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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

राष्ट्रपति भवन में लुटियन की जगह राजगोपालाचारी की प्रतिमा

23 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) — स्वतंत्र भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल; स्वतंत्रता सेनानी।

क्या हुआ

राष्ट्रपति भवन में लुटियन्स की मूर्ति के स्थान पर सी. राजगोपालाचारी की मूर्ति लगाने की चर्चा हुई। सी. राजगोपालाचारी ('राजाजी', 1878-1972) एक स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान व राजनेता थे — वे स्वतंत्र भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल (1948-50; इस पद पर एकमात्र भारतीय) रहे। वे मद्रास प्रेसीडेंसी/राज्य के मुख्यमंत्री व 'स्वतंत्र पार्टी' के संस्थापक भी थे, तथा 'भारत रत्न' के पहले प्राप्तकर्ताओं में से एक थे। एडविन लुटियन्स वह ब्रिटिश वास्तुकार थे जिन्होंने नई दिल्ली व राष्ट्रपति भवन (तत्कालीन वायसराय हाउस) को डिज़ाइन किया। औपनिवेशिक प्रतीकों को भारतीय नायकों से प्रतिस्थापित करना 'विउपनिवेशीकरण'/राष्ट्रीय गौरव की एक व्यापक प्रवृत्ति है। यह कला-संस्कृति व आधुनिक इतिहास से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1राष्ट्रपति भवन में राजगोपालाचारी की मूर्ति।
  2. 2'राजाजी' (1878-1972) — स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान।
  3. 3स्वतंत्र भारत के अंतिम (एकमात्र भारतीय) गवर्नर-जनरल।
  4. 4स्वतंत्र पार्टी संस्थापक; भारत रत्न।
  5. 5लुटियन्स — राष्ट्रपति भवन/नई दिल्ली के वास्तुकार।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

राजगोपालाचारी, अंतिम गवर्नर-जनरल व स्वतंत्रता आंदोलन आधुनिक भारतीय इतिहास में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: राजगोपालाचारी 'राजाजी' (1878-1972) — स्वतंत्र भारत के अंतिम (एकमात्र भारतीय) गवर्नर-जनरल; स्वतंत्र पार्टी; भारत रत्न। लुटियन्स — राष्ट्रपति भवन के वास्तुकार।

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