परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
राजस्थान की विकास परियोजनाएं RAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं। ये परियोजनाएं राजस्थान के आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के सुधार और जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का साधन हैं। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों में राजस्थान की विकास परियोजनाओं (सिंचाई, ऊर्जा, परिवहन) से नियमित रूप से प्रश्न आए हैं।
मुख्य अवधारणाएं
1. जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाएं
राजस्थान एक अर्ध-शुष्क क्षेत्र है, इसलिए जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाएं राजस्थान के विकास की रीढ़ हैं। इंदिरा गांधी नहर परियोजना, चंबल परियोजना (राजस्थान-मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना; राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बाँध राजस्थान में हैं), बीसलपुर बाँध (बनास नदी, टोंक) और सोम-कमला-अंबा परियोजना (डूंगरपुर) राजस्थान की प्रमुख सिंचाई एवं पेयजल परियोजनाएं हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि विकास, बिजली उत्पादन और पेयजल उपलब्ध कराना है।
2. विद्युत उत्पादन और ऊर्जा परियोजनाएं
राजस्थान भारत में सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता में प्रथम स्थान पर है (गुजरात दूसरे स्थान पर)। भड़ला सौर पार्क (2,245 मेगावाट; फलोदी क्षेत्र, पूर्व में जोधपुर ज़िला), राजस्थान सौर ऊर्जा नीति 2019 और जैसलमेर क्षेत्र की पवन ऊर्जा परियोजनाएं राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा पहल का प्रतीक हैं। परमाणु ऊर्जा के लिए रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) में राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना (RAPP) है तथा ताप विद्युत के प्रमुख केंद्र सूरतगढ़, छबड़ा (बारां), कालीसिंध (झालावाड़) और कोटा हैं। ये परियोजनाएं राजस्थान को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं।
3. शहरी विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं
जयपुर मेट्रो परियोजना और स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत चयनित शहरों (जयपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा) की परियोजनाएं शहरी क्षेत्रों के आधुनिकीकरण पर केंद्रित हैं। ये परियोजनाएं परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाती हैं, यातायात में कमी लाती हैं और शहरी जनता को बेहतर जीवन सुविधाएं प्रदान करती हैं। जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर जैसे प्रमुख शहरों में विकास परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
4. पर्यटन विकास परियोजनाएं
राजस्थान देश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य है। जयपुर, जैसलमेर और पुष्कर जैसे पर्यटन स्थलों पर हेरिटेज संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं की परियोजनाएं पर्यटन बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करती हैं। ये परियोजनाएं रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा आय और सांस्कृतिक संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
5. कृषि और ग्रामीण विकास परियोजनाएं
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान जैसी जल संचयन योजनाएं ग्रामीण विकास की नींव हैं। इन परियोजनाओं का लक्ष्य किसानों की आय में वृद्धि, जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी योजनाएं ग्रामीण विकास में अग्रणी भूमिका निभाती हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
चंबल परियोजना: यह राजस्थान और मध्य प्रदेश की संयुक्त बहु-उद्देश्यीय परियोजना है जिसमें गांधी सागर (मध्य प्रदेश), राणा प्रताप सागर (चित्तौड़गढ़), जवाहर सागर (बूंदी) और कोटा बैराज शामिल हैं। यह परियोजना दोनों राज्यों को सिंचाई और बिजली सुविधाएं प्रदान करती है।
इंदिरा गांधी नहर परियोजना: पहले इसे राजस्थान नहर कहा जाता था (1984 में नाम बदला गया)। यह पंजाब के हरिके बैराज से निकलकर पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर आदि क्षेत्रों को सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराती है। राजीव गांधी लिफ्ट नहर (जैसलमेर लिफ्ट नहर) इसी नहर प्रणाली का भाग है।
