वचन (Vachan): एकवचन-बहुवचन के नियम, सदैव बहुवचन शब्द — REET हिंदी व्याकरण
इस पेज पर वचन की परिभाषा, बहुवचन बनाने के नियम (सामान्य, विभक्ति-युक्त और संबोधन रूप), सदैव एकवचन और सदैव बहुवचन में प्रयुक्त शब्द तथा आदरसूचक बहुवचन दिए गए हैं। REET 2024 में वचन के 5 प्रश्न आए, जिनमें 3 केवल 'सदैव बहुवचन' शब्दों पर थे।
- REET 2024 में 5 प्रश्न
- कक्षा 1–8 स्तर
- 7 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में वचन के 5 प्रश्न आए: 'सदैव बहुवचन में प्रयुक्त शब्द' तीन बार पूछा गया (उत्तर: लोग, प्राण, लोग), 'संस्कृति' का बहुवचन (संस्कृतियाँ) और 'एकवचन व बहुवचन में समान रूप वाला शब्द' (मनुष्य)। स्तर सरल है, पर विकल्पों में सामग्री, भोजन, आनंद जैसे 'सदैव एकवचन' शब्द जाल की तरह रखे जाते हैं — इसलिए दोनों सूचियाँ साथ याद करें।
वचन क्या है?
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसकी संख्या (एक या अनेक) का बोध हो, उसे वचन कहते हैं। हिंदी में दो वचन हैं — एकवचन (लड़का, नदी, पुस्तक) और बहुवचन (लड़के, नदियाँ, पुस्तकें)। संस्कृत में तीन वचन होते हैं — एकवचन, द्विवचन और बहुवचन; हिंदी में द्विवचन नहीं है।
वचन का प्रभाव केवल संज्ञा पर नहीं, पूरे वाक्य पर पड़ता है — विशेषण और क्रिया भी बदलते हैं: 'अच्छा लड़का खेलता है' → 'अच्छे लड़के खेलते हैं'। इसलिए जिन शब्दों का रूप नहीं बदलता (घर, मनुष्य, बालक, हाथी), उनका वचन क्रिया से पहचानें: 'मनुष्य आया' (एकवचन), 'मनुष्य आए' (बहुवचन)।
बहुवचन बनाने के नियम (विभक्ति-रहित रूप)
| नियम | एकवचन → बहुवचन |
|---|---|
| आकारांत पुल्लिंग: 'आ' → 'ए' | लड़का → लड़के, कमरा → कमरे, घोड़ा → घोड़े, बेटा → बेटे |
| अपवाद: संबंधवाचक व कुछ तत्सम आकारांत पुल्लिंग नहीं बदलते | पिता, चाचा, दादा, राजा, नेता, योद्धा — 'पिता आए', 'राजा आए' |
| अकारांत स्त्रीलिंग: 'अ' → 'एँ' | बहन → बहनें, पुस्तक → पुस्तकें, आँख → आँखें, रात → रातें |
| आकारांत स्त्रीलिंग: 'आ' के बाद 'एँ' | माता → माताएँ, लता → लताएँ, कथा → कथाएँ, सुविधा → सुविधाएँ |
| इकारांत / ईकारांत स्त्रीलिंग: → 'इयाँ' | नदी → नदियाँ, तिथि → तिथियाँ, संस्कृति → संस्कृतियाँ, रोटी → रोटियाँ |
| 'इया' अंत वाले स्त्रीलिंग: 'या' → 'याँ' | चिड़िया → चिड़ियाँ, गुड़िया → गुड़ियाँ, डिबिया → डिबियाँ |
| उ, ऊ, औ अंत वाले स्त्रीलिंग: → 'एँ' ('ऊ' ह्रस्व होता है) | वस्तु → वस्तुएँ, बहू → बहुएँ, गौ → गौएँ |
| आकारांत के अलावा अन्य पुल्लिंग: रूप नहीं बदलता | घर, बालक, मनुष्य, हाथी, साधु, डाकू — 'दो हाथी आए' |
संख्या बताने के लिए गण, वर्ग, जन, वृंद, दल जैसे शब्द भी जोड़े जाते हैं: छात्रगण, गुरुजन, अध्यापक वर्ग, मित्रवृंद।
विभक्ति-युक्त और संबोधन रूप
| स्थिति | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| विभक्ति (ने, को, से, में, पर) के साथ | शब्द के अंत में 'ओं'; ई/इ अंत वाले शब्दों में 'इयों' | लड़कों ने, घरों में, पुस्तकों को, नदियों का, पूँजीपतियों को, साधुओं से |
| संबोधन बहुवचन | 'ओ' — अनुस्वार/चंद्रबिंदु नहीं लगता | भाइयो और बहनो!, बच्चो!, साथियो! |
'भाइयों और बहनों!' संबोधन में अशुद्ध है; शुद्ध रूप 'भाइयो और बहनो!' है। वाक्य-शुद्धि के प्रश्नों में यह बार-बार आता है।
सदैव एकवचन और सदैव बहुवचन में प्रयुक्त शब्द
| सदैव बहुवचन | सदैव एकवचन |
|---|---|
| लोग — 'लोग आए हैं', 'हम लोग' | जनता — 'जनता जाग गई है' |
| प्राण — 'उसके प्राण निकल गए' | द्रव्यवाचक: पानी, दूध, घी, सोना, चाँदी, तेल |
| दर्शन — 'आपके दर्शन हुए' | भाववाचक: प्रेम, क्रोध, आनंद, दया, सत्य |
| हस्ताक्षर — 'उसके हस्ताक्षर नहीं मिले' | सामग्री, सामान, भोजन, आकाश, वर्षा |
| आँसू — 'आँसू बहने लगे' | समूहवाचक (समूह एक इकाई): सेना, भीड़, कक्षा — 'भीड़ जमा हो गई' |
| होश — 'उसके होश उड़ गए' | सभ्यता, संस्कृति (सामान्य भाव-प्रयोग में) — 'भारतीय संस्कृति प्राचीन है' |
| समाचार (सूचना अर्थ में) — 'क्या समाचार हैं?' | इनके बहुवचन भाव के लिए अन्य शब्द जोड़ते हैं: पानी की बूँदें, सोने के गहने |
भाववाचक और संस्कृति जैसे शब्द भिन्न प्रकारों का बोध कराने पर बहुवचन में भी आते हैं — 'विश्व की विभिन्न संस्कृतियाँ'। इसलिए 'संस्कृति का बहुवचन' पूछा जाए तो 'संस्कृतियाँ' सही है।
आदरसूचक बहुवचन और ध्यान देने योग्य बातें
आदर प्रकट करने के लिए एक व्यक्ति के लिए भी बहुवचन क्रिया का प्रयोग होता है: 'पिताजी आ रहे हैं', 'गुरुजी पढ़ा रहे हैं', 'आप कहाँ जा रहे हैं?' यहाँ व्यक्ति एक है, पर व्याकरणिक प्रयोग बहुवचन का है। अहंकार या औपचारिकता में 'मैं' के स्थान पर 'हम' भी बोला जाता है।
कुछ शब्द अर्थ के अनुसार वचन बदलते हैं। 'बाल' सिर के एक बाल के लिए एकवचन ('बाल टूट गया') और केश-समूह के लिए बहुवचन ('उसके बाल सुंदर हैं') है। 'मनुष्य', 'किसान', 'बालक' जैसे अकारांत पुल्लिंग शब्द विभक्ति-रहित रूप में दोनों वचनों में एक समान रहते हैं — REET 2024 में इसी आधार पर 'मनुष्य' सही उत्तर था, जबकि 'घोड़ा' (घोड़े) बदलता है और 'यह' (ये) सर्वनाम है।
सर्वनाम के वचन-रूप भी याद रखें: मैं → हम, तू → तुम, यह → ये, वह → वे। 'ये' और 'वे' बहुवचन हैं; लिखित मानक हिंदी में एकवचन के लिए 'यह' और 'वह' ही लिखें।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
गतिविधि: एक-अनेक थैला (कक्षा 1–3)
थैले से एक पेंसिल निकालें — 'पेंसिल'; पाँच निकालें — 'पेंसिलें'। इसी तरह गेंद-गेंदें, केला-केले। मूर्त वस्तुओं से बच्चे बदलाव 'देखते' हैं, फिर नियम बनता है।
गतिविधि: नियम खोजो (कक्षा 4–6)
बोर्ड पर 12 एकवचन-बहुवचन जोड़े लिखें और समूहों से उन्हें अंत के अक्षर के अनुसार बाँटने को कहें। बच्चे स्वयं 'आ → ए', 'ई → इयाँ' जैसे नियम खोजें — यह आगमन विधि है।
शिक्षण सामग्री
दो खानों वाला चार्ट — 'सदा बहुवचन' और 'सदा एकवचन' — जिसमें बच्चे कहानी या अख़बार से मिले उदाहरण जोड़ते जाएँ।
आम भ्रांति
बच्चे संबोधन में 'बच्चों!' लिखते हैं और 'पिता' का बहुवचन 'पिते' बना देते हैं। उपाय: संबोधन-पत्र या भाषण की शुरुआत लिखवाकर शुद्ध रूप 'बच्चो!' का अभ्यास कराएँ; संबंधवाचक शब्दों की अलग सूची बनवाएँ।
आकलन विचार
वाक्यों को बहुवचन में बदलवाएँ (संज्ञा, विशेषण और क्रिया — तीनों बदलें), जैसे 'मेरी सहेली गाना गाती है' → 'मेरी सहेलियाँ गाना गाती हैं'।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
'लोग प्राण दर्शन हस्ताक्षर आँसू होश' — छह शब्द, सदा बहुवचन; वाक्य याद रखें: 'लोगों के दर्शन से आँसू आए, होश उड़े, प्राण बचे, हस्ताक्षर हुए।' और विकल्प में सामग्री, भोजन, जनता, आनंद, पानी दिखें तो ये सदैव एकवचन हैं — इन्हें पहले काट दें।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 33
निम्नलिखित में से सदैव ‘बहुवचन’ में प्रयुक्त होने वाला विकल्प है
- Aलोग
- Bकिसान
- Cभोजन
- Dमनुष्य
व्याख्या
‘लोग’ शब्द सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होता है, जैसे — ‘हम लोग’, ‘लोग आए हैं’। ‘किसान’, ‘भोजन’ और ‘मनुष्य’ एकवचन और बहुवचन दोनों में प्रयुक्त हो सकते हैं। अतः सही उत्तर ‘लोग’ है।
प्रश्न 79
निम्नलिखित विकल्पों में से सदैव बहुवचन के रूप में यथावत् प्रयुक्त होने वाला शब्द है -
- Aसंस्कृति
- Bसामग्री
- Cसभ्यता
- Dप्राण
व्याख्या
‘प्राण’ शब्द हिन्दी में सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होता है, जैसे — ‘उसके प्राण निकल गए’। इसी प्रकार ‘दर्शन’, ‘हस्ताक्षर’, ‘आँसू’ आदि भी बहुवचन में प्रयुक्त होते हैं। ‘संस्कृति’, ‘सामग्री’, ‘सभ्यता’ एकवचन में प्रयुक्त होते हैं।
प्रश्न 42
निम्नलिखित में से किस शब्द का प्रयोग सदैव बहुवचन के रूप में होता है ?
- Aआनन्द
- Bयात्रा
- Cलोग
- Dप्रतीक
व्याख्या
‘लोग’ शब्द सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होता है, जैसे — ‘लोग आ रहे हैं’। आनन्द, यात्रा और प्रतीक शब्दों का प्रयोग एकवचन और बहुवचन दोनों में हो सकता है।
प्रश्न 46
‘संस्कृति’ शब्द का बहुवचन रूप होगा –
- Aसंस्कृतियाँ
- Bसाँस्कृतिक
- Cअपसंस्कृति
- Dसंस्कृतिएँ
व्याख्या
इकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के बहुवचन में ‘याँ’ जुड़ता है, जैसे — रीति → रीतियाँ। इसी प्रकार ‘संस्कृति’ का बहुवचन ‘संस्कृतियाँ’ होगा। ‘सांस्कृतिक’ विशेषण है और ‘अपसंस्कृति’ उपसर्ग से बना नया शब्द है।
प्रश्न 45
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द एकवचन और बहुवचन में समान रूप से प्रयुक्त हो सकता है ?
- Aमनुष्य
- Bघोड़ा
- Cमशीन
- Dयह
व्याख्या
‘मनुष्य’ शब्द एकवचन और बहुवचन दोनों में एक-सा रहता है (एक मनुष्य आया / दो मनुष्य आए); बहुवचन का पता क्रिया से चलता है। ‘घोड़ा’ का बहुवचन ‘घोड़े’, ‘मशीन’ का ‘मशीनें’ और ‘यह’ का ‘ये’ होता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
'चिड़िया' का बहुवचन रूप है —
- Aचिड़ियें
- Bचिड़ियाँ
- Cचिड़ियाएँ
- Dचिड़िये
व्याख्या
'इया' से अंत होने वाले स्त्रीलिंग शब्दों में 'या' → 'याँ' होता है: चिड़िया → चिड़ियाँ।
प्रश्न 2
निम्नलिखित में से सदैव एकवचन में प्रयुक्त शब्द है —
- Aहस्ताक्षर
- Bदर्शन
- Cजनता
- Dआँसू
व्याख्या
'जनता' सदैव एकवचन में आती है ('जनता जाग गई')। हस्ताक्षर, दर्शन, आँसू सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होते हैं।
प्रश्न 3
संबोधन की दृष्टि से शुद्ध रूप है —
- Aप्यारे बच्चों!
- Bप्यारे बच्चो!
- Cप्यारा बच्चों!
- Dप्यारे बच्चें!
व्याख्या
संबोधन बहुवचन में अंत में 'ओ' लगता है, अनुस्वार नहीं: 'बच्चो!'
प्रश्न 4
'वस्तु' का बहुवचन है —
- Aवस्तुओं
- Bवस्तुएँ
- Cवस्तुयें
- Dवस्तुंएँ
व्याख्या
उकारांत स्त्रीलिंग शब्द में 'एँ' जुड़ता है: वस्तु → वस्तुएँ। 'वस्तुओं' विभक्ति-युक्त रूप है (वस्तुओं का)।
प्रश्न 5
किस वाक्य में आदरसूचक बहुवचन का प्रयोग है?
- Aबच्चे खेल रहे हैं।
- Bदादाजी पूजा कर रहे हैं।
- Cपक्षी उड़ रहे हैं।
- Dकिसान खेत जोत रहे हैं।
व्याख्या
'दादाजी' एक व्यक्ति हैं, पर आदर में क्रिया 'कर रहे हैं' बहुवचन की है। शेष वाक्यों में वास्तव में अनेक कर्ता हैं।
प्रश्न 6
'राजा' शब्द का विभक्ति-रहित बहुवचन रूप है —
- Aराजे
- Bराजाएँ
- Cराजा
- Dराजाओं
व्याख्या
'राजा' जैसे कुछ आकारांत पुल्लिंग शब्द विभक्ति-रहित बहुवचन में नहीं बदलते — 'राजा आए'। 'राजाओं' विभक्ति-युक्त रूप है।
प्रश्न 7
किस विकल्प के सभी शब्द सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होते हैं?
- Aप्राण, होश, लोग
- Bप्राण, पानी, लोग
- Cभोजन, होश, लोग
- Dप्राण, होश, सामग्री
व्याख्या
प्राण, होश, लोग सदैव बहुवचन हैं। पानी, भोजन, सामग्री सदैव एकवचन में प्रयुक्त होते हैं।
प्रश्न 8
'यह मेरा घर है।' का बहुवचन रूप है —
- Aये मेरे घरें हैं।
- Bये मेरे घर हैं।
- Cयह मेरे घर हैं।
- Dये मेरा घर है।
व्याख्या
यह → ये, मेरा → मेरे, है → हैं; 'घर' अकारांत पुल्लिंग होने से नहीं बदलता।
प्रश्न 9
'पुस्तक' का विभक्ति-युक्त बहुवचन वाला वाक्य है —
- Aपुस्तकें मेज़ पर हैं।
- Bपुस्तकों को अलमारी में रखो।
- Cपुस्तक पढ़ो।
- Dनई पुस्तकें आईं।
व्याख्या
'को' विभक्ति के साथ 'पुस्तक' का बहुवचन 'पुस्तकों' बनता है। 'पुस्तकें' विभक्ति-रहित रूप है।
प्रश्न 10
कक्षा 2 में वचन की अवधारणा आरंभ करने का सबसे उपयुक्त तरीका है —
- Aबहुवचन के नियमों की सूची रटवाना
- Bकक्षा की वस्तुओं को एक और अनेक की संख्या में दिखाकर उनके नाम बुलवाना
- Cसंस्कृत के द्विवचन से तुलना करना
- Dव्याकरण की परिभाषा लिखवाना
व्याख्या
छोटे बच्चों के लिए मूर्त वस्तुओं से 'एक' और 'अनेक' का अनुभव सबसे प्रभावी है; नियम बाद में आते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में वचन से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में हिंदी भाषा I व II से वचन के 5 प्रश्न आए — तीन 'सदैव बहुवचन' शब्द पर, एक बहुवचन रूप पर और एक दोनों वचनों में समान शब्द पर।
हिंदी में कितने वचन होते हैं?+
हिंदी में दो वचन हैं — एकवचन और बहुवचन। संस्कृत में द्विवचन मिलाकर तीन वचन होते हैं।
सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होने वाले शब्द कौन-से हैं?+
लोग, प्राण, दर्शन, हस्ताक्षर, आँसू, होश, समाचार (सूचना के अर्थ में) प्रमुख हैं।
'भाइयो और बहनो' में अनुस्वार क्यों नहीं लगता?+
संबोधन बहुवचन में शब्द के अंत में केवल 'ओ' लगता है, अनुस्वार नहीं — इसलिए 'भाइयो, बहनो, बच्चो' शुद्ध हैं।
'नदी' का बहुवचन क्या है?+
विभक्ति-रहित रूप 'नदियाँ' और विभक्ति-युक्त रूप 'नदियों' (जैसे नदियों में) है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए