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📚 आर्थिक अवधारणाएं एवं भारतीय अर्थव्यवस्था

भारत में गरीबी और बेरोजगारी — अवधारणाएं और माप

Poverty and Unemployment in India — Concepts and Measures

11 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: मई 2026· Economic Concepts and Indian Economy

परिचय

गरीबी और बेरोजगारी RAS Prelims के मूल विषय हैं। गरीबी रेखा, समितियों और बेरोजगारी के प्रकारों पर हर वर्ष प्रश्न आते हैं।

भारत में गरीबी

गरीबी रेखा

भारत न्यूनतम कैलोरी सेवन के आधार पर गरीबी मापता है: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2400 कैलोरी/दिन और शहरी क्षेत्रों के लिए 2100 कैलोरी/दिन (अलघ समिति 1979)।

महत्वपूर्ण समितियां

अलघ समिति (1979): कैलोरी आधारित पहली परिभाषा। लकड़ावाला समिति (1993): संशोधित पद्धति। तेंदुलकर समिति (2009): उपभोग व्यय आधार पर। ग्रामीण: ₹816/माह, शहरी: ₹1000/माह। रंगराजन समिति (2014): उच्चतर अनुमान।

बेरोजगारी के प्रकार

संरचनात्मक: कौशल और रोजगार में बेमेल। घर्षणात्मक: नौकरी बदलते समय, अल्पकालिक। मौसमी: कृषि श्रमिक ऑफ-सीजन में। प्रच्छन्न: आवश्यकता से अधिक श्रमिक — भारतीय कृषि में सामान्य। चक्रीय: आर्थिक मंदी के कारण।

RAS Prelims में महत्व

ध्यान दें: गरीबी रेखा समितियां, कैलोरी मानक, बेरोजगारी के प्रकार विशेषतः कृषि में प्रच्छन्न बेरोजगारी, MGNREGA विवरण।

त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • GDP = C + I + G + (X−M); यह एक वर्ष में देश की सीमा के भीतर उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है।
  • भारत की पहली पंचवर्षीय योजना 1951-56 में 'हैरोड-डोमर' मॉडल पर आधारित थी।
  • RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई; 1949 में राष्ट्रीयकरण; मुख्यालय मुंबई।
  • भारत में GST 1 जुलाई 2017 से लागू; 101वें संशोधन (2016)।
  • GDP = देश की भौगोलिक सीमा के भीतर एक वर्ष में उत्पादित अंतिम वस्तुओं/सेवाओं का बाजार मूल्य।
इस टॉपिक को पूरा करने के बाद मार्क करें — सिलेबस प्रगति में जुड़ जाएगा।

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