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राष्ट्रीय नियुक्तियाँ: संवैधानिक पद व पदधारक | RAS

National Appointments: Constitutional Posts and Office-Holders

⏱ 15 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: मार्च 2026· Current Affairs

परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता

राष्ट्रीय नियुक्तियाँ भारतीय शासन व्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गतिशील विषय हैं। RPSC RAS परीक्षा में सामान्य अध्ययन के पाठ्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय नियुक्तियों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। यह विषय केवल परीक्षा की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्रशासकीय परिप्रेक्ष्य से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय स्तर पर संवैधानिक पदों पर नियुक्तियाँ भारतीय राजनीतिक व्यवस्था को संचालित करती हैं।

RPSC RAS परीक्षा में यह विषय प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं में आता है। विभिन्न राष्ट्रीय पदों की नियुक्तियों, उनकी प्रक्रिया, योग्यताओं और वर्तमान परिदृश्य को समझना एक सफल राजस्थान प्रशासनिक सेवा अधिकारी के लिए आवश्यक है।

मुख्य अवधारणाएं

1. राष्ट्रपति की नियुक्तियाँ और सांवैधानिक अधिकार

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 53 के तहत संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित है, और अनुच्छेद 75, 124, 148, 217, 324 आदि के अंतर्गत वे अनेक महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ करते हैं। राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री, मंत्रियों, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों, और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं। राष्ट्रपति का यह अधिकार संवैधानिक और औपचारिक होता है, किंतु व्यावहारिक रूप से प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल की सलाह पर कार्य किया जाता है। राष्ट्रपति की यह नियुक्तियाँ राष्ट्रीय राजनीतिक व्यवस्था की नींव तैयार करती हैं।

2. प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल की नियुक्तियाँ

प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जो सामान्यतः लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता होता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत अन्य मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति करते हैं। मंत्रिमंडल का गठन कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों से होता है। प्रत्येक मंत्री को शपथ ग्रहण की आवश्यकता होती है। मंत्रिमंडल की नियुक्तियों की प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी से कार्यकारी शक्ति का संचालन होता है।

3. न्यायाधीशों की नियुक्तियाँ और कॉलेजियम प्रणाली

भारतीय न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्तियाँ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124 और 217 के तहत की जाती हैं। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली का उपयोग किया जाता है। यह प्रणाली उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों से मिलकर बनी होती है। कॉलेजियम सिस्टम स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। हाल के वर्षों में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग को लेकर विभिन्न विचार-विमर्श हुए हैं।

4. संवैधानिक पदों पर नियुक्तियाँ (स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, उपराष्ट्रपति)

लोकसभा के स्पीकर (अध्यक्ष) और डिप्टी स्पीकर का निर्वाचन लोकसभा के सदस्य अपने में से करते हैं (अनुच्छेद 93)। उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सदस्यों के निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है (अनुच्छेद 66)। ये पद संसदीय प्रणाली में अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि ये विधायी प्रक्रिया को संचालित करते हैं। इन पदों के लिए निर्धारित योग्यताएँ और प्रक्रियाएँ भारतीय संविधान में स्पष्ट रूप से दी गई हैं।

पदनियुक्ति / निर्वाचन कौन करता हैअनुच्छेद
राष्ट्रपतिसंसद और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों का निर्वाचक मंडल54
उपराष्ट्रपतिसंसद के दोनों सदनों के सदस्यों का निर्वाचक मंडल66
प्रधानमंत्रीराष्ट्रपति द्वारा नियुक्त75
लोकसभा स्पीकर / डिप्टी स्पीकरलोकसभा सदस्यों द्वारा अपने में से निर्वाचित93
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश (CJI सहित)राष्ट्रपति (कॉलेजियम प्रणाली)124
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश / मुख्य न्यायाधीशराष्ट्रपति (CJI और कॉलेजियम की सलाह से)217
राज्यपालराष्ट्रपति द्वारा नियुक्त155

5. नियामक निकायों के प्रमुखों की नियुक्तियाँ

भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में विभिन्न नियामक निकाय (Regulatory Bodies) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, दूरसंचार नियामक प्राधिकरण, चुनाव आयोग आदि के प्रमुखों की नियुक्ति भारत सरकार / राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और एक केंद्रीय मंत्री की चयन समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति करते हैं (2023 का अधिनियम)। इन पदों के लिए विशेष योग्यता और अनुभव की आवश्यकता होती है।

वर्तमान प्रमुख पदधारक: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू; उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन (15वें, सितंबर 2025 से); प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी; मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत (53वें, 24 नवंबर 2025 से); मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (19 फरवरी 2025 से); RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा (दिसंबर 2024 से); SEBI अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय (मार्च 2025 से)। पदधारक बदलते रहते हैं, इसलिए परीक्षा से पहले नवीनतम सूची देख लें।

महत्वपूर्ण तथ्य

संवैधानिक आधार: राष्ट्रीय नियुक्तियों का आधार भारतीय संविधान के भाग V (कार्यकारी) में निहित है। संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों में इन नियुक्तियों की प्रक्रिया, योग्यताएँ और अधिकार दिए गए हैं।

नियुक्तियों की प्रक्रिया: संवैधानिक और वैधानिक पदों पर नियुक्तियाँ निर्धारित प्रक्रिया से होती हैं, जैसे राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति, कॉलेजियम की सिफारिश या चयन समिति की सिफारिश।

कार्यकाल: विभिन्न पदों के लिए निर्धारित कार्यकाल अलग-अलग होते हैं। उदाहरण के लिए, उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश का कार्यकाल 65 वर्ष की आयु तक होता है।

पारदर्शिता और स्वतंत्रता: आधुनिक भारत में नियुक्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न आयोग और समितियाँ इन नियुक्तियों की निगरानी करती हैं।

राजस्थान विशेष

राजस्थान में राष्ट्रीय नियुक्तियों का प्रभाव राज्य प्रशासन पर पड़ता है। RPSC RAS परीक्षा के माध्यम से राजस्थान में भी उच्च स्तरीय प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियाँ की जाती हैं। राजस्थान के राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राजस्थान के मुख्यमंत्री की नियुक्ति राजस्थान के राज्यपाल द्वारा की जाती है, जो सामान्यतः विधानसभा में बहुमत वाले दल का नेता होता है।

राजस्थान की विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) का निर्वाचन विधानसभा के सदस्य अपने में से करते हैं। राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा (अनुच्छेद 217), भारत के मुख्य न्यायाधीश और कॉलेजियम की सलाह से की जाती है। राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति पदेन राज्यपाल होते हैं।

परीक्षा पैटर्न

RPSC RAS परीक्षा में राष्ट्रीय नियुक्तियों से संबंधित प्रश्न निम्नलिखित तरीकों से पूछे जाते हैं:

प्रारंभिक परीक्षा: यहाँ बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) पूछे जाते हैं जिनमें राष्ट्रीय नियुक्तियों से संबंधित तथ्य, संवैधानिक प्रावधान, योग्यताएँ और हाल की नियुक्तियों के बारे में पूछा जाता है।

मुख्य परीक्षा: मुख्य परीक्षा में वर्णनात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। यहाँ आपको राष्ट्रीय नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया, संवैधानिक आधार, वर्तमान मुद्दे और राजस्थान के संदर्भ में विस्तृत उत्तर देने होते हैं।

साक्षात्कार: साक्षात्कार में भी राष्ट्रीय नियुक्तियों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, विशेषकर करंट अफेयर्स से जुड़े प्रश्न।

स्मरण युक्तियां

कार्यकाल को याद रखें: विभिन्न पदों के कार्यकाल को याद रखने के लिए एक सारणी बनाएँ। उदाहरण के लिए, राष्ट्रपति - 5 वर्ष, उपराष्ट्रपति - 5 वर्ष, न्यायाधीश - 65 वर्ष की आयु तक।

संवैधानिक अनुच्छेद: महत्वपूर्ण अनुच्छेदों को याद करें: अनुच्छेद 53 (संघ की कार्यपालिका शक्ति), अनुच्छेद 75 (मंत्रिपरिषद), अनुच्छेद 124 (सर्वोच्च न्यायालय), अनुच्छेद 93 (लोकसभा स्पीकर), अनुच्छेद 66 (उपराष्ट्रपति का निर्वाचन)।

मानचित्र बनाएँ: नियुक्ति प्रक्रिया को दिखाने वाले फ़्लो चार्ट बनाएँ। यह आपको विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के क्रम को समझने में मदद करेगा।

करंट अफेयर्स पर ध्यान दें: हाल की महत्वपूर्ण नियुक्तियों को नोट करें। यह परीक्षा में सहायक हो सकता है।

तुलनात्मक अध्ययन: राष्ट्रीय और राज्य स्तर की नियुक्तियों में अंतर को समझें। यह आपके ज्ञान को गहरा करेगा।

राष्ट्रीय नियुक्तियों का विषय RPSC RAS परीक्षा में सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नियमित अध्ययन, करंट अफेयर्स से अपडेट रहना और संवैधानिक प्रावधानों को समझना इस विषय में सफलता की कुंजी है।

⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • •राजस्थान बजट 2025-26 में 'राइजिंग राजस्थान' निवेश सम्मेलन की घोषणाओं को लागू करने पर जोर दिया गया।
  • •भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की; नई दिल्ली शिखर सम्मेलन 9-10 सितंबर 2023 को हुआ।
  • •5 जून — विश्व पर्यावरण दिवस; 1972 स्टॉकहोम सम्मेलन की वर्षगाँठ।
  • •22 मार्च विश्व जल दिवस; UN द्वारा 1993 से।
  • •22 अप्रैल विश्व पृथ्वी दिवस; 1970 से।
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    दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 के संबंध में स्तम्भ-I को स्तम्भ-II से सुमेलित कीजिए : स्तम्भ-I (सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन) : (I) अनन्या बिजेश (II) प्रतीक खंडेलवाल (III) प्रियंका दीपक दाबाडे स्तम्भ-II (उत्कृष्ट कार्य का क्षेत्र) : (a) कला एवं संस्कृति (b) संगीत (c) सुगम्यता कूट :

    1. (A) I-a, II-b, III-c
    2. (B) I-c, II-b, III-a
    3. (C) I-c, II-a, III-b
    4. (D) I-b, II-c, III-a

    उत्तर: (D) I-b, II-c, III-a

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    1. (A) 16 स्वर्ण और 11 कांस्य
    2. (B) 11 स्वर्ण और 7 कांस्य
    3. (C) 16 स्वर्ण और 7 कांस्य
    4. (D) 11 स्वर्ण और 16 कांस्य

    उत्तर: (C) 16 स्वर्ण और 7 कांस्य

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    1. (A) कथन I और II दोनों सही हैं।
    2. (B) केवल कथन I सही है।
    3. (C) केवल कथन II सही है।
    4. (D) कथन I और II दोनों गलत हैं।

    उत्तर: (B) केवल कथन I सही है।

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    राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने राजस्थान में पाँचवाँ टाइगर रिज़र्व कहाँ स्वीकृत किया है?

    1. (A) सोरसन – बारां रिज़र्व
    2. (B) हमीरगढ़ – भीलवाड़ा रिज़र्व
    3. (C) धौलपुर – करौली रिज़र्व
    4. (D) नागपहाड़ – अजमेर रिज़र्व

    उत्तर: (C) धौलपुर – करौली रिज़र्व

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    राष्ट्रीय जांच एजेंसी के पूर्व महानिदेशक शरद कुमार हाल ही में किस कारण से समाचारों में रहे?

    1. (A) उन्हें जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल का सलाहकार नियुक्त किया गया है।
    2. (B) उन्हें केन्द्रीय सतर्कता आयोग में सतर्कता आयुक्त नियुक्त किया गया है।
    3. (C) उन्हें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है।
    4. (D) उन्हें संघ लोक सेवा आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है।

    उत्तर: (B) उन्हें केन्द्रीय सतर्कता आयोग में सतर्कता आयुक्त नियुक्त किया गया है।

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