परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
भविष्य की तकनीक वर्तमान समय में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण विषय है। RPSC RAS परीक्षा में सामान्य अध्ययन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी खंड में यह विषय अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, क्वांटम कंप्यूटिंग और 5जी तकनीक जैसे क्षेत्र न केवल राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं बल्कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी प्रासंगिक हैं। भविष्य की तकनीकों को समझना एक सफल प्रशासक के लिए अनिवार्य है क्योंकि ये तकनीकें राजस्थान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मुख्य अवधारणाएं
1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वह तकनीक है जिसके माध्यम से मशीनें मानवीय बुद्धिमत्ता का अनुकरण करती हैं। यह स्वयं से सीखने, निर्णय लेने और समस्या समाधान करने की क्षमता प्रदान करती है। भारत ने 2018 में National AI Strategy जारी की है जिसका उद्देश्य भारत को AI में विश्व शक्ति बनाना है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और शासन जैसे क्षेत्रों में AI का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। यह रणनीति NITI Aayog ने जून 2018 में "सबके लिए AI" (#AIforAll) के नाम से जारी की थी। मार्च 2024 में सरकार ने IndiaAI मिशन (₹10,371.92 करोड़) को मंजूरी दी।
2. इंटरनेट ऑफ थिंग्स (वस्तुओं का इंटरनेट)
IoT वह प्रौद्योगिकी है जिसमें भौतिक उपकरण, सेंसर और सॉफ्टवेयर आपस में जुड़े होते हैं और डेटा का आदान-प्रदान करते हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना, डिजिटल कृषि, पहनने योग्य स्वास्थ्य उपकरण और स्मार्ट होम IoT के महत्वपूर्ण अनुप्रयोग हैं। स्मार्ट सिटी मिशन (25 जून 2015) के तहत चुने गए 100 शहरों में IoT आधारित एकीकृत कमांड-कंट्रोल सेंटर जैसी व्यवस्थाएं विकसित की गईं; मिशन की अवधि 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गई।
3. ब्लॉकचेन तकनीक
ब्लॉकचेन एक विकेंद्रीकृत और सुरक्षित डिजिटल बही-खाता है जिसमें डेटा ब्लॉकों में संग्रहीत होता है। क्रिप्टोकरेंसी, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और भूमि अभिलेख इसके प्रमुख अनुप्रयोग हैं। भारत में ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग शिक्षा प्रमाणपत्र, पहचान सत्यापन और पारदर्शी शासन के लिए बढ़ रहा है। RBI ने 2022 में डिजिटल रुपये (CBDC) का पायलट शुरू किया — थोक खंड में 1 नवंबर 2022 को और खुदरा खंड में 1 दिसंबर 2022 को।
4. 5जी तकनीक
5जी पाँचवीं पीढ़ी का मोबाइल नेटवर्क है जो अत्यधिक तेज गति, कम विलंबता और बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है। यह तकनीक ड्रोन, रोबोटिक्स, वर्चुअल रियलिटी और स्वायत्त वाहनों को संभव बनाती है। भारत में 5जी सेवा की शुरुआत 1 अक्टूबर 2022 को हुई।
5. क्वांटम कंप्यूटिंग
क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों पर आधारित होते हैं और पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में कुछ विशेष प्रकार की गणनाओं (जैसे बड़ी संख्याओं का गुणनखंडन और क्वांटम सिमुलेशन) में बहुत अधिक तेजी से काम कर सकते हैं। यह तकनीक औषधि विकास, जलवायु मॉडलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है। भारत सरकार ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (₹6,003.65 करोड़, 2023-24 से 2030-31) को मंजूरी दी।
| तकनीक | अर्थ | भारत की पहल |
|---|---|---|
| आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) | मशीनों द्वारा मानवीय बुद्धिमत्ता का अनुकरण | राष्ट्रीय AI रणनीति (NITI Aayog, 2018); IndiaAI मिशन (मार्च 2024, ₹10,371.92 करोड़) |
| इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) | आपस में जुड़े उपकरण, सेंसर व सॉफ्टवेयर जो डेटा का आदान-प्रदान करते हैं | स्मार्ट सिटी मिशन (25 जून 2015) |
| ब्लॉकचेन | विकेंद्रीकृत व सुरक्षित डिजिटल बही-खाता | RBI का डिजिटल रुपया (CBDC) पायलट, 2022 |
| 5G | पांचवीं पीढ़ी का मोबाइल नेटवर्क | भारत में 1 अक्टूबर 2022 से शुरू |
| क्वांटम कंप्यूटिंग | क्वांटम यांत्रिकी पर आधारित कंप्यूटिंग | राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (अप्रैल 2023, ₹6,003.65 करोड़, 2023-24 से 2030-31) |
- 2015स्मार्ट सिटी मिशन (25 जून), डिजिटल इंडिया (1 जुलाई)
- 2018राष्ट्रीय AI रणनीति (NITI Aayog)
- 1 अक्टूबर 2022भारत में 5G सेवा की शुरुआत
- 2022RBI का डिजिटल रुपया पायलट (थोक: 1 नवंबर, खुदरा: 1 दिसंबर)
- अप्रैल 2023राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी
- मार्च 2024IndiaAI मिशन को मंजूरी
- मार्च 2025स्मार्ट सिटी मिशन की अवधि समाप्त
महत्वपूर्ण तथ्य
डिजिटल भारत मिशन: 2015 में शुरू किए गए इस मिशन का उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना है। इसके तहत ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, डिजिटल साक्षरता और ई-गवर्नेंस पर जोर दिया जा रहा है।
मेक इन इंडिया: इस पहल का लक्ष्य भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना है। उन्नत तकनीकें जैसे AI, रोबोटिक्स और IoT इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
स्टार्टअप इंडिया: यह कार्यक्रम युवा उद्यमियों को प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
साइबर सुरक्षा: डिजिटल भारत के विकास के साथ-साथ साइबर हमलों से सुरक्षा भी अत्यंत आवश्यक है। भारत ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति 2013 को अपनाया है।
राजस्थान विशेष
आईटी सेक्टर विकास: राजस्थान तकनीकी विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और जयपुर राज्य का प्रमुख आईटी केंद्र है।
स्मार्ट सिटी परियोजना: राजस्थान के चार शहर — जयपुर, उदयपुर (प्रथम चरण, जनवरी 2016), कोटा और अजमेर (द्वितीय चरण, सितंबर 2016) — स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चुने गए थे; जोधपुर इस सूची में नहीं है। इन शहरों में IoT आधारित कमांड-कंट्रोल सेंटर जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग हुआ।
कृषि तकनीक: राजस्थान की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। AI और IoT का उपयोग करके कृषि उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रोन के माध्यम से फसल की निगरानी और सटीक कृषि तकनीकें लागू की जा रही हैं।
परीक्षा पैटर्न
RPSC RAS परीक्षा के चरण और इस विषय की तैयारी:
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): इसमें एक ही वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र "सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान" होता है — 150 प्रश्न, 200 अंक, 3 घंटे, गलत उत्तर पर 1/3 ऋणात्मक अंकन; यह परीक्षा केवल अर्हकारी है। पिछले 7 प्रश्नपत्रों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से औसतन लगभग 19 प्रश्न आए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, IoT, 5जी, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा, राजस्थान की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और डिजिटल पहलों की तैयारी रखें।
मुख्य परीक्षा (Mains): इसमें 4 वर्णनात्मक प्रश्नपत्र होते हैं — GS I, GS II, GS III और पेपर IV (सामान्य हिंदी व सामान्य अंग्रेज़ी)। विस्तृत उत्तर लिखने की तैयारी के लिए भविष्य की तकनीकों के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों तथा राजस्थान के विकास में उनकी भूमिका को समझना उपयोगी है।
साक्षात्कार (Interview): साक्षात्कार में उम्मीदवार का क्षेत्रीय ज्ञान और तकनीकी समझ परखी जाती है। भविष्य की तकनीकों को राजस्थान में कैसे लागू किया जा सकता है, इस पर विचारशील उत्तर देने की तैयारी करनी चाहिए।
स्मरण युक्तियां
संक्षिप्त नाम याद रखें: AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), ML (मशीन लर्निंग), 5G, 4IR (चतुर्थ औद्योगिक क्रांति), और NLP (नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग) जैसे संक्षिप्त नामों को अच्छी तरह समझें।
वर्तमान घटनाएं: समाचार पत्र और विज्ञान पत्रिकाओं में प्रकाशित भविष्य की तकनीकों से संबंधित समाचार को नियमित रूप से पढ़ें।
केस स्टडीज: राजस्थान के स्मार्ट शहरों (जयपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर) के उदाहरण याद रखें।
राजस्थान केंद्रित ज्ञान: राजस्थान में लागू की गई स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, डिजिटल पहलों और कृषि तकनीकों के बारे में विशेष जानकारी रखें।
विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण: केवल तकनीकी विवरण ही नहीं बल्कि इन तकनीकों के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक प्रभावों पर भी विचार करें।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •DNA की खोज 1953 में वॉटसन और क्रिक ने की; यह एक द्विकुण्डलित संरचना है।
- •ISRO की स्थापना 1969 में हुई; चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की।
- •भारत ने पहला परमाणु परीक्षण 1974 में 'स्माइलिंग बुद्धा' के नाम से पोखरण में किया।
- •सुपर कंप्यूटर PARAM 8000 1991 में CDAC द्वारा विकसित किया गया — यह भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था।
- •डेंगू एडीस मच्छर से फैलता है; वायरस DENV 1-4।