परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
राजस्थान सरकार की योजनाएं RPSC RAS परीक्षा के करेंट अफेयर्स व राजस्थान सामान्य ज्ञान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये योजनाएं स्वास्थ्य, रोजगार, महिला एवं बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की नीतियों को दर्शाती हैं।
सरकार बदलने (दिसंबर 2023) के बाद कई योजनाओं के नाम बदले या वे अन्य योजनाओं में समाहित हुईं, इसलिए पुराना और नया दोनों नाम याद रखना ज़रूरी है। परीक्षा में योजना के उद्देश्य, लाभार्थी, सहायता राशि और संचालक विभाग जैसे बिंदु पूछे जाते हैं।
मुख्य अवधारणाएं
1. मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (अब मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य — MAA योजना)
चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना 1 मई 2021 से लागू हुई थी। इसमें अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने पर परिवार को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है। शुरुआत में कवर ₹5 लाख था, जिसे 2023-24 के बजट में बढ़ाकर ₹25 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष (₹5 लाख बीमा मोड व ₹20 लाख ट्रस्ट मोड) किया गया। अब यह योजना मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के नाम से चल रही है।
2. इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना
शहरी क्षेत्रों के परिवारों को रोजगार की गारंटी देने वाली यह योजना 9 सितंबर 2022 को शुरू हुई। योजना शुरू में 100 दिन के रोजगार की गारंटी के साथ लागू हुई थी, बाद में रोजगार-दिवसों की संख्या बढ़ाकर 125 की गई। इसमें निर्माण कार्यों, नागरिक सुविधाओं के विकास और सामुदायिक सेवाओं में काम दिया जाता है।
3. महिला एवं बालिका कल्याण: राजश्री से लाडो प्रोत्साहन योजना तक
मुख्यमंत्री राजश्री योजना (1 जून 2016 से, महिला एवं बाल विकास विभाग) में बालिका को छह चरणों में कुल ₹50,000 दिए जाते थे। यह योजना अब लाडो प्रोत्साहन योजना में समाहित है, जो 1 अगस्त 2024 से पूरे राज्य में लागू है। इसमें बालिका को कुल ₹1.5 लाख सात किस्तों में मिलते हैं — जन्म पर ₹2,500; एक वर्ष की आयु व पूर्ण टीकाकरण पर ₹2,500; कक्षा 1 में प्रवेश पर ₹4,000; कक्षा 6 में ₹5,000; कक्षा 10 में ₹11,000; कक्षा 12 में ₹25,000; तथा स्नातक व 21 वर्ष की आयु पर ₹1 लाख।
4. सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाएं
वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और असहाय व्यक्तियों के कल्याण के लिए राजस्थान सरकार विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाएं चलाती है। इनमें वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन और विधवा पेंशन शामिल हैं। इसके अलावा पालनहार योजना अनाथ और निराश्रित बच्चों के पालन-पोषण के लिए है (यह महिला सशक्तिकरण की नहीं, बाल कल्याण की योजना है)।
महत्वपूर्ण तथ्य
- चिरंजीवी → MAA: 1 मई 2021 को शुरू; वर्तमान कवर ₹25 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष; अब नाम मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना।
- श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना: रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने वाली योजना, जो पहले इंदिरा रसोई योजना (2020) के नाम से चलती थी।
- राजश्री → लाडो प्रोत्साहन: राजश्री योजना (2016, ₹50,000) अब लाडो प्रोत्साहन योजना (1 अगस्त 2024 से, कुल ₹1.5 लाख) में समाहित।
- इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना: 9 सितंबर 2022 से लागू; शुरुआत 100 दिन के रोजगार की गारंटी से।
| योजना | शुरुआत | प्रमुख बिंदु |
|---|---|---|
| मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा / MAA योजना | 1 मई 2021 | प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख तक का कवर |
| इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना | 9 सितंबर 2022 | शहरी परिवारों को रोजगार; शुरू में 100 दिन |
| मुख्यमंत्री राजश्री योजना | 1 जून 2016 | बालिका को 6 चरणों में कुल ₹50,000 |
| लाडो प्रोत्साहन योजना | 1 अगस्त 2024 | बालिका को 7 किस्तों में कुल ₹1.5 लाख |
| पुराना नाम | नया नाम / वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना | मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना |
| इंदिरा रसोई योजना | श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना |
| मुख्यमंत्री राजश्री योजना | लाडो प्रोत्साहन योजना में समाहित |
राजस्थान विशेष
राजस्थान एक अनूठा राज्य है जहां सरकारी योजनाओं का कार्यान्वयन विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाता है। राजस्थान की शुष्क जलवायु, कृषि क्षेत्र में अनिश्चितता और शहरीकरण की तेज़ गति को देखते हुए योजनाओं को स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार तैयार किया जाता है।
राजस्थान सरकार की योजनाएं न केवल राष्ट्रीय नीतियों के अनुरूप हैं, बल्कि राज्य की स्थानीय जरूरतों को भी पूरा करती हैं। उदाहरण के लिए, जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण योजनाएं, कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेष कृषि योजनाएं, और शहरी विकास के लिए विशेष नगर योजनाएं राजस्थान में विशेष महत्व रखती हैं।
राजस्थान की परंपरागत संस्कृति और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाते हुए ये योजनाएं संचालित की जाती हैं। पर्यटन, कला-संस्कृति संरक्षण, और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी विशेष योजनाएं राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जाती हैं।
परीक्षा पैटर्न
RPSC RAS परीक्षा में राजस्थान सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न आमतौर पर निम्नलिखित प्रारूप में पूछे जाते हैं:
- योजना के उद्देश्य: किसी योजना के मुख्य उद्देश्य क्या हैं, इस बारे में प्रश्न।
- लाभार्थी और पात्रता: योजना के लाभार्थी कौन हैं और पात्रता मानदंड क्या हैं, इस संबंध में प्रश्न।
- वित्तीय सहायता: योजना के तहत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता की राशि और प्रक्रिया।
- कार्यान्वयन एजेंसी: योजना को लागू करने वाली एजेंसी और विभाग कौन हैं।
- तुलनात्मक विश्लेषण: एक जैसी केंद्रीय और राज्य योजनाओं में अंतर।
- महत्वपूर्ण तारीखें: योजना की घोषणा की तारीख, शुरुआत की तारीख और मुख्य मील के पत्थर।
स्मरण युक्तियां
योजनाओं को याद रखने के लिए ये विधियां उपयोगी हैं:
- शीर्षक के आधार पर वर्गीकरण: योजनाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा - इन पांच मुख्य श्रेणियों में विभाजित करें और प्रत्येक श्रेणी के अंतर्गत योजनाओं को याद रखें।
- पुराने-नए नाम जोड़ें: नाम बदली योजनाओं को जोड़ी में याद रखें — जैसे चिरंजीवी → MAA, इंदिरा रसोई → श्री अन्नपूर्णा रसोई, राजश्री → लाडो प्रोत्साहन।
- संख्याओं को याद रखें: योजना की वर्ष, बजट, लाभार्थी संख्या और वित्तीय सहायता की राशि जैसी महत्वपूर्ण संख्याओं को दोहराते रहें।
- तुलनात्मक तालिकाएं बनाएं: समान योजनाओं की तुलनात्मक तालिकाएं बनाएं जिससे उनके बीच अंतर स्पष्ट हो सके।
- नियमित समीक्षा: हर सप्ताह योजनाओं की समीक्षा करें और नई योजनाओं को अपने नोट्स में जोड़ते रहें।
- समाचारों से जुड़ें: राजस्थान के समाचारों को नियमित रूप से पढ़ें ताकि योजनाओं के कार्यान्वयन और उनके प्रभावों के बारे में वर्तमान जानकारी मिले।
- स्टडी ग्रुप में चर्चा: अन्य परीक्षार्थियों के साथ योजनाओं पर चर्चा करें जिससे आपकी समझ और गहरी हो जाए।
- योजनाओं के सामाजिक प्रभाव, आर्थिक महत्व और उद्देश्यों को समझें।
- केवल नाम और विवरण याद रखना पर्याप्त नहीं है; लाभार्थी, राशि, विभाग और पुराने-नए नाम भी याद रखें।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान बजट 2025-26 में 'राइजिंग राजस्थान' निवेश सम्मेलन की घोषणाओं को लागू करने पर जोर दिया गया।
- •भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की; नई दिल्ली शिखर सम्मेलन 9-10 सितंबर 2023 को हुआ।
- •5 जून — विश्व पर्यावरण दिवस; 1972 स्टॉकहोम सम्मेलन की वर्षगाँठ।
- •22 मार्च विश्व जल दिवस; UN द्वारा 1993 से।
- •22 अप्रैल विश्व पृथ्वी दिवस; 1970 से।