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REET L1+L2 · हिंदी (भाषा I/II)

वाक्य रचना एवं भेद: उद्देश्य-विधेय, रचना और अर्थ के आधार पर वाक्य, पदक्रम — REET नोट्स

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इस पेज में वाक्य की परिभाषा और आवश्यक तत्व, उद्देश्य-विधेय, रचना और अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद, उपवाक्यों की पहचान, पदक्रम के नियम और वाक्य-रूपांतरण परीक्षा की दृष्टि से दिए गए हैं। REET 2024 में इस टॉपिक से 8 प्रश्न आए और सभी सीधे नियम पर आधारित थे, इसलिए नियम साफ़ हों तो ये पूरे अंक दिलाते हैं।

  • REET 2024 में 8 प्रश्न
  • कक्षा 6–10 व्याकरण स्तर
  • 7 मिनट पढ़ें

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के 8 प्रश्न चार तरह के थे। (1) अर्थ के आधार पर भेद पहचानना — ‘राजा नगर में आए’ (विधानार्थक), ‘यदि तुम अमेरिका जाओ तो…’ (संकेतार्थक)। (2) उद्देश्य और विधेय अलग करना — दो प्रश्न। (3) रचना के आधार पर — कौन-सा भेद रचना का नहीं है (निषेधवाचक), एक मुख्य और आश्रित उपवाक्य वाला वाक्य (मिश्र), ‘शिक्षकों ने कहा कि वे घर जा रहे हैं’ (मिश्र)। (4) पदक्रम का असंगत कथन — क्रियाविशेषण प्रायः क्रिया से पहले आता है, बाद में नहीं। प्रश्न परिभाषा-आधारित थे; सबसे बड़ा जाल ‘रचना’ और ‘अर्थ’ के भेदों को आपस में मिला देना है।

वाक्य: परिभाषा और आवश्यक तत्व

सार्थक शब्दों का वह व्यवस्थित समूह जिससे वक्ता का आशय पूरी तरह स्पष्ट हो जाए, वाक्य कहलाता है। शब्द जब वाक्य में प्रयुक्त होकर व्याकरणिक संबंध (कारक, लिंग, वचन, काल) ग्रहण कर लेता है, तब वह ‘पद’ कहलाता है।

एक शुद्ध वाक्य के लिए छह तत्व आवश्यक माने जाते हैं: सार्थकता (शब्द अर्थपूर्ण हों), योग्यता (पदों में अर्थ देने की क्षमता — ‘वह पानी खाता है’ में योग्यता नहीं), आकांक्षा (वाक्य अधूरा न लगे — केवल ‘राम ने’ सुनकर आगे जानने की इच्छा बनी रहती है), आसत्ति या निकटता (पद पास-पास और बिना लंबे अंतराल के बोले जाएँ), पदक्रम (पद उचित क्रम में हों) और अन्वय (पदों में लिंग, वचन, पुरुष, कारक और काल का मेल — ‘लड़की जाता है’ में अन्वय दोष)।

वाक्य के अंग: उद्देश्य और विधेय

अंगअर्थउदाहरण: ‘जंगल के निवासी हिंसक पशुओं से नहीं डरते हैं।’
उद्देश्यजिसके बारे में कुछ कहा जाए (कर्ता और उसका विस्तार)जंगल के निवासी
उद्देश्य का विस्तारकर्ता की विशेषता बताने वाले शब्दजंगल के
विधेयउद्देश्य के बारे में जो कहा जाए (क्रिया, कर्म, पूरक और उनका विस्तार)हिंसक पशुओं से नहीं डरते हैं
विधेय का विस्तारक्रिया की विशेषता, कर्म, पूरक आदिहिंसक पशुओं से, नहीं

पहचान का सरल प्रश्न: ‘किसके बारे में बात हो रही है?’ = उद्देश्य; ‘उसके बारे में क्या कहा गया?’ = विधेय। ‘वह बाज़ार से सामान लाने जाएगा’ में ‘वह’ उद्देश्य और बाकी पूरा अंश विधेय है।

रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद

भेदपहचानउदाहरण
सरल (साधारण) वाक्यएक उद्देश्य और एक मुख्य क्रिया (विधेय)बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
संयुक्त वाक्यदो या अधिक स्वतंत्र (प्रधान/समानाधिकरण) उपवाक्य, जो संयोजकों से जुड़े होंवह बाज़ार गया और सब्ज़ी ले आया। / मैं आना चाहता था, पर बारिश हो गई।
मिश्र वाक्यएक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्यशिक्षकों ने कहा कि वे घर जा रहे हैं। / जो परिश्रम करता है, वह सफल होता है।

संयुक्त वाक्य के योजक: संयोजक (और, तथा, एवं), विभाजक (या, अथवा, नहीं तो), विरोधदर्शक (पर, परंतु, किंतु, लेकिन), परिणामदर्शक (इसलिए, अतः)। मिश्र वाक्य के योजक: कि, जो-वह, जब-तब, जहाँ-वहाँ, क्योंकि, यदि-तो, ताकि।

मिश्र वाक्य के आश्रित उपवाक्य

आश्रित उपवाक्यकामपहचान / योजकउदाहरण
संज्ञा उपवाक्यप्रधान उपवाक्य की क्रिया के कर्ता/कर्म/पूरक का कामप्रायः ‘कि’ से शुरूउसने कहा कि वह कल आएगा।
विशेषण उपवाक्यप्रधान उपवाक्य की किसी संज्ञा/सर्वनाम की विशेषताजो, जिसे, जिसका, जिसकीवह लड़का, जो कल आया था, मेरा भाई है।
क्रियाविशेषण उपवाक्यप्रधान क्रिया का समय, स्थान, कारण, शर्त, रीति बताएजब, जहाँ, क्योंकि, यदि, ताकि, जैसेजब वर्षा हुई, तब किसान खुश हुए।

अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद

भेदभावउदाहरण
विधानवाचक (विधानार्थक)किसी कार्य/स्थिति की सामान्य सूचनाराजा नगर में आए।
निषेधवाचककार्य का न होनाआज विद्यालय नहीं खुलेगा।
प्रश्नवाचकप्रश्न पूछनाक्या तुमने पाठ पढ़ा?
आज्ञावाचक (आज्ञार्थक)आज्ञा, अनुरोध, प्रार्थनाकृपया बैठ जाइए।
इच्छावाचकइच्छा, शुभकामना, आशीर्वादईश्वर तुम्हें सफल करे।
संदेहवाचकसंदेह या संभावनाशायद आज वर्षा हो।
संकेतवाचक (संकेतार्थक)एक कार्य दूसरे पर निर्भर (शर्त)यदि तुम मेहनत करोगे तो सफल होगे।
विस्मयादिबोधकआश्चर्य, हर्ष, शोक आदि का भाववाह! कितना सुंदर दृश्य है!

‘यदि-तो’ वाला वाक्य रचना से मिश्र और अर्थ से संकेतवाचक — दोनों एक साथ हो सकता है। इसलिए प्रश्न में ‘रचना के आधार पर’ या ‘अर्थ के आधार पर’ ज़रूर देखें।

पदक्रम के नियम और वाक्य-रूपांतरण

हिंदी वाक्य का सामान्य पदक्रम है — कर्ता + कर्म + क्रिया (राम ने फल खाया)। द्विकर्मक क्रिया में गौण कर्म पहले, मुख्य कर्म बाद में (माँ ने बच्चे को दूध दिया)। विशेषण विशेष्य से पहले (मीठा आम), क्रियाविशेषण प्रायः क्रिया से पहले (वह धीरे चलता है), विस्तारक (विशेषक शब्द) अपने मूल पद से पहले, पूरक क्रिया से पहले (राम राजा बना), और पूर्वकालिक क्रिया मुख्य क्रिया से पहले (वह खाकर सो गया) आती है। प्रश्नवाचक ‘क्या’ से ‘हाँ/नहीं’ वाला प्रश्न बने तो वह वाक्य के आरंभ में आता है (क्या तुम चलोगे?)। कविता या ज़ोर देने के लिए यह क्रम बदला जा सकता है।

वाक्य-रूपांतरण में अर्थ नहीं बदलता, केवल रचना बदलती है। सरल: ‘परिश्रमी छात्र सफल होते हैं।’ → मिश्र: ‘जो छात्र परिश्रमी होते हैं, वे सफल होते हैं।’ → संयुक्त: ‘छात्र परिश्रम करते हैं और सफल होते हैं।’ सरल वाक्य में पूर्वकालिक क्रिया (‘-कर’) का प्रयोग संयुक्त वाक्य को सरल बनाने की सबसे आसान तकनीक है: ‘वह आया और बैठ गया’ → ‘वह आकर बैठ गया।’

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

गतिविधि (कक्षा 3–5)

‘वाक्य-रेलगाड़ी’: हर बच्चे को एक शब्द-कार्ड (राम, ने, आम, खाया) दें; बच्चे डिब्बों की तरह सही क्रम में खड़े होकर वाक्य बनाएँ। क्रम बदलकर पूछें कि अर्थ स्पष्ट रहा या नहीं — पदक्रम की समझ बिना परिभाषा के बनती है।

गतिविधि (कक्षा 6–8)

एक विधानवाचक वाक्य (‘बच्चे खेल रहे हैं’) देकर समूहों से उसे आठों अर्थ-भेदों में बदलवाएँ; फिर दो सरल वाक्यों को ‘और’ से संयुक्त तथा ‘जो-वह’ से मिश्र वाक्य में जोड़ें।

शिक्षण सामग्री

शब्द-पट्टियाँ और खादी बोर्ड, उद्देश्य (एक रंग) और विधेय (दूसरे रंग) वाली वाक्य-पट्टियाँ, योजक शब्दों का चार्ट।

आम भ्रांतियाँ

‘और’ से जुड़े हर वाक्य को मिश्र मानना; ‘कि’ वाले वाक्य को संयुक्त मानना; निषेधवाचक को रचना का भेद समझना; लंबे वाक्य को अपने-आप मिश्र मान लेना। पहचान उपवाक्यों की स्वतंत्रता/आश्रितता से करवाएँ, लंबाई से नहीं।

आकलन का विचार

पाँच वाक्यों में उद्देश्य-विधेय रेखांकित करवाएँ; अपने विद्यालय पर एक अनुच्छेद लिखकर उसमें सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य एक-एक पहचानकर चिह्नित करवाएँ।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

‘कि, जो, जब, यदि, क्योंकि’ दिखे → मिश्र; ‘और, या, पर, इसलिए’ दिखे → संयुक्त; एक ही क्रिया → सरल। अर्थ के भेद याद करने का क्रम: ‘विधान-निषेध-प्रश्न-आज्ञा-इच्छा-संदेह-संकेत-विस्मय’। ‘निषेधवाचक’ अर्थ का भेद है — रचना के विकल्पों में दिखे तो वही ‘नहीं है’ वाला उत्तर।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 47

‘राजा नगर में आए ।’ उपर्युक्त वाक्य का प्रकार है

  1. Aसंदेह सूचक
  2. Bइच्छाबोधक
  3. Cविधानार्थक
  4. Dआज्ञार्थक

व्याख्या

अर्थ के आधार पर जिस वाक्य में किसी कार्य या स्थिति की सामान्य सूचना दी जाती है, उसे विधानार्थक (विधानवाचक) वाक्य कहते हैं। ‘राजा नगर में आए ।’ में राजा के नगर में आने की सूचना दी गई है, इसलिए यह विधानार्थक वाक्य है। इसमें न कोई आज्ञा है, न संदेह, न इच्छा।

प्रश्न 50

‘जंगल के निवासी हिंसक पशुओं से नहीं डरते हैं ।’ उपर्युक्त वाक्य में ‘विधेय’ है

  1. Aहिंसक पशु
  2. Bजंगल के निवासी
  3. Cजंगल
  4. Dहिंसक पशुओं से नहीं डरते हैं

व्याख्या

वाक्य के दो अंग होते हैं — उद्देश्य (जिसके बारे में कहा जाए) और विधेय (जो कहा जाए)। यहाँ ‘जंगल के निवासी’ उद्देश्य है और उनके बारे में कही गई बात ‘हिंसक पशुओं से नहीं डरते हैं’ विधेय है। इसलिए विकल्प (D) सही है।

प्रश्न 67

“वह बाजार से सामान लाने जाएगा ।” उक्त वाक्य में ‘उद्देश्य’ है -

  1. Aवह
  2. Bबाजार से
  3. Cसामान
  4. Dलाने जाएगा

व्याख्या

वाक्य में जिसके बारे में कुछ कहा जाता है, वह उद्देश्य होता है। ‘वह बाजार से सामान लाने जाएगा ।’ में ‘वह’ के बारे में बताया जा रहा है, इसलिए ‘वह’ उद्देश्य है; शेष भाग ‘बाजार से सामान लाने जाएगा’ विधेय है।

प्रश्न 71

रचना के अनुसार वाक्य का प्रकार नहीं है -

  1. Aसाधारण
  2. Bमिश्र
  3. Cनिषेधवाचक
  4. Dसंयुक्त

व्याख्या

रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं — साधारण (सरल), संयुक्त और मिश्र। ‘निषेधवाचक’ वाक्य अर्थ के आधार पर किया गया भेद है, रचना के आधार पर नहीं। अतः उत्तर (C) है।

प्रश्न 51

जिन वाक्यों में एक मुख्य उपवाक्य तथा एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं, उन्हें कहते हैं –

  1. Aसरल वाक्य
  2. Bमिश्र वाक्य
  3. Cसंयुक्त वाक्य
  4. Dसमानाधिकरण वाक्य

व्याख्या

जिस वाक्य में एक प्रधान (मुख्य) उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों, वह मिश्र वाक्य कहलाता है। संयुक्त वाक्य में दो या अधिक स्वतंत्र (समानाधिकरण) उपवाक्य होते हैं, और सरल वाक्य में केवल एक उद्देश्य व एक विधेय होता है।

प्रश्न 70

वाक्य में पदक्रम से संबंधित असंगत कथन है-

  1. Aवाक्य में कर्त्ता और कर्म के बाद क्रिया आती है ।
  2. Bक्रिया विशेषण प्राय: क्रिया के बाद प्रयोग में आता है ।
  3. Cकर्त्ता, कर्म और क्रिया के विस्तारक (पूरक) प्राय: इनके पूर्व में आते हैं ।
  4. Dपूर्वकालिक क्रिया मुख्य क्रिया से पूर्व आती है ।

व्याख्या

हिन्दी वाक्य में पदक्रम सामान्यतः कर्ता + कर्म + क्रिया होता है, और क्रिया विशेषण प्रायः क्रिया से पहले आता है (जैसे — वह धीरे चलता है)। इसलिए ‘क्रिया विशेषण प्रायः क्रिया के बाद प्रयोग में आता है’ कथन असंगत है। विस्तारक अपने पद से पहले आते हैं और पूर्वकालिक क्रिया मुख्य क्रिया से पहले आती है — ये कथन सही हैं।

प्रश्न 59

‘यदि तुम अमेरिका जाओं तो तुम्हें विभिन्न देशों के व्यक्ति देखने को मिलेंगे ।’ - ‘अर्थ की दृष्टि’ से उपर्युक्त वाक्य का प्रकार है

  1. Aआज्ञार्थक वाक्य
  2. Bसंकेतार्थक वाक्य
  3. Cसन्देहसूचक वाक्य
  4. Dविधानार्थक वाक्य

व्याख्या

वाक्य ‘यदि ... तो ...’ की शर्त पर आधारित है— एक कार्य दूसरे कार्य के होने पर निर्भर है। ऐसे वाक्य जिनमें शर्त या संकेत का भाव हो, अर्थ की दृष्टि से संकेतार्थक वाक्य कहलाते हैं। आज्ञार्थक में आदेश और सन्देहसूचक में संदेह का भाव होता है।

प्रश्न 66

‘शिक्षकों ने कहा कि वे घर जा रहे हैं’ वाक्य है

  1. Aसाधारण वाक्य
  2. Bसंयुक्त वाक्य
  3. Cमिश्र वाक्य
  4. Dआज्ञार्थक वाक्य

व्याख्या

इस वाक्य में दो उपवाक्य हैं— ‘शिक्षकों ने कहा’ (प्रधान उपवाक्य) और ‘वे घर जा रहे हैं’ (आश्रित संज्ञा उपवाक्य), जो ‘कि’ से जुड़े हैं। एक प्रधान और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य वाला वाक्य मिश्र वाक्य कहलाता है। संयुक्त वाक्य में दोनों उपवाक्य स्वतंत्र होते हैं (और, पर, इसलिए आदि से जुड़े)।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

‘क्या तुमने आज का समाचार पढ़ा?’ — अर्थ के आधार पर यह वाक्य है —

  1. Aविधानवाचक
  2. Bइच्छावाचक
  3. Cसंदेहवाचक
  4. Dप्रश्नवाचक

व्याख्या

वाक्य में प्रश्न पूछा गया है, इसलिए अर्थ के आधार पर यह प्रश्नवाचक वाक्य है।

प्रश्न 2

‘ईश्वर आपको दीर्घायु करे।’ वाक्य का प्रकार है —

  1. Aइच्छावाचक
  2. Bसंकेतवाचक
  3. Cआज्ञावाचक
  4. Dविधानवाचक

व्याख्या

इस वाक्य में शुभकामना/आशीर्वाद का भाव है; इच्छा, शुभकामना या आशीर्वाद प्रकट करने वाले वाक्य इच्छावाचक कहलाते हैं।

प्रश्न 3

‘मेहनती किसान खेत में हल चला रहा है।’ — इस वाक्य में उद्देश्य है —

  1. Aखेत में
  2. Bहल चला रहा है
  3. Cहल
  4. Dमेहनती किसान

व्याख्या

बात ‘मेहनती किसान’ के बारे में कही जा रही है, इसलिए यही उद्देश्य है (‘मेहनती’ उद्देश्य का विस्तार)। ‘खेत में हल चला रहा है’ विधेय है।

प्रश्न 4

‘वह आया और चुपचाप बैठ गया।’ — रचना के आधार पर वाक्य है —

  1. Aसंयुक्त
  2. Bसरल
  3. Cमिश्र
  4. Dविधानवाचक

व्याख्या

इसमें ‘वह आया’ और ‘चुपचाप बैठ गया’ दो स्वतंत्र उपवाक्य हैं जो ‘और’ से जुड़े हैं, इसलिए यह संयुक्त वाक्य है। ‘विधानवाचक’ अर्थ का भेद है, रचना का नहीं।

प्रश्न 5

‘वह आकर बैठ गया।’ — रचना के आधार पर यह वाक्य है —

  1. Aमिश्र
  2. Bसंयुक्त
  3. Cसरल
  4. Dसंकेतवाचक

व्याख्या

इसमें एक ही उद्देश्य और एक ही मुख्य क्रिया (बैठ गया) है; ‘आकर’ पूर्वकालिक क्रिया है, अलग उपवाक्य नहीं। इसलिए यह सरल वाक्य है।

प्रश्न 6

‘वह लड़की, जो गाना गा रही है, मेरी बहन है।’ — इस वाक्य में आश्रित उपवाक्य ‘जो गाना गा रही है’ है —

  1. Aसंज्ञा उपवाक्य
  2. Bविशेषण उपवाक्य
  3. Cक्रियाविशेषण उपवाक्य
  4. Dप्रधान उपवाक्य

व्याख्या

‘जो गाना गा रही है’ संज्ञा ‘लड़की’ की विशेषता बता रहा है और ‘जो’ से शुरू होता है, इसलिए यह विशेषण उपवाक्य है।

प्रश्न 7

‘जब सूर्योदय हुआ, तब पक्षी चहचहाने लगे।’ में आश्रित उपवाक्य का प्रकार है —

  1. Aसंज्ञा उपवाक्य
  2. Bक्रियाविशेषण उपवाक्य
  3. Cविशेषण उपवाक्य
  4. Dसमानाधिकरण उपवाक्य

व्याख्या

‘जब सूर्योदय हुआ’ प्रधान क्रिया ‘चहचहाने लगे’ का समय बताता है, इसलिए यह क्रियाविशेषण उपवाक्य है।

प्रश्न 8

पदक्रम की दृष्टि से शुद्ध वाक्य है —

  1. Aखाया राम ने आम मीठा।
  2. Bराम ने आम मीठा खाया।
  3. Cराम ने मीठा आम खाया।
  4. Dमीठा राम ने आम खाया।

व्याख्या

हिंदी में सामान्य क्रम कर्ता + कर्म + क्रिया है और विशेषण विशेष्य से पहले आता है, इसलिए ‘राम ने मीठा आम खाया’ शुद्ध है।

प्रश्न 9

कक्षा 6 के बच्चे ‘कि’ से जुड़े वाक्यों को संयुक्त वाक्य समझ लेते हैं। शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त तरीका है —

  1. Aपरिभाषा रटवाना
  2. Bहर उपवाक्य को अलग करके पूछना कि क्या वह अकेले पूरा अर्थ देता है, फिर स्वतंत्र-आश्रित का भेद निकलवाना
  3. Cऐसे वाक्य पढ़ाना छोड़ देना
  4. Dकेवल उत्तर बता देना

व्याख्या

उपवाक्यों को अलग करके उनकी स्वतंत्रता जाँचने से बच्चे स्वयं समझते हैं कि ‘कि’ के बाद वाला उपवाक्य आश्रित है, इसलिए वाक्य मिश्र है। यह आगमन आधारित, समझ विकसित करने वाली विधि है।

प्रश्न 10

‘यदि वर्षा होगी तो फसल अच्छी होगी।’ — इस वाक्य के बारे में सही कथन है —

  1. Aयह रचना से मिश्र और अर्थ से संकेतवाचक है
  2. Bयह रचना से संयुक्त और अर्थ से आज्ञावाचक है
  3. Cयह रचना से सरल और अर्थ से विधानवाचक है
  4. Dयह रचना से मिश्र और अर्थ से निषेधवाचक है

व्याख्या

‘यदि-तो’ से जुड़े इस वाक्य में ‘यदि वर्षा होगी’ आश्रित (शर्त वाला) उपवाक्य है, इसलिए रचना से मिश्र; और एक कार्य दूसरे पर निर्भर होने से अर्थ से संकेतवाचक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रचना के आधार पर वाक्य कितने प्रकार के होते हैं?+

तीन — सरल (साधारण), संयुक्त और मिश्र। निषेधवाचक, प्रश्नवाचक आदि अर्थ के आधार पर किए गए भेद हैं।

संयुक्त और मिश्र वाक्य में क्या अंतर है?+

संयुक्त वाक्य में सभी उपवाक्य स्वतंत्र होते हैं और ‘और, पर, इसलिए’ जैसे योजकों से जुड़ते हैं। मिश्र वाक्य में एक प्रधान और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं, जो ‘कि, जो, जब, यदि’ जैसे योजकों से जुड़ते हैं।

अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद हैं?+

आठ — विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, संकेतवाचक और विस्मयादिबोधक।

उद्देश्य और विधेय की पहचान कैसे करें?+

वाक्य में जिसके बारे में कुछ कहा जा रहा है, वह उद्देश्य है, और उसके बारे में जो कहा जा रहा है, वह विधेय है। उद्देश्य में कर्ता और उसका विस्तार, विधेय में क्रिया और उसका विस्तार आता है।

REET में वाक्य रचना से कितने प्रश्न आते हैं?+

संख्या हर पाली में बदलती है। REET 2024 में इस टॉपिक से 8 प्रश्न आए, जिनमें वाक्य-भेद, उद्देश्य-विधेय और पदक्रम शामिल थे।

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आधिकारिक स्रोत

  1. BSER — REET 2024 आधिकारिक प्रश्न-पत्र व अंतिम उत्तर-कुंजी (मूल PDF; बोर्ड पोर्टल पर अब उपलब्ध नहीं)
  2. NCERT पाठ्यपुस्तकें (हिंदी व्याकरण)

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए