कृत् और तद्धित में अंतर
दोनों भेद अलग-अलग पढ़ लेने के बाद भी प्रश्न में गड़बड़ यहीं होती है, क्योंकि कुछ प्रत्यय दोनों वर्गों में मिलते हैं। यहाँ पूरा अंतर, दस सेकंड में फ़ैसला करने का तरीक़ा, और खुद जाँचने के लिए 16 शब्दों का मिश्रित अभ्यास है।
कृत् और तद्धित में अंतर — पक्की पहचान का तरीक़ा
यह इस पूरे अध्याय का सबसे कीमती हिस्सा है। प्रत्यय पहचान लेना आसान है, पर उसे कृत् या तद्धित बताना तभी आता है जब नियम साफ़ हो। नियम एक ही है और उसमें कोई अपवाद नहीं — प्रत्यय हटाने पर जो बचा, अगर वह धातु यानी क्रिया का मूल रूप है तो प्रत्यय कृत् है, और अगर वह संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण है तो प्रत्यय तद्धित है।
अब सवाल यह है कि बचा हुआ भाग धातु है या नाम, यह कैसे पहचानें? इसके लिए एक बेहद सरल कसौटी है, जिसे आप परीक्षा हॉल में दस सेकंड में लगा सकते हैं — बचे हुए भाग के आगे ‘ना’ जोड़कर बोलिए। अगर कोई सही क्रिया बन जाए तो वह धातु था और प्रत्यय कृत् है। अगर बेतुका शब्द बने तो वह नाम था और प्रत्यय तद्धित है।
इसे उदाहरण से देखिए। ‘लिखाई’ में से ‘आई’ हटाइए तो ‘लिख’ बचा। अब ‘लिख’ के आगे ‘ना’ लगाइए — ‘लिखना’। यह सही क्रिया है, इसलिए ‘लिखाई’ में कृत् प्रत्यय है। अब ‘भलाई’ में से ‘आई’ हटाइए तो ‘भला’ बचा। ‘भला’ के आगे ‘ना’ लगाइए — ‘भलाना’। ऐसा कोई शब्द नहीं होता, इसलिए ‘भलाई’ में तद्धित प्रत्यय है। दोनों में प्रत्यय एक ही है, पर वर्ग अलग-अलग है — और यही बात परीक्षा में पूछी जाती है।
इसी कसौटी से बाकी उलझनें भी सुलझ जाती हैं। ‘घबराहट’ में ‘घबरा’ बचा, ‘घबराना’ सही क्रिया है, इसलिए कृत्। ‘कड़वाहट’ में ‘कड़वा’ बचा, ‘कड़वाना’ कोई क्रिया नहीं, इसलिए तद्धित। ‘हँसी’ में ‘हँस’ बचा, ‘हँसना’ बनता है, इसलिए कृत्। ‘गरीबी’ में ‘गरीब’ बचा, ‘गरीबना’ नहीं बनता, इसलिए तद्धित। ‘लेखक’ में ‘लिख’ बचा, कृत्। ‘चित्रकार’ में ‘चित्र’ बचा, ‘चित्रना’ नहीं बनता, तद्धित। एक ही कसौटी, हर बार सही जवाब।
कृत् और तद्धित — पूरा अंतर
| आधार | कृत् प्रत्यय | तद्धित प्रत्यय |
|---|---|---|
| किसके पीछे लगता है | धातु यानी क्रिया के मूल रूप के | संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के |
| बने शब्द को क्या कहते हैं | कृदंत | तद्धितांत |
| पहचान की कसौटी | हिंदी/तद्भव धातु हो तो बचे भाग + ‘ना’ से क्रिया बन जाती है; तत्सम धातु (दृश्, पठ्, पूज्) में धातु का रूप देखकर पहचानिए | बचे भाग + ‘ना’ = कोई शब्द नहीं |
| क्या बनाता है | क्रिया से संज्ञा या विशेषण | नाम से संज्ञा या विशेषण |
| उपभेदों की संख्या | पाँच | आठ |
| उदाहरण एक | लिख + आई = लिखाई | भला + आई = भलाई |
| उदाहरण दो | घबरा + आहट = घबराहट | कड़वा + आहट = कड़वाहट |
| उदाहरण तीन | हँस + ई = हँसी | गरीब + ई = गरीबी |
| उदाहरण चार | लिख + अक = लेखक | चित्र + कार = चित्रकार |
दस सेकंड का पक्का तरीक़ा
प्रत्यय हटाइए। जो बचे उसके आगे ‘ना’ लगाकर बोलिए। सही क्रिया बनी तो कृत्, नहीं बनी तो तद्धित। इतना ही — और यह कसौटी कभी धोखा नहीं देती।
एक ही प्रत्यय, दो वर्ग — इन जोड़ों को ध्यान से देखिए
नीचे दिए गए जोड़ों में प्रत्यय बिलकुल एक ही है, पर एक शब्द में वह कृत् है और दूसरे में तद्धित। परीक्षा में ऐसे ही जोड़े विकल्पों में डालकर उलझाया जाता है। हर जोड़े पर वही कसौटी लगाकर देखिए, अभ्यास पक्का हो जाएगा।
एक प्रत्यय, दो वर्ग — जोड़ों की तुलना
| प्रत्यय | कृत् वाला शब्द | मूल (धातु) | तद्धित वाला शब्द | मूल (नाम/विशेषण) |
|---|---|---|---|---|
| आई | लिखाई | लिख | भलाई | भला |
| आई | कमाई | कमा | चतुराई | चतुर |
| आहट | घबराहट | घबरा | कड़वाहट | कड़वा |
| ई | हँसी | हँस | गरीबी | गरीब |
| ई | बोली | बोल | दोस्ती | दोस्त |
| अक | लेखक | लिख | — | — |
| वाला | लिखनेवाला | लिख | दूधवाला | दूध |
| आ | झूला | झूल | छात्रा | छात्र |
| नी | कतरनी | कतर | मोरनी | मोर |
मिश्रित अभ्यास — इनका वर्ग खुद तय कीजिए, फिर मिलाइए
- सजावटसज + आवटकृत् — ‘सजना’ क्रिया बनती है
- मिठासमीठा + आसतद्धित — ‘मीठाना’ कोई क्रिया नहीं
- बुनाईबुन + आईकृत् — ‘बुनना’ क्रिया बनती है
- लंबाईलंबा + आईतद्धित — ‘लंबाना’ कोई क्रिया नहीं
- पढ़ाकूपढ़ + आकूकृत् — ‘पढ़ना’ क्रिया बनती है
- पागलपनपागल + पनतद्धित — ‘पागलना’ कोई क्रिया नहीं
- बहावबह + आवकृत् — ‘बहना’ क्रिया बनती है
- वीरतावीर + तातद्धित — ‘वीरना’ कोई क्रिया नहीं
- छलनीछल + नीकृत् — ‘छालना’ (छानना) धातु से बना, ‘छलना’ से नहीं
- शेरनीशेर + नीतद्धित — ‘शेरना’ कोई क्रिया नहीं
- बुलावाबुल + आवाकृत् — मूल धातु ‘बुला’ है, ‘बुलाना’ क्रिया बनती है
- लालिमालाल + इमातद्धित — ‘लालना’ कोई क्रिया नहीं
- दर्शनीयदृश् + अनीयकृत् — ‘दर्शन करना’ क्रिया से बना
- सामाजिकसमाज + इकतद्धित — ‘समाजना’ कोई क्रिया नहीं
- तैराकतैर + आककृत् — ‘तैरना’ क्रिया बनती है
- बुढ़ापाबूढ़ा + पातद्धित — ‘बूढ़ाना’ कोई क्रिया नहीं
इस भाग के अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
'घबराहट' और 'कड़वाहट' के बारे में कौन सा कथन सही है?
- Aदोनों कृत् हैं
- Bदोनों तद्धित हैं
- Cपहला कृत् है, दूसरा तद्धित
- Dपहला तद्धित है, दूसरा कृत्
व्याख्या
‘घबरा’ के आगे ‘ना’ लगाने पर ‘घबराना’ सही क्रिया बनती है, इसलिए वह धातु है और प्रत्यय कृत् है। ‘कड़वा’ के आगे ‘ना’ लगाने पर कोई क्रिया नहीं बनती, इसलिए वह विशेषण है और प्रत्यय तद्धित है।
प्रश्न 2
'हँसी' और 'गरीबी' में क्रमशः कौन-कौन से वर्ग के प्रत्यय हैं?
- Aकृत् और तद्धित
- Bतद्धित और कृत्
- Cदोनों कृत्
- Dदोनों तद्धित
व्याख्या
‘हँस’ से ‘हँसना’ क्रिया बनती है, इसलिए वहाँ ‘ई’ कृत् प्रत्यय है। ‘गरीब’ से कोई क्रिया नहीं बनती, इसलिए वहाँ वही ‘ई’ तद्धित प्रत्यय है।
प्रश्न 3
निम्न में से किस शब्द में तद्धित प्रत्यय लगा है?
- Aलेखक
- Bपढ़ाई
- Cखिलौना
- Dचित्रकार
व्याख्या
‘चित्र’ संज्ञा है, इसलिए उसके पीछे लगा ‘कार’ तद्धित प्रत्यय है। बाकी तीनों में मूल रूप लिख, पढ़ और खेल धातुएँ हैं, इसलिए वहाँ कृत् प्रत्यय लगे हैं।