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REET लेवल 1 व 2 · हिंदी

विलोम शब्द

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विलोम (विपरीतार्थक) शब्द वे हैं जिनका अर्थ किसी शब्द के अर्थ से बिलकुल उलटा होता है। REET में हर बार किसी शब्द का सही विलोम चुनने के प्रश्न आते हैं, जहाँ विकल्पों में उसी शब्द-परिवार के समानार्थी शब्द जान-बूझकर मिलाए जाते हैं ताकि विलोम व पर्यायवाची में भ्रम पैदा हो।

  • REET 2024 में 3 प्रश्न
  • कक्षा 6-8 स्तर की गहराई
  • 7 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के तीनों प्रश्न सीधे एक शब्द देकर उसका विलोम पूछने वाले थे (संन्यासी, अनुकूल, मुक्त)। तीनों में विकल्पों में एक ऐसा शब्द जरूर रखा गया था जो असल में मूल शब्द का पर्यायवाची (समानार्थी) है, विलोम नहीं — जैसे ‘मुक्त’ के विकल्पों में ‘मोक्ष’ और ‘निर्वाण’ रखे गए, जो ‘मुक्ति’ के ही समानार्थी हैं, विलोम नहीं। इसलिए हर विकल्प को ध्यान से जाँचना जरूरी है कि वह वाकई विपरीत अर्थ दे रहा है।

विलोम शब्द क्या हैं?

जिन शब्दों का अर्थ किसी शब्द के अर्थ से पूरी तरह उल्टा या विपरीत होता है, उन्हें विलोम या विपरीतार्थक शब्द कहते हैं — जैसे ‘दिन’ का विलोम ‘रात’, ‘सुख’ का विलोम ‘दुख’। हिंदी में विलोम बनाने के मुख्यतः दो तरीके हैं: पहला, पूरी तरह अलग शब्द से (जैसे राजा-रंक), और दूसरा, मूल शब्द में निषेधसूचक उपसर्ग (अ, अन, नि, वि, दुर, कु) जोड़कर (जैसे ज्ञान-अज्ञान, आस्तिक-नास्तिक)।

REET जैसे प्रश्नों में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि विकल्पों में मूल शब्द के ही समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द रख दिए जाते हैं, जिससे परीक्षार्थी भ्रमित हो जाएँ। जैसे ‘मुक्त’ का सही विलोम ‘बद्ध’ (बँधा हुआ) है, पर विकल्पों में ‘मोक्ष’ और ‘निर्वाण’ जैसे शब्द रखे गए जो ‘मुक्ति’ के ही पर्यायवाची हैं, विपरीत अर्थ बिलकुल नहीं देते।

एक और बात ध्यान देने योग्य है — कुछ शब्दों के प्रसंग के अनुसार एक से अधिक विलोम हो सकते हैं। जैसे ‘गुरु’ का अर्थ जब ‘भारी’ हो तो विलोम ‘लघु’ होगा, पर जब ‘गुरु’ का अर्थ ‘शिक्षक’ हो तो उसका विलोम ‘शिष्य’ माना जाता है। ऐसे में वाक्य या गद्यांश का प्रसंग देखकर ही तय करें कि शब्द किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है, तभी सही विलोम चुना जा सकता है। REET में प्रसंग-आधारित शब्द प्रायः गद्यांश के भीतर ही दिए जाते हैं, इसलिए विकल्प देखने से पहले वाक्य को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

इसलिए विलोम याद करते समय हमेशा मूल शब्द के सटीक अर्थ के साथ-साथ उसके प्रसंग को भी ध्यान में रखना चाहिए, ताकि परीक्षा में भ्रामक विकल्पों से आसानी से बचा जा सके।

REET में पूछे गए विलोम-युग्म

शब्दसही विलोमभ्रामक विकल्प (पर्यायवाची, विलोम नहीं)
संन्यासीगृहस्थजंगल वासी, उपवन वासी, सदाचारी (कोई भी विपरीत अर्थ नहीं देता)
अनुकूलप्रतिकूलअनुसार, अनुरूप (ये ‘अनुकूल’ के ही समानार्थी हैं)
मुक्तबद्धमोक्ष, निर्वाण, कैवल्य (ये ‘मुक्ति’ के ही पर्यायवाची हैं)

विलोम बनाने के दो तरीके — विस्तार से

पहला तरीका है मूल शब्द में निषेधसूचक उपसर्ग जोड़ना, जैसा ऊपर देखा — यह तरीका ज्यादातर तत्सम (संस्कृत-मूल) शब्दों पर लागू होता है और अनुमान लगाना अपेक्षाकृत आसान है। दूसरा तरीका है पूरी तरह भिन्न शब्द का प्रयोग, जहाँ मूल शब्द और उसके विलोम का कोई भाषिक (रूपात्मक) संबंध नहीं होता, जैसे राजा-रंक, दिन-रात, अमीर-गरीब — इन्हें सीधे शब्द-युग्म के रूप में याद रखना पड़ता है, क्योंकि इनका अनुमान उपसर्ग के नियम से नहीं लगाया जा सकता।

REET जैसी परीक्षा में दोनों तरह के विलोम पूछे जाते हैं, इसलिए तैयारी करते समय दोनों श्रेणियों की अलग-अलग सूची बनाना बेहतर रणनीति है — एक सूची में उपसर्ग-आधारित विलोम (ज्ञान-अज्ञान, आस्तिक-नास्तिक) और दूसरी सूची में पूर्णतः भिन्न-शब्द वाले विलोम (राजा-रंक, शत्रु-मित्र)।

एक तीसरी, कम प्रचलित श्रेणी भी होती है जहाँ स्त्रीलिंग-पुल्लिंग बदलने से विपरीत भाव जैसा आभास मिलता है (जैसे राजा-रानी), पर व्याकरण की दृष्टि से यह लिंग-परिवर्तन है, विलोम नहीं — क्योंकि दोनों शब्दों का मूल अर्थ (शासक) एक ही है, केवल लिंग अलग है। परीक्षा में ऐसे विकल्पों को पहचानकर सावधानी से बाहर करना चाहिए, क्योंकि ऊपर से यह विलोम जैसा लग सकता है।

तैयारी करते समय हर शब्द के विलोम के साथ-साथ उसका अर्थ भी समझना जरूरी है, क्योंकि बिना अर्थ जाने केवल शब्द-जोड़े रटने पर प्रसंग बदलते ही (जैसे बहु-अर्थी शब्दों में) भ्रम होने की संभावना बढ़ जाती है।

उपसर्ग से विलोम बनाने के सामान्य नियम

अ/अन उपसर्ग
ज्ञान → अज्ञान, आदि → अनादि, संतोष → असंतोष
नि उपसर्ग
कलंक → निष्कलंक, आशा → निराशा (यहाँ ‘निर्’ रूप में)
वि उपसर्ग
स्वदेश → विदेश, ख्यात → विख्यात/कुख्यात (प्रसंग अनुसार)
दुर/कु उपसर्ग
भाग्य → दुर्भाग्य, पुत्र → कुपुत्र

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

गतिविधि

बोर्ड पर एक शब्द लिखकर बच्चों से पूछें ‘इसका उल्टा भाव कौन-सा शब्द देगा?’ — जोड़ी बनाकर खेल की तरह कराने से विलोम जल्दी याद होते हैं।

शिक्षण सामग्री

विलोम-युग्म कार्ड (एक तरफ शब्द, दूसरी तरफ विलोम) से मिलान खेल कक्षा 6-8 में रुचिकर तरीके से अभ्यास कराता है।

सामान्य भ्रांति

बच्चे अक्सर समानार्थी और विपरीतार्थी शब्दों में भ्रमित होते हैं क्योंकि दोनों ही मूल शब्द से किसी न किसी रूप में जुड़े लगते हैं — हर बार पूछें ‘क्या यह शब्द ठीक उल्टा भाव देता है या वही भाव?’

आकलन

10 सामान्य शब्दों के विलोम लिखवाकर, और 3 जोड़ी बनाकर पूछें कि कौन-सी जोड़ी विलोम है और कौन-सी पर्यायवाची — इससे भेद पक्का होता है।

पूरी तरह भिन्न शब्दों से बनने वाले विलोम

शब्दविलोमटिप्पणी
राजारंकदोनों पूर्णतः भिन्न मूल के शब्द हैं, उपसर्ग से संबंध नहीं
शत्रुमित्रसामाजिक संबंध बताने वाले भिन्न-मूल शब्द
जयपराजययहाँ ‘परा’ उपसर्ग से विलोम बना है
स्वर्गनरकपूर्णतः भिन्न मूल के शब्द
आरंभअंतभिन्न मूल के शब्द, कोई सामान्य उपसर्ग नहीं

सभी विलोम उपसर्ग जोड़कर नहीं बनते — कई शब्द-युग्म ऐतिहासिक रूप से ही अलग-अलग शब्दों से बने हैं, इन्हें सीधे याद रखना पड़ता है।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

विलोम के प्रश्न में हर विकल्प पर खुद से पूछें — ‘क्या यह शब्द मूल शब्द का बिलकुल उल्टा भाव देता है, या वही/मिलता-जुलता भाव?’ अगर वही भाव मिले (जैसे मुक्ति के समानार्थी मोक्ष/निर्वाण), वह विकल्प काट दें — REET में यही सबसे आम ट्रैप है।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न-संख्या 51 से 58 तक के उत्तर दीजिए । अधिकतर लोग विष्णु को पालनकर्त्ता मानकर उनकी उपासना करते हैं; विष्णु पालन करते हैं तथा महेश संहार करते हैं । इस पर विश्वास करके यदि कृषक को ही विष्णु कहें तो कोई अतिशयोक्ति न होगी । आकाश में उड़ने वाले स्वतंत्र पक्षी, पृथ्वी पर विचरण करने वाला मानव, यहाँ तक कि जलचर भी कृषकों पर ही निर्भर है । तपस्या भरा त्याग, अभिमान रहित उदारता और क्लांति रहित परिश्रम का यदि चित्र देखना है तो आप भारतीय कृषक को देखिए । वह स्वयं न खाकर दूसरों को खिलाता है, स्वयं न पहनकर दूसरों को वस्त्र देता है । उसके अनुपम त्याग की समानता कोई नहीं कर सकता है । भारतीय कृषक की आकृति में ऐसा प्रतीत होता है कि मानों कोई वीतराग संन्यासी हो । जिसे न दु:ख में दु:ख और न सुख में सुख की कामना है; जिसे न अज्ञान से आत्म-ग्लानि होती है और न दरिद्रता से दीनता । यह वह कर्मयोगी है जो फल प्राप्ति की इच्छा से रहित होकर कर्म में तल्लीन रहता है ।

प्रश्न 56

निम्नलिखित में से ‘संन्यासी’ शब्द का ‘विलोम’ शब्द है

  1. Aजंगल वासी
  2. Bउपवन वासी
  3. Cगृहस्थ
  4. Dसदाचारी

व्याख्या

‘संन्यासी’ वह है जो गृहस्थ जीवन त्यागकर वैराग्य धारण कर लेता है, इसलिए इसका विलोम ‘गृहस्थ’ (घर-परिवार में रहने वाला) है। ‘जंगल वासी’, ‘उपवन वासी’ या ‘सदाचारी’ इसके विपरीत अर्थ नहीं देते।

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 31 से 40 तक के उत्तर लिखिए : भारतवर्ष पर प्रकृति की विशेष कृपा रही है । यहाँ पर सभी ऋतुएँ समय पर आती हैं और पर्याप्त काल तक रहती हैं । ऋतुएँ अपने अनुकूल फल-फूलों का सृजन करती हैं । धूप और वर्षा के समान अधिकार के कारण यह भूमि शस्यश्यामला हो जाती है । यहाँ का नगाधिराज हिमालय कवियों को सदा से प्रेरणा देता रहा है और मुक्ति पाने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए यहाँ की नदियाँ मोक्षदायिनी समझी जाती रही हैं । यहाँ कृत्रिम धूप और रोशनी की आवश्यकता नहीं पड़ती । यद्यपि भारतीय मनीषी जंगल में रहना पसंद करते थे तथापि वे लोक-व्यवहारों से भी परिचित थे । आज भी वृक्षों में पानी देना एक धार्मिक कार्य समझते हैं । सूर्य और चन्द्र दर्शन शुभ माने जाते हैं ।

प्रश्न 40

‘अनुकूल’ शब्द का विलोम शब्द है –

  1. Aदुकूल
  2. Bअनुसार
  3. Cप्रतिकूल
  4. Dअनुरूप

व्याख्या

‘अनुकूल’ का अर्थ है पक्ष में या अनुरूप; इसका विलोम ‘प्रतिकूल’ (विपरीत) है। ‘अनुसार’ और ‘अनुरूप’ समानार्थी भाव वाले हैं तथा ‘दुकूल’ का अर्थ वस्त्र है।

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 31-40 तक के उत्तर दीजिए : आम आदमी के लिए विज्ञान का मतलब क्या है ? विज्ञान मानव सभ्यता और संस्कृति का एक रूप है । आधुनिक विज्ञान ने इस नैसर्गिक सादगी व सौन्दर्य को हाशिए पर डाल कर विज्ञान को एक औपचारिक ढाँचे में कैद कर लिया है । विज्ञान एक औजार बन गया है जिससे प्रकृति के रहस्यों को खोलने की कोशिश की जाती हैं । इस प्रक्रिया में आम इंसान का संबंध इससे कट गया है । ‘विज्ञान पूर्वाग्रहों से मुक्त ज्ञान का भण्डार है’- ऐसा कहा जाता है । विज्ञान को विकास से जोड़ा जाता है । यह सरासर गलत है । जिन आदिवासियों ने सदियों प्रकृति के साथ सम्मानजनक रिश्ता बनाए रखा, आज हमने उन्हें ‘अविकसित’ मान लिया है । मानव का मानव से संबंध हानि-लाभ पर निर्धारित हो रहा है ।

प्रश्न 37

‘मुक्त’ शब्द का ‘विलोम शब्द’ है

  1. Aमोक्ष
  2. Bनिर्वाण
  3. Cकैवल्य
  4. Dबद्ध

व्याख्या

‘मुक्त’ का अर्थ है बंधन से छूटा हुआ; इसका विलोम ‘बद्ध’ (बँधा हुआ) है। मोक्ष, निर्वाण और कैवल्य तो ‘मुक्ति’ के ही समानार्थी शब्द हैं, विलोम नहीं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

‘आस्तिक’ शब्द का विलोम है

  1. Aधार्मिक
  2. Bनास्तिक
  3. Cआध्यात्मिक
  4. Dभक्त

व्याख्या

ईश्वर में विश्वास रखने वाले को ‘आस्तिक’ और न मानने वाले को ‘नास्तिक’ कहते हैं — ये सीधे विपरीत अर्थ के शब्द हैं। धार्मिक, आध्यात्मिक और भक्त सभी आस्तिकता से जुड़े भाव देते हैं, विलोम नहीं।

प्रश्न 2

‘उन्नति’ शब्द का विलोम है

  1. Aप्रगति
  2. Bविकास
  3. Cअवनति
  4. Dसमृद्धि

व्याख्या

‘उन्नति’ का अर्थ है ऊपर उठना/तरक्की, और इसका विलोम ‘अवनति’ (पतन, नीचे गिरना) है। प्रगति, विकास और समृद्धि सभी ‘उन्नति’ के समानार्थी भाव के शब्द हैं।

प्रश्न 3

‘क्रूर’ शब्द का विलोम है

  1. Aनिर्दयी
  2. Bदयालु
  3. Cकठोर
  4. Dउग्र

व्याख्या

‘क्रूर’ का अर्थ निर्दयी/कठोर स्वभाव वाला है, और इसका विलोम ‘दयालु’ (दया करने वाला) है। निर्दयी, कठोर और उग्र सभी ‘क्रूर’ के समानार्थी हैं, विलोम नहीं।

प्रश्न 4

‘एकता’ शब्द का विलोम है

  1. Aअनेकता
  2. Bमित्रता
  3. Cसंगठन
  4. Dसहयोग

व्याख्या

‘एकता’ का अर्थ है मिलकर एक होना, और इसका सीधा विलोम ‘अनेकता’ (बिखराव/विविधता) है। मित्रता, संगठन और सहयोग एकता के भाव के करीब हैं, विपरीत नहीं।

प्रश्न 5

‘निंदा’ शब्द का सही विलोम है

  1. Aआलोचना
  2. Bस्तुति
  3. Cआरोप
  4. Dव्यंग्य

व्याख्या

‘निंदा’ का अर्थ है बुराई करना, और इसका विलोम ‘स्तुति’ (प्रशंसा/गुणगान करना) है। आलोचना और आरोप निंदा के करीबी भाव के शब्द हैं, विलोम नहीं।

प्रश्न 6

‘गुरु’ (भारी) शब्द का विलोम है

  1. Aआचार्य
  2. Bलघु
  3. Cविद्वान
  4. Dश्रेष्ठ

व्याख्या

जब ‘गुरु’ का अर्थ ‘भारी/बड़ा’ हो, तो इसका विलोम ‘लघु’ (हल्का/छोटा) होता है। ध्यान दें कि ‘गुरु’ का एक अन्य अर्थ ‘शिक्षक’ भी होता है, जहाँ यह शब्द विलोम-प्रश्न में प्रयुक्त नहीं होता।

प्रश्न 7

‘सजीव’ शब्द का विलोम है

  1. Aजीवित
  2. Bचेतन
  3. Cनिर्जीव
  4. Dसचेत

व्याख्या

‘सजीव’ का अर्थ है जिसमें जीवन हो, और इसका सीधा विलोम ‘निर्जीव’ (जिसमें जीवन न हो) है। जीवित, चेतन और सचेत सभी ‘सजीव’ के करीबी भाव के शब्द हैं।

प्रश्न 8

किसी शब्द का विलोम पूछे जाने पर विकल्पों में उसी शब्द का पर्यायवाची भी रखा जा सकता है। इससे बचने की सबसे सही रणनीति है

  1. Aसबसे पहला विकल्प चुन लेना
  2. Bहर विकल्प को मूल शब्द के साथ रखकर जाँचना कि वह उल्टा भाव देता है या वही भाव
  3. Cसबसे लंबा शब्द चुनना
  4. Dविकल्पों को बिना पढ़े अनुमान लगाना

व्याख्या

विलोम के प्रश्नों में सही रणनीति यही है कि हर विकल्प को मूल शब्द के अर्थ से तौला जाए — जो विकल्प ठीक उल्टा भाव दे वही सही विलोम है, बाकी भले ही मिलते-जुलते लगें, गलत होंगे।

प्रश्न 9

‘सजल’ शब्द का विलोम है

  1. Aनिर्जल
  2. Bजलमय
  3. Cआर्द्र
  4. Dगीला

व्याख्या

‘सजल’ का अर्थ है नमी/पानी से भरा हुआ, और इसका विलोम ‘निर्जल’ (जल से रहित, सूखा) है। जलमय, आर्द्र और गीला सभी ‘सजल’ के करीबी भाव के शब्द हैं।

प्रश्न 10

‘आदि’ शब्द का विलोम है

  1. Aप्रारंभ
  2. Bअंत
  3. Cमध्य
  4. Dअनादि

व्याख्या

‘आदि’ का अर्थ है शुरुआत, और इसका सामान्य विलोम ‘अंत’ (समाप्ति) है। ध्यान दें ‘अनादि’ का अर्थ है जिसकी कोई शुरुआत न हो — यह ‘आदि’ का विपरीत नहीं बल्कि उससे संबंधित एक भिन्न विशेषण है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विलोम शब्द किसे कहते हैं?+

जिन शब्दों का अर्थ किसी शब्द के अर्थ से पूरी तरह विपरीत हो, उन्हें विलोम या विपरीतार्थक शब्द कहते हैं, जैसे ‘सुख’ का विलोम ‘दुख’।

विलोम से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 3 प्रश्न आए थे, सभी सीधे शब्द देकर विलोम पूछने वाले। भाषा-I/II में यह हर साल का नियमित और स्कोरिंग टॉपिक है।

विलोम और पर्यायवाची में क्या अंतर है?+

पर्यायवाची शब्दों का अर्थ एक जैसा या मिलता-जुलता होता है, जबकि विलोम शब्दों का अर्थ पूरी तरह उल्टा होता है — जैसे ‘सुख’ का पर्यायवाची ‘आनंद’ है और विलोम ‘दुख’।

उपसर्ग लगाकर विलोम बनाने के मुख्य उपसर्ग कौन-से हैं?+

अ, अन, नि/निर्, वि, दुर, कु जैसे निषेधसूचक उपसर्ग मूल शब्द में जोड़कर अक्सर विलोम बनाया जाता है, जैसे ज्ञान-अज्ञान, आशा-निराशा।

क्या एक शब्द के एक से अधिक विलोम हो सकते हैं?+

हाँ, जब शब्द के प्रसंग के अनुसार अलग-अलग अर्थ हों, तो उसके विलोम भी अलग-अलग हो सकते हैं — जैसे ‘गुरु’ (भारी) का विलोम ‘लघु’ है, पर ‘गुरु’ (शिक्षक) का विलोम ‘शिष्य’ है।

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए