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REET लेवल 1 व 2 · हिंदी

विराम चिह्न

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विराम चिह्न लेखन में रुकने, भाव स्पष्ट करने और अर्थ को सही ढंग से व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होते हैं। REET में सामान्य पूर्ण/अल्प विराम से आगे बढ़कर उद्धरण चिह्न, हंसपद जैसे कम-प्रचलित चिह्नों के सटीक प्रयोग-संदर्भ पूछे जाते हैं।

  • REET 2024 में 2 प्रश्न
  • कक्षा 6-8 स्तर की गहराई
  • 7 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के दोनों प्रश्न सामान्य पूर्ण-विराम/अल्प-विराम से हटकर विशिष्ट-प्रयोग वाले चिह्नों पर आधारित थे — किसी के कहे गए कथन को ज्यों का त्यों लिखने पर लगने वाला चिह्न (उद्धरण चिह्न) और लिखते समय छूटे शब्द को जोड़ने के लिए प्रयुक्त चिह्न (हंसपद)। इससे साफ है कि REET में केवल आम चिह्न ही नहीं, बल्कि हर विराम चिह्न का ठीक-ठीक प्रयोग-संदर्भ याद होना जरूरी है।

विराम चिह्न क्या हैं?

बोलते समय हम भावों के अनुसार रुकते हैं, स्वर बदलते हैं या जोर देते हैं — लिखित भाषा में यही काम विराम चिह्न करते हैं। ये वाक्य के अर्थ को स्पष्ट, सही और भ्रम-रहित बनाने के लिए प्रयुक्त होते हैं। हिंदी में मुख्य विराम चिह्नों में पूर्ण विराम, अल्प विराम, अर्ध विराम, प्रश्नवाचक चिह्न, विस्मयादिबोधक चिह्न, उद्धरण चिह्न, योजक चिह्न, निर्देशक चिह्न, कोष्ठक, विवरण चिह्न, हंसपद (त्रुटिपूरक) चिह्न और तुल्यता सूचक चिह्न शामिल हैं।

विराम चिह्नों के सही प्रयोग का सीधा असर वाक्य के अर्थ पर पड़ता है — कई बार एक ही वाक्य विराम चिह्न बदलने से बिलकुल अलग अर्थ दे सकता है। प्रसिद्ध उदाहरण है ‘रोको मत जाने दो’ — यहाँ अल्प विराम की स्थिति बदलने से अर्थ पूरी तरह उलट जाता है: ‘रोको, मत जाने दो’ (मत जाने दो) बनाम ‘रोको मत, जाने दो’ (जाने दो)। यही कारण है कि विराम चिह्नों को केवल याद रखने की औपचारिकता नहीं, बल्कि अर्थ-स्पष्टता का जरूरी औज़ार समझना चाहिए, और कक्षा में भी इसी उदाहरण जैसे वाक्यों से इनका महत्व दिखाना बहुत प्रभावी रहता है।

इसलिए हर विराम चिह्न को सिर्फ उसके नाम से नहीं, बल्कि उसके ठीक प्रयोग-प्रसंग के साथ याद रखना REET की तैयारी में सबसे भरोसेमंद तरीका है।

प्रमुख विराम चिह्न, प्रतीक और प्रयोग

चिह्नप्रतीकप्रयोग
पूर्ण विराम।वाक्य पूरा होने पर
अल्प विराम,वाक्य में छोटा ठहराव, सूची के शब्दों को अलग करने पर
अर्ध विराम;पूर्ण विराम से कम, अल्प विराम से अधिक ठहराव, दो संबंधित उपवाक्यों के बीच
प्रश्नवाचक चिह्न?प्रश्न पूछने वाले वाक्य के अंत में
विस्मयादिबोधक चिह्न!आश्चर्य, हर्ष, दुख जैसे भाव व्यक्त करने पर
उद्धरण चिह्न“ ” / ‘ ’किसी के कहे गए कथन को ज्यों का त्यों (सीधे उद्धृत) लिखने पर
योजक चिह्न-दो शब्दों को जोड़ने पर (जैसे माता-पिता)
निर्देशक चिह्न—संवाद लिखने, सूची से पहले या स्पष्टीकरण देने पर
कोष्ठक( )वाक्य में अतिरिक्त जानकारी अलग से देने पर
विवरण चिह्न:-किसी बात का आगे विस्तृत विवरण देने पर
हंसपद (त्रुटिपूरक) चिह्न^लिखते समय भूल से छूटे शब्द को ऊपर जोड़ने पर
तुल्यता सूचक चिह्न=दो बातों की बराबरी या समानता दिखाने पर

REET में उद्धरण चिह्न और हंसपद जैसे कम-प्रचलित चिह्नों के प्रयोग-संदर्भ पर विशेष ध्यान दें।

REET में विराम चिह्न पहचानने की सामान्य गलतियाँ

सबसे आम गलती अल्प विराम और अर्ध विराम को एक जैसा समझने में होती है — अल्प विराम सूची के शब्दों या छोटे वाक्यांशों के बीच हल्का ठहराव देता है (जैसे ‘राम, श्याम और मोहन आए’), जबकि अर्ध विराम दो निकट-संबंधित पर स्वतंत्र उपवाक्यों के बीच थोड़ा गहरा ठहराव देता है (जैसे ‘वह मेहनती है; इसलिए सफल हुआ’)। दूसरी आम गलती योजक चिह्न (-) और निर्देशक चिह्न (—) को मिलाने में होती है — योजक छोटा होता है और शब्दों को जोड़ता है, जबकि निर्देशक लंबा होता है और संवाद या सूची से पहले प्रयुक्त होता है।

तीसरी गलती उद्धरण चिह्न और विवरण चिह्न में होती है — उद्धरण चिह्न (“ ”) किसी के कहे गए शब्दों को ज्यों का त्यों दिखाता है, जबकि विवरण चिह्न (:-) आगे किसी सूची या विस्तृत जानकारी का संकेत देता है। REET में इन तीनों जोड़ियों के बीच का अंतर बार-बार परखा जाता है, इसलिए हर चिह्न को उसके ठीक प्रयोग-संदर्भ के साथ याद रखना जरूरी है।

योजक चिह्न (-) और निर्देशक चिह्न (—) में भी लंबाई और प्रयोजन का भेद ध्यान रखें — योजक छोटा होकर शब्दों को जोड़ता है (माता-पिता), जबकि निर्देशक उससे लंबा होकर संवाद-लेखन या स्पष्टीकरण से पहले प्रयुक्त होता है। सामान्य कथन वाक्य के अंत में पूर्ण विराम अनिवार्य है, जबकि प्रश्नवाचक और विस्मयबोधक वाक्यों में क्रमशः प्रश्नवाचक व विस्मयादिबोधक चिह्न उसकी जगह लेते हैं — यही विराम चिह्नों का बुनियादी उद्देश्य है: वाक्य के अर्थ को स्पष्ट व भ्रम-रहित बनाना।

उद्धरण चिह्न के प्रयोग में एक बारीक नियम यह भी है कि सामान्य (मुख्य) उद्धरण के लिए दोहरे उद्धरण चिह्न (“ ”) और उसके भीतर आए किसी और उद्धरण (उद्धरण के भीतर उद्धरण) के लिए एकल उद्धरण चिह्न (‘ ’) का प्रयोग किया जाता है — जैसे शिक्षक ने कहा, “विद्यार्थी को ‘सत्यमेव जयते’ का अर्थ समझाओ।” इस स्तरीकरण को समझना लेखन में शुद्धता के लिए जरूरी है, भले ही यह REET में सीधे कम पूछा जाता हो।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

गतिविधि

बिना विराम चिह्न वाला एक अनुच्छेद देकर बच्चों से सही जगह चिह्न लगवाएँ, फिर सही उत्तर से मिलान कराएँ — इससे प्रयोग की व्यावहारिक समझ बनती है।

शिक्षण सामग्री

हर चिह्न और उसके प्रयोग-वाक्य वाला पोस्टर या फ्लैशकार्ड सेट कक्षा 6-8 में रोज़ाना अभ्यास के लिए उपयोगी है।

सामान्य भ्रांति

बच्चे अल्प विराम और अर्ध विराम को एक जैसा समझते हैं, और उद्धरण चिह्न व निर्देशक चिह्न को भी अक्सर गड्डमड्ड कर देते हैं — हर जोड़ी को अलग-अलग उदाहरण से स्पष्ट करें।

आकलन

10 वाक्यों का एक अनुच्छेद देकर उसमें सही विराम चिह्न लगवाएँ, और कुछ कम-प्रचलित चिह्नों (हंसपद, विवरण चिह्न) का प्रयोग-संदर्भ अलग से पूछें।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

‘सीधा उद्धरण’ के लिए हमेशा उद्धरण चिह्न (“ ”), और ‘भूल से छूटा शब्द’ जोड़ने के लिए हमेशा हंसपद (^) — REET में इन दोनों को एक-दूसरे से या कोष्ठक/विवरण चिह्न से मिलाने की भ्रामक स्थिति बनाई जाती है, इसलिए इनके ठीक-ठीक प्रयोग-संदर्भ को अलग-अलग रटें।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 45

किसी के द्वारा कही गयी बात को ज्यों का त्यों लिखा जाने पर निम्नलिखित में से लगाया जाने वाला ‘विराम चिह्न’ है

  1. Aयोजक चिह्न
  2. Bविवरण चिह्न
  3. Cनिर्देशक चिह्न
  4. Dउद्धरण चिह्न

व्याख्या

किसी के कहे गए कथन को ज्यों का त्यों लिखने पर उद्धरण चिह्न (“ ”) लगाया जाता है। योजक चिह्न (-) शब्दों को जोड़ने के लिए, विवरण चिह्न (:-) किसी बात का विवरण देने के लिए और निर्देशक चिह्न (—) निर्देश/संकेत के लिए प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 56

लिखने में जब कोई शब्द भूल से छूट जाए तो उसे लिखने के लिए प्रयोग किया जाने वाला विराम चिह्न है

  1. Aतुल्यता सूचक चिह्न
  2. Bसंकेत चिह्न
  3. Cहंसपद चिह्न
  4. Dवर्गाकार कोष्ठक चिह्न

व्याख्या

लिखते समय कोई शब्द छूट जाने पर उस स्थान पर नीचे ‘^’ चिह्न लगाकर ऊपर छूटा शब्द लिखा जाता है; इसे हंसपद (त्रुटिपूरक) चिह्न कहते हैं। तुल्यता सूचक (=) चिह्न बराबरी दिखाता है और कोष्ठक अतिरिक्त जानकारी के लिए होते हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

वाक्य के पूरी तरह समाप्त होने पर कौन-सा विराम चिह्न लगाया जाता है?

  1. Aअल्प विराम (,)
  2. Bपूर्ण विराम (।)
  3. Cअर्ध विराम (;)
  4. Dयोजक चिह्न (-)

व्याख्या

जब वाक्य का पूरा अर्थ व्यक्त हो जाए और वाक्य समाप्त हो, तो उसके अंत में पूर्ण विराम (।) लगाया जाता है। अल्प विराम और अर्ध विराम वाक्य के भीतर छोटे ठहराव के लिए प्रयुक्त होते हैं।

प्रश्न 2

आश्चर्य या अचानक उठे भाव को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त चिह्न है

  1. Aप्रश्नवाचक चिह्न (?)
  2. Bविस्मयादिबोधक चिह्न (!)
  3. Cअल्प विराम (,)
  4. Dकोष्ठक ( )

व्याख्या

आश्चर्य, हर्ष, दुख या अचानक उठे भाव को व्यक्त करने के लिए विस्मयादिबोधक चिह्न (!) प्रयोग किया जाता है, जैसे ‘वाह! क्या दृश्य है।’ प्रश्नवाचक चिह्न प्रश्न पूछने के लिए होता है।

प्रश्न 3

दो शब्दों को जोड़ने के लिए प्रयुक्त विराम चिह्न है

  1. Aनिर्देशक चिह्न (—)
  2. Bयोजक चिह्न (-)
  3. Cविवरण चिह्न (:-)
  4. Dहंसपद चिह्न (^)

व्याख्या

दो शब्दों को आपस में जोड़ने के लिए योजक चिह्न (-) प्रयुक्त होता है, जैसे ‘माता-पिता’, ‘भाई-बहन’। निर्देशक चिह्न (—) संवाद या सूची से पहले प्रयोग होता है, जो अलग प्रयोजन है।

प्रश्न 4

दो बातों की बराबरी या समानता दिखाने के लिए प्रयुक्त चिह्न है

  1. Aतुल्यता सूचक चिह्न (=)
  2. Bकोष्ठक ( )
  3. Cउद्धरण चिह्न (“ ”)
  4. Dयोजक चिह्न (-)

व्याख्या

जब दो बातों या मात्राओं की बराबरी दिखानी हो, तो तुल्यता सूचक चिह्न (=) का प्रयोग किया जाता है। यह गणितीय संदर्भों के साथ-साथ लेखन में भी प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 5

वाक्य में अतिरिक्त या स्पष्टीकरण देने वाली जानकारी को अलग दिखाने के लिए प्रयुक्त चिह्न है

  1. Aकोष्ठक ( )
  2. Bप्रश्नवाचक चिह्न (?)
  3. Cपूर्ण विराम (।)
  4. Dअल्प विराम (,)

व्याख्या

जब वाक्य के मुख्य भाग से अलग, पर उससे जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देनी हो, तो उसे कोष्ठक ( ) में लिखा जाता है, जैसे ‘महात्मा गांधी (राष्ट्रपिता) का जन्म 1869 में हुआ।’

प्रश्न 6

संवाद (डायलॉग) लिखते समय बोलने वाले के नाम के बाद सामान्यतः प्रयुक्त चिह्न है

  1. Aनिर्देशक चिह्न (—)
  2. Bयोजक चिह्न (-)
  3. Cविस्मयादिबोधक चिह्न (!)
  4. Dहंसपद चिह्न (^)

व्याख्या

संवाद-लेखन में बोलने वाले का नाम देकर उसके बाद निर्देशक चिह्न (—) लगाया जाता है, जैसे ‘राम — तुम कहाँ जा रहे हो?’ योजक चिह्न इससे छोटा होता है और शब्द जोड़ने के लिए प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 7

किसी बात का आगे विस्तृत विवरण देने से पहले प्रयुक्त चिह्न है

  1. Aविवरण चिह्न (:-)
  2. Bप्रश्नवाचक चिह्न (?)
  3. Cअर्ध विराम (;)
  4. Dतुल्यता सूचक चिह्न (=)

व्याख्या

जब किसी बात के बाद उसका विस्तृत विवरण या सूची देनी हो, तो विवरण चिह्न (:-) लगाया जाता है, जैसे ‘फलों के नाम इस प्रकार हैं :- आम, केला, सेब।’

प्रश्न 8

दो निकट संबंधित पर स्वतंत्र उपवाक्यों के बीच पूर्ण विराम से हल्का ठहराव दिखाने के लिए प्रयुक्त चिह्न है

  1. Aअर्ध विराम (;)
  2. Bअल्प विराम (,)
  3. Cयोजक चिह्न (-)
  4. Dविस्मयादिबोधक चिह्न (!)

व्याख्या

अर्ध विराम (;) का प्रयोग तब होता है जब दो उपवाक्य आपस में संबंधित हों पर उनके बीच पूर्ण विराम जितना पूरा ठहराव न चाहिए हो — यह अल्प विराम से अधिक और पूर्ण विराम से कम ठहराव दिखाता है।

प्रश्न 9

विराम चिह्न पढ़ाते समय शिक्षक के लिए सबसे प्रभावी कक्षा-गतिविधि है

  1. Aकेवल चिह्नों के नाम रटवाना
  2. Bबिना विराम चिह्न वाला अनुच्छेद देकर सही जगह चिह्न लगवाना और मिलान कराना
  3. Cचिह्नों को पाठ्यक्रम से हटा देना
  4. Dबिना उदाहरण के परिभाषा देना

व्याख्या

विराम चिह्नों का व्यावहारिक प्रयोग बच्चे तभी सीखते हैं जब वे स्वयं किसी अनुच्छेद में सही जगह चिह्न लगाने का अभ्यास करें और अपने उत्तर की तुलना सही उत्तर से करें — केवल नाम रटने से प्रयोग नहीं आता।

प्रश्न 10

‘क्या तुम कल आओगे’ वाक्य के अंत में कौन-सा विराम चिह्न लगेगा?

  1. Aपूर्ण विराम (।)
  2. Bविस्मयादिबोधक चिह्न (!)
  3. Cप्रश्नवाचक चिह्न (?)
  4. Dअल्प विराम (,)

व्याख्या

यह वाक्य प्रश्न पूछ रहा है (‘क्या तुम आओगे’), इसलिए इसके अंत में प्रश्नवाचक चिह्न (?) लगेगा, पूर्ण विराम (।) नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विराम चिह्न किसे कहते हैं?+

लेखन में रुकने, भाव स्पष्ट करने और अर्थ को सही ढंग से व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त चिह्नों को विराम चिह्न कहते हैं, जैसे पूर्ण विराम (।), अल्प विराम (,)।

विराम चिह्न से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 2 प्रश्न आए थे, दोनों विशिष्ट-प्रयोग वाले कम-प्रचलित चिह्नों (उद्धरण, हंसपद) पर आधारित।

उद्धरण चिह्न का प्रयोग कब होता है?+

किसी के कहे गए कथन को ज्यों का त्यों (शब्दशः) लिखने पर उद्धरण चिह्न (“ ” या ‘ ’) लगाया जाता है।

हंसपद चिह्न किसे कहते हैं?+

लिखते समय भूल से छूट गए किसी शब्द को उस स्थान पर नीचे ‘^’ चिह्न लगाकर ऊपर जोड़ने के लिए प्रयुक्त चिह्न को हंसपद या त्रुटिपूरक चिह्न कहते हैं।

अल्प विराम और अर्ध विराम में क्या अंतर है?+

अल्प विराम (,) सूची के शब्दों या छोटे वाक्यांशों के बीच हल्का ठहराव देता है, जबकि अर्ध विराम (;) दो निकट-संबंधित पर स्वतंत्र उपवाक्यों के बीच उससे थोड़ा गहरा ठहराव दिखाता है।

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए