RBI का स्विच ऑक्शन
26 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
स्विच ऑक्शन — RBI का ऋण प्रबंधन उपकरण; अल्पकालिक G-Sec को दीर्घकालिक से बदलना।
क्या हुआ
RBI की 'स्विच नीलामी' (switch auction) की चर्चा हुई। स्विच/कन्वर्ज़न नीलामी एक ऋण-प्रबंधन उपकरण है जिसके द्वारा सरकार (RBI के माध्यम से) निकट-परिपक्वता (कम अवधि शेष) वाली सरकारी प्रतिभूतियों को दीर्घ-परिपक्वता वाली प्रतिभूतियों से 'बदल' (switch) लेती है। इसका उद्देश्य है — किसी एक वर्ष में बड़ी मात्रा में ऋण-पुनर्भुगतान ('रोलओवर जोखिम'/redemption pressure) से बचना, ऋण-परिपक्वता-प्रोफाइल को सुचारू करना व पुनर्वित्तपोषण-जोखिम कम करना। यह सरकारी ऋण-प्रबंधन (debt management) रणनीति का हिस्सा है, जिससे राजकोषीय स्थिरता बनी रहती है। यह अर्थव्यवस्था व मौद्रिक/राजकोषीय प्रबंधन से जुड़ा है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1RBI की स्विच (कन्वर्ज़न) नीलामी।
- 2निकट-परिपक्वता G-Sec को दीर्घ-परिपक्वता से बदलना।
- 3उद्देश्य — रोलओवर/redemption जोखिम कम करना।
- 4ऋण-परिपक्वता-प्रोफाइल सुचारू करना।
- 5सरकारी ऋण-प्रबंधन; राजकोषीय स्थिरता।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
स्विच ऑक्शन, G-Sec व ऋण प्रबंधन अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: स्विच नीलामी — निकट-परिपक्वता G-Sec को दीर्घ-परिपक्वता से बदलना। उद्देश्य — रोलओवर/redemption जोखिम कम; परिपक्वता-प्रोफाइल सुचारू। ऋण-प्रबंधन।