यपुस्तक ज़ोर से पढ़वाना
  2. Bस्मारकों के चित्र दिखाकर मानचित्र पर स्थान चिह्नित कराना
  3. Cसभी नाम रटवाना
  4. Dगृहकार्य में केवल परिभाषा लिखवाना

व्याख्या

EVS की मूल भावना अनुभव-आधारित सीख है; चित्र व मानचित्र गतिविधि बच्चों को स्मारक-स्थान का संबंध सहजता से समझाती है।

प्रश्न 7

मेहरानगढ़ किला किस शहर में स्थित है?

  1. Aजोधपुर
  2. Bजयपुर
  3. Cबीकानेर
  4. Dउदयपुर

व्याख्या

मेहरानगढ़ किला जोधपुर ('नीली नगरी') में स्थित है और राव जोधा द्वारा स्थापित किया गया था।

प्रश्न 8

केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान किस लिए प्रसिद्ध है?

  1. Aबाघों के लिए
  2. Bप्रवासी पक्षियों के लिए
  3. Cऊँटों के प्रजनन के लिए
  4. Dनमक उत्पादन के लिए

व्याख्या

भरतपुर का केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान प्रवासी पक्षियों के लिए विश्वप्रसिद्ध है और 1985 में यूनेस्को धरोहर सूची में शामिल हुआ था।

प्रश्न 9

'भारत की महान दीवार' के नाम से लोकप्रिय दीवार किस दुर्ग से जुड़ी है?

  1. Aआमेर दुर्ग
  2. Bकुम्भलगढ़ दुर्ग
  3. Cजूनागढ़ दुर्ग
  4. Dतारागढ़ दुर्ग

व्याख्या

कुम्भलगढ़ दुर्ग की विशाल परकोटा दीवार को उसकी लंबाई के कारण लोकप्रिय रूप से 'भारत की महान दीवार' कहा जाता है।

प्रश्न 10

जयपुर नगर (परकोटा) को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में कब शामिल किया गया?

  1. A1985
  2. B2010
  3. C2013
  4. D2019

व्याख्या

योजनाबद्ध ढंग से बसाए गए जयपुर नगर को 2019 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया, जो सूची की सबसे नई राजस्थान-प्रविष्टि है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में राजस्थान पर्यटन से कितने प्रश्न आते हैं?+

यह EVS सिलेबस की 'हमारा राजस्थान' इकाई का भाग है; निश्चित संख्या तय नहीं है, पर तथ्यात्मक (स्मारक-शहर मिलान) प्रश्नों की संभावना रहती है।

राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन कौन-सा है?+

माउंट आबू, सिरोही जिले में स्थित, राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल है।

राजस्थान में कुल कितने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं?+

चार प्रविष्टियाँ हैं — केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, जंतर मंतर (जयपुर), राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग (6 किलों की शृंखला) और जयपुर नगर।

जीवित किला (लिविंग फोर्ट) किसे कहते हैं?+

जैसलमेर के सोनार किले को, क्योंकि इसकी प्राचीर के भीतर आज भी हज़ारों लोग निवास करते हैं — यह भारत के गिने-चुने ऐसे किलों में से एक है।

रणकपुर का जैन मंदिर किस ज़िले में स्थित है?+

रणकपुर का प्रसिद्ध जैन मंदिर पाली ज़िले में स्थित है और अपनी बारीक नक्काशीदार संगमरमर स्तंभों के लिए जाना जाता है।

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आधिकारिक स्रोत

  1. राजस्थान पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार
  2. UNESCO World Heritage Centre

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए