परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
पुरस्कार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उपलब्धि को मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। RPSC RAS परीक्षा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विषय के अंतर्गत पुरस्कारों का अध्ययन अत्यावश्यक है क्योंकि यह भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान समुदाय की उपलब्धियों को समझने में सहायता करता है। प्रश्नपत्र में प्रायः निम्नलिखित पहलुओं से प्रश्न पूछे जाते हैं:
- विभिन्न विज्ञान पुरस्कार और उनके प्रदाता
- भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा प्राप्त अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार
- पुरस्कार के मानदंड और महत्व
- राजस्थान के वैज्ञानिकों के पुरस्कार
मुख्य अवधारणाएं
1. नोबेल पुरस्कार - विज्ञान का सर्वोच्च सम्मान
नोबेल पुरस्कार विश्व का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। इसकी स्थापना स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत (1895) के अनुसार हुई और पहली बार 1901 में पुरस्कार दिए गए। यह पुरस्कार भौतिकी, रसायन विज्ञान, शरीर विज्ञान या चिकित्सा, साहित्य और शांति में दिया जाता है; अर्थशास्त्र का पुरस्कार 1969 से दिया जा रहा है। प्रत्येक पुरस्कार के साथ स्वर्ण पदक, डिप्लोमा और नकद राशि दी जाती है। विज्ञान में नोबेल पाने वाले भारतीय/भारतीय मूल के वैज्ञानिकों में चंद्रशेखर वेंकट रमन (भौतिकी, 1930), हरगोविंद खुराना (चिकित्सा, 1968), सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर (भौतिकी, 1983) और वेंकटरमन रामकृष्णन (रसायन, 2009) शामिल हैं। खुराना, चंद्रशेखर और रामकृष्णन विदेशी नागरिकता वाले भारतीय मूल के वैज्ञानिक थे। नोबेल राशि 2025 में प्रति पुरस्कार 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना है।
| विजेता | वर्ष | क्षेत्र |
|---|---|---|
| रवींद्रनाथ टैगोर | 1913 | साहित्य |
| सी.वी. रमन | 1930 | भौतिकी |
| हरगोविंद खुराना (भारतीय मूल, अमेरिकी नागरिक) | 1968 | चिकित्सा |
| मदर टेरेसा | 1979 | शांति |
| सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर (भारतीय मूल) | 1983 | भौतिकी |
| अमर्त्य सेन | 1998 | अर्थशास्त्र |
| वेंकटरमन रामकृष्णन (भारतीय मूल) | 2009 | रसायन |
| कैलाश सत्यार्थी | 2014 | शांति |
| अभिजीत बनर्जी (भारतीय मूल) | 2019 | अर्थशास्त्र |
2. भारत रत्न - राष्ट्रीय सर्वोच्च सम्मान
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है जो असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सी.वी. रमन (1954), एम. विश्वेश्वरैया (1955, इंजीनियर), ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (1997), सी.एन.आर. राव (2014) और एम.एस. स्वामीनाथन (2024) को भारत रत्न मिला है। भारत रत्न की स्थापना 1954 में हुई और पहले पुरस्कार (1954) सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी.वी. रमन को मिले। इसकी घोषणा आम तौर पर गणतंत्र दिवस की पूर्व-संध्या पर होती है, जबकि अलंकरण समारोह प्रायः मार्च-अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में होता है।
3. पद्म पुरस्कार - विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता
पद्म पुरस्कार भारत के तीन प्रमुख राष्ट्रीय सम्मान हैं - पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को ये पुरस्कार दिए जाते हैं। पद्म विभूषण सर्वोच्च है, इसके बाद पद्म भूषण आता है, और पद्म श्री सबसे निचले स्तर पर है। ये पुरस्कार प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व-संध्या (25 जनवरी) पर घोषित किए जाते हैं।
4. शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार - भारतीय विज्ञानियों के लिए
यह पुरस्कार CSIR (वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद) द्वारा भारतीय वैज्ञानिकों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में दिया जाता था और इसे भारत के सबसे प्रतिष्ठित विज्ञान पुरस्कारों में गिना जाता था। इसकी स्थापना 1957 में की गई थी और यह 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिकों को दिया जाता है। अब भारत सरकार के नए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर और विज्ञान टीम) ने भटनागर पुरस्कार सहित पहले के विज्ञान पुरस्कारों का स्थान ले लिया है; पहले विजेताओं की घोषणा 2024 में हुई।
5. अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पुरस्कार एवं स्वीकृतियां
विश्व के विभिन्न देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी प्रतिष्ठित पुरस्कार देते हैं। वुल्फ प्राइज, रामानुजन पुरस्कार (ICTP), एबेल पुरस्कार और फील्ड्स मेडल जैसे पुरस्कार गणित और विज्ञान में दिए जाते हैं। भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियां इन्हीं पुरस्कारों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मान्यता प्राप्त करती हैं। ये पुरस्कार किसी विशेष क्षेत्र में उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।
| पुरस्कार | देने वाली संस्था / क्षेत्र | मुख्य बिंदु |
|---|---|---|
| नोबेल पुरस्कार | नोबेल फाउंडेशन (स्वीडन); विज्ञान, साहित्य, शांति, अर्थशास्त्र | पहली बार 1901; अर्थशास्त्र 1969 से |
| भारत रत्न | भारत सरकार; सर्वोच्च नागरिक सम्मान | स्थापना 1954 |
| पद्म पुरस्कार | भारत सरकार | विभूषण > भूषण > श्री; घोषणा 25 जनवरी की संध्या |
| शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार | CSIR; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी | स्थापना 1957; 45 वर्ष से कम आयु |
| फील्ड्स मेडल | गणित | हर 4 वर्ष में; 40 वर्ष से कम आयु; 1936 से |
| रामानुजन पुरस्कार | ICTP; गणित | 2005 से; विकासशील देशों के युवा गणितज्ञ |
| एबेल पुरस्कार | गणित | 2003 से; प्रतिवर्ष |
महत्वपूर्ण तथ्य
- विज्ञान में नोबेल (भारतीय/भारतीय मूल): सी.वी. रमन (1930 - भौतिकी), हरगोविंद खुराना (1968 - चिकित्सा), सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर (1983 - भौतिकी), वेंकटरमन रामकृष्णन (2009 - रसायन विज्ञान)।
- शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार: यह CSIR का पुरस्कार जैविक, रासायनिक, पृथ्वी-वायुमंडल-महासागर-ग्रह, अभियांत्रिकी, गणितीय, चिकित्सा और भौतिक विज्ञान में दिया जाता था।
- राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार: भारत सरकार द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में योगदान के लिए चार श्रेणियों में दिए जाते हैं - विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर और विज्ञान टीम।
- पुरस्कार की आवृत्ति: अधिकांश राष्ट्रीय पुरस्कार प्रतिवर्ष घोषित किए जाते हैं, जबकि कुछ द्विवार्षिक होते हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय मान्यता: भारतीय वैज्ञानिकों की विश्वव्यापी स्वीकृति इन पुरस्कारों के माध्यम से बढ़ती है।
राजस्थान विशेष
राजस्थान के वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों ने भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय योगदान दिया है। राजस्थान विश्वविद्यालय (जयपुर), स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (बीकानेर), बिट्स पिलानी और आईआईटी जोधपुर (स्थापना 2008) जैसे संस्थान राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनुसंधान के प्रमुख केंद्र हैं।
परीक्षा पैटर्न
RPSC RAS परीक्षा में पुरस्कार संबंधी प्रश्न विभिन्न रूपों में पूछे जाते हैं:
- बहुविकल्पीय प्रश्न: किस वैज्ञानिक को कौन सा पुरस्कार मिला? किस वर्ष यह पुरस्कार दिया गया? इसे किसने प्रदान किया?
- सही-गलत कथन: दिए गए कथनों की सत्यता की जांच करना।
- सूची आधारित प्रश्न: नोबेल पुरस्कार के भारतीय विजेताओं को क्रम से पहचानना।
- तुलनात्मक प्रश्न: विभिन्न पुरस्कारों के बीच अंतर।
- संदर्भ आधारित प्रश्न: एक वैज्ञानिक के कार्य और उसके पुरस्कार के बारे में।
स्मरण युक्तियां
नोबेल पुरस्कार विजेताओं को याद रखने की तकनीक: वर्ष क्रम में याद करें - रमन (1930), खुराना (1968), चंद्रशेखर (1983), रामकृष्णन (2009)। सी.वी. रमन ने रमन प्रभाव (प्रकाश का प्रकीर्णन) की खोज की, खुराना ने जेनेटिक कोड की व्याख्या पर काम किया, चंद्रशेखर ने तारों की संरचना व विकास पर काम किया (चंद्रशेखर सीमा), और रामकृष्णन ने राइबोसोम की संरचना का अध्ययन किया।
पद्म पुरस्कार को याद रखने का तरीका: "विभूषण-भूषण-श्री" के क्रम में याद रखें। ये क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तर के पुरस्कार हैं (सर्वोच्च भारत रत्न के बाद)।
भारत रत्न: पहले तीन भारत रत्न (1954) - राजगोपालाचारी, राधाकृष्णन, सी.वी. रमन। वैज्ञानिक/इंजीनियर भारत रत्न - रमन (1954), विश्वेश्वरैया (1955), कलाम (1997), सी.एन.आर. राव (2014), एम.एस. स्वामीनाथन (2024)।
काम की बात: केवल नाम नहीं, प्रत्येक वैज्ञानिक का कार्य-क्षेत्र और पुरस्कार का वर्ष साथ में याद करें।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •DNA की खोज 1953 में वॉटसन और क्रिक ने की; यह एक द्विकुण्डलित संरचना है।
- •ISRO की स्थापना 1969 में हुई; चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की।
- •भारत ने पहला परमाणु परीक्षण 1974 में 'स्माइलिंग बुद्धा' के नाम से पोखरण में किया।
- •सुपर कंप्यूटर PARAM 8000 1991 में CDAC द्वारा विकसित किया गया — यह भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था।
- •डेंगू एडीस मच्छर से फैलता है; वायरस DENV 1-4।