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REET भाषा-I/II · हिंदी

वाक्य शुद्धि (Sentence Correction) — REET हिंदी नोट्स

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वाक्य शुद्धि में किसी वाक्य की व्याकरणिक अशुद्धि (कारक, लिंग-वचन मेल, पदक्रम आदि) पहचानकर उसे सुधारना सिखाया जाता है, जो REET के हिंदी भाषा-I/II पेपर का नियमित हिस्सा है। इस पेज में सबसे आम वाक्य-अशुद्धियों को उदाहरण सहित समझाया गया है ताकि परीक्षा में झटपट सही विकल्प पहचाना जा सके, और आगे चलकर कक्षा में बच्चों के वाक्य भी सुधारे जा सकें।

  • REET 2024 में 0 प्रश्न
  • कक्षा 5–8 स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

वाक्य शुद्धि हिंदी वाक्य-रचना व व्याकरण-शुद्धि से जुड़ा टॉपिक है और REET भाषा-I/II पाठ्यक्रम की वाक्य-रचना संबंधी इकाई का हिस्सा माना जाता है। REET 2024 के प्रश्नपत्र में इस टॉपिक से सीधा प्रश्न नहीं आया, इसलिए यह पेज पाठ्यक्रम व मानक हिंदी व्याकरण नियमों पर आधारित है। सामान्यतः प्रश्न में एक अशुद्ध वाक्य देकर उसका शुद्ध रूप चार विकल्पों में से चुनने या वाक्य के अशुद्ध अंश को पहचानने के लिए कहा जाता है। कुछ प्रश्नों में यह भी पूछा जा सकता है कि दिया गया वाक्य किस प्रकार के दोष (कारक, लिंग-वचन, पदक्रम आदि) से ग्रस्त है, इसलिए दोषों के नाम याद रखना भी उपयोगी रहता है।

वाक्य शुद्धि क्या है और यह क्यों जरूरी है

वाक्य शुद्धि का अर्थ है वाक्य की व्याकरणिक संरचना — कारक-चिह्न, लिंग-वचन मेल, पदक्रम और मुहावरों के रूढ़ प्रयोग — में हुई अशुद्धि को पहचानकर उसे सही करना। यह वर्तनी शुद्धि से अलग है, क्योंकि यहाँ शब्द नहीं बल्कि पूरे वाक्य की संरचना जाँची जाती है।

एक शुद्ध वाक्य में तीन बातें एक साथ मेल खानी चाहिए — कर्ता और क्रिया का लिंग-वचन-पुरुष सही हो, कारक-चिह्न वाक्य के अर्थ के अनुरूप हों, और शब्दों का क्रम (पदक्रम) हिंदी की स्वाभाविक वाक्य-संरचना (कर्ता-कर्म-क्रिया) का पालन करे। इनमें से किसी एक में भी चूक होने पर वाक्य अशुद्ध माना जाता है, भले ही उसका अर्थ समझ में आ रहा हो।

कारक व लिंग-वचन संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्यनियम
मैं विद्यालय को जाता हूँमैं विद्यालय जाता हूँगंतव्य बताने वाली क्रिया के साथ 'को' कारक-चिह्न जोड़ना अनावश्यक है
उसके आँसू पोंछ दीउसके आँसू पोंछ दिए'आँसू' पुल्लिंग बहुवचन शब्द है, अतः क्रिया 'दिए' बहुवचन रूप में होगी
मेरी प्राण निकल गईमेरे प्राण निकल गए'प्राण' सदैव पुल्लिंग बहुवचन में प्रयुक्त होता है
राम ने रोटी खायाराम ने रोटी खाई'ने' कारक-चिह्न वाले वाक्य में क्रिया कर्म ('रोटी', स्त्रीलिंग) के अनुसार बदलती है
बालक स्कूल से डर लगता हैबालक को स्कूल से डर लगता है'डर लगना' जैसी क्रियाओं के साथ अनुभवकर्ता कारक-चिह्न 'को' आवश्यक है

