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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

प्रधानमंत्री की सोमनाथ मंदिर यात्रा

12 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

सोमनाथ (प्रभास पाटन, गुजरात) — 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम; 1951 में पुनः उद्घाटन (राजेंद्र प्रसाद)।

क्या हुआ

प्रधानमंत्री की सोमनाथ मंदिर (गुजरात) यात्रा की चर्चा हुई। सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के बारह 'ज्योतिर्लिंगों' में से प्रथम माना जाता है, जो गुजरात के सौराष्ट्र तट (वेरावल/प्रभास पाटन) पर स्थित है। इसका ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है — इसे मध्यकाल में कई बार (विशेषकर महमूद ग़ज़नवी द्वारा) लूटा व नष्ट किया गया तथा बार-बार पुनर्निर्मित किया गया। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की पहल पर इसका पुनर्निर्माण हुआ (1951 में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने उद्घाटन किया)। यह भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विरासत, पुनर्निर्माण व राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। यह कला-संस्कृति व विरासत से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1प्रधानमंत्री की सोमनाथ मंदिर यात्रा।
  2. 2सोमनाथ — प्रथम ज्योतिर्लिंग; गुजरात तट।
  3. 3मध्यकाल में बार-बार लूट व पुनर्निर्माण।
  4. 4सरदार पटेल की पहल पर पुनर्निर्माण (1951)।
  5. 5सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विरासत व राष्ट्रीय गौरव।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

ज्योतिर्लिंग, मंदिर वास्तुकला व सोलंकी वंश इतिहास/संस्कृति में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: सोमनाथ — प्रथम ज्योतिर्लिंग; गुजरात (वेरावल)। महमूद ग़ज़नवी द्वारा लूट। सरदार पटेल — पुनर्निर्माण (1951)। 12 ज्योतिर्लिंग।

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