मुख्य सामग्री पर जाएं

व्यक्ति से जुड़े एक शब्द

सबसे बड़ी और सबसे ज़्यादा पूछी जाने वाली श्रेणी। हर वाक्यांश जो व्यक्ति से शुरू होता है और एक शब्द पर जाकर रुकता है — कुल 84 शब्द।

29 सितंबर 2026 को सत्यापित

जो व्यक्ति — मनुष्य से जुड़े शब्द

सबसे ज़्यादा प्रश्न इसी वर्ग से आते हैं, क्योंकि व्यक्ति के गुण, दोष, रिश्ते और अवस्थाएँ अनगिनत हैं। यहाँ ध्यान देने की बात यह है कि अधिकांश शब्दों में ‘ज्ञ’ (जानना), ‘वादी/भाषी’ (बोलना), ‘हारी/भक्षी’ (खाना), ‘दर्शी’ (देखना) जैसे अंश बार-बार लौटते हैं। एक बार यह अंश पकड़ में आ गया तो पूरा परिवार साथ याद हो जाता है। ‘कृतज्ञ’ और ‘कृतघ्न’ जैसी जोड़ियों पर विशेष ध्यान दीजिए — इनमें केवल आधा वर्ण बदलता है और अर्थ पूरा उलट जाता है।

व्यक्ति से जुड़े वाक्यांश और उनके एक शब्द

  • जो सब कुछ जानता होसर्वज्ञ
  • जो कुछ भी न जानता होअज्ञ
  • जो थोड़ा जानता होअल्पज्ञ
  • जो बहुत कुछ जानता होबहुज्ञ
  • जिसे किसी बात की जानकारी होअभिज्ञ
  • जिसे किसी बात की जानकारी न होअनभिज्ञ
  • जो किसी विषय का भीतरी रहस्य जानता होमर्मज्ञ
  • जो तत्त्व को जानने वाला होतत्त्वज्ञ
  • जो किए हुए उपकार को मानता होकृतज्ञ
  • जो किए हुए उपकार को न मानेकृतघ्न
  • जो पहले जन्मा होअग्रज
  • जो बाद में जन्मा होअनुज
  • जिसकी पत्नी मर चुकी होविधुर
  • जिसका पति मर चुका होविधवा
  • जिसके माता-पिता न होंअनाथ
  • जो बहुत बोलता होवाचाल
  • जो नपा-तुला बोलता होमितभाषी
  • जो मीठा बोलता होमृदुभाषी
  • जो सदा सत्य बोलता होसत्यवादी
  • जो सबसे आगे रहकर राह दिखाएअग्रणी
  • जो दूसरों का भला करता होपरोपकारी
  • जो दूसरों के दोष ही खोजता रहेछिद्रान्वेषी
  • जो मांस खाता होमांसाहारी
  • जो केवल शाक-सब्जी खाता होशाकाहारी
  • जो सब कुछ खा जाता होसर्वभक्षी
  • जो जल और थल दोनों में रह सकेउभयचर
  • जो जल में रहता होजलचर
  • जो थल पर रहता होथलचर
  • जो आकाश में विचरण करेनभचर
  • जो रात में घूमता होनिशाचर
  • जो ईश्वर के होने में विश्वास रखता होआस्तिक
  • जो ईश्वर के होने में विश्वास न रखता होनास्तिक
  • जो किसी का पक्ष न लेनिष्पक्ष
  • जो किसी एक का पक्ष लेता होपक्षपाती
  • जिसका कोई शत्रु ही न होअजातशत्रु
  • जो सब कुछ सह लेसहिष्णु
  • जो जरा भी सह न सकेअसहिष्णु
  • जिसने अपनी इंद्रियों को वश में कर लिया होजितेंद्रिय
  • जिसने बहुत सुना-पढ़ा होबहुश्रुत
  • जो अभी-अभी आया होनवागंतुक
  • जो आगे की बात पहले सोच लेदूरदर्शी
  • जो आगे की बात न सोच सकेअदूरदर्शी
  • जो किसी काम में निपुण होदक्ष
  • जो दूसरे के भरोसे जीता होपरावलंबी
  • जो अपने बल पर जीता होस्वावलंबी
  • जो अपने देश से प्रेम करता होदेशभक्त
  • जो अपने देश से विश्वासघात करेदेशद्रोही
  • जो बहुत दान देता होदानवीर
  • जो भिक्षा माँगकर जीवन चलाएभिक्षुक
  • जो गाँव में रहता होग्रामीण
  • जो नगर में रहता होनागरिक
  • जो विदेश में रहता होप्रवासी
  • जो यात्रा कर रहा होयात्री
  • जो पैदल चलता होपदाति
  • जो घोड़े पर सवार होअश्वारोही
  • जो सबके साथ समान व्यवहार करेसमदर्शी
  • जिसका आचरण अच्छा होसदाचारी
  • जिसका आचरण बुरा होदुराचारी
  • जो बहुत चालाक होधूर्त
  • जिसे कोई इच्छा न बची होनिष्काम
  • जो सदा प्रसन्न रहता होप्रसन्नचित्त
  • जो कठिनाई में भी धैर्य न छोड़ेधीर
  • जो बात का पक्का होवचनबद्ध
  • जो दूसरों पर निर्भर न रहेआत्मनिर्भर
  • जो स्वयं उत्पन्न हुआ होस्वयंभू
  • जो अपनी बात पर अड़ा रहेहठी
  • जो बिना वेतन के काम करेअवैतनिक
  • जो नौकरी से हटा दिया गया होपदच्युत
  • जिसका कोई मूल्य न लगाया जा सकेअनमोल
  • जो जन्म से अंधा होजन्मांध
  • जो सुनने में असमर्थ होबधिर
  • जो बोल न सकता होमूक
  • जिसे किसी की संपत्ति या पद मिलने का हक होउत्तराधिकारी
  • जिसकी बुद्धि तेज होकुशाग्रबुद्धि
  • जिसकी बुद्धि मंद होमंदबुद्धि
  • जो शरण में आया होशरणागत
  • जो बिना बताए घर आ जाएअतिथि
  • जो सेना के आगे चलता होसेनानी
  • जो शास्त्र जानता होशास्त्रज्ञ
  • जो एक ही पत्नी रखता होएकपत्नीव्रती
  • जो आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करेब्रह्मचारी
  • जो संसार त्याग चुका होसंन्यासी
  • जो किसी से न डरेनिर्भीक
  • जो जल्दी क्रोधित हो जाएक्रोधी

इस भाग के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

‘जिसका कोई शत्रु ही न हो’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aअजातशत्रु
  2. Bनिर्भीक
  3. Cअपराजित
  4. Dअजेय

व्याख्या

‘अजातशत्रु’ का शाब्दिक अर्थ है जिसका शत्रु उत्पन्न ही न हुआ हो। ‘निर्भीक’ का अर्थ निडर है, ‘अपराजित’ का अर्थ जो हारा न हो और ‘अजेय’ का अर्थ जो जीता न जा सके — तीनों शत्रु के अभाव की बात नहीं कहते।

प्रश्न 2

‘जो नपा-तुला बोलता हो’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aवाचाल
  2. Bमितभाषी
  3. Cमृदुभाषी
  4. Dमौन

व्याख्या

‘मित’ का अर्थ है नपा हुआ और ‘भाषी’ यानी बोलने वाला। ‘मृदुभाषी’ मीठा बोलने वाला है, मात्रा कम बोलने वाला नहीं; ‘वाचाल’ इसका उलटा है और ‘मौन’ तो बोलता ही नहीं।

प्रश्न 3

‘जिसने अपनी इंद्रियों को वश में कर लिया हो’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aसंन्यासी
  2. Bब्रह्मचारी
  3. Cतपस्वी
  4. Dजितेंद्रिय

व्याख्या

‘जित’ यानी जीता हुआ और ‘इंद्रिय’ मिलकर जितेंद्रिय बनता है — जिसने इंद्रियों को जीत लिया। शेष तीनों शब्द जीवन-पद्धति बताते हैं, इंद्रिय-विजय नहीं।

प्रश्न 4

‘जो दूसरों के दोष ही खोजता रहे’ के लिए एक शब्द है —

  1. Aपरोपकारी
  2. Bछिद्रान्वेषी
  3. Cसमदर्शी
  4. Dईर्ष्यालु

व्याख्या

‘छिद्र’ यानी दोष या कमी और ‘अन्वेषी’ यानी खोजने वाला — दोनों मिलकर छिद्रान्वेषी बनाते हैं। ‘ईर्ष्यालु’ केवल जलन रखता है, दोष खोजने का भाव नहीं देता; ‘परोपकारी’ और ‘समदर्शी’ तो गुणवाचक शब्द हैं।