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भ्रम पैदा करने वाले शब्द-समूह

परीक्षा विकल्पों में कभी दूर-दूर के शब्द नहीं रखती — वह एक ही समूह के चार पास-पास के शब्द रखती है और सही वाला चुनने को कहती है। ये सात समूह वही हैं जिनसे सबसे ज़्यादा प्रश्न बनते हैं।

29 सितंबर 2026 को सत्यापित

भ्रम पैदा करने वाले समूह — यहीं अंक बनते-बिगड़ते हैं

अब तक जो सूचियाँ आपने पढ़ीं, वे आधार हैं। असली परीक्षा नीचे है। प्रश्न-पत्र बनाने वाला कभी ‘सर्वज्ञ’ के सामने ‘पुस्तकालय’ जैसा बेमेल विकल्प नहीं रखता; वह ‘सर्वज्ञ’ के साथ ‘अभिज्ञ’, ‘बहुज्ञ’ और ‘मर्मज्ञ’ रखता है — चारों सही शब्द, चारों जानने से जुड़े, पर मात्रा-भर का अंतर। इसीलिए नीचे के समूहों को सूची की तरह नहीं, आमने-सामने की तुलना की तरह पढ़िए। हर तालिका में शब्द के साथ उसका ठीक-ठीक अर्थ दिया गया है, और वही अर्थ तय करता है कि चार में से कौन-सा विकल्प सही है।

गहराई और अंत से जुड़े शब्द — अथाह, अगाध, अनंत, असीम

शब्दठीक-ठीक अर्थकहाँ प्रयोग होता है
अथाहजिसकी थाह यानी तल न मिलेगहराई के लिए — अथाह समुद्र, अथाह दुःख
अगाधजो बहुत गहरा होगहराई और श्रद्धा दोनों के लिए — अगाध जल, अगाध विश्वास
अनंतजिसका अंत ही न होसमय और विस्तार के लिए — अनंत काल, अनंत आकाश
असीमजिसकी कोई सीमा न होविस्तार और भाव के लिए — असीम कृपा, असीम धैर्य

जन्म-क्रम के शब्द — अग्रज और अनुज

शब्दअर्थसंकेत
अग्रजजो पहले जन्मा हो, बड़ा भाई‘अग्र’ यानी आगे — जो आगे जन्मा
अनुजजो बाद में जन्मा हो, छोटा भाई‘अनु’ यानी पीछे — जो पीछे जन्मा
अग्रजाबड़ी बहनस्त्रीलिंग रूप में ‘आ’ जुड़ जाता है
अनुजाछोटी बहनस्त्रीलिंग रूप में ‘आ’ जुड़ जाता है

इच्छा और बाध्यता — ऐच्छिक तथा अनिवार्य

शब्दअर्थवाक्य में
ऐच्छिकजो अपनी इच्छा पर निर्भर होयह विषय ऐच्छिक है, चाहें तो छोड़ दें
अनिवार्यजिसे टाला न जा सकेहिंदी का प्रश्न-पत्र सबके लिए अनिवार्य है
वैकल्पिकजिसके बदले दूसरा विकल्प मौजूद होदो में से कोई एक चुनना वैकल्पिक व्यवस्था है

उपकार से जुड़ी जोड़ी — कृतज्ञ और कृतघ्न

शब्दअर्थपहचानने का सूत्र
कृतज्ञजो किए हुए उपकार को मानता हो‘ज्ञ’ यानी जानना — उपकार को जानने वाला
कृतघ्नजो किए हुए उपकार को भुला दे‘घ्न’ यानी नष्ट करना — उपकार को मिटा देने वाला
कृतकार्यजिसका काम पूरा हो गया हो‘कृत’ यानी किया हुआ, ‘कार्य’ यानी काम

जानने की मात्रा — अज्ञ से सर्वज्ञ तक

शब्दजानने की मात्रा
अज्ञजो कुछ भी न जानता हो
अनभिज्ञजिसे उस विशेष बात की जानकारी न हो
अल्पज्ञजो थोड़ा-बहुत जानता हो
अभिज्ञजिसे उस बात की जानकारी हो
बहुज्ञजो बहुत-सी बातें जानता हो
सर्वज्ञजो सब कुछ जानता हो

भोजन और निवास — सर्वभक्षी, शाकाहारी, मांसाहारी, उभयचर

शब्दअर्थध्यान रखिए
शाकाहारीजो केवल शाक-सब्जी खाता होभोजन का भेद बताता है
मांसाहारीजो मांस खाता होभोजन का भेद बताता है
सर्वभक्षीजो शाक और मांस दोनों खा ले‘भक्षी’ यानी खाने वाला
उभयचरजो जल और थल दोनों में रह सकेयह भोजन नहीं, निवास का भेद है — यही जाल है

गहरी जानकारी के दो शब्द — मर्मज्ञ और तत्त्वज्ञ

शब्दअर्थअंतर
मर्मज्ञजो किसी विषय का भीतरी रहस्य जानता होबात की गहराई और बारीकी का ज्ञान
तत्त्वज्ञजो वस्तु के असली स्वरूप को जानता होसार और मूल तत्त्व का ज्ञान

इस भाग के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

‘जो किए हुए उपकार को न माने’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aकृतज्ञ
  2. Bकृतघ्न
  3. Cकृतकार्य
  4. Dकृतार्थ

व्याख्या

यहाँ पूरा भेद अंतिम अंश पर टिका है। ‘ज्ञ’ जानने का भाव देता है, इसलिए उपकार को मानने वाला कृतज्ञ; ‘घ्न’ नष्ट करने का भाव देता है, इसलिए उपकार को मिटा देने वाला कृतघ्न। ‘कृतकार्य’ और ‘कृतार्थ’ का अर्थ है जिसका काम या प्रयोजन सिद्ध हो गया हो।

प्रश्न 2

‘जो जल और थल दोनों में रह सके’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aजलचर
  2. Bनभचर
  3. Cउभयचर
  4. Dथलचर

व्याख्या

‘उभय’ का अर्थ है दोनों और ‘चर’ का अर्थ है विचरण करने वाला, इसलिए दोनों जगह रहने वाला उभयचर कहलाता है। शेष तीनों शब्द एक-एक ही स्थान बताते हैं — जल, आकाश और थल।

प्रश्न 3

‘जिसकी गहराई नापी न जा सके’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aअनंत
  2. Bअसीम
  3. Cअगाध
  4. Dअथाह

व्याख्या

‘थाह’ का अर्थ है तल, इसलिए जिसका तल न मिले वह अथाह। ‘अगाध’ केवल बहुत गहरे होने का भाव देता है, नापने की असंभवता का नहीं। ‘अनंत’ अंत के अभाव और ‘असीम’ सीमा के अभाव से जुड़े हैं, गहराई से नहीं।

प्रश्न 4

‘जो सब कुछ जानता हो’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aअभिज्ञ
  2. Bबहुज्ञ
  3. Cमर्मज्ञ
  4. Dसर्वज्ञ

व्याख्या

‘ज्ञ’ चारों में एक-सा है, भेद उसके पहले वाले अंश से बनता है। ‘सर्व’ यानी सब, इसलिए सब कुछ जानने वाला सर्वज्ञ। ‘अभिज्ञ’ किसी बात की जानकारी रखने वाला, ‘बहुज्ञ’ बहुत बातें जानने वाला और ‘मर्मज्ञ’ भीतरी रहस्य जानने वाला होता है।

प्रश्न 5

‘जो बाद में जन्मा हो’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aअनुज
  2. Bअग्रज
  3. Cअनुजा
  4. Dअग्रजा

व्याख्या

‘अनु’ उपसर्ग पीछे का भाव देता है, इसलिए बाद में जन्मा हुआ अनुज। ‘अग्र’ आगे का भाव देता है, इसलिए पहले जन्मा अग्रज। ‘अनुजा’ और ‘अग्रजा’ इन्हीं के स्त्रीलिंग रूप हैं, यानी छोटी और बड़ी बहन।

प्रश्न 6

‘जिसकी कोई सीमा न हो’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aअथाह
  2. Bअसीम
  3. Cअगाध
  4. Dअनादि

व्याख्या

‘सीमा’ में ‘अ’ का निषेध जुड़कर असीम बनता है। ‘अथाह’ और ‘अगाध’ गहराई की बात कहते हैं, और ‘अनादि’ का अर्थ है जिसका आरंभ ही न हो — तीनों में सीमा का भाव नहीं है।

प्रश्न 7

‘जो कुछ भी न जानता हो’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aअल्पज्ञ
  2. Bअज्ञ
  3. Cअनभिज्ञ
  4. Dअभिज्ञ

व्याख्या

‘ज्ञ’ के आगे केवल निषेधवाचक ‘अ’ लगने से अज्ञ बनता है, यानी जिसे कुछ भी ज्ञान न हो। ‘अल्पज्ञ’ थोड़ा जानता है, ‘अनभिज्ञ’ किसी विशेष बात से अनजान है और ‘अभिज्ञ’ तो जानकार होता है।

प्रश्न 8

‘जो शाक और मांस दोनों खा जाता हो’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aशाकाहारी
  2. Bमांसाहारी
  3. Cउभयचर
  4. Dसर्वभक्षी

व्याख्या

‘भक्षी’ खाने वाले का भाव देता है और ‘सर्व’ यानी सब — इसलिए सब कुछ खा जाने वाला सर्वभक्षी। ‘उभयचर’ यहाँ सबसे बड़ा जाल है, क्योंकि वह भोजन का नहीं, जल-थल दोनों में रहने का शब्द है।