कारक
करण कारक में भी ‘से’ आता है और अपादान में भी — ‘चाकू से काटा’ और ‘पेड़ से गिरा’। चिह्न एक है, कारक अलग। यही इस अध्याय की सबसे बड़ी उलझन है, और इसका उत्तर चिह्न देखने से नहीं, अर्थ देखने से मिलता है।
कारक और विभक्ति
संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ जो संबंध होता है, उसे कारक कहते हैं। और जिन चिह्नों से यह संबंध प्रकट होता है, उन्हें विभक्ति या परसर्ग कहते हैं — ने, को, से, के लिए, का, में, पर।
दोनों नाम अलग-अलग चीज़ों के हैं और प्रश्न इसी अंतर पर बनता है। ‘राम ने’ में ‘राम’ कर्ता कारक में है और ‘ने’ विभक्ति चिह्न है। कारक संबंध है, विभक्ति उसका चिह्न।
हिंदी में आठ कारक माने जाते हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इनमें संबंध कारक और संबोधन कारक कुछ अलग हैं — संबंध कारक संज्ञा का संबंध क्रिया से नहीं, दूसरी संज्ञा से जोड़ता है, और संबोधन में क्रिया से कोई सीधा संबंध होता ही नहीं। इसी कारण कुछ व्याकरणाचार्य इन्हें कारक मानने में हिचकते हैं। परीक्षा के लिए आठ ही गिनिए, पर कारण जान लीजिए।
किन परीक्षाओं में पूछा जाता है
| परीक्षा | कहाँ पूछा जाता है |
|---|---|
| RSSB CET स्नातक स्तर | प्रश्न-पत्र 150 प्रश्न / 300 अंक / 3 घंटे · सामान्य हिन्दी के पाठ्यक्रम में ‘संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया विशेषण, कारक, अव्यय’ एक ही बिंदु में — विस्तृत विज्ञप्ति दिनांक 01-07-2026 (2024 के पाठ्यक्रम में इसी बिंदु में ‘उपसर्ग’ भी था; 2026 में उपसर्ग अलग बिंदु ‘उपसर्ग एवं प्रत्यय’ में है) · विषयवार प्रश्न-संख्या आयोग द्वारा प्रकाशित नहीं |
आठ कारक और उनके विभक्ति चिह्न
| कारक | विभक्ति चिह्न | क्या बताता है | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| कर्ता | ने (अथवा कोई चिह्न नहीं) | काम करने वाला | राम ने पत्र लिखा। |
| कर्म | को (अथवा कोई चिह्न नहीं) | जिस पर क्रिया का फल पड़े | माँ ने बच्चे को बुलाया। |
| करण | से, के द्वारा | जिस साधन से काम हो | उसने चाकू से फल काटा। |
| संप्रदान | को, के लिए | जिसके लिए काम किया जाए | गुरु को दक्षिणा दी। बच्चों के लिए मिठाई लाया। |
| अपादान | से (अलग होने के अर्थ में) | जहाँ से अलगाव, तुलना या भय हो | फल पेड़ से गिरा। वह साँप से डरता है। |
| संबंध | का, के, की · रा, रे, री · ना, ने, नी | एक संज्ञा का दूसरी से संबंध | यह राम का घर है। यह मेरा घर है। यह अपना घर है। |
| अधिकरण | में, पर | क्रिया का आधार या स्थान | पुस्तक मेज़ पर है। जल में मछली है। |
| संबोधन | हे!, अरे!, ओ! | जिसे पुकारा जाए | हे राम! अरे भाई! |