वाच्य (Voice) — REET हिंदी व्याकरण नोट्स
वाच्य क्रिया के उस रूप को कहते हैं जो बताता है कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से कौन प्रधान है — यह REET भाषा-I/II पाठ्यक्रम की वाक्य-रचना इकाई का हिस्सा है। इस पेज में कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य व भाववाच्य की पहचान और परिवर्तन के नियम उदाहरण सहित समझाए गए हैं, ताकि परीक्षा में वाच्य-परिवर्तन के प्रश्न आसानी से हल हो सकें।
- REET 2024 में 0 प्रश्न
- कक्षा 6–8 स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
वाच्य पद-परिचय व वाक्य-रचना से जुड़ा टॉपिक है और REET भाषा-I/II पाठ्यक्रम में शामिल माना जाता है। REET 2024 के प्रश्नपत्र में वाच्य से सीधा प्रश्न नहीं आया, इसलिए यह पेज पाठ्यक्रम व मानक हिंदी व्याकरण नियमों पर आधारित है। सामान्यतः प्रश्न में किसी वाक्य को एक वाच्य से दूसरे वाच्य में बदलने या दिए गए वाक्य का वाच्य-भेद पहचानने के लिए पूछा जाता है। भाववाच्य को कर्तृवाच्य/कर्मवाच्य से अलग पहचानना विशेष रूप से परखा जाता है, क्योंकि इसमें विद्यार्थी सबसे ज्यादा भ्रमित होते हैं।
वाच्य की परिभाषा
क्रिया के उस रूप को वाच्य कहते हैं, जिससे यह पता चलता है कि वाक्य में क्रिया का व्यापार (कार्य) कर्ता, कर्म या भाव में से किसके साथ प्रधान रूप से जुड़ा है। हिंदी में वाच्य के तीन भेद माने जाते हैं — कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।
वाच्य पहचानने के लिए सबसे पहले यह देखना चाहिए कि वाक्य में क्रिया किसके लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार बदल रही है। यदि क्रिया कर्ता के अनुसार बदलती है तो कर्तृवाच्य, यदि कर्म के अनुसार बदलती है तो कर्मवाच्य, और यदि क्रिया कभी नहीं बदलती (चाहे कर्ता या कर्म कोई भी हो) तो भाववाच्य समझना चाहिए। यह तीन-चरण जाँच अधिकांश वाच्य-प्रश्नों को हल करने के लिए पर्याप्त है।
वाच्य के तीन भेद
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्तृवाच्य | क्रिया का रूप कर्ता के लिंग-वचन-पुरुष के अनुसार बदलता है; कर्ता प्रधान होता है | मोहन पत्र लिखता है |
| कर्मवाच्य | क्रिया का रूप कर्म के अनुसार बदलता है; कर्ता के साथ 'से/के द्वारा' आता है और क्रिया के साथ 'जाना' धातु जुड़ती है | पत्र मोहन के द्वारा लिखा जाता है |
| भाववाच्य | क्रिया सदैव अन्य पुरुष, एकवचन, पुल्लिंग रूप में रहती है; प्रायः अकर्मक क्रिया व असमर्थता/निषेध के भाव में प्रयुक्त | मुझसे चला नहीं जाता |
कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में बदलने के नियम
कर्ता के साथ लगा 'ने' कारक-चिह्न हटाकर 'से' या 'के द्वारा' जोड़ें। कर्म को वाक्य के आरंभ में लाकर प्रधान बना दें। मुख्य क्रिया की धातु के साथ 'जाना' क्रिया जोड़ें और उसे कर्म के लिंग-वचन के अनुसार बदलें — उदाहरण: 'राकेश किताब पढ़ रहा है' (कर्तृवाच्य) से 'राकेश के द्वारा किताब पढ़ी जा रही है' (कर्मवाच्य) बनता है।
