संज्ञा (Sangya): परिभाषा, भेद, भाववाचक संज्ञा बनाना — REET हिंदी व्याकरण
इस पेज पर संज्ञा की परिभाषा, उसके पाँचों भेद, भाववाचक संज्ञा बनाने के नियम और एक भेद का दूसरे भेद के रूप में प्रयोग उदाहरणों सहित दिया गया है। REET 2024 में संज्ञा के 5 प्रश्न आए, जो शब्द-भेद और संज्ञा के प्रकार — दोनों की पहचान जाँचते हैं।
- REET 2024 में 5 प्रश्न
- कक्षा 1–8 स्तर
- 7 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में संज्ञा के 5 प्रश्न आए, दो तरह के: (1) शब्द-भेद पहचानना — 'कृपा', 'प्रकृति', 'सैंधव' संज्ञा हैं या सर्वनाम/विशेषण/क्रिया/अव्यय; (2) संज्ञा का भेद पहचानना — 'कृषक' जातिवाचक है जबकि अभिमान, दुःख, उदारता भाववाचक; और 'भाषा संस्कृति का अंग है' में 'भाषा' को आधिकारिक कुंजी ने जातिवाचक माना। कई प्रश्न गद्यांश के शब्दों पर आधारित थे, इसलिए वाक्य में प्रयोग देखकर निर्णय लेने का अभ्यास ज़रूरी है।
संज्ञा क्या है?
किसी व्यक्ति, प्राणी, वस्तु, स्थान, भाव या दशा के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे — मीरा, गाय, पुस्तक, जयपुर, प्रेम, बचपन। संज्ञा विकारी शब्द है, यानी लिंग, वचन और कारक के कारण उसका रूप बदलता है: लड़का → लड़की (लिंग), लड़का → लड़के (वचन), लड़का → लड़के ने (कारक)।
हिंदी में शब्दों के आठ भेद प्रचलित हैं — संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया (विकारी) तथा क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक (अविकारी/अव्यय)। 'शब्द कौन-सा है' वाले प्रश्न में पहला प्रश्न स्वयं से पूछें: क्या यह किसी चीज़ या भाव का नाम है? 'कृपा', 'प्रकृति', 'सैंधव' — तीनों नाम हैं, इसलिए संज्ञा।
ध्यान रहे, शब्द-भेद वाक्य में प्रयोग से तय होता है। 'मीठा' सामान्यतः विशेषण है (मीठा आम), पर 'मुझे मीठा पसंद है' में यह संज्ञा की तरह प्रयुक्त है। इसी तरह 'सैंधव' का अर्थ सेंधा नमक या सिंध प्रदेश का निवासी है — दोनों अर्थों में यह नाम ही है।
संज्ञा के भेद
| भेद | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| व्यक्तिवाचक (Proper) | किसी एक विशेष व्यक्ति, स्थान, वस्तु या प्राणी का नाम | मीराबाई, जयपुर, चंबल, गीता, अरावली, चेतक |
| जातिवाचक (Common) | पूरी जाति या वर्ग के सभी सदस्यों का बोध | कृषक, लड़का, नदी, पर्वत, शहर, पुस्तक, भाषा |
| भाववाचक (Abstract) | गुण, दशा, भाव या क्रिया-व्यापार का नाम, जिसे छू या देख नहीं सकते | कृपा, उदारता, अभिमान, दुःख, बचपन, मिठास, दौड़ |
| समूहवाचक (Collective) | व्यक्तियों/वस्तुओं के समूह का एक इकाई के रूप में नाम | सेना, कक्षा, सभा, भीड़, गुच्छा, दल |
