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📚 राजस्थान की अर्थव्यवस्था

राजस्थान के जल संसाधन: नदियां, सिंचाई, भूजल | RAS Notes

Water Resources of Rajasthan: Rivers, Irrigation, Groundwater

⏱ 12 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: मार्च 2026· Economy of Rajasthan

परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता

जल संसाधन राजस्थान की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। RPSC RAS परीक्षा में अर्थव्यवस्था खंड के तहत जल संसाधन से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। राजस्थान एक अर्ध-शुष्क प्रदेश है जहां वर्षा अनियमित और असमान वितरण की समस्या है। इसलिए यह विषय प्रीलिम्स और मेन्स दोनों परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जल संसाधन का सही प्रबंधन और विकास राजस्थान के कृषि, पशुपालन, उद्योग और पेयजल आपूर्ति को प्रभावित करता है।

प्रीलिम्स में सामान्यतः बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं जबकि मेन्स में विस्तृत उत्तर की मांग की जाती है।

मुख्य अवधारणाएं

जल संसाधन का वर्गीकरण

जल संसाधनों को मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है - सतही जल और भूमिगत जल। सतही जल में नदियों, झीलों, जलाशयों और नहरों का जल शामिल है। राजस्थान में चंबल, बनास, लूनी, माही, काली सिंध, पार्वती, साबरमती और घग्घर जैसी नदियां हैं। भूमिगत जल भूजल स्रोतों से प्राप्त होता है। राजस्थान में भूमिगत जल अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि अधिकांश क्षेत्र वर्षा की कमी से प्रभावित हैं। वर्तमान में भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन एक गंभीर समस्या बन गई है।

राजस्थान की नदी प्रणाली और वर्षा पैटर्न

राजस्थान में वर्षा का वितरण बहुत असमान है: पश्चिमी भाग (जैसलमेर क्षेत्र) में लगभग 100 मिलीमीटर से भी कम, जबकि दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी भाग में कहीं अधिक (माउंट आबू में 1000 मिमी से अधिक)। पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में बहुत कम वर्षा होती है। जैसलमेर और बीकानेर सबसे शुष्क क्षेत्रों में हैं। चंबल नदी दक्षिण-पूर्वी राजस्थान (कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर) से होकर गुजरती है; यह यमुना की सहायक नदी है और इसका जल अंततः बंगाल की खाड़ी में पहुँचता है। माही और साबरमती अरब सागर की ओर बहती हैं। लूनी नदी मरुस्थलीय क्षेत्र में बहती है और कच्छ के रण में विलीन हो जाती है। इन नदियों का जल कृषि और पेयजल के लिए महत्वपूर्ण है।

नदीअंतिम गंतव्य / अपवाह
चंबलयमुना की सहायक नदी; बंगाल की खाड़ी तंत्र
बनास, काली सिंध, पार्वतीचंबल की सहायक नदियां; बंगाल की खाड़ी तंत्र
माही, साबरमतीअरब सागर (खंभात की खाड़ी)
लूनीकच्छ का रण
घग्घरआंतरिक अपवाह (मौसमी नदी)

जलाशय और बांधों की भूमिका

राजस्थान में कई महत्वपूर्ण जलाशय और बांध हैं जो जल संसाधन प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, कोटा बैराज, राजसमंद, पिछोला और उदयसागर जैसे जलाशय प्रमुख हैं। इंदिरा गांधी नहर (हरिके बैराज से निकलने वाली, भाखड़ा-नांगल परियोजना से अलग परियोजना) राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में जल की आपूर्ति करती है। ये बांध और जलाशय सिंचाई, विद्युत उत्पादन और जल आपूर्ति के मुख्य स्रोत हैं।

सिंचाई और कृषि विकास

राजस्थान की कृषि मानसून पर अत्यधिक निर्भर है, इसलिए सिंचाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य में सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत कुएं और नलकूप हैं (कुल सिंचित क्षेत्र का लगभग दो-तिहाई), जिसके बाद नहरें आती हैं। भूमिगत जल का दोहन हाल के वर्षों में अत्यधिक बढ़ गया है जिससे जल स्तर में गिरावट आई है।

जल गुणवत्ता और संरक्षण की चुनौतियां

राजस्थान में जल गुणवत्ता एक बड़ी समस्या है। अनेक क्षेत्रों में भूमिगत जल में लवणीयता, फ्लोराइड और नाइट्रेट का उच्च स्तर मिलता है। पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर जैसे जिलों में जल की लवणीयता विशेष समस्या है। राज्य के कई जिलों में फ्लोराइड की अधिकता से दंत और कंकाल विकृति (फ्लोरोसिस) होती है। जल संरक्षण और जल प्रबंधन के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं चलाई हैं जैसे मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, राज्य जल नीति आदि।

महत्वपूर्ण तथ्य

राजस्थान की वार्षिक वर्षा: औसतन 575 मिलीमीटर, लेकिन क्षेत्रीय भिन्नता अधिक है।

प्रमुख नदियां: चंबल, बनास, लूनी, माही, काली सिंध, पार्वती, साबरमती, घग्घर आदि।

इंदिरा गांधी नहर की लंबाई: कुल लगभग 649 किलोमीटर (मुख्य नहर 445 किमी + फीडर नहर 204 किमी); यह हरिके बैराज (सतलज-व्यास संगम) से निकलती है।

प्रमुख जलाशय: राणा प्रताप सागर (चंबल नदी पर, चित्तौड़गढ़); जयसमंद (उदयपुर) एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम मीठे पानी की झील मानी जाती है।

पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी: बनास (लगभग 512 किमी)।

जल संकट जिले: बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, चूरू प्रमुख रूप से प्रभावित हैं।

राजस्थान विशेष

राजस्थान की जल परिस्थिति भारत के अन्य राज्यों से भिन्न है। यहां की अर्ध-शुष्क जलवायु के कारण जल की कमी एक स्थायी समस्या है। राजस्थान को अन्य राज्यों से नदी जल के बंटवारे पर निर्भर रहना पड़ता है। रावी-व्यास जल बंटवारा समझौते (1981) के तहत राजस्थान को पंजाब की नदियों के जल का हिस्सा मिलता है, जो इंदिरा गांधी नहर के माध्यम से पहुंचाया जाता है। चंबल समझौते के तहत चंबल नदी के जल का बंटवारा राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच होता है। यमुना जल समझौते (1994) के तहत भी राजस्थान को कुछ जल प्राप्त होता है।

राजस्थान में पारंपरिक जल संरक्षण संरचनाएं जैसे खादीन, जोहड़ और तालाब भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इंदिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान में सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है जिसने पश्चिमी राजस्थान को कृषि योग्य बनाने में मदद की है।

परीक्षा पैटर्न

प्रीलिम्स में संभावित प्रश्न:

  • राजस्थान में पूर्णतः बहने वाली सबसे लंबी नदी कौन सी है? (उत्तर: बनास)
  • इंदिरा गांधी नहर किन नदियों से जल प्राप्त करती है?
  • राजस्थान में कौन से जिले सबसे शुष्क हैं?
  • चंबल समझौते के तहत कौन से राज्य हैं? (राजस्थान और मध्य प्रदेश)

मेन्स में संभावित प्रश्न:

  • राजस्थान में जल संसाधनों की समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से लिखिए।
  • इंदिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान के आर्थिक विकास में क्या भूमिका निभाती है?
  • भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन से राजस्थान में कौन सी समस्याएं पैदा हुई हैं?

स्मरण युक्तियां

नदियों को याद करने के लिए: "चंबल, बनास, लूनी - ये राजस्थान की मुख्य नदियां हैं।" पश्चिम से पूर्व की ओर सोचें।

वर्षा पैटर्न: "पूर्व = अधिक, पश्चिम = कम" - यह सिद्धांत हमेशा याद रखें।

जल संसाधन स्रोत: सतही (नदियां, नहरें, बांध) + भूमिगत (कुआं, बोरवेल) = कुल जल संसाधन।

महत्वपूर्ण समझौते: रावी-व्यास (1981), चंबल (राजस्थान-मध्य प्रदेश), यमुना (1994)।

संख्याओं को याद रखें: IGNP की कुल लंबाई - 649 किमी (445 + 204), औसत वर्षा - लगभग 575 मिमी, सिंचाई में कुएं-नलकूप - लगभग दो-तिहाई।

जल संकट क्षेत्र: "बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, चूरू - पश्चिमी राजस्थान के चार प्रमुख जल-संकट जिले।"

⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • •राजस्थान में बाजरा सर्वाधिक उत्पादित खाद्य फसल है; देश के कुल बाजरा उत्पादन में प्रथम स्थान।
  • •राजस्थान सीसा-जस्ता, तांबा, संगमरमर और जिप्सम में देश में प्रथम स्थान पर है।
  • •इंदिरा गांधी नहर परियोजना थार मरुस्थल में सिंचाई की सबसे बड़ी परियोजना है; यह व्यास और सतलज नदियों से जल लेती है।
  • •राजस्थान भारत के GDP में लगभग 5% योगदान करता है (2023-24)।
  • •राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि व सम्बद्ध क्षेत्र ~25-26% योगदान देते हैं।
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आधिकारिक प्रश्नपत्रों के असली प्रश्न, उत्तर सहित।

  1. RAS 2023

    राजस्थान में अटल भूजल योजना के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं? (I) अटल भूजल योजना राजस्थान सरकार द्वारा भारत सरकार की वित्तीय सहायता से चलाई जा रही है। (II) इस योजना का ध्यान भूजल के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ इसके घटते स्तर को रोकने पर है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:

    1. (A) न तो (I) और न ही (II)
    2. (B) केवल (II)
    3. (C) केवल (I)
    4. (D) (I) और (II) दोनों

    उत्तर: (B) केवल (II)

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