काल (tense) के अनुसार कर्मवाच्य के रूप में भी बदलाव आता है — वर्तमान काल में 'जाता है/जाती है', भूतकाल में 'गया/गई', और भविष्य काल में 'जाएगा/जाएगी' जोड़ा जाता है। इसलिए वाच्य बदलते समय मूल वाक्य का काल पहचानना पहला कदम है, ताकि कर्मवाच्य रूप भी उसी काल में बने। इसी तरह कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य में लौटते समय कर्म को हटाकर मूल कर्ता को कर्ता-कारक में वापस लाना होता है, और क्रिया को कर्ता के लिंग-वचन के अनुसार फिर से ढालना होता है।
वाच्य-परिवर्तन के उदाहरण
| कर्तृवाच्य | कर्मवाच्य |
|---|---|
| राम पत्र लिखता है | राम के द्वारा पत्र लिखा जाता है |
| शिक्षिका बच्चों को पढ़ाती है | शिक्षिका के द्वारा बच्चों को पढ़ाया जाता है |
| मजदूर दीवार बनाता है | मजदूर द्वारा दीवार बनाई जाती है |
| किसान खेत जोतता है | किसान द्वारा खेत जोता जाता है |
भाववाच्य पहचानने के संकेत
- क्रिया का रूप
- सदैव अन्य पुरुष, एकवचन, पुल्लिंग — कर्ता या कर्म के लिंग-वचन से कोई प्रभाव नहीं
- सामान्य प्रयोग
- असमर्थता, निषेध या अनुमति न होने के भाव में — जैसे 'मुझसे चला नहीं जाता', 'अब बैठा नहीं जाता'
- कर्ता का कारक
- भाववाच्य में कर्ता के साथ प्रायः 'से' कारक-चिह्न आता है, 'ने' नहीं
- प्रयोग की सीमा
- भाववाच्य प्रायः अकर्मक क्रियाओं के साथ ही बनता है; सकर्मक क्रियाओं का सीधा भाववाच्य रूप बहुत कम प्रचलित है
तीनों वाच्य एक साथ — तुलना
मूल वाक्य
कर्तृवाच्यबच्चे खेल रहे हैं
कर्मवाच्यबच्चे खेल रहे हैं
भाववाच्यबच्चे खेल रहे हैं
बना हुआ वाच्य-रूप
कर्तृवाच्य(मूल रूप, परिवर्तन नहीं)
कर्मवाच्यबच्चों द्वारा खेला जा रहा है
भाववाच्यबच्चों से खेला नहीं जा रहा (यदि असमर्थता दिखानी हो)
एक ही घटना को तीनों वाच्य में देखने से भेद स्पष्ट हो जाता है
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
एक ही घटना को दो तरह से बुलवाएँ — 'राम ने खाना खाया' (कर्तृवाच्य) और 'राम के द्वारा खाना खाया गया' (कर्मवाच्य) — इससे रूपांतरण का अभ्यास सहज होता है और बच्चे स्वयं अंतर महसूस करते हैं।
शिक्षण सामग्री
तीन रंगों के कार्ड (कर्तृ/कर्म/भाव) बनाकर विद्यार्थियों से दिए गए वाक्य को सही वाच्य-श्रेणी में रखवाएँ, फिर समूह में चर्चा कर कारण भी बताने को कहें।
सामान्य भ्रांति
विद्यार्थी अक्सर हर 'के द्वारा' वाले वाक्य को कर्मवाच्य मान लेते हैं, जबकि पहचान का असली आधार यह है कि क्रिया किसके लिंग-वचन के अनुसार बदल रही है — केवल शब्द देखकर निर्णय लेना भ्रामक हो सकता है।
आकलन विचार
पाठ्यपुस्तक के किसी पैराग्राफ से पाँच वाक्य लेकर विद्यार्थियों से उनका वाच्य पहचानने और एक वाच्य को दूसरे में बदलने को कहें, फिर सही-गलत की सामूहिक समीक्षा करें।
याद रखने की ट्रिक
क्रिया किसके अनुसार बदल रही है, वही वाच्य तय करता है — कर्ता के अनुसार बदले तो कर्तृवाच्य, कर्म के अनुसार बदले तो कर्मवाच्य, और कभी न बदले (सदा अन्य पुरुष-एकवचन-पुल्लिंग रहे) तो भाववाच्य। परीक्षा में जल्दी जाँचने के लिए वाक्य में कर्ता और कर्म दोनों को लिंग-वचन बदलकर देखें — जो भी बदलने पर क्रिया का रूप बदले, वही वाच्य तय करता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
'शिक्षक पढ़ाते हैं' वाक्य किस वाच्य का उदाहरण है?
- Aकर्तृवाच्य
- Bकर्मवाच्य
- Cभाववाच्य
- Dइनमें से कोई नहीं
व्याख्या
क्रिया 'पढ़ाते हैं' कर्ता 'शिक्षक' के वचन-पुरुष के अनुसार है, अतः यह कर्तृवाच्य है।
प्रश्न 2
'पत्र मोहन के द्वारा लिखा गया' वाक्य किस वाच्य का उदाहरण है?
- Aकर्तृवाच्य
- Bकर्मवाच्य
- Cभाववाच्य
- Dप्रेरणार्थक वाच्य
व्याख्या
यहाँ क्रिया 'लिखा गया' कर्म 'पत्र' (पुल्लिंग) के अनुसार है और कर्ता के साथ 'के द्वारा' है, अतः यह कर्मवाच्य है।
प्रश्न 3
'मुझसे अब चला नहीं जाता' वाक्य में वाच्य है—
- Aकर्तृवाच्य
- Bकर्मवाच्य
- Cभाववाच्य
- Dकोई नहीं
व्याख्या
यह अकर्मक क्रिया के साथ असमर्थता का भाव दिखाता वाक्य है, जिसमें क्रिया सदैव अन्य पुरुष-एकवचन-पुल्लिंग रहती है — यह भाववाच्य की पहचान है।
प्रश्न 4
'माली बगीचे में पौधे लगाता है' का कर्मवाच्य रूप है—
- Aमाली के द्वारा बगीचे में पौधे लगाए जाते हैं
- Bबगीचे में पौधे माली लगाते हैं
- Cमाली ने बगीचे में पौधे लगाए
- Dपौधे बगीचे में लगते हैं
व्याख्या
कर्म 'पौधे' (बहुवचन) को प्रधान बनाकर क्रिया 'लगाए जाते हैं' कर्म के अनुसार बहुवचन रूप में बनाई गई है, और कर्ता के साथ 'के द्वारा' जोड़ा गया है।
प्रश्न 5
'नेताजी का भाषण सबने ध्यान से सुना' का कर्मवाच्य रूप है—
- Aनेताजी का भाषण सबके द्वारा ध्यान से सुना गया
- Bसबने नेताजी का भाषण सुना
- Cभाषण सबने सुना
- Dनेताजी ने भाषण दिया
व्याख्या
कर्म 'भाषण' को वाक्य के आरंभ में लाकर क्रिया 'सुना गया' कर्म (पुल्लिंग, एकवचन) के अनुसार बनाई गई है।
प्रश्न 6
'रात में ठीक से सोया नहीं जाता' वाक्य में क्रिया-रूप 'सोया नहीं जाता' सदैव किस रूप में रहेगा, चाहे कर्ता कोई भी हो?
- Aकर्ता के लिंग-वचन अनुसार बदलता रहेगा
- Bसदैव अन्य पुरुष, एकवचन, पुल्लिंग रहेगा
- Cसदैव स्त्रीलिंग रहेगा
- Dसदैव बहुवचन रहेगा
व्याख्या
भाववाच्य की क्रिया कर्ता या कर्म चाहे जो भी हो, सदैव अन्य पुरुष, एकवचन, पुल्लिंग रूप में ही रहती है — 'सोया नहीं जाता' इसी नियम का पालन करता है।
प्रश्न 7
किसी वाक्य में 'के द्वारा' शब्द दिखते ही उसे कर्मवाच्य मान लेना विद्यार्थी की सामान्य भूल क्यों है?
- Aक्योंकि वाच्य पहचानने का असली आधार यह है कि क्रिया किसके अनुसार बदल रही है, न कि केवल 'के द्वारा' शब्द की उपस्थिति
- Bक्योंकि 'के द्वारा' सदैव कर्तृवाच्य दिखाता है
- Cक्योंकि 'के द्वारा' का वाच्य से कोई संबंध नहीं
- Dक्योंकि यह हमेशा भाववाच्य होता है
व्याख्या
वाच्य की पहचान क्रिया के लिंग-वचन-परिवर्तन से होती है, केवल किसी एक शब्द ('के द्वारा') की उपस्थिति से नहीं — यह भ्रम कक्षा में स्पष्ट करना जरूरी है।
प्रश्न 8
'बच्चों द्वारा बगीचे में खूब उछल-कूद की गई' वाक्य का कर्तृवाच्य रूप है—
- Aबच्चों ने बगीचे में खूब उछल-कूद की
- Bबगीचे में बच्चे उछल-कूद करते हैं
- Cबच्चों को बगीचे में उछल-कूद करनी है
- Dबगीचे में उछल-कूद हुई
व्याख्या
कर्ता 'बच्चों' को कर्ता-कारक ('ने') में लाकर और क्रिया को कर्ता के अनुसार 'की' कर देने से मूल कर्तृवाच्य वाक्य बनता है।
प्रश्न 9
'किसानों द्वारा फसल काटी गई' वाक्य में रेखांकित क्रिया 'काटी गई' किसके अनुसार है?
- Aकर्ता 'किसानों' के अनुसार
- Bकर्म 'फसल' (स्त्रीलिंग) के अनुसार
- Cदोनों के अनुसार समान रूप से
- Dकिसी के अनुसार नहीं, यह भाववाच्य है
व्याख्या
'फसल' स्त्रीलिंग शब्द है, इसलिए क्रिया 'काटी गई' कर्म के अनुसार स्त्रीलिंग रूप में है — यह कर्मवाच्य की पहचान है।
प्रश्न 10
निम्नलिखित में से भाववाच्य का सही उदाहरण है—
- Aराम पत्र लिखता है
- Bपत्र राम द्वारा लिखा जाता है
- Cबच्चे से अब रोया नहीं जाता
- Dबच्चा रोता है
व्याख्या
'रोया नहीं जाता' रूप कर्ता (बच्चे) या किसी कर्म के लिंग-वचन के अनुसार नहीं बदलता और असमर्थता का भाव दिखाता है, यही भाववाच्य की पहचान है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वाच्य REET परीक्षा में कैसे पूछा जाता है?+
प्रायः किसी वाक्य को एक वाच्य से दूसरे वाच्य में बदलने या दिए गए वाक्य का वाच्य-भेद पहचानने के रूप में पूछा जाता है।
कर्मवाच्य और भाववाच्य में मुख्य अंतर क्या है?+
कर्मवाच्य में क्रिया कर्म के लिंग-वचन के अनुसार बदलती है, जबकि भाववाच्य में क्रिया सदैव अन्य पुरुष, एकवचन, पुल्लिंग रूप में ही रहती है, चाहे कर्ता या कर्म कोई भी हो।
भाववाच्य किन क्रियाओं के साथ अधिक प्रयुक्त होता है?+
भाववाच्य प्रायः अकर्मक क्रियाओं (चलना, बैठना, रोना) के साथ और असमर्थता या निषेध के भाव में प्रयुक्त होता है, सकर्मक क्रियाओं में इसका प्रयोग दुर्लभ है।
कर्तृवाच्य को कर्मवाच्य में बदलने का सबसे आसान तरीका क्या है?+
कर्ता के साथ 'के द्वारा/से' जोड़ें, कर्म को वाक्य के आरंभ में लाएँ और मुख्य क्रिया के साथ 'जाना' धातु जोड़कर उसे कर्म के लिंग-वचन अनुसार बदलें।
क्या हर सकर्मक क्रिया का कर्मवाच्य बनाया जा सकता है?+
हाँ, सामान्यतः हर सकर्मक क्रिया (जिसका कर्म स्पष्ट हो) का कर्मवाच्य रूप बनाया जा सकता है, जबकि अकर्मक क्रियाओं में सीधा कर्मवाच्य नहीं बनता, उनमें भाववाच्य ही प्रयुक्त होता है। विद्यार्थी अक्सर भाववाच्य को कर्मवाच्य समझ बैठते हैं, क्योंकि दोनों में क्रिया के साथ 'जाना' धातु जुड़ती है — अंतर पहचानने के लिए देखें कि क्रिया कर्म के अनुसार बदल रही है (कर्मवाच्य) या हमेशा एक जैसी ही रहती है (भाववाच्य)।
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बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए