शिक्षा में सूचना व संचार प्रौद्योगिकी (ICT) — REET Mains नोट्स
यह पेज शिक्षा में ICT के राष्ट्रीय डिजिटल मंचों — DIKSHA, PM eVIDYA, SWAYAM — तथा राजस्थान के शाला दर्पण पोर्टल को समझाता है। REET Mains में यह टॉपिक मंच व उसके उद्देश्य के मिलान-आधारित प्रश्नों के रूप में पूछा जाता है।
- REET 2024 में 0 प्रश्न — REET Mains का टॉपिक
- डिजिटल शिक्षा स्तर
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REET Mains में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में शिक्षा में ICT (सूचना व संचार प्रौद्योगिकी) से सीधा कोई प्रश्न नहीं आया, क्योंकि यह आधार REET के सिलेबस में शामिल नहीं है — REET Mains (RSSB) के पाठ्यक्रम में यह टॉपिक राष्ट्रीय डिजिटल पहलों (DIKSHA, PM eVIDYA, SWAYAM) व राजस्थान-विशिष्ट डिजिटल पोर्टलों (जैसे शाला दर्पण) दोनों को कवर करता है। यहाँ प्रश्न प्रायः किस मंच का क्या उद्देश्य है और वह किसके लिए बनाया गया (शिक्षक/विद्यार्थी) — इस मिलान पर केंद्रित रहते हैं।
शिक्षा में ICT का महत्व
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (Information and Communication Technology, ICT) का शिक्षा में उपयोग पढ़ाई को अधिक सुलभ, रोचक व व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुरूप बनाने के लिए किया जाता है। भारत सरकार ने 2004 में स्कूली शिक्षा में ICT की पहली राष्ट्रीय नीति बनाई, जिसे 2012 में संशोधित किया गया — इसका उद्देश्य विद्यार्थियों व शिक्षकों दोनों के लिए डिजिटल संसाधनों तक पहुँच सुनिश्चित करना तथा शिक्षकों को तकनीक के उपयोग में सक्षम बनाना था।
समय के साथ यह ज़ोर स्मार्ट क्लासरूम व कंप्यूटर लैब जैसी भौतिक अवसंरचना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय डिजिटल मंचों (Digital Platforms) की ओर गया, जहाँ पाठ्यक्रम-आधारित सामग्री, शिक्षक-प्रशिक्षण मॉड्यूल व मूल्यांकन उपकरण एक ही जगह ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाते हैं — जिससे दूरदराज़ क्षेत्रों के विद्यालयों तक भी गुणवत्तापूर्ण सामग्री पहुँच सके। REET Mains के लिए यह ज़रूरी है कि भावी शिक्षक इन मंचों के नाम व उद्देश्य में अंतर स्पष्ट रूप से समझे।
प्रमुख राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा मंच
| मंच | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|
| DIKSHA (दीक्षा) | शिक्षकों व विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल अवसंरचना — पाठ्यक्रम-संरेखित ई-कंटेंट, क्विज़ व प्रशिक्षण मॉड्यूल। |
| PM eVIDYA | कोविड-काल में शुरू की गई पहल, जो DIKSHA, 'वन क्लास वन चैनल' (SWAYAM PRABHA DTH चैनल), रेडियो/पॉडकास्ट व दिव्यांग-अनुकूल संसाधनों को एक साथ जोड़ती है। |
| SWAYAM | उच्च शिक्षा व कुछ स्कूली विषयों के लिए मुफ़्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (MOOCs) उपलब्ध कराने वाला राष्ट्रीय मंच। |
| समग्र शिक्षा ICT घटक | विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब व डिजिटल बोर्ड जैसी भौतिक अवसंरचना के लिए वित्तीय सहायता। |
राजस्थान में ICT से जुड़ी पहलें
- शाला दर्पण पोर्टल
- राजस्थान का एक प्रमुख डिजिटल पोर्टल, जिसके माध्यम से विद्यालयों की जानकारी, कर्मचारी-विवरण, नामांकन व RTE प्रवेश जैसी प्रक्रियाएँ ऑनलाइन प्रबंधित होती हैं।
- स्मार्ट क्लासरूम विस्तार
- समग्र शिक्षा व राज्य के अपने संसाधनों से चुनिंदा राजकीय विद्यालयों में प्रोजेक्टर/डिजिटल बोर्ड आधारित स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जा रहे हैं।
- ऑनलाइन शिक्षक-प्रशिक्षण
- कोविड-काल के बाद शिक्षकों के सेवाकालीन प्रशिक्षण का एक हिस्सा DIKSHA व अन्य ऑनलाइन मंचों के माध्यम से भी दिया जाने लगा है।
- डिजिटल सामग्री व e-content
- SIERT/RSCERT द्वारा तैयार राज्य-स्तरीय पाठ्यक्रम-संरेखित डिजिटल सामग्री को विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से विद्यालयों तक पहुँचाया जाता है।
ICT उपयोग की चुनौतियाँ
ICT को कक्षा तक पहुँचाने में सबसे बड़ी चुनौती डिजिटल विभाजन (Digital Divide) है — ग्रामीण व दूरदराज़ क्षेत्रों में बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी व उपकरणों की उपलब्धता शहरी क्षेत्रों की तुलना में सीमित रहती है। इसके अलावा शिक्षकों में तकनीकी दक्षता (digital literacy) का स्तर असमान होने से मंचों का पूरा लाभ नहीं मिल पाता, जिसके लिए निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता बनी रहती है।
इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए PM eVIDYA जैसी पहलों में जानबूझकर बहु-माध्यम (multi-mode) रणनीति अपनाई गई — यानी जहाँ इंटरनेट उपलब्ध नहीं, वहाँ DTH टीवी चैनल व रेडियो के माध्यम से भी सामग्री पहुँचाई जाती है, ताकि तकनीक की कमी किसी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि ICT नीति का उद्देश्य तकनीक को थोपना नहीं, बल्कि विद्यार्थी की वास्तविक परिस्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त माध्यम चुनना है।
ICT से शिक्षक की भूमिका में बदलाव
ICT के बढ़ते उपयोग ने शिक्षक की भूमिका को 'सूचना देने वाले' (information giver) से बदलकर 'सीखने का मार्गदर्शक' (learning facilitator) बना दिया है, क्योंकि अब बहुत-सी जानकारी बच्चों को डिजिटल मंचों पर स्वयं भी मिल सकती है। ऐसे में शिक्षक का काम केवल तथ्य बताना नहीं, बल्कि यह सिखाना भी हो गया है कि सही व विश्वसनीय डिजिटल सामग्री कैसे खोजें, समझें व उपयोग करें।
इसके साथ-साथ मूल्यांकन के तरीकों में भी बदलाव आया है — DIKSHA जैसे मंचों पर उपलब्ध क्विज़ व स्वचालित (automated) फीडबैक उपकरण शिक्षक को यह जानने में मदद करते हैं कि कक्षा में कौन-से बच्चे किस अवधारणा में कमज़ोर हैं, जिससे व्यक्तिगत ध्यान (personalised attention) देना आसान होता है।
कक्षा/स्कूल में व्यावहारिक प्रभाव
डिजिटल सामग्री का पूरक उपयोग
DIKSHA पर उपलब्ध पाठ्यक्रम-संरेखित वीडियो व क्विज़ का उपयोग कठिन अवधारणाओं को सरल बनाने के लिए पारंपरिक शिक्षण के साथ पूरक रूप में किया जा सकता है।
ऑफलाइन विकल्प तैयार रखना
इंटरनेट/बिजली की अनियमितता वाले क्षेत्रों में शिक्षक को हमेशा एक ऑफलाइन/पारंपरिक बैकअप योजना तैयार रखनी चाहिए।
स्वयं का तकनीकी कौशल बढ़ाना
DIKSHA व अन्य मंचों पर उपलब्ध निःशुल्क प्रशिक्षण मॉड्यूल का उपयोग कर शिक्षक अपनी डिजिटल दक्षता निरंतर बढ़ा सकते हैं।
जिम्मेदार डिजिटल उपयोग सिखाना
विद्यार्थियों को इंटरनेट व स्क्रीन के सुरक्षित, संतुलित व जिम्मेदार उपयोग के बारे में बताना भी आज के शिक्षक की भूमिका का हिस्सा बन गया है।
याद रखने की ट्रिक
तीन प्रमुख मंच याद रखने के लिए 'D-P-S' याद रखें — D (DIKSHA, शिक्षक-केंद्रित ई-कंटेंट), P (PM eVIDYA, बहु-माध्यम एकीकृत पहल), S (SWAYAM, उच्च शिक्षा MOOC) — और राजस्थान के लिए 'शाला दर्पण' को विद्यालय-प्रशासन के डिजिटल चेहरे के रूप में याद रखें, न कि विद्यार्थियों के लिए सीधे पढ़ाई की सामग्री देने वाले मंच के रूप में।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
DIKSHA का पूरा नाम क्या है?
- ADigital Infrastructure for Knowledge Sharing
- BDistrict Information for Kids and School Administration
- CDigital India for Knowledge and Skill Acquisition
- DDirect Information for Kids' Home Access
व्याख्या
DIKSHA का पूरा नाम Digital Infrastructure for Knowledge Sharing है, जो शिक्षकों व विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल मंच है।
प्रश्न 2
PM eVIDYA पहल किस अवसर पर शुरू की गई?
- Aस्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ
- Bकोविड-19 महामारी के दौरान विद्यालय बंद होने पर
- CNEP 2020 से पहले
- Dडिजिटल इंडिया सप्ताह पर
व्याख्या
PM eVIDYA वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण विद्यालय बंद होने की स्थिति में बच्चों तक शिक्षा पहुँचाने के लिए शुरू की गई थी।
प्रश्न 3
'वन क्लास वन चैनल' (One Class One Channel) व्यवस्था किस मंच के माध्यम से लागू की गई?
- ADIKSHA केवल
- BSWAYAM PRABHA DTH चैनल
- Cशाला दर्पण
- Dसमग्र शिक्षा वेबसाइट
व्याख्या
'वन क्लास वन चैनल' व्यवस्था SWAYAM PRABHA के DTH टीवी चैनलों के माध्यम से लागू की गई, जो PM eVIDYA पहल का हिस्सा है।
प्रश्न 4
राजस्थान का शाला दर्पण पोर्टल मुख्यतः किस काम के लिए उपयोग होता है?
- Aबोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए
- Bविद्यालय, कर्मचारी व विद्यार्थी संबंधी जानकारी के ऑनलाइन प्रबंधन के लिए
- Cकेवल छात्रवृत्ति वितरण के लिए
- Dकेवल पाठ्यपुस्तक डाउनलोड के लिए
व्याख्या
शाला दर्पण राजस्थान का प्रमुख डिजिटल पोर्टल है, जिसके माध्यम से विद्यालय, कर्मचारी व विद्यार्थी संबंधी जानकारी और RTE प्रवेश जैसी प्रक्रियाएँ ऑनलाइन प्रबंधित होती हैं।
प्रश्न 5
SWAYAM मंच मुख्यतः किसके लिए जाना जाता है?
- Aमुफ़्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (MOOCs)
- Bविद्यालय-प्रशासन डेटा
- Cछात्रवृत्ति आवेदन
- Dशिक्षक-भर्ती परीक्षा
व्याख्या
SWAYAM उच्च शिक्षा व कुछ स्कूली विषयों के लिए मुफ़्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (Massive Open Online Courses, MOOCs) उपलब्ध कराने वाला राष्ट्रीय मंच है।
प्रश्न 6
ICT के समान उपयोग में सबसे बड़ी बाधा किसे माना जाता है?
- Aपाठ्यपुस्तकों की कमी
- Bडिजिटल विभाजन (इंटरनेट/बिजली की असमान उपलब्धता)
- Cशिक्षकों की अधिकता
- Dबोर्ड परीक्षा की तारीख
व्याख्या
ग्रामीण व दूरदराज़ क्षेत्रों में इंटरनेट, बिजली व उपकरणों की सीमित उपलब्धता के कारण डिजिटल विभाजन (Digital Divide) ICT के समान लाभ तक पहुँचने में सबसे बड़ी बाधा है।
प्रश्न 7
भारत की स्कूली शिक्षा में ICT की पहली राष्ट्रीय नीति किस वर्ष बनाई गई थी?
- A2000
- B2004
- C2012
- D2020
व्याख्या
भारत सरकार ने 2004 में स्कूली शिक्षा में ICT की पहली राष्ट्रीय नीति बनाई, जिसे बाद में 2012 में संशोधित किया गया।
प्रश्न 8
इंटरनेट न होने वाले क्षेत्रों में PM eVIDYA किस माध्यम से सामग्री पहुँचाती है?
- Aकेवल मोबाइल ऐप
- BDTH टीवी चैनल व रेडियो
- Cकेवल प्रिंट सामग्री
- Dसामग्री नहीं पहुँचाई जाती
व्याख्या
इंटरनेट की कमी वाले क्षेत्रों में PM eVIDYA DTH टीवी चैनल (SWAYAM PRABHA) व रेडियो/पॉडकास्ट के माध्यम से भी शिक्षण-सामग्री पहुँचाती है, ताकि कोई बच्चा वंचित न रहे।
प्रश्न 9
एक शिक्षक इंटरनेट की अनियमितता वाले क्षेत्र में ICT का उपयोग करते समय क्या करेगा?
- Aपढ़ाना बंद कर देगा
- Bहमेशा एक ऑफलाइन/पारंपरिक बैकअप योजना तैयार रखेगा
- Cकेवल इंटरनेट आने का इंतज़ार करेगा
- Dबच्चों को घर भेज देगा
व्याख्या
अनियमित इंटरनेट/बिजली वाले क्षेत्रों में शिक्षक को हमेशा एक ऑफलाइन/पारंपरिक बैकअप योजना तैयार रखनी चाहिए, ताकि पढ़ाई बाधित न हो।
प्रश्न 10
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ICT घटक मुख्यतः किसके लिए वित्तीय सहायता देता है?
- Aस्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब व डिजिटल बोर्ड जैसी अवसंरचना
- Bकेवल शिक्षकों के वेतन
- Cकेवल परिवहन सुविधा
- Dकेवल छात्रवृत्ति
व्याख्या
समग्र शिक्षा अभियान का ICT घटक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब व डिजिटल बोर्ड जैसी भौतिक अवसंरचना स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
DIKSHA प्लेटफ़ॉर्म किसके लिए बनाया गया है?+
DIKSHA (Digital Infrastructure for Knowledge Sharing) मुख्यतः शिक्षकों व विद्यार्थियों दोनों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पाठ्यक्रम-संरेखित ई-कंटेंट, क्विज़ व प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध कराने हेतु बनाया गया डिजिटल मंच है।
PM eVIDYA कब और क्यों शुरू की गई?+
PM eVIDYA कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2020 में शुरू की गई, ताकि विद्यालय बंद रहने की स्थिति में DIKSHA, DTH चैनल, रेडियो व अन्य माध्यमों से बच्चों तक शिक्षा पहुँचती रहे।
राजस्थान का प्रमुख विद्यालय-प्रशासन डिजिटल पोर्टल कौन-सा है?+
शाला दर्पण (Shala Darpan) राजस्थान का प्रमुख डिजिटल पोर्टल है, जिसके माध्यम से विद्यालय, कर्मचारी व विद्यार्थी संबंधी जानकारी और RTE प्रवेश जैसी प्रक्रियाएँ ऑनलाइन प्रबंधित होती हैं।
ICT के उपयोग में सबसे बड़ी चुनौती क्या मानी जाती है?+
डिजिटल विभाजन (Digital Divide) — यानी ग्रामीण व दूरदराज़ क्षेत्रों में इंटरनेट, बिजली व उपकरणों की सीमित उपलब्धता — ICT के समान लाभ तक पहुँचने में सबसे बड़ी बाधा मानी जाती है।
ICT ने शिक्षक की भूमिका को कैसे बदला है?+
शिक्षक अब केवल तथ्य बताने वाला नहीं, बल्कि सीखने का मार्गदर्शक (facilitator) बन गया है, जो बच्चों को सही डिजिटल सामग्री खोजने, समझने व उपयोग करने में मदद करता है।
क्या ICT पारंपरिक शिक्षण का पूर्ण विकल्प है?+
नहीं, ICT को पारंपरिक शिक्षण का पूरक (complement) माना जाता है, प्रतिस्थापन नहीं — विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ इंटरनेट/बिजली की उपलब्धता अनियमित है, वहाँ पारंपरिक विधियाँ अब भी मुख्य आधार बनी रहती हैं।
समग्र शिक्षा अभियान व ICT नीति में क्या संबंध है?+
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ICT एक घटक (component) के रूप में शामिल है, जिससे स्मार्ट क्लासरूम व कंप्यूटर लैब जैसी अवसंरचना के लिए विद्यालयों को वित्तीय सहायता मिलती है — यानी नीति व वित्तपोषण दोनों आपस में जुड़े हैं।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए