प्रेस विज्ञप्ति
प्रेस विज्ञप्ति सरकार द्वारा समाचार-पत्रों के लिए जारी की गई सूचना है। बाकी सब प्रारूप कार्यालय के भीतर पढ़े जाते हैं, यह अकेला बाहर जाता है — और इसीलिए इसकी भाषा सबसे सरल रखी जाती है। सबसे ज़रूरी बात सबसे पहले, यही इसका पूरा नियम है।
प्रेस विज्ञप्ति क्या है
प्रेस विज्ञप्ति प्रायः सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा, अथवा संबंधित विभाग द्वारा उसके माध्यम से जारी की जाती है। इसका पाठक आम नागरिक है, समाचार-पत्र केवल माध्यम है। इसीलिए इसमें विभागीय शब्दावली से बचा जाता है — ‘एतद्द्वारा’, ‘अधोहस्ताक्षरी’, ‘पृष्ठांकन’ जैसे शब्द इसमें नहीं आते।
इसकी संरचना उल्टे पिरामिड की होती है। पहला अनुच्छेद अकेला भी छप जाए तो पूरी बात आ जानी चाहिए — क्या हुआ, कब, कहाँ और किसके द्वारा। उसके बाद के अनुच्छेदों में ब्यौरा आता है, और अंत में पृष्ठभूमि। समाचार-पत्र नीचे से काटते हैं, इसलिए महत्वपूर्ण बात नीचे रखना उसे खो देना है।
प्रेस विज्ञप्ति के अंग
| क्रम | अंग | ध्यान देने की बात |
|---|---|---|
| 1 | जारीकर्ता | ‘सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान’ — सबसे ऊपर |
| 2 | शीर्षक | छोटा और सूचनात्मक, प्रायः एक पंक्ति का |
| 3 | स्थान और दिनांक | पहले वाक्य के आरंभ में — ‘जयपुर, 12 सितंबर।’ |
| 4 | प्रथम अनुच्छेद | पूरी बात एक बार में — क्या, कब, कहाँ, किसके द्वारा |
| 5 | विवरण | संख्या, तिथि और व्यवस्था का ब्यौरा |
| 6 | उद्धरण | अधिकारी अथवा मंत्री का कथन — पदनाम सहित |
| 7 | पृष्ठभूमि | योजना या निर्णय का संदर्भ, सबसे अंत में |
नमूना — विज्ञप्ति का शीर्ष
- जारीकर्ता
- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान
- शीर्षक
- प्रेस विज्ञप्ति
- मुख्य शीर्षक
- जिले की सत्रह ढाणियों में पेयजल पाइपलाइन का कार्य पूर्ण, आपूर्ति आरंभ
- दिनांक
- 12 सितंबर 2026
(स्थान), 12 सितंबर। जिले के पश्चिमी क्षेत्र की सत्रह ढाणियों में पाइपलाइन विस्तार का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और आज से इन ढाणियों में नियमित पेयजल आपूर्ति आरंभ कर दी गई है। इससे लगभग चार हज़ार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कुल इक्कीस किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है तथा तीन स्थानों पर उच्च जलाशय बनाए गए हैं। विभाग के अनुसार प्रत्येक ढाणी में प्रतिदिन निर्धारित समय पर आपूर्ति की जाएगी और आपूर्ति का समय संबंधित ग्राम पंचायत के सूचना-पट्ट पर प्रदर्शित किया जाएगा।
जिला कलक्टर ने बताया कि इस क्षेत्र में विगत वर्षों में गर्मियों के दौरान टैंकरों से आपूर्ति करनी पड़ती थी, जिस पर व्यय भी अधिक होता था और आपूर्ति अनियमित भी रहती थी। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन पूर्ण हो जाने से अब यह निर्भरता समाप्त हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि यह कार्य राज्य सरकार की ग्रामीण पेयजल योजना के अंतर्गत स्वीकृत किया गया था। शेष ढाणियों को भी आगामी चरण में इसी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
यह प्रारूप है, समाचार नहीं — पर लिखा समाचार की तरह जाता है
प्रेस विज्ञप्ति में अभ्यर्थी दो तरफ़ से भटकते हैं। कुछ इसे सरकारी पत्र बना देते हैं और ‘महोदय’, ‘भवदीय’ लिख आते हैं — जबकि यह किसी को संबोधित ही नहीं है। कुछ इसे पूरा समाचार बना देते हैं और अपनी टिप्पणी जोड़ देते हैं — जबकि विज्ञप्ति में विभाग की ओर से केवल तथ्य और अधिकारी का कथन आता है, लेखक की राय नहीं। बीच का रास्ता यही है: भाषा समाचार जैसी सरल, सामग्री विभाग जैसी संयत।
स्रोत और नमूनों के बारे में
यह पृष्ठ RPSC के आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं परीक्षा योजना, दिनांक 09-01-2026 के आधार पर बनाया गया है। आयोग का अपना नोट भी ध्यान में रखिए — परीक्षा योजना केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है, अंक और प्रश्न-संख्या में बदलाव संभव है। नीचे दिए गए सभी नमूने पढ़ाने के लिए स्वयं तैयार किए गए हैं; उनमें आए पत्र-क्रमांक, तिथियाँ और कार्यालय काल्पनिक हैं और किसी वास्तविक सरकारी दस्तावेज़ की प्रतिलिपि नहीं हैं।