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कार्यालय ज्ञापन

कार्यालय ज्ञापन एक विभाग से दूसरे विभाग को, या विभाग से उसके अधीनस्थ कार्यालयों को भेजा जाने वाला पत्र है, जिसमें न संबोधन होता है न ‘भवदीय’। इसकी पहचान एक ही वाक्य से हो जाती है — ‘अधोहस्ताक्षरी को यह कहने का निदेश हुआ है कि…’।

30 सितंबर 2026 को सत्यापित

कार्यालय ज्ञापन क्या है

कार्यालय ज्ञापन, जिसे अंग्रेज़ी में Office Memorandum कहते हैं, उस पत्राचार का प्रारूप है जो समान स्तर के विभागों के बीच या विभाग से उसके अधीनस्थ कार्यालयों के बीच चलता है। इसमें कोई किसी को संबोधित नहीं करता; कार्यालय अपनी बात रखता है और दूसरा कार्यालय उसे पढ़ता है। इसीलिए इसमें ‘महोदय’ और ‘भवदीय’ दोनों अनुपस्थित रहते हैं।

इसकी दूसरी पहचान भाषा की है। पत्र लिखने वाला अधिकारी अपनी ओर से नहीं, अपने ऊपर के प्राधिकार की ओर से लिख रहा होता है, इसलिए वाक्य बनता है — ‘अधोहस्ताक्षरी को यह कहने का निदेश हुआ है कि…’। यही वाक्यांश इसे सरकारी पत्र से अलग करता है, और परीक्षा में इसी की अपेक्षा रहती है।

कार्यालय ज्ञापन के अंग

क्रमअंगध्यान देने की बात
1शासन और विभाग‘राजस्थान सरकार’ और नीचे विभाग का नाम
2शीर्षक‘कार्यालय ज्ञापन’ — मध्य में
3क्रमांक और दिनांकक्रमांक बाईं ओर, स्थान-दिनांक दाईं ओर
4विषयएक पंक्ति में
5मुख्य भाग‘अधोहस्ताक्षरी को यह कहने का निदेश हुआ है कि…’ से आरंभ
6हस्ताक्षर और पदनामबिना ‘भवदीय’ के, सीधे हस्ताक्षर
7प्रेषित‘सेवा में’ नहीं — नीचे ‘प्रेषित :’ लिखकर सूची

ध्यान दीजिए कि यहाँ ‘सेवा में’ ऊपर नहीं, ‘प्रेषित’ नीचे आता है — और संबोधन तथा समापन दोनों ही नहीं आते।

नमूना — ज्ञापन का शीर्ष

शासन
राजस्थान सरकार कार्मिक (क-2) विभाग
शीर्षक
कार्यालय ज्ञापन
क्रमांक
प. 6 (9) कार्मिक/क-2/प्रशिक्षण/2026
स्थान एवं दिनांक
जयपुर, दिनांक 19 अगस्त 2026
विषय
नवनियुक्त राज्य सेवा अधिकारियों के आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में।

अधोहस्ताक्षरी को यह कहने का निदेश हुआ है कि वर्ष 2026 में नियुक्त राज्य सेवा के अधिकारियों हेतु आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 1 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक हरीशचंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान, जयपुर में किया जाना प्रस्तावित है।

इस संबंध में समस्त प्रशासनिक विभागों से अनुरोध है कि अपने अधीनस्थ नवनियुक्त अधिकारियों की सूची, उनके पदस्थापन स्थान सहित, निर्धारित प्रपत्र में 10 सितंबर 2026 तक कार्मिक विभाग को उपलब्ध करा दें, जिससे प्रशिक्षण हेतु नामांकन समय पर किया जा सके।

यह भी स्पष्ट किया जाता है कि उक्त अवधि में संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण से पृथक रखने का अनुरोध सामान्यतः स्वीकार नहीं किया जाएगा।

(हस्ताक्षर) (नाम) संयुक्त शासन सचिव, कार्मिक विभाग, राजस्थान सरकार

प्रेषित — ज्ञापन का पाद भाग

प्रेषित :

1. समस्त प्रशासनिक विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर।

2. निदेशक, हरीशचंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान, जयपुर।

3. रक्षित पत्रावली।

स्रोत और नमूनों के बारे में

यह पृष्ठ RPSC के आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं परीक्षा योजना, दिनांक 09-01-2026 के आधार पर बनाया गया है। आयोग का अपना नोट भी ध्यान में रखिए — परीक्षा योजना केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है, अंक और प्रश्न-संख्या में बदलाव संभव है। नीचे दिए गए सभी नमूने पढ़ाने के लिए स्वयं तैयार किए गए हैं; उनमें आए पत्र-क्रमांक, तिथियाँ और कार्यालय काल्पनिक हैं और किसी वास्तविक सरकारी दस्तावेज़ की प्रतिलिपि नहीं हैं।