पदक्रम व शब्द-प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्यनियम
सुंदर एक लड़की वहाँ खड़ी थीएक सुंदर लड़की वहाँ खड़ी थीहिंदी में विशेषण संख्यावाचक शब्द के बाद और संज्ञा से पहले आता है
उसने अपने आप स्वयं यह कार्य कियाउसने स्वयं यह कार्य किया'अपने आप' और 'स्वयं' समानार्थी हैं; दोनों का साथ प्रयोग पुनरुक्ति दोष है
कल रात्रि के समय वर्षा हुईकल रात वर्षा हुई'रात्रि' और 'समय' एक ही भाव दोहराते हैं, अनावश्यक शब्द हटाएँ
उसने मेरे ऊपर आँख रखीउसने मुझ पर आँख रखीमुहावरे का रूढ़ प्रयोग निश्चित होता है; उसमें कारक-चिह्न बदलना अशुद्धि है
राधा ही केवल यह काम कर सकती हैकेवल राधा ही यह काम कर सकती हैबल देने वाले शब्द ('ही', 'केवल') को उस पद के ठीक पहले या बाद रखना चाहिए, जिस पर बल देना है

वाक्य-अशुद्धियों के मुख्य प्रकार

कारक दोष
वाक्य में गलत कारक-चिह्न (ने, को, से, में आदि) का प्रयोग
लिंग/वचन दोष
कर्ता या कर्म के लिंग-वचन के अनुसार क्रिया का मेल न होना
पदक्रम दोष
वाक्य में शब्दों, विशेषकर विशेषण-संज्ञा, का क्रम गलत होना
पुनरुक्ति दोष
एक ही अर्थ वाले दो शब्दों का साथ प्रयोग, जैसे 'अपने आप स्वयं'
मुहावरा दोष
प्रचलित मुहावरे के रूढ़ रूप या कारक-चिह्न में गलत बदलाव
अनावश्यक शब्द दोष
वाक्य में ऐसे शब्द जोड़ना जो अर्थ में कुछ नहीं जोड़ते और वाक्य को भारी बना देते हैं

काल व संबंध-सूचक शब्दों की अशुद्धियाँ

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्यनियम
कल मैं बाजार जाऊँगा और सामान खरीदाकल मैं बाजार जाऊँगा और सामान खरीदूँगाएक ही वाक्य में जुड़े दोनों क्रिया-पदों का काल समान होना चाहिए
यद्यपि वह बीमार था परंतु फिर भी आयायद्यपि वह बीमार था, फिर भी आया'यद्यपि' का जोड़ीदार शब्द 'तथापि/फिर भी' है, 'परंतु' के साथ दोहराना अशुद्ध है
जैसे ही वह आया त्यों ही मैं गयाज्यों ही वह आया त्यों ही मैं गया'जैसे-वैसे' और 'ज्यों-त्यों' दोनों जोड़े अलग हैं, इन्हें मिलाना अशुद्धि है

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

बच्चों को गलत वाक्यों की पर्ची दें और जोड़ी में चर्चा कर सही वाक्य बनाने को कहें — सहपाठी-समीक्षा (peer correction) से समझ गहरी होती है और बच्चे एक-दूसरे की भूलों से भी सीखते हैं।

शिक्षण सामग्री

कक्षा की दीवार पर 'वाक्य सुधार बोर्ड' बनाएँ, जहाँ हर सप्ताह एक अशुद्ध वाक्य और उसका सही रूप चस्पा किया जाए, ताकि बच्चे रोज गुजरते हुए उसे बार-बार देखें और याद रखें।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी सोचते हैं कि बोलचाल में चलने वाला वाक्य ही व्याकरण की दृष्टि से भी सही है, जबकि बोलचाल और लेखन के व्याकरण-मानक अलग हो सकते हैं — यह अंतर उदाहरणों से समझाना जरूरी है।

आकलन विचार

पाठ्यपुस्तक से पाँच वाक्य चुनकर विद्यार्थियों से उनमें जान-बूझकर डाली गई अशुद्धियाँ खोजने को कहें, और फिर कक्षा में सामूहिक चर्चा से सही रूप तय करवाएँ।

याद रखने की ट्रिक

पहले कर्ता पर, फिर कर्म पर गौर करें — क्रिया का रूप हमेशा वाक्य में मौजूद कर्म (कर्मवाच्य होने पर) या कर्ता (कर्तृवाच्य होने पर) के लिंग-वचन से मिलाएँ; यही अधिकांश वाक्य-शुद्धि प्रश्नों की कुंजी है। परीक्षा में समय बचाने के लिए वाक्य को मन में तीन टुकड़ों — कर्ता, कर्म, क्रिया — में बाँटकर पढ़ने की आदत डालें।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य चुनिए।

  1. Aलड़कों ने खाना खाया।
  2. Bलड़कों ने खाना खाई।
  3. Cलड़कों ने खाना खाओ।
  4. Dलड़कों को खाना खाया।

व्याख्या

'खाना' पुल्लिंग शब्द है, इसलिए कर्म के अनुसार क्रिया 'खाया' सही है।

प्रश्न 2

अशुद्ध वाक्य चुनिए।

  1. Aवह घर जाता है।
  2. Bवह घर को जाता है।
  3. Cवह विद्यालय जाता है।
  4. Dवह बाजार जाता है।

व्याख्या

गंतव्य बताने वाली क्रिया के साथ 'को' कारक-चिह्न लगाना अनावश्यक और अशुद्ध है; शुद्ध रूप 'वह घर जाता है' होगा।

प्रश्न 3

'बालिकाओं का पैर में चोट लगी' का शुद्ध रूप है—

  1. Aबालिकाओं के पैर में चोट लगी
  2. Bबालिकाओं का पैर में चोट लगा
  3. Cबालिकाओं की पैर में चोट लगी
  4. Dबालिकाओं के पैर में चोट लगा

व्याख्या

बहुवचन कर्ता 'बालिकाओं' के साथ संबंधवाचक कारक-चिह्न 'के' और क्रिया 'लगी' (चोट, स्त्रीलिंग के अनुसार) उपयुक्त है।

प्रश्न 4

'उसने अपनी निजी डायरी में खुद लिखा' वाक्य में कौन-सा दोष है?

  1. Aकारक दोष
  2. Bपुनरुक्ति दोष
  3. Cवचन दोष
  4. Dपदक्रम दोष

व्याख्या

'अपनी निजी' और 'खुद' दोनों एक ही भाव (स्वयं का) दोहराते हैं, इसलिए यह पुनरुक्ति दोष है।

प्रश्न 5

'मैंने कल रात्रि को पत्र लिखा' वाक्य में सुधार आवश्यक है क्योंकि—

  1. A'रात्रि' और 'को' मिलकर अनावश्यक दोहराव बनाते हैं, 'कल रात पत्र लिखा' पर्याप्त है
  2. Bक्रिया का काल गलत है
  3. Cकारक-चिह्न 'ने' गलत है
  4. Dवाक्य में कोई दोष नहीं है

व्याख्या

'रात्रि को' कहना अनावश्यक विस्तार है; मानक हिंदी में 'कल रात' ही पर्याप्त और शुद्ध प्रयोग है।

प्रश्न 6

'नन्हा वह बालक बहुत चंचल है' का शुद्ध क्रम है—

  1. Aवह नन्हा बालक बहुत चंचल है
  2. Bबालक वह नन्हा बहुत चंचल है
  3. Cचंचल वह नन्हा बालक है
  4. Dबहुत वह नन्हा चंचल बालक है

व्याख्या

हिंदी में सर्वनाम/निर्देशक शब्द (वह) प्रायः विशेषण से पहले आता है — शुद्ध पदक्रम 'वह नन्हा बालक' है।

प्रश्न 7

'छात्राओं ने निबंध लिखा' वाक्य के बारे में सही कथन है—

  1. Aवाक्य शुद्ध है, क्योंकि क्रिया 'लिखा' कर्म 'निबंध' (पुल्लिंग) के अनुसार है, कर्ता के अनुसार नहीं
  2. Bवाक्य अशुद्ध है, क्योंकि क्रिया 'लिखी' होनी चाहिए
  3. Cवाक्य अशुद्ध है, क्योंकि कारक-चिह्न 'ने' गलत है
  4. Dवाक्य अशुद्ध है, क्योंकि 'छात्राओं' की जगह 'छात्रों' होना चाहिए

व्याख्या

'ने' कारक-चिह्न वाले वाक्य में क्रिया कर्म के लिंग-वचन के अनुसार बदलती है; यहाँ कर्म 'निबंध' पुल्लिंग है, इसलिए 'लिखा' सही रूप है।

प्रश्न 8

वाक्य शुद्धि सिखाते समय शिक्षक के लिए सबसे उपयोगी कक्षा-गतिविधि है—

  1. Aविद्यार्थियों को अशुद्ध वाक्यों की पर्चियाँ देकर जोड़ी में सुधार कराना
  2. Bकेवल परिभाषाएँ बोर्ड पर लिखवाना
  3. Cवाक्य शुद्धि पर कोई चर्चा न करना
  4. Dविद्यार्थियों से बिना कारण बताए केवल शुद्ध वाक्य याद कराना

व्याख्या

सहपाठी-समीक्षा (peer correction) के साथ सक्रिय अभ्यास कराने से वाक्य-शुद्धि की समझ गहरी और स्थायी बनती है।

प्रश्न 9

'सैनिकों ने अदम्य साहस के साथ शत्रु का सामना किया और विजय प्राप्त किया' वाक्य में कौन-सा दोष है?

  1. Aअंतिम क्रिया 'प्राप्त किया' कर्म 'विजय' (स्त्रीलिंग) के अनुसार नहीं है, शुद्ध रूप 'प्राप्त की' होगा
  2. Bकारक दोष
  3. Cपदक्रम दोष
  4. Dमुहावरा दोष

व्याख्या

'विजय' स्त्रीलिंग शब्द है, अतः क्रिया 'प्राप्त की' होनी चाहिए, 'प्राप्त किया' नहीं — यह लिंग-दोष का उदाहरण है।

प्रश्न 10

'गरीबों को अनाज मुफ्त में बांटा गया, ताकि वे भूखे न रहें, इसलिए' — इस वाक्य में सुधार की आवश्यकता है क्योंकि—

  1. Aवाक्य के अंत में 'इसलिए' अनावश्यक और अर्थ की दृष्टि से भ्रामक जुड़ा है, इसे हटाना चाहिए
  2. Bकारक-चिह्न 'को' गलत है
  3. Cक्रिया 'बांटा गया' अशुद्ध है
  4. Dवाक्य में कोई दोष नहीं है

व्याख्या

'ताकि' पहले ही कारण-संबंध जोड़ चुका है; अंत में फिर 'इसलिए' जोड़ना वाक्य को अस्पष्ट व दोषपूर्ण बना देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाक्य शुद्धि REET में किस रूप में पूछी जाती है?+

प्रायः एक अशुद्ध वाक्य देकर उसका शुद्ध रूप चार विकल्पों में से चुनने को कहा जाता है, या किसी वाक्य के अशुद्ध अंश को रेखांकित कर पूछा जाता है कि वह कौन-सा दोष दर्शाता है।

वाक्य शुद्धि और वर्तनी शुद्धि में क्या फर्क है?+

वर्तनी शुद्धि शब्द-स्तर की भूल (मात्रा, वर्ण) सुधारती है, जबकि वाक्य शुद्धि पूरे वाक्य की व्याकरणिक संरचना (कारक, लिंग-वचन, पदक्रम) की भूल सुधारती है — दोनों साथ मिलकर भाषा की समझ पूरी करते हैं।

पुनरुक्ति दोष क्या है?+

जब वाक्य में एक ही अर्थ को दो अलग-अलग शब्दों से बार-बार कहा जाए, जैसे 'अपने आप स्वयं' या 'पुनः दोबारा', तो उसे पुनरुक्ति दोष कहते हैं — यह वाक्य को अनावश्यक रूप से भारी बना देता है।

वाक्य शुद्धि के प्रश्न हल करने की सबसे अच्छी रणनीति क्या है?+

वाक्य को कर्ता, कर्म और क्रिया में तोड़कर देखें — फिर कारक-चिह्न, लिंग-वचन मेल और शब्द-क्रम तीनों को अलग-अलग जाँचें; इस क्रम से भूल जल्दी पकड़ में आती है।

क्या मुहावरे वाले वाक्यों में कारक-चिह्न बदला जा सकता है?+

नहीं — मुहावरे का प्रयोग रूढ़ (fixed) होता है, इसलिए उसमें कारक-चिह्न या शब्द-क्रम बदलना अशुद्धि मानी जाती है, भले ही अर्थ स्पष्ट रहे।

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बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए