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अधिसूचना

अधिसूचना वह प्रारूप है जिससे सरकार अपना कोई निर्णय सार्वजनिक रूप से घोषित करती है, और वह राजपत्र में प्रकाशित होकर सबके लिए बाध्यकारी हो जाता है। इसकी भाषा सबसे औपचारिक है और उसमें एक भी वाक्य ऐसा नहीं होता जो व्याख्या की गुंजाइश छोड़े।

30 सितंबर 2026 को सत्यापित

अधिसूचना क्या है

अधिसूचना शासन का वह लिखित निर्णय है जो राजपत्र में प्रकाशित होता है — नियुक्ति, स्थानांतरण, किसी नियम में संशोधन, किसी क्षेत्र या संस्था की घोषणा, किसी तिथि को सार्वजनिक अवकाश घोषित करना। इसका महत्व इसी में है कि प्रकाशन के बाद यह मानी जाती है कि सबको इसकी जानकारी हो गई।

इसकी भाषा की दो पहचानें हैं। पहली, इसमें कर्ता प्रायः शासन या राज्यपाल होता है और वाक्य कर्मवाच्य में चलता है — ‘एतद्द्वारा अधिसूचित किया जाता है’। दूसरी, इसमें अधिकार का स्रोत बताया जाता है, यानी किस नियम या अधिनियम की किस धारा के अंतर्गत यह निर्णय लिया जा रहा है। यह दूसरा भाग ही इसे कार्यालय आदेश से अलग करता है।

अधिसूचना के अंग

क्रमअंगध्यान देने की बात
1शासन का नाम‘राजस्थान सरकार’ और नीचे संबंधित विभाग
2शीर्षक‘अधिसूचना’ — मध्य में
3स्थान और दिनांकजैसे ‘जयपुर, दिनांक 3 सितंबर 2026’
4क्रमांकफ़ाइल क्रमांक, बाईं ओर
5अधिकार का स्रोत‘...अधिनियम की धारा ... द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए’
6घोषणा‘...एतद्द्वारा अधिसूचित किया जाता है’ — एक ही वाक्य में
7प्रभावी तिथिकब से लागू होगी
8आज्ञा से‘राज्यपाल की आज्ञा से’ और नीचे शासन सचिव के हस्ताक्षर

नमूना — अधिसूचना का शीर्ष

शासन
राजस्थान सरकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
शीर्षक
अधिसूचना
क्रमांक
प. 14 (17) चि.स्वा./नियम/2026
स्थान एवं दिनांक
जयपुर, दिनांक 3 सितंबर 2026

राजस्थान लोक स्वास्थ्य अधिनियम की संबंधित धाराओं द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार एतद्द्वारा यह अधिसूचित करती है कि (जिले का नाम) जिले की (तहसील का नाम) तहसील के अंतर्गत आने वाले समस्त ग्रामों को, वहाँ जल-जनित रोगों की रोकथाम की दृष्टि से, ‘विशेष निगरानी क्षेत्र’ घोषित किया जाता है।

उक्त क्षेत्र में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा नियमित जल-नमूना परीक्षण कराया जाएगा तथा उसका प्रतिवेदन प्रत्येक पखवाड़े राज्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।

यह अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी और आगामी आदेश तक लागू रहेगी।

राज्यपाल की आज्ञा से,

(हस्ताक्षर) (नाम) शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार

अधिकार का स्रोत लिखना मत भूलिए

अधिसूचना और कार्यालय आदेश में सबसे बड़ा अंतर यही है। कार्यालय आदेश केवल यह बताता है कि क्या तय हुआ; अधिसूचना यह भी बताती है कि यह तय करने का अधिकार कहाँ से आया — किस अधिनियम की किन शक्तियों के अंतर्गत। उत्तर में यह वाक्यांश न हो तो प्रारूप आधा ही बनता है।

स्रोत और नमूनों के बारे में

यह पृष्ठ RPSC के आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं परीक्षा योजना, दिनांक 09-01-2026 के आधार पर बनाया गया है। आयोग का अपना नोट भी ध्यान में रखिए — परीक्षा योजना केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है, अंक और प्रश्न-संख्या में बदलाव संभव है। नीचे दिए गए सभी नमूने पढ़ाने के लिए स्वयं तैयार किए गए हैं; उनमें आए पत्र-क्रमांक, तिथियाँ और कार्यालय काल्पनिक हैं और किसी वास्तविक सरकारी दस्तावेज़ की प्रतिलिपि नहीं हैं।