| द्रव्यवाचक (Material) | ऐसे पदार्थ जिन्हें गिना नहीं, नापा-तौला जाता है | सोना, पानी, दूध, घी, गेहूँ, लोहा |
परंपरागत रूप से संज्ञा के तीन मुख्य भेद (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक) माने जाते हैं; समूहवाचक और द्रव्यवाचक को जातिवाचक के उपभेद के रूप में भी पढ़ाया जाता है। इसीलिए 'पाँच भेद' और 'तीन भेद' दोनों सही माने जाते हैं।
पहचान की कसौटियाँ
व्यक्तिवाचक बनाम जातिवाचक: यदि शब्द किसी एक को ही बताता है तो व्यक्तिवाचक (गंगा), और यदि उस पूरे वर्ग के किसी भी सदस्य पर लागू होता है तो जातिवाचक (नदी)। 'कृषक' हर किसान पर लागू होता है, इसलिए जातिवाचक है। 'भाषा' भी हिंदी, राजस्थानी, अंग्रेज़ी — सभी भाषाओं के वर्ग का बोध कराती है; REET 2024 की आधिकारिक कुंजी ने इसे जातिवाचक माना।
भाववाचक की पहचान: जिसे इंद्रियों से छुआ या देखा न जा सके, केवल अनुभव किया जाए — प्रेम, क्रोध, कृपा, उदारता, थकान। ऐसे शब्द प्रायः ता, त्व, पन, पा, आस, आहट, आई जैसे प्रत्ययों से बनते हैं। 'दुःख' और 'अभिमान' बिना प्रत्यय के भी भाववाचक हैं, क्योंकि ये मन की दशा के नाम हैं।
प्रयोग से भेद का बदलना: व्यक्तिवाचक संज्ञा जब किसी गुण के कारण पूरे वर्ग के लिए आए, तो जातिवाचक बन जाती है — 'इस गाँव में कई हरिश्चंद्र हैं' (सत्यवादी लोग)। जातिवाचक संज्ञा जब किसी एक विशेष के लिए रूढ़ हो जाए, तो व्यक्तिवाचक बन जाती है — 'पंडित जी ने बच्चों को गुलाब भेंट किए' (जवाहरलाल नेहरू), 'गोस्वामी जी ने रामचरितमानस लिखा' (तुलसीदास)। भाववाचक संज्ञा बहुवचन में आकर जातिवाचक हो जाती है — 'बुराइयों से बचो'।
समूहवाचक और द्रव्यवाचक की पहचान: समूहवाचक संज्ञा अनेक सदस्यों को एक इकाई के रूप में बताती है, इसलिए 'सेना आई' एकवचन में बोला जाता है, भले सैनिक हज़ारों हों। द्रव्यवाचक संज्ञा गिनी नहीं जाती — 'दो पानी' नहीं, 'दो गिलास पानी' कहते हैं। यही इनकी सबसे सरल परीक्षा-कसौटी है: गिन सकते हैं तो जातिवाचक, समूह का एक नाम है तो समूहवाचक, और केवल नाप-तौल हो सकती है तो द्रव्यवाचक।
भाववाचक संज्ञा बनाना
| किस शब्द से | उदाहरण |
|---|---|
| जातिवाचक संज्ञा से | बच्चा → बचपन, मित्र → मित्रता, मनुष्य → मनुष्यता, पशु → पशुता, दास → दासता |
| सर्वनाम से | अपना → अपनापन, मम → ममता/ममत्व, निज → निजता, सर्व → सर्वस्व |
| विशेषण से | मीठा → मिठास, बूढ़ा → बुढ़ापा, सुंदर → सुंदरता, चतुर → चतुराई, लाल → लालिमा, गर्म → गर्मी |
| क्रिया से | लिखना → लिखावट, हँसना → हँसी, पढ़ना → पढ़ाई, घबराना → घबराहट, चढ़ना → चढ़ाई |
| अव्यय से | दूर → दूरी, निकट → निकटता, शीघ्र → शीघ्रता, धिक् → धिक्कार |
विशेषण से भाववाचक बनाते समय पहला दीर्घ स्वर प्रायः ह्रस्व हो जाता है: मीठा → मिठास, बूढ़ा → बुढ़ापा, मोटा → मुटापा।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
गतिविधि: नाम-खोज खेल (कक्षा 1–3)
कक्षा को चार कोनों में बाँटें — व्यक्ति, जानवर, चीज़, जगह। शिक्षक शब्द बोले ('अजमेर', 'बकरी', 'बस्ता'), बच्चे सही कोने की ओर इशारा करें। संज्ञा शब्द बाद में, पहले 'नाम' की अवधारणा।
भाववाचक के लिए (कक्षा 4–8)
'छू सकते हो या महसूस करते हो?' प्रश्न पूछें। कुर्सी छू सकते हैं (जातिवाचक), ख़ुशी केवल महसूस कर सकते हैं (भाववाचक)। बच्चों से अपनी दिनचर्या के 5 भाव लिखवाएँ।
शिक्षण सामग्री
शब्द-छँटाई कार्ड और पाँच जेबों वाला चार्ट (पाँचों भेद)। स्थानीय नामों का प्रयोग करें — अपने गाँव, नदी, मेले के नाम — ताकि व्यक्तिवाचक संज्ञा बच्चों के परिवेश से जुड़े।
आम भ्रांति
बच्चे मानते हैं कि हर बड़ी या प्रसिद्ध चीज़ व्यक्तिवाचक है, जैसे 'पर्वत' या 'समुद्र'। उपाय: 'क्या यह एक ही है या बहुत सारे हैं?' कसौटी; अरावली एक है (व्यक्तिवाचक), पर्वत बहुत हैं (जातिवाचक)।
आकलन विचार
पाठ्यपुस्तक का एक अनुच्छेद देकर संज्ञाएँ छाँटने और भेद लिखने को कहें, फिर 5 विशेषण/क्रियाओं से भाववाचक संज्ञा बनवाएँ।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
'एक — सब — महसूस': एक विशेष का नाम = व्यक्तिवाचक; पूरे वर्ग का नाम = जातिवाचक; जो केवल महसूस हो = भाववाचक। 'ता, त्व, पन, पा, आस, आहट' से अंत होने वाला शब्द दिखे तो पहले भाववाचक पर विचार करें — पर 'कृषक' जैसे 'अक' वाले कर्तृवाचक शब्द जातिवाचक होते हैं।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 55
निम्नांकित में से ‘जातिवाचक संज्ञा’ है
- Aअभिमान
- Bदु:ख
- Cकृषक
- Dउदारता
व्याख्या
जातिवाचक संज्ञा किसी पूरी जाति या वर्ग के प्राणियों/वस्तुओं का बोध कराती है। ‘कृषक’ (किसान) सभी किसानों के वर्ग का बोध कराता है, इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा है। ‘अभिमान’, ‘दु:ख’ और ‘उदारता’ भाववाचक संज्ञाएँ हैं।
प्रश्न 77
‘सैंधव’ शब्द निम्नलिखित में से है -
- Aक्रिया
- Bसंज्ञा
- Cसर्वनाम
- Dअव्यय
व्याख्या
दिए गए विकल्पों में ‘सैंधव’ शब्द संज्ञा है। ‘सैंधव’ का अर्थ सिंधु (सिन्ध) प्रदेश से संबंधित/वहाँ का निवासी तथा सेंधा नमक भी होता है। यह न कोई कार्य बताता है (क्रिया), न संज्ञा के स्थान पर आता है (सर्वनाम), न अविकारी शब्द (अव्यय) है, इसलिए विकल्पों में संज्ञा ही उपयुक्त है।
प्रश्न 38
‘कृपा’ शब्द है –
- Aसंज्ञा
- Bसर्वनाम
- Cविशेषण
- Dअव्यय
व्याख्या
‘कृपा’ एक भाव का नाम है, इसलिए यह भाववाचक संज्ञा है। गद्यांश में ‘प्रकृति की विशेष कृपा’ में ‘विशेष’ विशेषण है और ‘कृपा’ विशेष्य (संज्ञा) है।
प्रश्न 36
व्याकरणिक दृष्टि से ‘प्रकृति’ शब्द है
- Aसर्वनाम
- Bविशेषण
- Cसंज्ञा
- Dक्रिया
व्याख्या
‘प्रकृति’ किसी वस्तु/सत्ता का नाम है, इसलिए यह संज्ञा है। यह न किसी संज्ञा की विशेषता बताता है (विशेषण), न संज्ञा के स्थान पर आता है (सर्वनाम) और न कोई कार्य बताता है (क्रिया)।
प्रश्न 81
‘भाषा संस्कृति का अंग है’ पंक्ति में ‘भाषा’ शब्द है
- Aक्रियावाचक संज्ञा
- Bभाववाचक संज्ञा
- Cव्यक्तिवाचक संज्ञा
- Dजातिवाचक संज्ञा
व्याख्या
आधिकारिक कुंजी के अनुसार ‘भाषा’ जातिवाचक संज्ञा है। ‘भाषा’ किसी एक विशेष भाषा का नाम नहीं, बल्कि हिन्दी, अंग्रेज़ी, संस्कृत आदि सभी भाषाओं की पूरी जाति/वर्ग का बोध कराता है, इसलिए यह जातिवाचक है; ‘हिन्दी’ जैसे नाम व्यक्तिवाचक होते।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
निम्नलिखित में से भाववाचक संज्ञा है —
- Aलेखक
- Bपुस्तकालय
- Cथकान
- Dपर्वत
व्याख्या
'थकान' शरीर की दशा का नाम है, जिसे केवल अनुभव किया जाता है। लेखक, पुस्तकालय और पर्वत जातिवाचक संज्ञाएँ हैं।
प्रश्न 2
'बूढ़ा' शब्द से बनी भाववाचक संज्ञा है —
- Aबूढ़ापन
- Bबुढ़ापा
- Cबुढ़िया
- Dबूढ़ी
व्याख्या
बूढ़ा → बुढ़ापा ('पा' प्रत्यय, 'ऊ' ह्रस्व होकर 'उ')। 'बुढ़िया' स्त्रीलिंग रूप है, भाववाचक नहीं।
प्रश्न 3
'मेरी कक्षा में दो-दो एकलव्य हैं।' वाक्य में 'एकलव्य' है —
- Aव्यक्तिवाचक संज्ञा
- Bव्यक्तिवाचक संज्ञा का जातिवाचक रूप में प्रयोग
- Cभाववाचक संज्ञा
- Dसमूहवाचक संज्ञा
व्याख्या
यहाँ 'एकलव्य' किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, लगनशील शिष्यों के वर्ग के लिए आया है, इसलिए व्यक्तिवाचक संज्ञा जातिवाचक रूप में प्रयुक्त है।
प्रश्न 4
द्रव्यवाचक संज्ञा का उदाहरण है —
- Aझुंड
- Bचाँदी
- Cमित्रता
- Dउदयपुर
व्याख्या
'चाँदी' ऐसा पदार्थ है जिसे गिना नहीं, तौला जाता है। झुंड समूहवाचक, मित्रता भाववाचक और उदयपुर व्यक्तिवाचक है।
प्रश्न 5
'अपना' सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा बनेगी —
- Aअपनाना
- Bअपनाया
- Cअपनापन
- Dअपनों
व्याख्या
अपना + पन = अपनापन। 'अपनाना' और 'अपनाया' क्रिया-रूप हैं और 'अपनों' सर्वनाम का बहुवचन रूप।
प्रश्न 6
किस वाक्य में रेखांकित शब्द संज्ञा के रूप में प्रयुक्त है? (रेखांकित: मीठा)
- Aमीठा आम लाओ।
- Bवह मीठा बोलता है।
- Cमुझे मीठा बहुत पसंद है।
- Dयह फल मीठा है।
व्याख्या
'मुझे मीठा पसंद है' में 'मीठा' मिठाई/मीठी चीज़ के नाम के रूप में आया है, इसलिए संज्ञा है। शेष वाक्यों में यह विशेषण या क्रियाविशेषण की तरह प्रयुक्त है।
प्रश्न 7
'शीघ्र' अव्यय से बनी भाववाचक संज्ञा है —
- Aशीघ्रता
- Bशीघ्रतम
- Cशीघ्रपन
- Dशीघ्रतर
व्याख्या
शीघ्र + ता = शीघ्रता। 'शीघ्रतर', 'शीघ्रतम' तुलनात्मक रूप हैं।
प्रश्न 8
'पंडित जी ने बच्चों से बहुत प्रेम किया।' (पंडित जी = जवाहरलाल नेहरू) — यहाँ 'पंडित जी' है —
- Aजातिवाचक संज्ञा का व्यक्तिवाचक रूप में प्रयोग
- Bभाववाचक संज्ञा
- Cसमूहवाचक संज्ञा
- Dसर्वनाम
व्याख्या
'पंडित' सामान्यतः जातिवाचक है, पर यहाँ एक विशेष व्यक्ति के लिए रूढ़ होकर आया है, इसलिए व्यक्तिवाचक के रूप में प्रयुक्त है।
प्रश्न 9
कक्षा 3 के बच्चे भाववाचक संज्ञा नहीं समझ पा रहे। सबसे उपयुक्त शिक्षण युक्ति है —
- Aपरिभाषा को पाँच बार लिखवाना
- B'छू सकते हैं या केवल महसूस करते हैं' जैसे अनुभव-आधारित प्रश्नों से वस्तुओं और भावों की तुलना कराना
- Cभाववाचक संज्ञाओं की लंबी सूची रटवाना
- Dइसे कक्षा 8 तक टाल देना
व्याख्या
छोटे बच्चे मूर्त अनुभव से अमूर्त अवधारणा तक पहुँचते हैं। छूने-महसूस करने की तुलना से भाववाचक संज्ञा का अर्थ स्वयं स्पष्ट होता है।
प्रश्न 10
निम्नलिखित में से कौन-सा समूह पूरी तरह जातिवाचक संज्ञाओं का है?
- Aनदी, शिक्षक, गाँव
- Bगंगा, शिक्षक, गाँव
- Cनदी, सुंदरता, गाँव
- Dनदी, शिक्षक, जोधपुर
व्याख्या
नदी, शिक्षक, गाँव — तीनों वर्ग का बोध कराते हैं। अन्य विकल्पों में गंगा व जोधपुर (व्यक्तिवाचक) और सुंदरता (भाववाचक) शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में संज्ञा से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में हिंदी भाषा I व II से संज्ञा के 5 प्रश्न आए — शब्द-भेद पहचानना और जातिवाचक/भाववाचक का अंतर।
संज्ञा के कितने भेद होते हैं?+
मुख्य रूप से तीन — व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक। समूहवाचक और द्रव्यवाचक को जोड़कर पाँच भेद भी पढ़ाए जाते हैं।
'कृपा' कौन-सी संज्ञा है?+
'कृपा' एक भाव का नाम है, इसलिए भाववाचक संज्ञा है।
व्यक्तिवाचक संज्ञा जातिवाचक कब बन जाती है?+
जब किसी व्यक्ति का नाम उसके गुण के कारण पूरे वर्ग के लिए प्रयुक्त हो — जैसे 'देश को आज भी भगतसिंहों की ज़रूरत है'।
'सेना' कौन-सी संज्ञा है?+
'सेना' सैनिकों के समूह का नाम है, इसलिए समूहवाचक संज्ञा है (जिसे जातिवाचक का उपभेद भी माना जाता है)।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए