परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षा में बैंकिंग एवं आर्थिक संरचना का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अर्थव्यवस्था के मैक्रो आर्थिक पहलू को समझना राजस्थान के आर्थिक विकास को समझने के लिए आवश्यक है। बैंकिंग क्षेत्र राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यह क्षेत्र सरकार द्वारा निर्धारित आर्थिक नीतियों को कार्यान्वित करने का माध्यम है।
RPSC RAS परीक्षा में "राजस्थान की अर्थव्यवस्था" विभाग के अंतर्गत बैंकिंग, मुद्रा आपूर्ति, क्रेडिट वितरण और वित्तीय समावेशन से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
मुख्य अवधारणाएं
१. भारतीय बैंकिंग प्रणाली एवं संरचना
भारतीय बैंकिंग प्रणाली को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा नियंत्रित किया जाता है। मौद्रिक नीति (रेपो दर) का निर्धारण RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) करती है, जिसका गठन 2016 में हुआ। भारतीय बैंकिंग प्रणाली दो स्तरों पर कार्य करती है - केंद्रीय बैंकिंग (RBI) और वाणिज्यिक बैंकिंग। राजस्थान में राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं का एक विस्तृत नेटवर्क है जो जनता को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) राजस्थान में बैंकिंग सेवाओं को संचालित करते हैं।
- RBIकेंद्रीय बैंक
- वाणिज्यिक बैंकसार्वजनिक क्षेत्र, निजी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
- सहकारी बैंकग्रामीण ऋण
२. मुद्रा आपूर्ति और मौद्रिक नीति
मुद्रा आपूर्ति से तात्पर्य अर्थव्यवस्था में परिचलन में आने वाली कुल मुद्रा से है। RBI मौद्रिक नीति के माध्यम से अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करती है। मुद्रा आपूर्ति को विभिन्न घटकों (आरक्षित मुद्रा M0 तथा M1, M2, M3) में वर्गीकृत किया जाता है; RBI अब M4 प्रकाशित नहीं करता। राजस्थान की अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति का सीधा प्रभाव मुद्रास्फीति, रोजगार और आर्थिक वृद्धि पर पड़ता है। संकुचनकारी (contraction) या विस्तारकारी (expansion) की मौद्रिक नीति का प्रयोग आर्थिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
३. ऋण वितरण और कृषि अर्थव्यवस्था
राजस्थान में कृषि अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसके लिए बैंकों द्वारा कृषि ऋण प्रदान किए जाते हैं। प्राथमिकता क्षेत्र को उधार (Priority Sector Lending - PSL) के अंतर्गत बैंकों को समायोजित निवल बैंक ऋण (ANBC) का कुल ४० प्रतिशत प्राथमिकता क्षेत्र को देना अनिवार्य है, जिसमें कृषि के लिए १८ प्रतिशत का उप-लक्ष्य है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना किसानों को आसान ऋण प्राप्ति में सहायता करती है। मुद्रास्फीति के समय में ऋण की दर बढ़ाई जाती है और अवस्फीति के समय घटाई जाती है।
| प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (PSL) लक्ष्य | ANBC का हिस्सा |
|---|---|
| कुल प्राथमिकता क्षेत्र | 40% |
| कृषि (उप-लक्ष्य) | 18% |
| सूक्ष्म उद्यम (उप-लक्ष्य) | 7.5% |
| कमजोर वर्ग (उप-लक्ष्य) | 12% |
४. वित्तीय समावेशन और डिजिटल बैंकिंग
वित्तीय समावेशन का अर्थ है सभी आर्थिक वर्गों को बैंकिंग सेवाओं में शामिल करना। राजस्थान में "प्रधानमंत्री जन धन योजना" (PMJDY), "बीमा योजना" और अन्य सरकारी पहल के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से मोबाइल, इंटरनेट और ATM सेवाओं का विस्तार किया गया है। यह राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
५. विनिमय दर और विदेशी व्यापार
भारतीय रुपये की विनिमय दर (exchange rate) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मुद्रा की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती है। राजस्थान के निर्यात उद्योगों, विशेषकर वस्त्र, संगमरमर और रत्न व्यापार पर विनिमय दर में परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है। फ्लोटिंग विनिमय दर प्रणाली के अंतर्गत बाजार शक्तियां विनिमय दर को निर्धारित करती हैं। राजस्थान के निर्यातकों को विदेशी मुद्रा जोखिम (foreign exchange risk) का सामना करना पड़ता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
१. RBI की स्थापना: भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना १ अप्रैल १९३५ को हुई थी और यह भारत का केंद्रीय बैंक है।
२. राजस्थान में बैंक शाखाओं की संख्या: राजस्थान में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की हजारों शाखाएं कार्य कर रही हैं जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को सेवाएं प्रदान करती हैं।
३. बेसल मानदंड: अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग मानदंडों के अनुसार बैंकों को निर्धारित पूंजी पर्याप्तता अनुपात (capital adequacy ratio) बनाए रखना अनिवार्य है।
४. प्राथमिकता क्षेत्र को उधार: कृषि, लघु व्यवसाय, शिक्षा और आवास के क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाती है।
५. मुद्रास्फीति दर: राजस्थान सहित पूरे भारत में खाद्य मुद्रास्फीति और ईंधन मुद्रास्फीति मुख्य चिंता का विषय है।
राजस्थान विशेष
राजस्थान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है और बैंकिंग क्षेत्र इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे प्रमुख शहरों में बैंकिंग सेवाओं का अधिक विकास हुआ है, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बैंकिंग सुविधाओं की कमी है।
राजस्थान की कृषि को मानसून पर अत्यधिक निर्भरता के कारण सूखे का खतरा रहता है। इसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत फसल बीमा की सुविधा उपलब्ध है और बैंक कृषि ऋण प्रदान करते हैं। राजस्थान में खनन, वस्त्र उद्योग, पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्र को भी बैंकिंग सहायता प्रदान की जाती है।
हाल के वर्षों में डिजिटल भुगतान और मोबाइल बैंकिंग में राजस्थान ने प्रभावशाली प्रगति की है। UPI (Unified Payments Interface) के माध्यम से लेनदेन में वृद्धि हुई है। सरकार द्वारा गांव-गांव में बैंकिंग कियोस्क स्थापित किए जा रहे हैं जो ग्रामीण इलाकों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।
परीक्षा पैटर्न
RPSC RAS परीक्षा में बैंकिंग और अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रश्न निम्नलिखित तरीकों से पूछे जाते हैं:
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ): RBI की नीति, मुद्रा आपूर्ति, ब्याज दर और बैंकिंग नियमों से प्रश्न।
तुलनात्मक प्रश्न: विभिन्न बैंकिंग योजनाओं और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में बैंकिंग विकास की तुलना।
आंकड़ात्मक प्रश्न: बैंक शाखाओं की संख्या, जमा राशि, अग्रिम राशि और साक्षरता दरों से संबंधित।
संरचनात्मक प्रश्न: किसान क्रेडिट कार्ड, प्राथमिकता क्षेत्र को उधार और अन्य योजनाओं का विस्तृत विवरण।
स्मरण युक्तियां
१. "RBI RATE": RBI की महत्वपूर्ण दरों को याद रखें - Repo Rate, Reverse Repo Rate, Statutory Liquidity Ratio (SLR) और Cash Reserve Ratio (CRR)।
२. "PSL-40": प्राथमिकता क्षेत्र को उधार का कुल लक्ष्य ४० प्रतिशत (कृषि उप-लक्ष्य १८ प्रतिशत)।
३. "JAM": जन धन (Jan Dhan), Aadhaar, Mobile की त्रिमुखी रणनीति।
४. "RAJASTHAN BANKING": राजस्थान = कृषि + खनन + पर्यटन + वस्त्र उद्योग।
५. "M1 < M2 < M3": मुद्रा आपूर्ति के विभिन्न स्तर (M4 अब प्रकाशित नहीं होता)।
६. "SHG-Bank Linkage": स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण से जोड़ना।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान में बाजरा सर्वाधिक उत्पादित खाद्य फसल है; देश के कुल बाजरा उत्पादन में प्रथम स्थान।
- •राजस्थान सीसा-जस्ता, तांबा, संगमरमर और जिप्सम में देश में प्रथम स्थान पर है।
- •इंदिरा गांधी नहर परियोजना थार मरुस्थल में सिंचाई की सबसे बड़ी परियोजना है; यह व्यास और सतलज नदियों से जल लेती है।
- •राजस्थान भारत के GDP में लगभग 5% योगदान करता है (2023-24)।
- •राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि व सम्बद्ध क्षेत्र ~25-26% योगदान देते हैं।