जयपुर मेट्रो परियोजना: यह परियोजना जयपुर शहर में यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रथम चरण में एक ही कॉरिडोर (पिंक लाइन: मानसरोवर से बड़ी चौपड़, लगभग 12 किमी) संचालित है; मानसरोवर-चाँदपोल खंड 3 जून 2015 को और चाँदपोल-बड़ी चौपड़ खंड 23 सितंबर 2020 को शुरू हुआ।
सौर ऊर्जा परियोजनाएं: भड़ला सौर पार्क (2,245 मेगावाट) राजस्थान की प्रमुख सौर परियोजना है। राजस्थान भारत में स्थापित सौर क्षमता में प्रथम स्थान पर है (गुजरात दूसरे)। (भाकरा नांगल पंजाब-हिमाचल की जल-विद्युत/सिंचाई परियोजना है, सौर परियोजना नहीं।)
| परियोजना | नदी / स्थान | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|
| चंबल परियोजना | चंबल नदी | राजस्थान-मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना; गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, कोटा बैराज |
| इंदिरा गांधी नहर | हरिके बैराज (पंजाब) से | पहले राजस्थान नहर; पश्चिमी राजस्थान को सिंचाई व पेयजल |
| बीसलपुर बाँध | बनास नदी, टोंक | जयपुर, अजमेर, टोंक को पेयजल |
| सोम-कमला-अंबा | डूंगरपुर | सिंचाई एवं पेयजल परियोजना |
| भड़ला सौर पार्क | फलोदी क्षेत्र (पूर्व में जोधपुर ज़िला) | 2,245 मेगावाट |
| राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना (RAPP) | रावतभाटा, चित्तौड़गढ़ | राजस्थान का परमाणु बिजलीघर |
| जयपुर मेट्रो (पिंक लाइन) | मानसरोवर से बड़ी चौपड़ | जून 2015 में शुरू; लगभग 12 किमी |
राजस्थान विशेष
राजस्थान की विकास परियोजनाएं राज्य के भौगोलिक, जलवायु और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। राजस्थान सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां अवसंरचना विकास विशेष महत्व रखता है। राजस्थान में गंगनहर परियोजना, सोम-कमला-अंबा परियोजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं राजस्थान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाती है। थार मरुस्थल क्षेत्र और जैव विविधता को संरक्षित रखना इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य है।
परीक्षा पैटर्न
RPSC RAS परीक्षा में राजस्थान विकास परियोजनाओं से संबंधित प्रश्न निम्नलिखित तरीकों से पूछे जाते हैं:
प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam): इसमें एक वस्तुनिष्ठ सामान्य ज्ञान प्रश्नपत्र होता है; बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्न परियोजनाओं के स्थान, मुख्य उद्देश्य, लाभान्वित क्षेत्र और परियोजना की स्थिति से संबंधित होते हैं।
मुख्य परीक्षा (Mains Exam): इस स्तर पर संक्षिप्त और विस्तृत उत्तर प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। यहां परियोजनाओं के प्रभाव, समस्याएं, समाधान और भविष्य की योजनाओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
साक्षात्कार (Interview): साक्षात्कार में करेंट अफेयर्स विषय पर चर्चा की जाती है। राजस्थान विकास से संबंधित प्रश्नों का अच्छा ज्ञान साक्षात्कार में प्रभाव डालता है।
स्मरण युक्तियां
1. नदी-परियोजना संबंध: प्रमुख नदियों के नाम याद रखें और उनसे जुड़ी परियोजनाओं को नोट करें। उदाहरण के लिए - चंबल = गांधीसागर, राणा प्रताप सागर।
2. स्थान और क्षेत्र: परियोजनाओं को जिलों के साथ जोड़ कर याद रखें। यह भौगोलिक जानकारी भी प्रदान करता है।
3. समयबद्ध जानकारी: परियोजनाओं के शुरुआत के वर्ष, पूर्णता के वर्ष और वर्तमान स्थिति नोट करें।
4. संख्या संबंधी डेटा: परियोजनाओं की क्षमता, लाभान्वित जनसंख्या और निवेश राशि याद रखें।
5. मानचित्र अध्ययन: राजस्थान का नक्शा देखते हुए प्रत्येक परियोजना का स्थान चिह्नित करें।
6. तुलनात्मक अध्ययन: समान प्रकार की परियोजनाओं की तुलना करके सीखें।
7. करेंट अपडेट्स: हाल ही में पूरी हुई या नई परियोजनाओं की जानकारी प्राप्त करते रहें।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान बजट 2025-26 में 'राइजिंग राजस्थान' निवेश सम्मेलन की घोषणाओं को लागू करने पर जोर दिया गया।
- •भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की; नई दिल्ली शिखर सम्मेलन 9-10 सितंबर 2023 को हुआ।
- •5 जून — विश्व पर्यावरण दिवस; 1972 स्टॉकहोम सम्मेलन की वर्षगाँठ।
- •22 मार्च विश्व जल दिवस; UN द्वारा 1993 से।
- •22 अप्रैल विश्व पृथ्वी दिवस; 1970 से।