विदेशी प्रत्यय
उर्दू, फ़ारसी और अरबी से आए प्रत्यय हिंदी में इतने आम हो चुके हैं कि विदेशी नहीं लगते — दुकानदार, जादूगर, रिश्वतखोर। यहाँ प्रमुख विदेशी प्रत्यय अर्थ सहित और उनसे बने 34 शब्द दिए गए हैं।
विदेशी प्रत्यय
जिस तरह उर्दू-फ़ारसी-अरबी के उपसर्ग हिंदी में घुल गए, उसी तरह उनके प्रत्यय भी हमारी भाषा का हिस्सा बन गए। ‘दुकानदार’, ‘जादूगर’, ‘चालबाज’, ‘रिश्वतखोर’, ‘जिंदगी’, ‘सालाना’ — ये सब रोज़ की जबान के शब्द हैं और इनके पीछे लगा हिस्सा विदेशी प्रत्यय है। वर्गीकरण की दृष्टि से ये तद्धित ही हैं, क्योंकि ये नाम-शब्दों के पीछे लगते हैं, पर परीक्षा में इन्हें अलग से विदेशी या आगत प्रत्यय कहकर पूछा जाता है।
इनका अर्थ पकड़ लेना आसान है क्योंकि हर प्रत्यय का एक सीधा भाव है। ‘दार’ और ‘वाला’ का अर्थ है रखने वाला। ‘गर’ और ‘ची’ का अर्थ है करने वाला। ‘बाज’ का अर्थ है खेलने या करने वाला, और यह अक्सर नकारात्मक भाव में आता है। ‘खोर’ का अर्थ है खाने वाला। ‘आना’ का अर्थ है से संबंधित या प्रति। ‘गी’ भाववाचक संज्ञा बनाता है और ‘इंदा’ करने वाले का बोध कराता है।
प्रमुख विदेशी प्रत्यय
| प्रत्यय | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| दार | रखने वाला, जिम्मेदार | दुकानदार, ईमानदार, समझदार |
| वाला | रखने वाला, बेचने वाला | दूधवाला, घरवाला, फलवाला |
| गर | करने वाला | जादूगर, कारीगर, सौदागर |
| ची | काम करने वाला | तोपची, मशालची, खजांची |
| बाज | करने वाला (प्रायः निंदा में) | चालबाज, धोखेबाज, पतंगबाज |
| खोर | खाने वाला | रिश्वतखोर, सूदखोर, हरामखोर |
| आना | से संबंधित, प्रति | रोज़ाना, सालाना, दोस्ताना |
| गी | भाव या अवस्था | ताजगी, सादगी, जिंदगी |
| इंदा | करने वाला | शर्मिंदा, बाशिंदा, नुमाइंदा |
विदेशी प्रत्यय से बने शब्द
- दुकानदारदुकान + दार
- ईमानदारईमान + दार
- समझदारसमझ + दार
- मालदारमाल + दार
- हिस्सेदारहिस्सा + दार
- घरवालाघर + वाला
- जादूगरजादू + गर
- बाजीगरबाजी + गर
- कारीगरकारी + गर
- सौदागरसौदा + गर
- खजांचीखजाना + ची
- तोपचीतोप + ची
- मशालचीमशाल + ची
- चालबाजचाल + बाज
- धोखेबाजधोखा + बाज
- दगाबाजदगा + बाज
- पतंगबाजपतंग + बाज
- नशेबाजनशा + बाज
- रिश्वतखोररिश्वत + खोर
- सूदखोरसूद + खोर
- घूसखोरघूस + खोर
- रोज़ानारोज़ + आना
- सालानासाल + आना
- दोस्तानादोस्त + आना
- मर्दानामर्द + आना
- मेहनतानामेहनत + आना
- ताजगीताजा + गी
- सादगीसादा + गी
- बंदगीबंदा + गी
- जिंदगीजिंदा + गी
- दीवानगीदीवाना + गी
- शर्मिंदाशर्म + इंदा
- बाशिंदाबाश + इंदा
- नुमाइंदानुमा + इंदा
इस भाग के अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
'दुकानदार' में लगा 'दार' किस प्रकार का प्रत्यय है?
- Aविदेशी प्रत्यय
- Bकृत् प्रत्यय
- Cअपत्यवाचक प्रत्यय
- Dऊनवाचक प्रत्यय
व्याख्या
‘दार’ फ़ारसी से आया प्रत्यय है जिसका अर्थ रखने वाला होता है। ईमानदार, समझदार और हिस्सेदार में भी यही प्रत्यय उसी अर्थ में लगा है।
प्रश्न 2
'जिंदगी' शब्द में कौन सा प्रत्यय है?
- Aगी
- Bई
- Cदगी
- Dइगी
व्याख्या
‘जिंदा’ के पीछे फ़ारसी प्रत्यय ‘गी’ लगकर भाववाचक संज्ञा बनी है। यही प्रत्यय ताजगी, सादगी और बंदगी में भी लगा है।