मुख्य सामग्री पर जाएं
Patwari परीक्षा · Hindi Grammar

शब्द-युग्म — Patwari नोट्स

Read this in English →

शब्द-युग्म (एक जैसे उच्चारण वाले, पर अलग अर्थ वाले शब्द) की सही पहचान परीक्षाओं में अक्सर पूछी जाती है — जैसे 'मूल और मूल्य' के सही अर्थ का मिलान। यहाँ सबसे ज्यादा परीक्षा में आने वाले जोड़े अर्थ सहित दिए गए हैं।

  • कक्षा 3-8 स्तर की गहराई
  • 7 मिनट पढ़ें
21 सितंबर 2026 को सत्यापित

शब्द-युग्म किसे कहते हैं?

वे दो शब्द जो सुनने या पढ़ने में लगभग एक जैसे लगते हैं (उच्चारण में एक मात्रा या अनुस्वार जितना ही हल्का अंतर होता है) लेकिन जिनके अर्थ पूरी तरह अलग होते हैं, शब्द-युग्म (Shabd-Yugm) कहलाते हैं। इन्हें श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द (सुनने में समान, अर्थ में भिन्न) भी कहा जाता है। उदाहरण: 'मूल' (जड़, आरंभ, आधार) और 'मूल्य' (कीमत) — दोनों सुनने में मिलते-जुलते हैं पर अर्थ अलग हैं।

यह टॉपिक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तनी और मात्रा के छोटे अंतर की पूरी समझ जरूरी होती है। परीक्षा में अक्सर एक शब्द देकर उसके 'सही जोड़ीदार शब्द' या दोनों शब्दों के सही अर्थ का मिलान पूछा जाता है।

प्रमुख शब्द-युग्म और उनके अर्थ

शब्द 1अर्थशब्द 2अर्थ
मूलजड़ / आरंभ / आधारमूल्यकीमत
अंसकंधाअंशहिस्सा
अन्नअनाजअन्यदूसरा
अपेक्षाइच्छा / तुलना मेंउपेक्षानिरादर
अभयनिर्भयउभयदोनों
अचारखट्टा खाद्य पदार्थआचारव्यवहार, आचरण
कुलवंश / सबकूलनदी का किनारा
दिनदिवसदीनगरीब, दयनीय
ग्रहनक्षत्र (जैसे मंगल, बुध)गृहघर
अनिलहवा, वायुअनलआग
प्रसादभेंट, कृपाप्रासादमहल

हर जोड़ी में उच्चारण मिलता-जुलता है, पर अर्थ पूरी तरह अलग है।

उदाहरण वाक्यों में प्रयोग

कुछ प्रचलित शब्द-युग्मों का वाक्य में प्रयोग देखें, जिससे मात्रा का अंतर और स्पष्ट हो जाता है — 'यह जमीन उसके कुल की है, जबकि झोपड़ी नदी के कूल के पास बनी है।' 'गरीब का दीन जीवन हर दिन संघर्ष से भरा रहता है।' 'ज्योतिषी ने बताया कि कौन-सा ग्रह किस गृह में बैठा है।' 'पंडित ने प्रसाद बाँटा, फिर सब लोग राजा के प्रासाद की ओर चल दिए।'

ऐसे वाक्य बनाकर पढ़ने से शब्द-युग्म की मात्रा और अर्थ दोनों एक साथ याद हो जाते हैं, जो विकल्प-आधारित प्रश्नों में बहुत काम आता है।

पहचानने का तरीका

शब्द-युग्म में अंतर पहचानने के लिए दो चीज़ों पर ध्यान दें — पहला, मात्रा या अनुस्वार में छोटा-सा फर्क (जैसे 'दिन' में 'इ' की मात्रा, 'दीन' में 'ई' की मात्रा), और दूसरा, वाक्य में प्रयोग का संदर्भ। जैसे 'नदी के कूल पर बैठकर उसने अपने कुल की मर्यादा सोची' — इस वाक्य में दोनों शब्दों का सही प्रयोग देखा जा सकता है।

अनेकार्थी शब्द से इसका अंतर यह है कि अनेकार्थी में एक ही शब्द के कई अर्थ होते हैं, जबकि शब्द-युग्म में दो अलग (पर सुनने में मिलते-जुलते) शब्दों के पूरी तरह अलग अर्थ होते हैं। परीक्षा में इस अंतर को समझे बिना दोनों टॉपिक में गड़बड़ी हो सकती है।

एक और उपयोगी संकेत यह है कि शब्द-युग्म में अक्सर एक शब्द 'ह्रस्व' मात्रा (छोटी मात्रा, जैसे इ, उ) वाला होता है और दूसरा 'दीर्घ' मात्रा (बड़ी मात्रा, जैसे ई, ऊ) वाला — जैसे 'दिन' (ह्रस्व इ) और 'दीन' (दीर्घ ई)। इस पैटर्न को पहचानने से याद रखना आसान हो जाता है, हालाँकि हर जोड़ी में यह नियम पूरी तरह लागू नहीं होता, इसलिए हर जोड़ी का अर्थ अलग से याद करना ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।

याद रखने की ट्रिक

शब्द-युग्म याद रखने के लिए हर जोड़े का एक जोड़ा-वाक्य (mnemonic sentence) बनाएँ जिसमें दोनों शब्द एक साथ आएँ, जैसे 'नदी के कूल पर बैठकर उसे अपने कुल की याद आई'। ऐसे वाक्य दोनों अर्थ एक साथ याद रखने में मदद करते हैं और परीक्षा में मात्रा की गलती नहीं होती।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शब्द-युग्म और श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द में क्या अंतर है?+

कोई अंतर नहीं है — शब्द-युग्म को ही श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द (सुनने में एक जैसे, अर्थ में अलग) कहा जाता है, यह एक ही अवधारणा के दो नाम हैं।

'कुल' और 'कूल' में क्या अंतर है?+

'कुल' का अर्थ वंश/सब है, जबकि 'कूल' का अर्थ नदी का किनारा है — दोनों सुनने में एक जैसे लगते हैं पर अर्थ अलग हैं।

शब्द-युग्म अनेकार्थी शब्द से कैसे अलग है?+

अनेकार्थी में एक शब्द के कई अर्थ होते हैं, जबकि शब्द-युग्म में दो अलग शब्द, जो सुनने में मिलते-जुलते हैं, के अलग-अलग अर्थ होते हैं।

शब्द-युग्म पहचानने के लिए सबसे उपयोगी अभ्यास कौन-सा है?+

श्रुतलेख (dictation) अभ्यास सबसे उपयोगी है, क्योंकि इससे मात्रा और उच्चारण दोनों की समझ जाँची जा सकती है।

आगे पढ़ें