9 मार्च 2026 · 9 March 2026अर्थव्यवस्था
RBI की OMO खरीद
RBI's OMO purchases
OMO — RBI द्वारा खुले बाज़ार में सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद/बिक्री; तरलता विनियमन उपकरण।
मुख्य तथ्य
- •RBI की OMO (खुला बाज़ार परिचालन) खरीद।
- •सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec) की खरीद/बिक्री।
- •खरीद = बाज़ार में नकदी डालना (तरलता बढ़ाना)।
- •तरलता-कमी/प्रोत्साहन के समय किया जाता है।
- •मौद्रिक नीति उपकरण; रेपो, CRR, SLR के साथ।
RBI की OMO (Open Market Operations / खुला बाज़ार परिचालन) खरीद की चर्चा हुई। OMO वह उपकरण है जिसके द्वारा RBI खुले बाज़ार में सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) की खरीद या बिक्री करके बैंकिंग प्रणाली में तरलता (नकदी) को नियंत्रित करता है। जब RBI प्रतिभूतियाँ 'खरीदता' है, तो वह बाज़ार में नकदी डालता है (तरलता बढ़ाता है, ब्याज-दरें घटाने में सहायक) — यह आमतौर पर तरलता-कमी या आर्थिक प्रोत्साहन के समय किया जाता है। इसके विपरीत प्रतिभूति-बिक्री तरलता सोखती है। OMO मौद्रिक नीति, मुद्रास्फीति-नियंत्रण व ब्याज-दर प्रबंधन का एक प्रमुख मात्रात्मक उपकरण है (रेपो-दर, CRR, SLR के साथ)। यह अर्थव्यवस्था व मौद्रिक नीति से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
OMO, तरलता प्रबंधन व मौद्रिक नीति अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
OMO — RBI द्वारा G-Sec खरीद/बिक्री से तरलता नियंत्रण। खरीद = नकदी डालना (तरलता बढ़ाना)। मौद्रिक नीति उपकरण; रेपो/CRR/SLR के साथ।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert