वर्ण विचार एवं उच्चारण
वर्ण विचार हिंदी व्याकरण की नींव है — स्वर, व्यंजन, उनके उच्चारण-स्थान और वर्ण-विच्छेद के नियम यहीं से शुरू होते हैं। REET की भाषा-I और भाषा-II दोनों में इस टॉपिक से वर्ण-विच्छेद और शब्दकोश-क्रम के प्रश्न लगभग हर पेपर में आते हैं।
- REET 2024 में 4 प्रश्न
- कक्षा 6-8 स्तर की गहराई
- 9 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के चारों प्रश्न दो पैटर्न में बँटे थे। दो प्रश्न वर्ण-विच्छेद पर थे — किसी शब्द (जैसे ‘वृक्ष’, ‘मनोवृत्ति’) को सही वर्णों में तोड़ना, जहाँ ‘ऋ’ को स्वतंत्र स्वर मानने की समझ जाँची गई। दो प्रश्न शब्दकोश-क्रम (वर्णानुक्रम) पर थे — दिए गए शब्दों में से कौन शब्दकोश में सबसे पहले/बाद में आएगा, जहाँ सामान्य मात्रा वाले शब्द और संयुक्ताक्षर वाले शब्द (जैसे ‘प्र’) के बीच क्रम समझना जरूरी था। यानी रटने से ज्यादा नियम-आधारित समझ चाहिए।
वर्ण, स्वर और व्यंजन
मुँह से निकलने वाली सबसे छोटी, अविभाज्य ध्वनि को वर्ण कहते हैं। देवनागरी लिपि में वर्णों को दो मुख्य वर्गों में बाँटा जाता है — स्वर और व्यंजन।
स्वर वे वर्ण हैं जिनका उच्चारण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता के, कंठ से स्वतंत्र रूप से होता है। हिंदी में 11 स्वर हैं — अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ। उच्चारण में लगने वाले समय के आधार पर इन्हें तीन भागों में बाँटा जाता है: ह्रस्व स्वर (अ, इ, उ, ऋ — एक मात्रा का समय), दीर्घ स्वर (आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ — दो मात्रा का समय) और प्लुत स्वर (तीन मात्रा से अधिक समय, जैसे किसी को दूर से पुकारते समय ‘राऽऽऽम’)। बनावट के आधार पर अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ को मूल स्वर तथा ए, ऐ, ओ, औ को संयुक्त स्वर (दो मूल स्वरों के मेल से बने) कहा जाता है। अं (अनुस्वार) और अः (विसर्ग) को स्वर के साथ चलने वाले अयोगवाह कहा जाता है।
व्यंजन वे वर्ण हैं जिनके उच्चारण के लिए स्वर की सहायता जरूरी होती है — हर व्यंजन में स्वर ‘अ’ अंतर्निहित माना जाता है (जैसे ‘क’ वास्तव में क् + अ है)। हिंदी में 33 मूल व्यंजन (क से ह तक), 2 द्विगुण व्यंजन (ड़, ढ़) और 4 संयुक्त व्यंजन (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र — दो व्यंजनों के मेल से बने) माने जाते हैं।
अनुस्वार (अं) और अनुनासिक में भ्रम बहुत आम है — अनुस्वार शुद्ध नासिक्य ध्वनि है जो स्वर के बाद बिंदी (ं) से दिखाई जाती है (जैसे ‘गंगा’), जबकि अनुनासिक स्वर को नासिका से बोलने पर उस पर चंद्रबिंदु (ँ) लगाया जाता है (जैसे ‘चाँद’, ‘हँसी’)। दोनों उच्चारण में नाक की भागीदारी तो रखते हैं, पर अनुस्वार व्यंजन-जैसा और अनुनासिक शुद्ध स्वर-जैसा व्यवहार करता है — REET में शब्द की सही वर्तनी पहचानने के प्रश्नों में यह भेद काम आता है।
उच्चारण-स्थान के अनुसार व्यंजनों का वर्गीकरण
| उच्चारण स्थान | व्यंजन | उदाहरण शब्द |
|---|---|---|
| कंठ्य (गले से) | क, ख, ग, घ, ङ | कमल |
| तालव्य (तालु से) | च, छ, ज, झ, ञ | चरण |
| मूर्धन्य (मूर्धा से) | ट, ठ, ड, ढ, ण | टमाटर |
| दंत्य (दाँतों से) | त, थ, द, ध, न | तालाब |
| ओष्ठ्य (होठों से) | प, फ, ब, भ, म | पानी |
| अंतःस्थ (आंशिक स्वर-जैसे) | य, र, ल, व | यमुना |
| ऊष्म (रगड़ के साथ हवा) | श, ष, स, ह | शरद |
स्पर्श व्यंजन 5 वर्गों (क-वर्ग से प-वर्ग तक) में बँटे हैं; य-र-ल-व अंतःस्थ और श-ष-स-ह ऊष्म व्यंजन कहलाते हैं।
वर्ण-विच्छेद के नियम
किसी शब्द को उसके मूल वर्णों (स्वर + व्यंजन) में तोड़ना वर्ण-विच्छेद कहलाता है। नियम: हर व्यंजन के साथ लगी मात्रा को उसके पूरे स्वर-रूप में बदलें (जैसे ‘कि’ = क् + इ, ‘पू’ = प् + ऊ)। बिना मात्रा वाले व्यंजन में ‘अ’ स्वर जोड़ें। संयुक्ताक्षर (जैसे क्ष, त्र, ज्ञ, श्र) को उनके दोनों घटक व्यंजनों और अंत में लगे स्वर में तोड़ें — जैसे ‘क्षमा’ = क् + ष् + अ + म् + आ।
सबसे ज्यादा गलती ‘ऋ’ को लेकर होती है — यह एक स्वतंत्र स्वर है, इसे ‘र् + इ’ के रूप में तोड़ना गलत है। जैसे ‘वृक्ष’ का सही वर्ण-विच्छेद है व् + ऋ + क् + ष् + अ (न कि व् + र् + इ + क् + ष् + अ), और ‘मनोवृत्ति’ में ‘वृ’ को व् + ऋ ही लिखा जाएगा, व् + र् नहीं।
शब्दकोश-क्रम (वर्णानुक्रम) कैसे तय होता है
- मूल नियम
- शब्दों की तुलना बाएँ से दाएँ, अक्षर-दर-अक्षर होती है; पहले अलग पड़ने वाला अक्षर क्रम तय करता है।
- मात्रा-क्रम
- बिना मात्रा (अ) → आ → इ → ई → उ → ऊ → ऋ → ए → ऐ → ओ → औ के क्रम में शब्द आते हैं।
- संयुक्ताक्षर की स्थिति
- जैसे ‘प्र’ (प् + र) उसी अक्षर के सामान्य मात्रा-रूपों (प, पा, पि, पी...) के बाद आता है।
- उदाहरण
- पश्चिम (प) → पृथ्वी (पृ) → प्रकृति (प्रक) → प्रयोजन (प्रय) — यही क्रम REET 2024 में पूछा गया।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
गतिविधि
कक्षा में वर्णमाला चार्ट के सामने खड़े होकर बच्चों से हर वर्ण बोलते समय यह महसूस कराएँ कि आवाज़ मुँह में कहाँ से निकल रही है (गला, तालु, दाँत, होंठ) — इससे उच्चारण-स्थान सहज याद रहता है।
शिक्षण सामग्री
उच्चारण-स्थान दिखाने वाला मुख का चित्र (कट-सेक्शन डायग्राम) और स्वर-व्यंजन का रंगीन चार्ट कक्षा 1-5 में बहुत कारगर सहायक सामग्री है।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर ‘ऋ’ को ‘र’ की मात्रा समझ लेते हैं और संयुक्ताक्षर (क्ष, त्र, ज्ञ) को गिनने में स्वर व व्यंजन दोनों को छोड़ देते हैं — दोनों बार-बार स्पष्ट करने वाली गलतियाँ हैं।
आकलन
5 सरल शब्दों का वर्ण-विच्छेद करवाकर और 4-5 शब्दों को शब्दकोश-क्रम में लगवाकर मौखिक-लिखित दोनों तरह जाँच करें।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
वर्ण-विच्छेद में जहाँ भी ‘ऋ’ की मात्रा (ृ) दिखे, उसे हमेशा स्वतंत्र स्वर ‘ऋ’ लिखें, कभी ‘र्’ नहीं — REET में यह सबसे आम ट्रैप है और लगभग हर बार एक विकल्प इसी गलती पर आधारित होता है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 77
‘वृक्ष’ शब्द में वर्णों का उचित क्रम है-
- Aव् + अ + र + क् + च् + अ
- Bव् + र् + इ + क् + ष् + अ
- Cव् + ऋ + इ + क् + ष् + अ
- Dव् + ऋ + क् + ष् + अ
व्याख्या
‘वृक्ष’ में ‘वृ’ = व् + ऋ, और ‘क्ष’ संयुक्त व्यंजन = क् + ष् + अ है। अतः सही वर्ण-क्रम व् + ऋ + क् + ष् + अ है। ‘ऋ’ स्वतंत्र स्वर है, इसे र् + इ के रूप में नहीं तोड़ा जाता।
प्रश्न 82
निम्नलिखित शब्दों में से शब्दकोश में कौन-सा शब्द सबसे बाद में आएगा ?
- Aप्रकृति
- Bप्रयोजन
- Cपश्चिम
- Dपृथ्वी
व्याख्या
शब्दकोश में पहले मात्रा-क्रम (अ, आ, इ … ऋ …) आता है और संयुक्ताक्षर (जैसे प्र) बाद में आते हैं। अतः क्रम होगा — पश्चिम (प), पृथ्वी (पृ), प्रकृति (प्रक), प्रयोजन (प्रय)। ‘प्र’ के बाद ‘क’ पहले और ‘य’ बाद में आता है, इसलिए सबसे बाद में ‘प्रयोजन’ आएगा।
प्रश्न 85
शब्दकोश में क्रम की दृष्टि से कौन-सा शब्द अंत में आयेगा ?
- Aपरिलक्षित
- Bप्रतिबिम्ब
- Cप्रकृति
- Dपक्ष
व्याख्या
शब्दकोश में पहले ‘प’ के बाद आने वाले स्वर/मात्रा का क्रम देखा जाता है और संयुक्ताक्षर ‘प्र’ (प् + र) बाद में आता है। क्रम होगा— पक्ष, परिलक्षित, प्रकृति, प्रतिबिम्ब। ‘प्रक’ और ‘प्रत’ में क के बाद त आता है, इसलिए ‘प्रतिबिम्ब’ अंत में आएगा।
प्रश्न 90
कौन-से विकल्प वाले शब्द में वर्णों का क्रम असंगत है ?
- Aभौतिक = भ् औ त् इ क् अ
- Bवातावरण = व् आ त् आ व् अ र् अ ण् अ
- Cपरिचायक = प् अ र् इ च् आ य् अ क् अ
- Dमनोवृत्ति = म् अ न् ओ व् र् त् त् इ
व्याख्या
‘मनोवृत्ति’ में ‘वृ’ = व् + ऋ है, अतः सही वर्ण-विच्छेद होगा— म् अ न् ओ व् ऋ त् त् इ। विकल्प (D) में ‘ऋ’ स्वर की जगह ‘र्’ व्यंजन लिख दिया गया है, इसलिए वर्णों का क्रम असंगत है। शेष तीनों विच्छेद सही हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
हिंदी में ह्रस्व स्वर कौन-से हैं?
- Aअ, इ, उ, ऋ
- Bआ, ई, ऊ, ए
- Cअ, आ, इ, ई
- Dए, ऐ, ओ, औ
व्याख्या
जिन स्वरों के उच्चारण में सबसे कम समय (एक मात्रा) लगता है उन्हें ह्रस्व स्वर कहते हैं — अ, इ, उ, ऋ। शेष सभी स्वर दीर्घ (दो मात्रा) श्रेणी में आते हैं।
प्रश्न 2
‘ज्ञान’ शब्द का सही वर्ण-विच्छेद है
- Aज् + ञ् + आ + न् + अ
- Bज् + ञ् + आ + न
- Cज्ञ + आ + न्
- Dज् + अ + ञ् + आ + न् + अ
व्याख्या
‘ज्ञ’ संयुक्त व्यंजन है जो ज् + ञ् के मेल से बनता है। पूरे शब्द ‘ज्ञान’ का वर्ण-विच्छेद होगा ज् + ञ् + आ + न् + अ। हर व्यंजन के अंत में स्वर जोड़ना जरूरी है, इसलिए विकल्प B अधूरा है।
प्रश्न 3
‘च, छ, ज, झ, ञ’ व्यंजनों का उच्चारण स्थान है
- Aकंठ्य
- Bतालव्य
- Cमूर्धन्य
- Dदंत्य
व्याख्या
च, छ, ज, झ, ञ का उच्चारण जीभ के तालु से स्पर्श करने पर होता है, इसलिए इन्हें तालव्य व्यंजन कहा जाता है। कंठ्य में क-वर्ग, मूर्धन्य में ट-वर्ग और दंत्य में त-वर्ग आता है।
प्रश्न 4
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द शब्दकोश में सबसे पहले आएगा?
- Aकमल
- Bकिरण
- Cकद
- Dकर्म
व्याख्या
शब्दकोश-क्रम में मात्रा-क्रम अ, आ, इ के अनुसार तुलना होती है। ‘कद’ में बिना मात्रा वाला ‘क’ है (क+द), जबकि शेष शब्दों में या तो ‘अ’ के बाद अतिरिक्त व्यंजन (कर्म) या अन्य मात्रा (किरण-इ, कमल में भी अ है पर तीसरा अक्षर पहले आता है) आगे आता है; ‘कद’ सबसे संक्षिप्त और पहले क्रम में आता है।
प्रश्न 5
‘स्वतंत्र’ शब्द में स्वरों की संख्या है
- A1
- B2
- C3
- D4
व्याख्या
‘स्वतंत्र’ का वर्ण-विच्छेद है: स् + व + अ + त् + अं + त् + र् + अ। इसमें तीन स्वर-ध्वनियाँ बनती हैं — ‘व’ में अंतर्निहित ‘अ’, ‘त’ पर लगा अनुस्वार यानी ‘अं’, और अंत में शब्द के अंतिम व्यंजन ‘र्’ पर अंतर्निहित ‘अ’। इसलिए सही उत्तर 3 है, 2 नहीं।
प्रश्न 6
‘विद्यालय’ शब्दों में से शब्दकोश-क्रम में कौन-सा शब्द इसके ठीक पहले आएगा — ‘विद्या’ या ‘विद्यार्थी’?
- Aविद्या
- Bविद्यार्थी
- Cदोनों एक साथ
- Dकोई नहीं, विद्यालय पहले आएगा
व्याख्या
शब्दकोश में अक्षर-दर-अक्षर तुलना होती है और छोटा शब्द (जो आगे कोई अतिरिक्त अक्षर न जोड़े) पहले आता है — ‘विद्या’ के बाद ‘विद्यालय’ और ‘विद्यार्थी’ आते हैं क्योंकि ‘विद्या’ के आगे कुछ नहीं है जबकि अन्य दो में और अक्षर जुड़े हैं।
प्रश्न 7
‘क्ष’ किस प्रकार का व्यंजन है?
- Aमूल व्यंजन
- Bद्विगुण व्यंजन
- Cसंयुक्त व्यंजन
- Dअंतःस्थ व्यंजन
व्याख्या
‘क्ष’ दो व्यंजनों (क् + ष्) के मेल से बना है, इसलिए इसे संयुक्त व्यंजन कहते हैं। क्ष, त्र, ज्ञ, श्र — ये चार संयुक्त व्यंजन माने जाते हैं। द्विगुण व्यंजन ड़ और ढ़ हैं।
प्रश्न 8
निम्न में कौन-सा शब्द तालु से उच्चारित होने वाले व्यंजन से आरंभ होता है?
- Aतालाब
- Bजल
- Cकमल
- Dपवन
व्याख्या
‘जल’ का पहला वर्ण ‘ज’ तालव्य व्यंजन है। ‘तालाब’ का ‘त’ दंत्य, ‘कमल’ का ‘क’ कंठ्य और ‘पवन’ का ‘प’ ओष्ठ्य व्यंजन है।
प्रश्न 9
कक्षा में बच्चों को उच्चारण-स्थान सहज समझाने के लिए शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त तरीका है
- Aकेवल पाठ्यपुस्तक पढ़वाना
- Bमुख के कट-सेक्शन चित्र के साथ ध्वनि बुलवाकर अनुभव कराना
- Cबिना उदाहरण के परिभाषा रटवाना
- Dकेवल लिखित गृहकार्य देना
व्याख्या
उच्चारण-स्थान जैसा अमूर्त विषय बच्चों को तभी स्थायी रूप से समझ आता है जब वे स्वयं ध्वनि बोलकर महसूस करें कि आवाज़ मुँह के किस भाग से निकल रही है, साथ में दृश्य सहायता (चित्र) से जोड़कर। केवल रटना या पढ़ना समझ नहीं बनाता।
प्रश्न 10
‘उत्क्षिप्त/द्विगुण व्यंजन’ किन्हें कहा जाता है?
- Aक्ष, त्र
- Bड़, ढ़
- Cय, र, ल, व
- Dश, ष, स, ह
व्याख्या
‘ड़’ और ‘ढ़’ को द्विगुण (उत्क्षिप्त) व्यंजन कहा जाता है, ये ‘ड’ और ‘ढ’ की जीभ को हल्के झटके से मोड़कर उच्चारित करने से बनते हैं। क्ष, त्र संयुक्त व्यंजन हैं और य-र-ल-व अंतःस्थ हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिंदी में कुल कितने स्वर और व्यंजन हैं?+
हिंदी में 11 स्वर तथा 33 मूल व्यंजन माने जाते हैं। इनके अलावा 2 द्विगुण व्यंजन (ड़, ढ़) और 4 संयुक्त व्यंजन (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र) भी वर्णमाला का हिस्सा हैं।
वर्ण विचार से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से 4 प्रश्न पूछे गए थे, मुख्यतः वर्ण-विच्छेद और शब्दकोश-क्रम पर। हर साल भाषा-I/II में 1-3 प्रश्न इस क्षेत्र से आना सामान्य है।
‘ऋ’ को वर्ण-विच्छेद में कैसे लिखें?+
‘ऋ’ एक स्वतंत्र स्वर है, इसे हमेशा ‘ऋ’ के रूप में ही लिखें — ‘र् + इ’ के रूप में तोड़ना गलत माना जाता है।
स्पर्श, अंतःस्थ और ऊष्म व्यंजन में क्या अंतर है?+
स्पर्श व्यंजन (क-वर्ग से प-वर्ग) उच्चारण में जीभ का पूरा स्पर्श किसी अंग से होता है; अंतःस्थ (य, र, ल, व) में आंशिक स्पर्श होता है; ऊष्म (श, ष, स, ह) में हवा रगड़ के साथ निकलती है।
अनुस्वार और अनुनासिक में क्या अंतर है?+
अनुस्वार (ं) नासिक्य व्यंजन-ध्वनि है (जैसे गंगा), जबकि अनुनासिक (ँ) शुद्ध स्वर की नासिक्य ध्वनि है (जैसे चाँद, हँसी)। दोनों की बिंदी/चंद्रबिंदु देखकर वर्तनी में भेद किया जाता है।
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- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए