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शब्द-युग्म (Shabd-Yugm)

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यह पेज REET हिंदी भाषा खंड के शब्द-युग्म (एक जैसे उच्चारण वाले, पर अलग अर्थ वाले शब्द) टॉपिक को कवर करता है। REET 2024 में 'मूल और मूल्य' जैसे शब्द-युग्मों के सही अर्थ पूछे गए थे, इसलिए यहाँ सबसे ज्यादा परीक्षा में आने वाले जोड़े अर्थ सहित दिए गए हैं।

  • REET 2024 में 1 प्रश्न
  • कक्षा 3–8 स्तर
  • 7 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET हिंदी खंड में शब्द-युग्म से जुड़ा प्रश्न आमतौर पर दो मिलते-जुलते उच्चारण वाले शब्दों का सही क्रम में अर्थ पूछता है। REET 2024 में पूछा गया — 'मूल एवं मूल्य का क्रमशः अर्थ है' — जिसमें दोनों शब्दों के अर्थ को सही क्रम में मिलाना था। एक मात्रा (जैसे 'मूल' और 'मूल्य' के बीच 'ल्य' का अंतर) से पूरा अर्थ बदल जाता है, इसलिए मात्रा और अर्थ दोनों ध्यान से याद रखने होते हैं।

शब्द-युग्म किसे कहते हैं?

वे दो शब्द जो सुनने या पढ़ने में लगभग एक जैसे लगते हैं (उच्चारण में एक मात्रा या अनुस्वार जितना ही हल्का अंतर होता है) लेकिन जिनके अर्थ पूरी तरह अलग होते हैं, शब्द-युग्म (Shabd-Yugm) कहलाते हैं। इन्हें श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द (सुनने में समान, अर्थ में भिन्न) भी कहा जाता है। उदाहरण: 'मूल' (जड़, आरंभ, आधार) और 'मूल्य' (कीमत) — दोनों सुनने में मिलते-जुलते हैं पर अर्थ अलग हैं।

REET में यह टॉपिक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षक को स्वयं वर्तनी और मात्रा के छोटे अंतर की पूरी समझ होनी चाहिए, ताकि वे बच्चों को सही हिंदी लेखन सिखा सकें। परीक्षा में अक्सर एक शब्द देकर उसके 'सही जोड़ीदार शब्द' या दोनों शब्दों के सही अर्थ का मिलान पूछा जाता है।

प्रमुख शब्द-युग्म और उनके अर्थ

शब्द 1अर्थशब्द 2अर्थ
मूलजड़ / आरंभ / आधारमूल्यकीमत
अंसकंधाअंशहिस्सा
अन्नअनाजअन्यदूसरा
अपेक्षाइच्छा / तुलना मेंउपेक्षानिरादर
अभयनिर्भयउभयदोनों
अचारखट्टा खाद्य पदार्थआचारव्यवहार, आचरण
कुलवंश / सबकूलनदी का किनारा
दिनदिवसदीनगरीब, दयनीय
ग्रहनक्षत्र (जैसे मंगल, बुध)गृहघर
अनिलहवा, वायुअनलआग
प्रसादभेंट, कृपाप्रासादमहल

हर जोड़ी में उच्चारण मिलता-जुलता है, पर अर्थ पूरी तरह अलग है।

उदाहरण वाक्यों में प्रयोग

कुछ प्रचलित शब्द-युग्मों का वाक्य में प्रयोग देखें, जिससे मात्रा का अंतर और स्पष्ट हो जाता है — 'यह जमीन उसके कुल की है, जबकि झोपड़ी नदी के कूल के पास बनी है।' 'गरीब का दीन जीवन हर दिन संघर्ष से भरा रहता है।' 'ज्योतिषी ने बताया कि कौन-सा ग्रह किस गृह में बैठा है।' 'पंडित ने प्रसाद बाँटा, फिर सब लोग राजा के प्रासाद की ओर चल दिए।'

ऐसे वाक्य बनाकर पढ़ने से शब्द-युग्म की मात्रा और अर्थ दोनों एक साथ याद हो जाते हैं, जो REET जैसे विकल्प-आधारित प्रश्नों में बहुत काम आता है।

REET में यह टॉपिक क्यों जरूरी है

शब्द-युग्म का सही ज्ञान शिक्षक के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि कक्षा में श्रुतलेख कराते समय या बच्चों की कॉपी जाँचते समय मात्रा की गलतियाँ (जैसे 'दिन' की जगह 'दीन' लिखना) पकड़ना शिक्षक की ही जिम्मेदारी होती है। यह टॉपिक हिंदी की वर्तनी (spelling) संबंधी समझ को मजबूत करता है, जो कक्षा 3 से 8 तक के हिंदी पाठ्यक्रम में लगातार काम आता है।

इसके अलावा, यह टॉपिक REET के व्याकरण खंड में वर्तनी-शुद्धि (spelling correction) और अशुद्ध वाक्य सुधारने से जुड़े प्रश्नों की नींव भी बनाता है, क्योंकि परीक्षा में अक्सर किसी वाक्य में गलत शब्द-युग्म का प्रयोग करके उसे सुधारने के लिए कहा जाता है।

पहचानने का तरीका

शब्द-युग्म में अंतर पहचानने के लिए दो चीज़ों पर ध्यान दें — पहला, मात्रा या अनुस्वार में छोटा-सा फर्क (जैसे 'दिन' में 'इ' की मात्रा, 'दीन' में 'ई' की मात्रा), और दूसरा, वाक्य में प्रयोग का संदर्भ। जैसे 'नदी के कूल पर बैठकर उसने अपने कुल की मर्यादा सोची' — इस वाक्य में दोनों शब्दों का सही प्रयोग देखा जा सकता है।

अनेकार्थी शब्द से इसका अंतर यह है कि अनेकार्थी में एक ही शब्द के कई अर्थ होते हैं, जबकि शब्द-युग्म में दो अलग (पर सुनने में मिलते-जुलते) शब्दों के पूरी तरह अलग अर्थ होते हैं। REET में इस अंतर को समझे बिना दोनों टॉपिक में गड़बड़ी हो सकती है।

एक और उपयोगी संकेत यह है कि शब्द-युग्म में अक्सर एक शब्द 'ह्रस्व' मात्रा (छोटी मात्रा, जैसे इ, उ) वाला होता है और दूसरा 'दीर्घ' मात्रा (बड़ी मात्रा, जैसे ई, ऊ) वाला — जैसे 'दिन' (ह्रस्व इ) और 'दीन' (दीर्घ ई)। इस पैटर्न को पहचानने से याद रखना आसान हो जाता है, हालाँकि हर जोड़ी में यह नियम पूरी तरह लागू नहीं होता, इसलिए हर जोड़ी का अर्थ अलग से याद करना ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

बोर्ड पर शब्द-युग्म (जैसे 'दिन-दीन') लिखकर बच्चों से दोनों शब्दों पर अलग-अलग वाक्य बनवाएँ, फिर मात्रा के अंतर को रंगीन चॉक से रेखांकित करके दिखाएँ।

शिक्षण सहायक सामग्री

फ्लैशकार्ड पर एक तरफ शब्द-युग्म का पहला शब्द और दूसरी तरफ दूसरा शब्द लिखकर, दोनों के अर्थ से जुड़े सरल चित्र चिपकाएँ — जैसे 'कुल' के लिए परिवार का चित्र और 'कूल' के लिए नदी किनारे का चित्र।

सामान्य त्रुटि

बच्चे लेखन में अक्सर मात्रा की गलती (जैसे 'मूल' की जगह 'मूल्य' या 'दिन' की जगह 'दीन') कर बैठते हैं, जिससे वाक्य का अर्थ ही बदल जाता है। इसे सुधारने के लिए हर शब्द-युग्म पर श्रुतलेख अभ्यास कराना उपयोगी है, साथ ही बच्चों को स्वयं अपनी लिखी कॉपी में ऐसी गलतियाँ ढूँढकर सुधारने का अभ्यास भी कराया जा सकता है।

आकलन का तरीका

श्रुतलेख (dictation) में शब्द-युग्म वाले वाक्य बुलवाकर बच्चों से लिखवाएँ, फिर जाँचें कि उन्होंने सही मात्रा और अर्थ दोनों के साथ लिखा है या नहीं। इसके अलावा मौखिक रूप से एक शब्द बोलकर बच्चों से उसका जोड़ीदार शब्द और दोनों के अर्थ बताने को कहा जा सकता है।

याद रखने की ट्रिक

शब्द-युग्म याद रखने के लिए हर जोड़े का एक जोड़ा-वाक्य (mnemonic sentence) बनाएँ जिसमें दोनों शब्द एक साथ आएँ, जैसे 'नदी के कूल पर बैठकर उसे अपने कुल की याद आई'। ऐसे वाक्य दोनों अर्थ एक साथ याद रखने में मदद करते हैं और परीक्षा में मात्रा की गलती नहीं होती।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 74 से 83 तक के उत्तर दीजिए । प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति का प्रकाश विश्व भर में फैल रहा है । इस महान भारतीय संस्कृति के वैशिष्ट्य बिंदु निम्नानुसार है - प्राचीनता-भारतीय संस्कृति का इतिहास अत्यंत प्राचीन है । सरस्वती-सैंधव सभ्यता की खोज एवं उत्खनन से प्राप्त सामग्री का मूल्य आँकना संभव नहीं है । यह प्राप्त सामग्री आज भी हमारा गौरव है । इनका संरक्षण एवं अध्ययन हमारा ध्येय होना चाहिए । निरंतरता-भारतीय संस्कृति की धारा निर्बाध रूप से हजारों वर्षों से बहती चली आ रही है । सैंधव सभ्यता से प्राप्त देवी-देवताओं की मूर्तियाँ भारतीयों के लिए पूजनीय हैं । अनेक विदेशी आक्रमणों के बावजूद भारतीय संस्कृति ने अपना मूल स्वरूप स्थायी बनाए रखा है । आध्यात्मिकता-अध्यात्म भारतीय संस्कृति का प्राण तत्त्व है । हमारी संस्कृति का विकास तपोवनों और आश्रमों में हुआ है । ग्रहणशीलता-बाहरी तत्त्वों को आत्मसात् करने की क्षमता और समन्वित जीवनशैली भारतीय संस्कृति का प्रमुख गुण है । भारतीय संस्कृति की प्रेरक व्यवस्था व्यक्ति को नैतिक रूप से दृढ़ कर मानव बनाती है । भारतीय संस्कृति का सौंदर्य सार्वभौमिक है ।

प्रश्न 82

मूल एवं मूल्य का क्रमश: अर्थ है -

  1. Aकीमत - प्रधान
  2. Bप्रदान - आरंभ
  3. Cकीमत - प्रदान
  4. Dआरंभ - कीमत

व्याख्या

‘मूल’ और ‘मूल्य’ समान उच्चारण वाले भिन्नार्थक शब्द (श्रुतिसम शब्द-युग्म) हैं। ‘मूल’ का अर्थ जड़/आरंभ/आधार है और ‘मूल्य’ का अर्थ कीमत है। अतः क्रमशः अर्थ ‘आरंभ - कीमत’ है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

'दिन' और 'दीन' शब्दों के सही अर्थ क्रमशः क्या हैं?

  1. Aदिवस, गरीब
  2. Bगरीब, दिवस
  3. Cरात, अमीर
  4. Dमहीना, गरीब

व्याख्या

'दिन' का अर्थ दिवस/day है और 'दीन' का अर्थ गरीब/दयनीय है — दोनों उच्चारण में मिलते-जुलते पर अर्थ में भिन्न हैं।

प्रश्न 2

'ग्रह' और 'गृह' में से कौन-सा शब्द 'घर' का अर्थ देता है?

  1. Aग्रह
  2. Bगृह
  3. Cदोनों
  4. Dकोई नहीं

व्याख्या

'गृह' का अर्थ घर है, जबकि 'ग्रह' का अर्थ खगोलीय पिंड (जैसे मंगल, बुध) है।

प्रश्न 3

'कुल' एवं 'कूल' का क्रमशः सही अर्थ है:

  1. Aकिनारा, वंश
  2. Bवंश, किनारा
  3. Cपरिवार, संख्या
  4. Dसब, दिन

व्याख्या

'कुल' का अर्थ वंश/सब है और 'कूल' का अर्थ नदी का किनारा है।

प्रश्न 4

'मूल' एवं 'मूल्य' का क्रमशः सही अर्थ कौन-सा विकल्प दर्शाता है?

  1. Aकीमत, आरंभ
  2. Bआरंभ, कीमत
  3. Cजड़, वंश
  4. Dमहँगा, सस्ता

व्याख्या

'मूल' का अर्थ जड़/आरंभ/आधार है और 'मूल्य' का अर्थ कीमत है, अतः क्रमशः सही अर्थ 'आरंभ, कीमत' है।

प्रश्न 5

'अपेक्षा' और 'उपेक्षा' शब्दों में सही अंतर है:

  1. Aअपेक्षा = इच्छा/तुलना में, उपेक्षा = निरादर
  2. Bअपेक्षा = निरादर, उपेक्षा = इच्छा
  3. Cदोनों का अर्थ समान है
  4. Dअपेक्षा = कीमत, उपेक्षा = आरंभ

व्याख्या

'अपेक्षा' का अर्थ इच्छा करना या तुलना में है, जबकि 'उपेक्षा' का अर्थ निरादर/नज़रअंदाज करना है।

प्रश्न 6

'अभय' एवं 'उभय' शब्दों का सही अर्थ है:

  1. Aनिर्भय, दोनों
  2. Bदोनों, निर्भय
  3. Cडर, साहस
  4. Dएक, अनेक

व्याख्या

'अभय' का अर्थ निर्भय (डर रहित) है और 'उभय' का अर्थ दोनों/दोनों पक्ष है।

प्रश्न 7

'अन्न' एवं 'अन्य' शब्दों में सही अंतर बताइए:

  1. Aअन्न = अनाज, अन्य = दूसरा
  2. Bअन्न = दूसरा, अन्य = अनाज
  3. Cदोनों का अर्थ अनाज है
  4. Dअन्न = किनारा, अन्य = वंश

व्याख्या

'अन्न' का अर्थ अनाज/भोजन है, जबकि 'अन्य' का अर्थ दूसरा/कोई और है।

प्रश्न 8

शब्द-युग्म पढ़ाते समय बच्चों की मात्रा-संबंधी गलतियाँ सुधारने का सबसे उपयुक्त तरीका है:

  1. Aश्रुतलेख (dictation) अभ्यास कराना
  2. Bकेवल शब्दकोश देखने को कहना
  3. Cशब्द रटवाना बिना वाक्य के
  4. Dकोई अभ्यास न कराना

व्याख्या

श्रुतलेख से बच्चों को सुनकर सही मात्रा के साथ लिखने का अभ्यास मिलता है, जिससे शब्द-युग्म की गलतियाँ कम होती हैं।

प्रश्न 9

शब्द-युग्म पढ़ाते समय बच्चों में सबसे आम भ्रम क्या होता है?

  1. Aवे दोनों मिलते-जुलते शब्दों को एक ही अर्थ का मान लेते हैं
  2. Bवे शब्दों को अंग्रेज़ी में बोलने लगते हैं
  3. Cवे विलोम शब्द याद करने लगते हैं
  4. Dवे शब्दों का लिंग बदल देते हैं

व्याख्या

उच्चारण में समानता के कारण बच्चे शब्द-युग्म के दोनों शब्दों को अक्सर एक ही अर्थ का मान बैठते हैं, जबकि उनके अर्थ पूरी तरह भिन्न होते हैं — इसे सुधारने के लिए जोड़ी में वाक्य-अभ्यास जरूरी है।

प्रश्न 10

'प्रसाद' और 'प्रासाद' शब्दों का सही अर्थ है:

  1. Aभेंट/कृपा, महल
  2. Bमहल, भेंट/कृपा
  3. Cमंदिर, घर
  4. Dकृपा, नदी

व्याख्या

'प्रसाद' का अर्थ भेंट या ईश्वर की कृपा है, जबकि 'प्रासाद' का अर्थ महल/बड़ा भवन है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शब्द-युग्म और श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द में क्या अंतर है?+

कोई अंतर नहीं है — शब्द-युग्म को ही श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द (सुनने में एक जैसे, अर्थ में अलग) कहा जाता है, यह एक ही अवधारणा के दो नाम हैं।

REET में शब्द-युग्म से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से हिंदी खंड में 1 प्रश्न पूछा गया था; भाषा-1/भाषा-2 के शब्द-ज्ञान भाग में यह टॉपिक हर वर्ष दोहराया जाता है।

'कुल' और 'कूल' में क्या अंतर है?+

'कुल' का अर्थ वंश/सब है, जबकि 'कूल' का अर्थ नदी का किनारा है — दोनों सुनने में एक जैसे लगते हैं पर अर्थ अलग हैं।

शब्द-युग्म अनेकार्थी शब्द से कैसे अलग है?+

अनेकार्थी में एक शब्द के कई अर्थ होते हैं, जबकि शब्द-युग्म में दो अलग शब्द, जो सुनने में मिलते-जुलते हैं, के अलग-अलग अर्थ होते हैं।

शब्द-युग्म पहचानने के लिए सबसे उपयोगी अभ्यास कौन-सा है?+

श्रुतलेख (dictation) अभ्यास सबसे उपयोगी है, क्योंकि इससे मात्रा और उच्चारण दोनों की समझ जाँची जा सकती है।

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बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए